France Première Economic and Social Sciences (specialty)
अध्याय: 3
1. Economics
How a competitive market works · Imperfect competition · Market failures · How economic agents finance themselves · Money and its creation
- माँग, पूर्ति और बाज़ार संतुलन – माँग का नियम कहता है कि कीमत बढ़ने पर खरीदार कम चाहते हैं; पूर्ति का नियम कहता है कि विक्रेता ज़्यादा लाते हैं। बाज़ार कीमत संतुलन पर टिकती है, जहाँ माँगी गई मात्रा = पूर्ति की गई मात्रा, और माँग या पूर्ति के खिसकने से यह बदलती है। कुछ वस्तुएँ सामान्य नियम तोड़ती हैं (गिफ़ेन, वेब्लेन, घबराहट में खरीद)। संतुलन से नीचे तय अधिकतम कीमत कमी पैदा करती है। बाज़ार विफल भी हो सकता है, जैसे प्रदूषण या स्ट्रीट लाइट जैसी सार्वजनिक वस्तुओं में, तब सरकार आगे आती है।
- बाज़ार संरचना: पूर्ण प्रतियोगिता से एकाधिकार तक – बाज़ार संरचना बताती है कि कितनी फ़र्में बेचती हैं, उनका माल कितना मिलता-जुलता है, और नई फ़र्म का आना कितना आसान है। पूर्ण प्रतियोगिता: बहुत फ़र्में, एक-जैसा माल, मुक्त प्रवेश, कीमत स्वीकारक, दीर्घकाल में सामान्य लाभ। एकाधिकारी प्रतियोगिता: बहुत फ़र्में, विभेदित माल, आसान प्रवेश, थोड़ी कीमत शक्ति। अल्पाधिकार: कुछ परस्पर निर्भर फ़र्में, ऊँची बाधाएँ, रणनीति (खेल सिद्धांत, गठजोड़, कीमत नेतृत्व)। एकाधिकार: एक फ़र्म, कोई निकट विकल्प नहीं, ऊँची बाधाएँ, कीमत निर्धारक, असामान्य लाभ और कीमत विभेद संभव। प्रतिस्पर्धा-योग्य बाज़ार दिखाते हैं कि नए आने का डर भी ताक़त को सीमित करता है।
- बाज़ार विफलता (Market Failure) – जब खुला बाज़ार अपने-आप समाज के लिए सबसे अच्छा नतीजा नहीं देता, तो उसे बाज़ार विफलता कहते हैं। कुछ चीज़ें ज़रूरत से ज़्यादा बनती हैं (प्रदूषण, सिगरेट) और कुछ कम (स्ट्रीट लाइट, टीके, शिक्षा)। मुख्य कारण: बाहरी प्रभाव, सार्वजनिक वस्तुएँ, मेरिट और डिमेरिट वस्तुएँ, अधूरी जानकारी, बाज़ार शक्ति और असमानता। सरकार कर, सब्सिडी, नियम, सीधी सेवा और जानकारी से इसे सुधारती है, पर सरकार भी चूक सकती है।
- अर्थव्यवस्था का वित्तपोषण: बचत, बैंक, ऋण और बॉन्ड – कुछ लोगों के पास पैसा बचता है (बचत); कुछ को अपने पास से ज़्यादा चाहिए (ऋण)। पैसा बचतकर्ता से उधार लेने वाले तक दो तरह से जाता है: बैंक के ज़रिए (अप्रत्यक्ष वित्त) या सीधे शेयर और बॉन्ड से (प्रत्यक्ष वित्त)। ब्याज दर उधार की क़ीमत है। जब सरकार बहुत उधार लेती है तो कंपनियों के लिए कम पैसा बच सकता है (क्राउडिंग आउट)।
- मुद्रा और उसकी पूर्ति: वस्तु-विनिमय, मुद्रा के कार्य और M1 – वस्तु-विनिमय (वस्तु के बदले वस्तु) के लिए आवश्यकताओं का दोहरा संयोग चाहिए और इसमें मूल्य का कोई साझा माप नहीं। मुद्रा यह हल करती है। इसके कार्य: विनिमय का माध्यम (मुख्य), लेखे की इकाई, मूल्य का संचय और स्थगित भुगतान का मानक। मुद्रा पूर्ति = किसी समय-बिंदु पर जनता (परिवार और फर्में) के पास मुद्रा का कुल स्टॉक। नोट RBI जारी करता है, सिक्के सरकार; माँग जमा व्यावसायिक बैंक बनाते हैं। संकुचित मुद्रा M1 = जनता के पास करेंसी (CU) + बैंकों में शुद्ध माँग जमा (DD) + RBI के पास अन्य जमा (OD)।
2. Sociology and political science
Socialisation and behaviour · Social bonds · Deviance · Public opinion · Voting behaviour
- संस्कृति और समाजीकरण: हम साथ रहना कैसे सीखते हैं – संस्कृति किसी समूह के जीने का पूरा तरीका है, जिसे लोग सीखते हैं और आपस में बाँटते हैं: उनके विचार, नियम और चीज़ें। यह जन्म से नहीं आती, सीखी जाती है। संस्कृति के तीन आयाम हैं: संज्ञानात्मक (हम क्या जानते और मानते हैं), मानकीय (व्यवहार के नियम) और भौतिक (औज़ार और वस्तुएँ)। समाजीकरण वह जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है जिससे एक बच्चा संस्कृति सीखकर समाज का सदस्य बनता है। यह परिवार, मित्र-समूह, विद्यालय, जनसंचार माध्यम और कार्यस्थल, धर्म, समुदाय जैसे अभिकरणों से होता है।
