अनुक्रम और श्रेणी
अनुक्रम निश्चित क्रम में संख्याओं की सूची है: a₁, a₂, a₃, …, जहाँ aₙ n-वाँ पद (व्यापक पद) है। रुक जाए तो परिमित, चलता रहे तो अनंत।
- सूत्र से: aₙ = n² + 1 → 2, 5, 10, 17, …
- पदों को जोड़ने वाले नियम से: a₁ = 1, aₙ = aₙ₋₁ + 2 → 1, 3, 5, 7, …
श्रेणी पदों का योग है: a₁ + a₂ + a₃ + … पहले n पदों का योग Sₙ, और संक्षेप में Σ (सिग्मा)। स्पष्ट नियम वाले अनुक्रम को श्रेढ़ी कहते हैं।
समांतर श्रेढ़ी और समांतर माध्य (AM)
कक्षा 10 से याद करें: AP में हर पद पिछले पद + सार्व अंतर d। aₙ = a + (n − 1)d और Sₙ = n/2[2a + (n − 1)d] = n/2(a + l)।
दो संख्याओं a और b का समांतर माध्य A = (a + b)/2। तब a, A, b एक AP है।
n समांतर माध्य डालना: कुल n + 2 पद, तो b = a + (n + 1)d, यानी d = (b − a)/(n + 1)। माध्य a + d, a + 2d, …, a + nd। उदाहरण: 4 और 16 के बीच 3 माध्य → d = 3 → 7, 10, 13 (3D चरण 2)।
गुणोत्तर श्रेढ़ी: व्यापक पद और योग
GP में पहले के बाद हर पद पिछले पद × एक निश्चित शून्येतर संख्या r (सार्व अनुपात) है। r = a₂/a₁ = a₃/a₂ = …
- व्यापक पद: aₙ = a rⁿ⁻¹।
- n पदों का योग: r ≠ 1 पर Sₙ = a(rⁿ − 1)/(r − 1) या a(1 − rⁿ)/(1 − r)। r = 1 पर Sₙ = na।
सूत्र क्यों: Sₙ = a + ar + … + arⁿ⁻¹। r से गुणा: rSₙ = ar + … + arⁿ। घटाएँ: rSₙ − Sₙ = arⁿ − a, इसलिए Sₙ = a(rⁿ − 1)/(r − 1)। लगभग सारे पद कट जाते हैं।
टिप: GP की तीन संख्याएँ a/r, a, ar लें; गुणनफल a³ होगा।
अनंत गुणोत्तर श्रेणी का योग
यदि |r| < 1, तो n बढ़ने पर rⁿ, 0 के पास पहुँचता है (जैसे (1/2)¹⁰ ≈ 0.001)। इसलिए Sₙ = a(1 − rⁿ)/(1 − r) पहुँचता है
S∞ = a/(1 − r) के पास।
योग इस मान को कभी पार नहीं करता, केवल पास पहुँचता है (3D चरण 4)। |r| ≥ 1 हो तो पद छोटे नहीं होते और परिमित अनंत योग नहीं होता।
उपयोग: 0.333… = 3/10 + 3/100 + … = (3/10)/(1 − 1/10) = 1/3।
गुणोत्तर माध्य (GM)
दो धनात्मक संख्याओं a और b का गुणोत्तर माध्य G = √(ab)। तब a, G, b एक GP है।
n गुणोत्तर माध्य डालना: b = a rⁿ⁺¹, इसलिए r = (b/a)^(1/(n+1))। माध्य ar, ar², …, arⁿ। उदाहरण: 3 और 81 के बीच 2 माध्य → r³ = 27, r = 3 → 9, 27।
समांतर माध्य और गुणोत्तर माध्य में संबंध
धनात्मक a, b के लिए A = (a + b)/2 और G = √(ab):
A − G = (a + b)/2 − √(ab) = (√a − √b)²/2 ≥ 0, इसलिए A ≥ G।
वर्ग कभी ऋणात्मक नहीं होता, इसलिए समांतर माध्य हमेशा गुणोत्तर माध्य जितना या उससे बड़ा है। बराबर केवल तब, जब a = b। 3D चरण 5 में हरा A डंडा बैंगनी G डंडे से ऊँचा है।
