France Première Mathematics (specialty)
अध्याय: 6
1. Automatic skills
Numeric and algebraic calculation · Functions and graphs · Statistics and probability
- मानसिक गणित: तेज़ और सही गणना – मानसिक गणित यानी रोज़ की गणनाएँ दिमाग़ में या बहुत कम पंक्तियों में जल्दी और सही करना। दो संख्याओं की तुलना अंतर से या अनुपात से करो। प्रतिशत बदलाव को गुणक बनाओ: +20% यानी × 1.2, −20% यानी × 0.8। लगातार बदलावों के गुणक आपस में गुणा होते हैं, इसलिए +20% फिर −20% का नतीजा × 0.96 है, × 1 नहीं। +p% को पलटने के लिए गुणक का व्युत्क्रम लो। 10 की घात, इकाई बदलना, (a + b)² = a² + 2ab + b², (a + b)(a − b) = a² − b², सूत्र में एक अक्षर को अकेला करना और यह नियम याद रखो कि गुणनफल तभी शून्य होता है जब कोई गुणनखंड शून्य हो।
- फलन: इनपुट, नियम, आउटपुट – फलन (function) ऐसा नियम है जो हर इनपुट के लिए ठीक एक आउटपुट देता है। इसे f(x) लिखते हैं। f(a) को a का प्रतिबिंब (image) कहते हैं; जो इनपुट कोई दिया हुआ आउटपुट दे, वह पूर्व-प्रतिबिंब (preimage) है। फलन को शब्दों, सारणी, सूत्र या ग्राफ़ से दिखा सकते हैं। ग्राफ़ ऊपर जा सकता है (वर्धमान), नीचे जा सकता है (ह्रासमान), और उसका सबसे ऊँचा (अधिकतम) या सबसे नीचा (न्यूनतम) बिंदु हो सकता है।
- प्रायिकता: एक घटना की संभावना – प्रायिकता बताती है कि कोई बात होने की कितनी संभावना है, 0 से 1 तक की एक संख्या में। जब सारे परिणाम समप्रायिक हों, तब P(घटना) = अनुकूल परिणामों की संख्या ÷ कुल परिणामों की संख्या। असंभव घटना की प्रायिकता 0 और निश्चित घटना की 1 होती है।
2. Algebra
Sequences: arithmetic and geometric models · Quadratic equations and functions
- अनुक्रम तथा श्रेणी: AP, GP, समांतर और गुणोत्तर माध्य – अनुक्रम एक निश्चित क्रम में लिखी संख्याओं की सूची है: a₁, a₂, a₃, … पदों को जोड़ने पर श्रेणी बनती है। समांतर श्रेढ़ी (AP) में हर बार एक ही संख्या d जुड़ती है; aₙ = a + (n − 1)d और Sₙ = n/2[2a + (n − 1)d]। a और b का समांतर माध्य (a + b)/2 है; उनके बीच n समांतर माध्य डालने के लिए d = (b − a)/(n + 1)। गुणोत्तर श्रेढ़ी (GP) में हर बार एक ही संख्या r से गुणा होता है; aₙ = arⁿ⁻¹ और r ≠ 1 पर Sₙ = a(rⁿ − 1)/(r − 1)। यदि |r| < 1 हो तो पद छोटे होते जाते हैं और अनंत योग S∞ = a/(1 − r)। दो धनात्मक संख्याओं का गुणोत्तर माध्य √(ab) है, और n गुणोत्तर माध्य के लिए r = (b/a)^(1/(n+1))। धनात्मक a, b के लिए A ≥ G, बराबरी केवल a = b पर।
- द्विघात समीकरण – जिस समीकरण में x की सबसे बड़ी घात 2 हो, वह द्विघात समीकरण है: ax² + bx + c = 0, जहाँ a ≠ 0। इसके ज़्यादा से ज़्यादा दो मूल होते हैं। मूल निकालने के दो तरीक़े: गुणनखंड (मध्य पद को तोड़कर) या सूत्र x = (−b ± √(b² − 4ac)) / 2a। विविक्तकर D = b² − 4ac बताता है: D > 0 तो दो अलग वास्तविक मूल, D = 0 तो दो बराबर मूल, D < 0 तो कोई वास्तविक मूल नहीं।
3. Analysis
Derivative at a point, tangent · Derivative functions and rules · Variation and graphs · Exponential function · Trigonometric circle, sine and cosine