- सामाजिक बंधन: लोग आपस में कैसे जुड़ते हैं – सामाजिक बंधन वह रिश्ता है जो एक व्यक्ति को दूसरों से जोड़ता है और उसे सहारा और अपनापन देता है। हमारे बंधन परिवार, दोस्ती, काम और साझा नागरिकता के होते हैं। दुर्खीम ने दो तरह की एकजुटता बताई: यांत्रिक (लोग एक जैसे हों, जैसे छोटे गाँव में) और सावयवी (लोग अलग-अलग हों पर एक-दूसरे पर निर्भर हों, जैसे बड़े शहर में)। आज के जीवन में वैयक्तिकरण (रिश्ते चुनने की ज़्यादा आज़ादी) और डिजिटल रिश्ते (चौड़े पर अक्सर हल्के) बढ़े हैं। नौकरी जाना, गरीबी, भेदभाव, दूर जाना या झगड़े से रिश्ते टूटते हैं। स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व, सामाजिक सुरक्षा और भेदभाव के विरुद्ध लड़ाई समाज को जोड़े रखती है।
- विचलन और सामाजिक नियंत्रण – विचलन वह व्यवहार है जो समूह द्वारा अपेक्षित मानदंड तोड़ता है। सामाजिक मानदंड रिवाज़ से आते हैं; क़ानूनी मानदंड क़ानून हैं, जिन्हें तोड़ना अपराध या अपचार (delinquency) है। विचलन सापेक्ष है: समूह और समय के साथ बदलता है। समाज अनौपचारिक और औपचारिक नियंत्रण से, सकारात्मक व नकारात्मक प्रतिबंधों के ज़रिए व्यवस्था बनाए रखता है। सिद्धांत विचलन को तनाव, समूह से सीखने, कमज़ोर सामाजिक बंधनों और ठप्पे से समझाते हैं, जिससे कलंक और विचलित करियर बन सकता है। सरकारी अपराध आँकड़ों में बहुत-सा अपराध छिपा रह जाता है।
- लोकतंत्र – लोकतंत्र का मतलब है जनता का शासन। लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में अपने शासक चुनते हैं, हर वयस्क का एक वोट होता है जिसका मूल्य बराबर है, और सरकार को कानून मानना और अधिकारों का सम्मान करना होता है। लोकतंत्र प्रत्यक्ष या प्रतिनिधि हो सकता है। भारत में लोकतंत्र की जड़ें पुरानी हैं; आज यहाँ संसदीय प्रणाली है, जबकि अमेरिका में अध्यक्षात्मक। गरीबी, निरक्षरता, भ्रष्टाचार और असमानता इसकी मुख्य चुनौतियाँ हैं।
- लोकतंत्र के परिणाम – लोकतंत्र को उसके नतीजों से परखते हैं। यह जवाबदेह, उत्तरदायी और वैध सरकार देता है और गरिमा व आज़ादी की रक्षा में सबसे अच्छा है। आर्थिक वृद्धि में यह तानाशाही जितना ही है। असमानता और गरीबी घटाने में इसने काफ़ी नहीं किया। जब बहुमत और अल्पमत बदलते रहें, तो यह सामाजिक मतभेद अच्छे से सँभालता है।
3. Joint perspectives
Insurance and social protection · Firm organisation and governance
- कल्याणकारी राज्य और सामाजिक सुरक्षा – कल्याणकारी राज्य वह राज्य है जो लोगों को जीवन के बड़े जोखिमों से बचाता है: बीमारी, नौकरी छूटना, बुढ़ापा, विकलांगता और ग़रीबी। इसके लिए एक सुरक्षा-जाल होता है जिसके तीन हिस्से हैं। सामाजिक बीमा वेतन से लिए गए अंशदान से चलता है। सामाजिक सहायता करों से ज़रूरतमंदों को मिलती है। स्कूल और अस्पताल जैसी सार्वजनिक सेवाएँ सबके लिए खुली हैं। देश इन्हें अलग-अलग ढंग से मिलाते हैं: उदार (कम कर, थोड़ी मदद), रूढ़िवादी (मदद नौकरी से जुड़ी) और सामाजिक-लोकतांत्रिक (ऊँचा कर, सबके लिए मदद)। आज बढ़ती उम्र, बढ़ता ख़र्च, वैश्वीकरण और अनौपचारिक काम इसकी चुनौतियाँ हैं।
- प्रबंध की प्रकृति एवं महत्व – प्रबंध का मतलब है लोगों के साथ और उनके ज़रिए काम करवाना, ताकि लक्ष्य समय पर (प्रभावपूर्णता) और कम लागत में (कुशलता) पूरे हों। इसके संगठनात्मक, सामाजिक और व्यक्तिगत उद्देश्य होते हैं। यह कुछ हद तक विज्ञान, पूरी तरह कला और अभी पूरा पेशा नहीं है। यह तीन स्तरों पर पाँच कार्यों से चलता है, और समन्वय सबको जोड़ता है।