मानदंड, विचलन और अपराध
मानदंड (norm) व्यवहार का साझा नियम है। सामाजिक मानदंड रिवाज़ और शिष्टाचार से आते हैं (बड़ों को नमस्ते, कतार)। क़ानूनी मानदंड राज्य द्वारा लिखे और लागू किए गए क़ानून हैं।
- विचलन: समूह द्वारा अपेक्षित मानदंड तोड़ना।
- अपराध (या अपचार, delinquency, अक्सर किशोरों के लिए): क़ानून तोड़ना।
हर विचलन अपराध नहीं (पुस्तकालय में चिल्लाना), और कुछ अपराध लोगों को विचलित नहीं लगते (ख़ाली सड़क ग़लत जगह से पार करना)। विचलन सकारात्मक भी हो सकता है, जैसे भ्रष्टाचार उजागर करने वाला या रिकॉर्ड तोड़ने वाला खिलाड़ी।
विचलन सापेक्ष है
क्या विचलित है, यह जगह, समय और समूह पर निर्भर है।
- जगह: दक्षिण एशिया के कई घरों में हाथ से खाना सामान्य है, पर कहीं और लोग चौंक सकते हैं।
- समय: टैटू और महिलाओं का पतलून पहनना कभी कई समाजों में बुरा माना जाता था; अब आम है।
- समूह: एक दोस्त-मंडली में पसंद की गई आदत दूसरी में मज़ाक बन सकती है।
इसलिए समाजशास्त्री कहते हैं कि विचलन एक सामाजिक निर्णय है, किसी काम का पक्का गुण नहीं।
सामाजिक नियंत्रण और प्रतिबंध
सामाजिक नियंत्रण वे सब तरीक़े हैं जिनसे समाज लोगों को मानदंडों में रखता है।
- अनौपचारिक नियंत्रण: परिवार, दोस्त, पड़ोसी, सहकर्मी। चुगली, चिढ़ाना, ठंडी नज़र या तारीफ़।
- औपचारिक नियंत्रण: लिखित नियमों वाली सरकारी या आधिकारिक संस्थाएँ: पुलिस, अदालत, जेल, स्कूल का अनुशासन, नियोक्ता।
- प्रतिबंध (sanction) नकारात्मक (सज़ा: जुर्माना, अलग कर देना) या सकारात्मक (इनाम: मुस्कान, पदक) हो सकते हैं।
ज़्यादातर लोग ज़्यादातर मानदंड इसलिए मानते हैं क्योंकि समाजीकरण से उन्होंने इन्हें अपना लिया है, सज़ा के डर से नहीं।
सिद्धांत: लोग विचलित क्यों होते हैं?
- प्रकार्यवादी दृष्टि (दुर्खीम): थोड़ा विचलन सामान्य और उपयोगी है। उस पर प्रतिक्रिया सबको नियम याद दिलाती है और बदलाव ला सकती है।
- तनाव सिद्धांत (मर्टन): समाज धन जैसे लक्ष्यों की तारीफ़ करता है, पर सबके पास उचित साधन (अच्छा स्कूल, नौकरी) नहीं। यह अंतर कुछ लोगों को ग़ैरक़ानूनी रास्तों पर धकेलता है।
- सीखना / उपसंस्कृति: विचलन उन लोगों से सीखा जाता है जिनके साथ हम समय बिताते हैं; कुछ समूहों के मूल्य मुख्यधारा से अलग होते हैं।
- नियंत्रण सिद्धांत (हिर्शी): परिवार, स्कूल और काम से मज़बूत बंधन लोगों को रोकते हैं; कमज़ोर बंधन उन्हें विचलन के लिए आज़ाद छोड़ते हैं।
- संघर्ष दृष्टि: ताक़तवर समूह नियम बनाते हैं, इसलिए ग़रीबों के अपराधों पर अमीरों के अपराधों से ज़्यादा नज़र रहती है।
ठप्पा, कलंक और विचलित करियर
ठप्पा सिद्धांत (labelling theory, बेकर): कोई काम तब विचलित बनता है जब दूसरे उस पर सफलतापूर्वक ऐसा ठप्पा लगा देते हैं।
