संस्कृति क्या है?
संस्कृति किसी समूह के जीने का पूरा तरीका है: विचार, विश्वास, भाषा, नियम, खाना, कपड़े, औज़ार और कला।
- संस्कृति सीखी जाती है। केरल में जन्मा बच्चा पंजाब में पले तो पंजाबी बोलेगा।
- संस्कृति साझा होती है। यह एक व्यक्ति की नहीं, समूह की होती है।
- संस्कृति आगे सौंपी जाती है। हर पीढ़ी अगली पीढ़ी को देती है।
- संस्कृति बदलती है। मोबाइल ने परिवारों के बात करने का ढंग बदल दिया।
बोलचाल में 'सुसंस्कृत' का मतलब 'सभ्य' लिया जाता है। समाजशास्त्र में हर व्यक्ति के पास संस्कृति है। कोई 'असंस्कृत' नहीं होता।
अलग समूह जीने के अलग तरीके खोजते हैं, इसलिए संस्कृतियाँ अलग हैं, पर कोई संस्कृति दूसरी से 'ऊँची' नहीं है।
संस्कृति के आयाम
- संज्ञानात्मक: दुनिया को समझने का तरीका। ज्ञान, विश्वास, भाषा, कहानियाँ। जैसे: जून में मानसून आता है, यह जानना।
- मानकीय: व्यवहार के नियम। मानदंड, मूल्य, रीति-रिवाज। जैसे: अस्पताल में धीरे बोलना।
- भौतिक: लोगों की बनाई और बरती चीज़ें। औज़ार, घर, कपड़े, मशीन, फ़ोन।
मानदंड, जनरीतियाँ, रूढ़ियाँ और कानून
- मानदंड बिना लिखे नियम हैं कि क्या उचित है।
- जनरीतियाँ रोज़ की छोटी आदतें हैं (कैसे खाना, कैसे नमस्ते करना)। तोड़ने पर लोग हँसते या मुँह बनाते हैं।
- रूढ़ियाँ मज़बूत नैतिक नियम हैं (चोरी न करो, माता-पिता का आदर करो)। तोड़ने पर गुस्सा आता है।
- कानून राज्य के बनाए नियम हैं। तोड़ने पर सरकारी सज़ा मिलती है।
भौतिक और अभौतिक संस्कृति, सांस्कृतिक विलंबना
चीज़ें (भौतिक संस्कृति) अक्सर विचारों और नियमों (अभौतिक संस्कृति) से तेज़ बदलती हैं। इस अंतर को सांस्कृतिक विलंबना कहते हैं। जैसे: फ़ोन जल्दी आ गए, पर खाने के समय फ़ोन के शिष्टाचार अभी बन रहे हैं।
नृजातीयता और सर्वदेशीयता
नृजातीयता यानी दूसरी संस्कृतियों को अपनी संस्कृति के पैमाने से आँकना और अपनी को सबसे अच्छा मानना। सर्वदेशीयता यानी कई संस्कृतियों का आदर करना। समाज के अंदर अपनी अलग शैली वाले समूह उपसंस्कृति कहलाते हैं।
समाजीकरण
समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिससे एक असहाय शिशु अपने समाज की संस्कृति सीखकर उसका सदस्य बनता है।
- प्राथमिक समाजीकरण: बचपन में, ज़्यादातर परिवार में। भाषा, आदतें, प्यार और भरोसा।
- द्वितीयक समाजीकरण: बाद में, विद्यालय, काम और बड़े समाज में। दफ़्तर, टीम और अनजान लोगों के बीच के नियम।
समाजीकरण जीवन भर चलता है। नया कर्मचारी, संयुक्त परिवार में नई बहू, रिटायर व्यक्ति: सब नई भूमिकाएँ सीखते हैं। हम अपनी प्रस्थिति (स्थान) और उससे जुड़ी भूमिका (अपेक्षित व्यवहार) सीखते हैं।
लोग खाली बर्तन नहीं हैं। वे सवाल पूछ सकते हैं, चुन सकते हैं और सीखी बातें बदल सकते हैं।
समाजीकरण के अभिकरण
