Russia 10 класс Social Studies (basic)
अध्याय: 5
1. Human and society
Consciousness and worldview · Cognition and truth · Activity and freedom · Society as a system
जल्द आ रहा है
2. Culture
Culture and cultural policy
- संस्कृति और समाजीकरण: हम साथ रहना कैसे सीखते हैं – संस्कृति किसी समूह के जीने का पूरा तरीका है, जिसे लोग सीखते हैं और आपस में बाँटते हैं: उनके विचार, नियम और चीज़ें। यह जन्म से नहीं आती, सीखी जाती है। संस्कृति के तीन आयाम हैं: संज्ञानात्मक (हम क्या जानते और मानते हैं), मानकीय (व्यवहार के नियम) और भौतिक (औज़ार और वस्तुएँ)। समाजीकरण वह जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है जिससे एक बच्चा संस्कृति सीखकर समाज का सदस्य बनता है। यह परिवार, मित्र-समूह, विद्यालय, जनसंचार माध्यम और कार्यस्थल, धर्म, समुदाय जैसे अभिकरणों से होता है।
3. Economic life
Economics as a science · Market and competition · Entrepreneurship · Russian economy and state
- अर्थशास्त्र की मूल बातें: लोग, फ़र्में और सरकार कैसे चुनते हैं – अर्थशास्त्र वह विज्ञान है जो देखता है कि लोग, फ़र्में और सरकारें सीमित संसाधनों से असीमित इच्छाएँ कैसे पूरी करते हैं। आवश्यकताएँ वस्तुओं और सेवाओं से पूरी होती हैं (मुफ़्त बनाम आर्थिक वस्तुएँ, उपभोक्ता बनाम पूँजीगत वस्तुएँ, निजी बनाम सार्वजनिक वस्तुएँ)। दुर्लभता के कारण हर समाज तय करता है: क्या, कैसे और किसके लिए उत्पादन हो। तीन आर्थिक इकाइयाँ हैं: परिवार (काम, उपभोग, बचत), फ़र्में (उत्पादन और बिक्री; लाभ = आय − लागत) और सरकार (नियम, कर, सार्वजनिक सेवाएँ)। अर्थशास्त्र अवलोकन, मॉडल और सांख्यिकी का उपयोग करता है; यह व्यष्टि (एक परिवार, फ़र्म, बाज़ार) और समष्टि (पूरी अर्थव्यवस्था: GDP, बेरोज़गारी, महँगाई, चक्र) में बँटा है। सामाजिक लक्ष्य: विकास, पूर्ण रोज़गार, स्थिर कीमतें, न्यायपूर्ण बँटवारा और टिकाऊपन।
- पूर्ण प्रतियोगिता और कीमत निर्धारण – पूर्ण प्रतियोगिता में बहुत सारी फ़र्में एक जैसी वस्तु बहुत सारे खरीदारों को बेचती हैं, इसलिए हर फ़र्म कीमत स्वीकारक है। बाज़ार कीमत वहाँ तय होती है जहाँ बाज़ार माँग = बाज़ार पूर्ति (Qd = Qs)। माँग बढ़े तो कीमत और मात्रा दोनों बढ़ती हैं; पूर्ति बढ़े तो कीमत घटती है और मात्रा बढ़ती है।
- उद्यमिता विकास – उद्यमिता का अर्थ है ज़रूरत पहचानकर, संसाधन जोड़कर और जोखिम उठाकर नया व्यवसाय शुरू करना। भारत को रोज़गार, नए विचारों और संतुलित विकास के लिए उद्यमी चाहिए। प्रक्रिया खुद को जानने से शुरू होकर व्यवसाय शुरू करने और बढ़ाने तक जाती है। स्टार्टअप इंडिया (2016) नई फ़र्मों की मदद करता है; पैसा बचत, एंजेल, वेंचर कैपिटल, बैंक और क्राउडफ़ंडिंग से आता है; और बौद्धिक संपदा अधिकार नए विचारों, ब्रांड और रचनाओं की रक्षा करते हैं।
4. Political life
Politics and power
- राजनीतिक सिद्धांत: एक परिचय – राजनीति यानी लोगों का मिलकर फ़ैसले करना: किसे क्या मिले, नियम कौन बनाए और कैसे। यह घर, स्कूल और पूरे देश में होती है, केवल दलों में नहीं। राजनीतिक सिद्धांत इसके पीछे के बड़े विचारों को पढ़ता है: स्वतंत्रता, समानता, न्याय, अधिकार, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता। यह पूछता है कि हर विचार का अर्थ क्या है और वह क्यों ज़रूरी है। ये विचार संविधान और कानूनों में गए हैं और रोज़ के जीवन को बदलते हैं। हम इसे इसलिए पढ़ते हैं ताकि अपनी राय परख सकें, दूसरों को समझ सकें, तर्क से बात करें और समझदार नागरिक बनें।
5. Legal system of Russia
Civil law · Family law · Labour, administrative, environmental law · Criminal law · Procedural law
- दीवानी (सिविल) कानून: लोगों के बीच अधिकार और कर्तव्य – दीवानी (सिविल) कानून, जिसे निजी कानून भी कहते हैं, आम व्यक्तियों के आपसी रिश्तों का कानून है: लोग, कंपनियाँ, और कभी-कभी सरकार जब वह आम पक्ष की तरह सौदा करती है। इसमें आता है: अधिकार किसके हो सकते हैं (व्यक्ति और उनकी क्षमता), वस्तुएँ और संपत्ति, दायित्व (अनुबंध से या नुकसान पहुँचाने से बने कर्तव्य), परिवार और उत्तराधिकार। जब कोई दीवानी कर्तव्य तोड़ता है, तो मकसद सज़ा नहीं, भरपाई है: पीड़ित अदालत से मुआवज़ा (वास्तविक नुकसान और खोया लाभ), अपनी चीज़ वापस, या गलत काम रोकने का आदेश माँग सकता है। अपकृत्य (टॉर्ट) अनुबंध के बाहर का दीवानी गलत काम है, जैसे लापरवाही से चोट या नुकसान। आम तौर पर गलती करने वाला भरता है; छोटे बच्चों की जगह माता-पिता या अभिभावक ज़िम्मेदार होते हैं। दावा तय समय (परिसीमा अवधि) के अंदर करना होता है। कई देश ये नियम एक सिविल संहिता में लिखते हैं; कुछ अदालती फ़ैसलों से बनाते हैं; मूल विचार एक जैसे हैं।
- पारिवारिक क़ानून: विवाह, माता-पिता और बच्चे – पारिवारिक क़ानून दीवानी (निजी) क़ानून का हिस्सा है जो विवाह, पति-पत्नी के संबंध, माता-पिता और बच्चे, तलाक़, भरण-पोषण, संरक्षकता और गोद लेने से जुड़ा है। ज़्यादातर देशों में वैध विवाह के लिए दो वयस्क चाहिए जो अपनी मर्ज़ी से सहमत हों, पहले से विवाहित न हों, नज़दीकी रिश्तेदार न हों, और विवाह पंजीकृत हो। पति-पत्नी के अधिकार और कर्तव्य बराबर हैं। माता-पिता बच्चे की देखभाल, भरण-पोषण और पढ़ाई करते हैं, और बच्चे से जुड़ा हर फ़ैसला 'बच्चे के सर्वोत्तम हित' से होता है। बिना माता-पिता की देखभाल वाले बच्चों को संरक्षकता, पालक देखभाल और गोद लेने से सुरक्षा मिलती है।