- प्राथमिक विचलन: पहली बार नियम तोड़ना, अक्सर छोटा।
- ठप्पा लगता है: 'चोर', 'बदमाश'।
- कलंक (stigma, गॉफ़मैन): शर्म का निशान, जिससे लोग उस व्यक्ति से दूर रहते हैं।
- द्वितीयक विचलन: व्यक्ति ठप्पे को अपनी पहचान मान लेता है और वैसे ही लोगों से जुड़ता है। यह रास्ता विचलित करियर है।
इससे स्वतः पूर्ण होने वाली भविष्यवाणी बन सकती है: जिस व्यवहार का डर था, प्रतिक्रिया वही पैदा कर देती है।
अपराध मापना कठिन है
सरकारी अपराध आँकड़े केवल वही अपराध गिनते हैं जो दर्ज कराए गए और पुलिस ने रिकॉर्ड किए।
- पीड़ित शिकायत नहीं करते: डर, शर्म, अपराध छोटा लगना या पुलिस पर भरोसा न होना।
- पुलिस हर शिकायत दर्ज नहीं करती, और उसकी प्राथमिकताएँ बदलती रहती हैं।
- छिपे हिस्से को अपराध का छिपा आँकड़ा (dark figure) कहते हैं।
शोधकर्ता पीड़ित सर्वेक्षण (लोगों से पूछना कि उनके साथ क्या हुआ) और स्व-रिपोर्ट अध्ययन (लोगों से पूछना कि उन्होंने क्या किया) भी करते हैं। हर तरीक़े की अपनी कमियाँ हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मानदंड: व्यवहार का साझा नियम।
- विचलन: समूह का मानदंड तोड़ना।
- अपराध / अपचार: क़ानून तोड़ना।
- सामाजिक नियंत्रण: लोगों को मानदंडों में रखने के तरीक़े (औपचारिक, अनौपचारिक)।
- प्रतिबंध: इनाम (सकारात्मक) या सज़ा (नकारात्मक)।
- कलंक: शर्म का निशान जो पहचान बिगाड़ता है।
- विचलित करियर: पहले काम से विचलित पहचान तक का रास्ता।
- छिपा आँकड़ा: अपराध जो कभी दर्ज या रिकॉर्ड नहीं हुआ।
हल किए गए उदाहरण
1. एक छात्र औपचारिक शादी में खेल के जूते पहनकर जाता है। यह विचलन, अपराध, दोनों या कुछ नहीं?
केवल विचलन। पहनावे का सामाजिक मानदंड टूटा, कोई क़ानून नहीं।
2. स्कूल न जाने पर एक अनौपचारिक और एक औपचारिक प्रतिबंध बताइए।
अनौपचारिक: माता-पिता डाँटते हैं। औपचारिक: स्कूल चेतावनी पत्र या सज़ा देता है।
3. ग़रीब इलाक़े का एक लड़का दोस्तों जैसा स्मार्टफ़ोन चाहता है पर उसके पास कमाने का उचित रास्ता नहीं, तो वह फ़ोन चुरा लेता है। कौन-सा सिद्धांत सबसे ठीक बैठता है?
तनाव सिद्धांत: लक्ष्य सबका है, पर क़ानूनी साधन बंद हैं।
4. एक अपराध सर्वेक्षण में पुलिस रिकॉर्ड से तीन गुना ज़्यादा चोरियाँ मिलती हैं। क्यों?
बहुत से पीड़ित शिकायत नहीं करते और कुछ शिकायतें दर्ज नहीं होतीं: अपराध का छिपा आँकड़ा।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि विचलन का मतलब हमेशा अपराध है। बहुत-से विचलित काम क़ानूनी होते हैं।
- यह सोचना कि विचलन हर जगह एक जैसा है। यह जगह, समय और समूह के साथ बदलता है।
- औपचारिक और अनौपचारिक नियंत्रण उलझाना: पुलिस और अदालत औपचारिक; परिवार और दोस्त अनौपचारिक।
- सरकारी अपराध आँकड़ों को पूरा सच मानना। उनमें बिना दर्ज अपराध छूट जाते हैं।