Italy Secondaria di secondo grado – classe 4ª Human sciences (pedagogy, psychology, anthropology, sociology)
अध्याय: 4
1. Pedagogy: 11th to 19th century
Education in European history
- शिक्षा का इतिहास: प्राचीन विद्यालयों से 19वीं सदी तक – शिक्षा घर और कार्यशाला से शुरू हुई। लिखने वाले समाजों (मिस्र, इज़राइल, यूनान, रोम) ने स्कूल और शिक्षक बनाए। शुरुआती मध्य युग में मठों ने ज्ञान को जीवित रखा और सामंतों ने शूरवीर तैयार किए। लगभग 1100 से कस्बों, शिल्प-संघों और विश्वविद्यालयों ने ज्ञान फैलाया; लगभग 1400 से मानववादियों, छापेखाने और सुधारकों ने कॉलेज और आम लोगों के स्कूल खोले। प्रबोधन ने शिक्षा के अधिकार की बात की और बचपन को खोजा; 1800 के दशक में राज्यों ने स्कूल-व्यवस्था बनाई, और पेस्टालोज़ी, फ्रोबेल और दुर्खाइम जैसे विचारकों ने आधुनिक शिक्षण को आकार दिया।
2. Psychology
Methods and development
- मानव विकास: अर्थ, जीवन-काल दृष्टिकोण और प्रभाव – विकास परिवर्तन का वह क्रम है जो गर्भधारण से शुरू होकर पूरे जीवन चलता है। इसमें वृद्धि (आकार में बढ़ोतरी), परिपक्वता (जैविक समय-सारिणी से होने वाले बदलाव) और अनुभव से सीखना शामिल है। जीवन-काल दृष्टिकोण कहता है कि विकास जीवनपर्यंत, बहुआयामी, बहुदिशात्मक, लचीला, ऐतिहासिक परिस्थितियों से प्रभावित, बहुविषयी और संदर्भगत है। इसमें जैविक, संज्ञानात्मक और सामाजिक-संवेगात्मक प्रक्रियाएँ एक-दूसरे पर असर डालती हैं। विकास आनुवंशिकता (जीन-प्ररूप) और पर्यावरण के मेल से होता है, जिससे दिखने वाले लक्षण (लक्षण-प्ररूप) बनते हैं। संदर्भ महत्त्वपूर्ण हैं: ब्रॉनफ़ेनब्रेनर ने सूक्ष्म, मध्य, बाह्य, वृहद् और कालानुक्रमिक तंत्र बताए, और दुर्गानंद सिन्हा ने भारतीय बच्चे के परिवेश को भीतरी और बाहरी परतों में समझाया।
3. Anthropology
Culture and cultures
- संस्कृति और समाजीकरण: हम साथ रहना कैसे सीखते हैं – संस्कृति किसी समूह के जीने का पूरा तरीका है, जिसे लोग सीखते हैं और आपस में बाँटते हैं: उनके विचार, नियम और चीज़ें। यह जन्म से नहीं आती, सीखी जाती है। संस्कृति के तीन आयाम हैं: संज्ञानात्मक (हम क्या जानते और मानते हैं), मानकीय (व्यवहार के नियम) और भौतिक (औज़ार और वस्तुएँ)। समाजीकरण वह जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है जिससे एक बच्चा संस्कृति सीखकर समाज का सदस्य बनता है। यह परिवार, मित्र-समूह, विद्यालय, जनसंचार माध्यम और कार्यस्थल, धर्म, समुदाय जैसे अभिकरणों से होता है।
4. Sociology
Birth and theories of sociology
- समाज और समाजशास्त्र का परिचय – समाज उन समूहों और रिश्तों का जाल है जिनमें हम जीते हैं। हर व्यक्ति अलग है, फिर भी हमेशा परिवार, कक्षा, गाँव जैसे समूहों का हिस्सा है। समाज एक नहीं, अनेक हैं, और हर समाज के अंदर लोगों को पैसा, सत्ता और सम्मान बराबर नहीं मिलता। समाज का वैज्ञानिक अध्ययन यानी समाजशास्त्र 19वीं सदी के यूरोप में जन्मा, जब तर्क, क्रांति और कारखानों ने जीवन तेज़ी से बदला। यह सामाजिक जीवन के लगभग हर हिस्से को पढ़ता है और अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, मनोविज्ञान और मानवविज्ञान से जुड़ा है।