Netherlands HAVO 4 (bovenbouw, 2e fase) Social Sciences
अध्याय: 3
1. Skills and concept-context approach
Information and research skills · Concepts and paradigms
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
- समाजशास्त्रीय सिद्धांत: प्रतिमान, विज्ञान, मूल्य और सामाजिक नीति – प्रतिमान (paradigm) समाज को देखने के विचारों का समूह है। सहमति सिद्धांत (प्रकार्यवाद) समाज को साझा मूल्यों से जुड़ी स्थिर व्यवस्था मानता है; संघर्ष सिद्धांत (मार्क्सवाद, नारीवाद) असमान ताक़त वाले समूह देखते हैं; अंतःक्रियावाद रोज़ की क्रियाओं के अर्थ पढ़ता है। प्रत्यक्षवादी प्राकृतिक विज्ञान की तरह आँकड़े लेते हैं; व्याख्यावादी गुणात्मक तरीकों से अर्थ खोजते हैं। समाजशास्त्री बहस करते हैं कि यह विज्ञान है या नहीं और क्या यह मूल्य-मुक्त हो सकता है; शोध सामाजिक नीति को आकार दे सकता है।
2. Formation
Socialisation · Political socialisation · Family and living arrangements · Government policy on family life
- संस्कृति और समाजीकरण: हम साथ रहना कैसे सीखते हैं – संस्कृति किसी समूह के जीने का पूरा तरीका है, जिसे लोग सीखते हैं और आपस में बाँटते हैं: उनके विचार, नियम और चीज़ें। यह जन्म से नहीं आती, सीखी जाती है। संस्कृति के तीन आयाम हैं: संज्ञानात्मक (हम क्या जानते और मानते हैं), मानकीय (व्यवहार के नियम) और भौतिक (औज़ार और वस्तुएँ)। समाजीकरण वह जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है जिससे एक बच्चा संस्कृति सीखकर समाज का सदस्य बनता है। यह परिवार, मित्र-समूह, विद्यालय, जनसंचार माध्यम और कार्यस्थल, धर्म, समुदाय जैसे अभिकरणों से होता है।
- राजनीतिक विचारधारा: राजनीति के बड़े सवालों के अलग-अलग जवाब – राजनीतिक विचारधारा लोगों, समाज और राज्य के बारे में जुड़े हुए विचारों का सेट है, साथ में समाज को बनाए रखने या बदलने की योजना। हम राजनीतिक विचार राजनीतिक समाजीकरण से सीखते हैं (परिवार, स्कूल, दोस्त, मीडिया, घटनाएँ)। “वाम” और “दक्षिण” शब्द 1789 की फ़्रांसीसी सभा में बैठने की जगह से आए। मुख्य विचारधाराएँ हैं उदारवाद (व्यक्ति की आज़ादी और अधिकार), रूढ़िवाद (परंपरा, व्यवस्था, धीमा बदलाव) और समाजवाद (समानता, साझा धन)। इनके अलावा नारीवाद, पर्यावरणवाद, अराजकतावाद, बहुसंस्कृतिवाद और राष्ट्रवाद। दो धुरियों वाला मॉडल (अर्थव्यवस्था और आज़ादी-सत्ता) एक रेखा से बेहतर तस्वीर देता है। विचारधाराएँ दलों के घोषणापत्र और नीतियाँ तय करती हैं, और जनमत सर्वेक्षण से इन्हें नापा जाता है।
- समाजशास्त्र में परिवार – एक घर में रहने वाले सभी लोग घरेलू इकाई (household) हैं; खून, शादी, साझेदारी या गोद लेने से जुड़े लोग परिवार हैं। परिवार के चार मुख्य काम हैं: बच्चे पैदा करना और पालना, समाजीकरण, आर्थिक सहारा और भावनात्मक देखभाल। परिवार कई रूपों में होते हैं: एकल, संयुक्त (विस्तारित), एकल-अभिभावक, पुनर्गठित (सौतेला), समलैंगिक और बीनपोल परिवार। घर के काम पहले बँटे हुए थे, अब ज़्यादा साझे हैं, पर अक्सर महिलाएँ अब भी ज़्यादा काम करती हैं। प्रकार्यवादी परिवार को समाज के लिए अच्छा मानते हैं, जबकि मार्क्सवादी और नारीवादी इसकी कमियाँ दिखाते हैं। 1950 के बाद कई देशों में तलाक बढ़ा: नए कानून, महिलाओं की कमाई, कम कलंक और शादी से ऊँची उम्मीदें।
3. Current affairs research
Analysing a social current affair · Political participation and elections
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
- भारत में चुनाव – चुनाव से करोड़ों लोग प्रतिनिधि चुनते हैं और शांति से सरकार बदल सकते हैं। लोकसभा और विधानसभाओं के लिए भारत में सर्वाधिक मत से जीत (FPTP) प्रणाली है, और राज्यसभा व राष्ट्रपति के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व का एक रूप। परिसीमन से निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी लगभग बराबर रखी जाती है। स्वतंत्र निर्वाचन आयोग मतदाता सूची बनाता है और चुनाव कराता है। भारत में बहुदलीय व्यवस्था है, गठबंधन सरकारें आम हैं, और दल-बदल विरोधी कानून चुने हुए सदस्यों को पाला बदलने से रोकता है।