उपयोग: दो संख्याओं के A और G ज्ञात हों, तो वे x² − 2Ax + G² = 0 के मूल हैं।
बोर्ड परीक्षा के लिए
पूछा जाता है: GP का कोई पद या पदों की संख्या (2 अंक), n पदों या अनंत GP का योग (2–3 अंक), माध्य डालना (3 अंक), A ≥ G या A, G से संख्याएँ निकालना (3–4 अंक), वृद्धि या उछलती गेंद वाले शाब्दिक प्रश्न (4 अंक)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- AP: aₙ = a + (n − 1)d, Sₙ = n/2[2a + (n − 1)d]
- समांतर माध्य: A = (a + b)/2; n माध्य: d = (b − a)/(n + 1)
- GP: aₙ = arⁿ⁻¹, Sₙ = a(rⁿ − 1)/(r − 1), r ≠ 1
- अनंत GP, |r| < 1: S∞ = a/(1 − r)
- गुणोत्तर माध्य: G = √(ab); n माध्य: r = (b/a)^(1/(n+1))
- A ≥ G; A − G = (√a − √b)²/2
हल किए गए उदाहरण
1. aₙ = (n − 1)/(n + 1) के पहले चार पद और a₁₀ लिखिए।
a₁ = 0, a₂ = 1/3, a₃ = 1/2, a₄ = 3/5। a₁₀ = 9/11।
2. 3 और 23 के बीच 4 समांतर माध्य डालिए।
d = (23 − 3)/5 = 4। माध्य: 7, 11, 15, 19। जाँच: 3, 7, 11, 15, 19, 23 AP है।
3. GP 5, 10, 20, … का 8वाँ पद ज्ञात कीजिए।
a = 5, r = 2। a₈ = 5 × 2⁷ = 640।
4. GP 2, 2√2, 4, … का कौन-सा पद 128 है?
a = 2, r = √2। 2(√2)ⁿ⁻¹ = 128 → (√2)ⁿ⁻¹ = 64 = (√2)¹²। n − 1 = 12, n = 13। यह 13वाँ पद है।
5. 1, 3, 9, … के पहले 6 पदों का योग ज्ञात कीजिए।
a = 1, r = 3। S₆ = (3⁶ − 1)/(3 − 1) = 728/2 = 364।
6. 6 + 2 + 2/3 + … का अनंत तक योग ज्ञात कीजिए।
a = 6, r = 1/3, |r| < 1। S∞ = 6/(2/3) = 9।
7. 4 और 108 के बीच 2 गुणोत्तर माध्य डालिए।
108 = 4r³ → r³ = 27 → r = 3। माध्य: 12 और 36। श्रेढ़ी 4, 12, 36, 108।
8. दो धनात्मक संख्याओं के समांतर और गुणोत्तर माध्य 10 और 8 हैं। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
a + b = 20, ab = 64। x² − 20x + 64 = (x − 4)(x − 16) = 0। संख्याएँ 4 और 16।
9. एक गेंद 10 m से गिराई जाती है और हर बार आधी ऊँचाई तक उछलती है। कुल दूरी ज्ञात कीजिए।
नीचे 10, फिर 5, 2.5, … हर बार ऊपर-नीचे दो बार। कुल = 10 + 2 × 5/(1 − 1/2) = 10 + 20 = 30 m।
आम गलतियाँ
- aₙ = arⁿ⁻¹ की जगह arⁿ लिखना। पहला पद a = ar⁰ है।
- |r| ≥ 1 होने पर भी S∞ = a/(1 − r) लगाना। यह केवल |r| < 1 पर सही है।
- n समांतर माध्य के लिए d = (b − a)/n लेना। n + 1 अंतराल होते हैं, इसलिए d = (b − a)/(n + 1)।
- ऋणात्मक और धनात्मक संख्या का गुणोत्तर माध्य लेना। यहाँ GM केवल धनात्मक संख्याओं के लिए है।