- परिवार: पहला और सबसे मज़बूत अभिकरण। भाषा, खान-पान, मूल्य, लड़के-लड़की की भूमिकाएँ।
- मित्र-समूह (समकक्ष समूह): हमउम्र दोस्त। बराबरी, बाँटना, फ़ैशन और बोली यहीं सीखते हैं। दोस्त सहारा भी देते हैं और दबाव भी।
- विद्यालय: औपचारिक पढ़ाई, अनुशासन, समय की पाबंदी, प्रतियोगिता। इसमें छिपा पाठ्यक्रम भी होता है: बिना किताब के सीखी बातें, जैसे कक्षा में झाड़ू कौन लगाता है।
- जनसंचार माध्यम: टीवी, फ़िल्म, अख़बार, सोशल मीडिया। ये विचार और फ़ैशन गाँवों तक जल्दी पहुँचाते हैं।
- अन्य अभिकरण: कार्यस्थल, धर्म, जाति और समुदाय समूह, राजनीतिक दल।
अभिकरण कभी-कभी अलग दिशा में खींचते हैं। माता-पिता कुछ चाहें और दोस्त या मीडिया कुछ और। व्यक्ति संतुलन बनाता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- संस्कृति: किसी समूह के जीने का सीखा हुआ, साझा तरीका।
- संज्ञानात्मक आयाम: ज्ञान और विश्वास।
- मानकीय आयाम: मानदंड, मूल्य, रीति-रिवाज, कानून।
- भौतिक आयाम: औज़ार और वस्तुएँ।
- जनरीति: छोटी आदत। रूढ़ि: मज़बूत नैतिक नियम। कानून: राज्य का नियम।
- सांस्कृतिक विलंबना: भौतिक संस्कृति अभौतिक से तेज़ बदलती है।
- नृजातीयता: दूसरों को अपनी संस्कृति के पैमाने से आँकना।
- समाजीकरण: जन्म से मृत्यु तक अपने समाज की संस्कृति सीखना।
- प्राथमिक समाजीकरण: बचपन, परिवार। द्वितीयक: विद्यालय, काम, बड़ा समाज।
- अभिकरण: परिवार, मित्र-समूह, विद्यालय, जनसंचार, कार्यस्थल, धर्म, समुदाय।
हल किए गए उदाहरण
1. इन्हें संज्ञानात्मक, मानकीय या भौतिक में बाँटिए: (क) ट्रैक्टर, (ख) पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है, यह विश्वास, (ग) मंदिर में जूते उतारना।
(क) भौतिक, यह वस्तु है। (ख) संज्ञानात्मक, यह ज्ञान है। (ग) मानकीय, यह व्यवहार का नियम है।
2. रवि पुस्तकालय में फ़ोन पर ज़ोर से बात करता है। लोग मुँह बनाते हैं। उसने कौन सा नियम तोड़ा?
जनरीति। यह रोज़ की छोटी आदत है। तोड़ने पर पुलिस नहीं, बस नाराज़गी मिलती है।
3. गाँव में दो साल में स्मार्टफ़ोन आ गए, पर बुज़ुर्ग अब भी मानते हैं कि लड़कियाँ इन्हें न चलाएँ। कौन सा विचार लागू होता है?
सांस्कृतिक विलंबना। भौतिक संस्कृति (फ़ोन) जल्दी बदली, पर विचार (कौन फ़ोन चलाए) धीरे बदल रहे हैं।
4. नई डॉक्टर मीना अस्पताल के नियम, मरीज़ों से बात करने का ढंग और सफ़ेद कोट पहनना सीखती है। क्या यह समाजीकरण है? किस प्रकार का?
हाँ। यह द्वितीयक समाजीकरण है, क्योंकि यह बड़े होने पर कार्यस्थल में हो रहा है।
आम गलतियाँ
- 'सुसंस्कृत' को 'अमीर या सभ्य' समझना। समाजशास्त्र में हर समूह की संस्कृति होती है।
- संस्कृति को जन्मजात मानना। यह समाजीकरण से सीखी जाती है।
- जनरीति और रूढ़ि को एक समझना। जनरीति छोटी आदत है, रूढ़ि मज़बूत नैतिक नियम।
- समाजीकरण को बचपन तक सीमित मानना। यह जीवन भर चलता है।