- सांतत्य तथा अवकलनीयता – किसी बिंदु पर फलन सतत तब है जब वहाँ ग्राफ़ टूटता नहीं: बायीं सीमा, दायीं सीमा और फलन का मान तीनों बराबर हों। अवकलज स्पर्श रेखा की ढाल है। शृंखला नियम, अस्पष्ट अवकलन, eˣ, ln x और प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के सूत्र, लघुगणकीय अवकलन और प्राचलिक रूप से कक्षा 12 का लगभग हर फलन अवकलित हो जाता है। द्वितीय अवकलज बताता है कि ढाल खुद कैसे बदल रही है, यानी वक्र कैसे मुड़ रहा है।
- अवकलज की मदद से वक्र अनुरेखण – y = f(x) का स्केच बनाने के लिए: प्रांत और अंतःखंड निकालो, f'(x) = 0 से स्थिर बिंदु निकालो, f'(x) के चिह्न से देखो वक्र कहाँ बढ़ता-घटता है, f''(x) से अवतलता और नति परिवर्तन बिंदु निकालो, अनंतस्पर्शी और सिरों का व्यवहार देखो, फिर सब कुछ चिकने वक्र से जोड़ो। उदाहरण: y = x³ − 3x का उच्चिष्ठ (−1, 2), निम्निष्ठ (1, −2) और नति परिवर्तन बिंदु (0, 0) है।
- घातांकी फलन (Exponential Functions) – घातांकी फलन का रूप y = a·bˣ है, जहाँ a ≠ 0 शुरुआती मान है और b > 0, b ≠ 1 वृद्धि-गुणक (आधार) है। b > 1 हो तो बढ़ता है, 0 < b < 1 हो तो घटता (क्षय) है। x में 1 बढ़ने पर y को b से गुणा किया जाता है (स्थिर अनुपात), जबकि रैखिक फलन में हर बार एक ही संख्या जुड़ती है। y = bˣ का ग्राफ (0, 1) से गुज़रता है, प्रांत सभी वास्तविक संख्याएँ, परिसर y > 0, और x-अक्ष अनंतस्पर्शी है। सामान्य रूप y = a·b^(k(x − d)) + c इसे खींचता, पलटता और खिसकाता है।
- त्रिकोणमितीय फलन: रेडियन, इकाई वृत्त, ग्राफ़ और सर्वसमिकाएँ – एक रेडियन वह कोण है जिसका चाप त्रिज्या के बराबर हो, इसलिए π रेडियन = 180°। इकाई वृत्त पर कोण x वाला बिंदु P = (cos x, sin x) है, जिससे sin²x + cos²x = 1 मिलता है और sin, cos हर वास्तविक संख्या के लिए बन जाते हैं। चारों चतुर्थांशों में चिह्न 'All, Sin, Tan, Cos' से याद रखो; sin x और cos x हर 2π पर दोहराते हैं और −1 से 1 के बीच रहते हैं। cos(A + B) = cos A cos B − sin A sin B जैसे सूत्रों से tan(A + B), cot(A + B), योग-गुणनफल, द्विगुण और त्रिगुण कोण सूत्र निकलते हैं।
4. Geometry
Vectors and dot product · Analytic geometry: lines, circles, parabolas
- सदिश बीजगणित – सदिश (vector) में माप (परिमाण) और दिशा दोनों होते हैं। 3D में a = xî + yĵ + zk̂ लिखते हैं। लंबाई |a| = √(x² + y² + z²)। दिक्-कोसाइन l = x/|a|, m = y/|a|, n = z/|a| और l² + m² + n² = 1। सदिश सिर-से-पूँछ (त्रिभुज नियम) या घटक-दर-घटक जुड़ते हैं। ka लंबाई को k गुना करता है, k ऋण हो तो दिशा उल्टी। AB को m : n में बाँटने वाले बिंदु का स्थिति सदिश अंतः (mb + na)/(m + n) और बाह्य (mb − na)/(m − n)। अदिश गुणनफल a·b = |a||b|cosθ एक संख्या है। सदिश गुणनफल a×b दोनों पर लंब नया सदिश है; इसकी लंबाई समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल है।
- निर्देशांक ज्यामिति: दूरी सूत्र और विभाजन सूत्र – समतल पर हर बिंदु का एक पता होता है (x, y)। A(x₁, y₁) और B(x₂, y₂) के बीच की दूरी d = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²] है; यह x-अंतर और y-अंतर पर पाइथागोरस ही है। जो बिंदु P, AB को अंदर से m : n में बाँटे, वह P = ((mx₂ + nx₁)/(m + n), (my₂ + ny₁)/(m + n)) है। m = n हो तो P मध्य-बिंदु है।
5. Probability and statistics
Conditional probability and independence · Random variables: distribution, expectation, variance · Simulation and fluctuation
- सप्रतिबंध प्रायिकता, गुणन नियम और स्वतंत्र घटनाएँ – सप्रतिबंध प्रायिकता का मतलब है: जब हमें पहले से पता हो कि घटना B हो चुकी है, तब A का मौका। B के बाहर के सारे परिणाम हटाओ और फिर से गिनो: P(A|B) = P(A ∩ B) ÷ P(B)। इसी से गुणन नियम मिलता है: P(A ∩ B) = P(B)·P(A|B)। अगर B जानकर A का मौका न बदले, तो घटनाएँ स्वतंत्र हैं और P(A ∩ B) = P(A)·P(B)।
- यादृच्छिक चर और प्रायिकता बंटन – यादृच्छिक चर (random variable) X किसी संयोग वाले प्रयोग के हर परिणाम को एक संख्या देता है। असतत (discrete) यादृच्छिक चर अलग-अलग मान लेता है; उसका प्रायिकता बंटन हर मान x और उसकी प्रायिकता P(X = x) बताता है, जिनका जोड़ 1 होता है। माध्य (प्रत्याशित मान) E(X) = Σ x·P(x) है। प्रसरण Var(X) = E(X²) − [E(X)]² फैलाव मापता है, और मानक विचलन इसका वर्गमूल है।
- प्रतिचयन: प्रतिदर्श से पूरी समष्टि को जानना – समष्टि (population) वह पूरा समूह है जिसके बारे में हम जानना चाहते हैं; प्रतिदर्श (sample) उसका छोटा भाग है जिसे हम सच में जाँचते हैं। अच्छा प्रतिदर्श यादृच्छिक रूप से चुना जाता है ताकि वह पूरी समष्टि जैसा दिखे। सरल यादृच्छिक प्रतिचयन में सबको बराबर मौका; स्तरीकृत में हर समूह से सही हिस्सा; क्रमबद्ध में हर k-वाँ सदस्य। अलग-अलग प्रतिदर्श थोड़े अलग उत्तर देते हैं (प्रतिचयन-विचलन), पर बड़े प्रतिदर्श कम डगमगाते हैं (बड़ी संख्याओं का नियम)। पक्षपाती प्रतिदर्श कितना भी बड़ा हो, ग़लत उत्तर देता है।
6. Algorithms and logic
Lists in Python · Sets and logic
- पायथन की मूल बातें: मोड, वेरिएबल, डेटा प्रकार और ऑपरेटर – पायथन इंटरैक्टिव मोड (एक-एक पंक्ति) या स्क्रिप्ट मोड (सहेजी गई .py फ़ाइल) में चलता है। ब्लॉक इंडेंटेशन से पहचाने जाते हैं। वेरिएबल मान से बँधे नाम हैं; हर मान का एक डेटा प्रकार होता है, और कुछ प्रकार परिवर्तनशील हैं। ऑपरेटर व्यंजक बनाते हैं जिन्हें पायथन प्राथमिकता के क्रम से हल करता है। input() टेक्स्ट पढ़ता है, int()/float()/str() प्रकार बदलते हैं, और डिबगिंग से सिंटैक्स, रनटाइम और तार्किक त्रुटियाँ ठीक होती हैं।
- Python से शुरुआत – Python उच्च स्तरीय, मुफ़्त व ओपन सोर्स, इंटरप्रेटेड, पोर्टेबल और केस-सेंसिटिव भाषा है जो पढ़ने में आसान है। इसे इंटरैक्टिव मोड (>>> के बाद लिखो, परिणाम तुरंत) या स्क्रिप्ट मोड (.py फ़ाइल में सेव करके चलाओ) में चलाते हैं। इसके कैरेक्टर सेट में अक्षर, अंक, विशेष चिह्न, खाली जगह और यूनिकोड अक्षर हैं। प्रोग्राम की सबसे छोटी इकाई टोकन है: कीवर्ड, पहचानकर्ता, लिटरल, ऑपरेटर और विराम चिह्न। वेरिएबल एक नाम है जो किसी मान की ओर इशारा करता है; असाइनमेंट में दायाँ भाग (r-value) पहले निकलकर बाएँ (l-value) में रखा जाता है। # से शुरू टिप्पणी को Python छोड़ देता है।
- कक्षा 12 के लिए पायथन रिवीजन: कक्षा 11 की सारी बातें एक जगह – कक्षा 12 का पायथन कक्षा 11 पर टिका है। आपको टोकन (कीवर्ड, आइडेंटिफ़ायर, लिटरल, ऑपरेटर, पंक्चुएटर), डेटा प्रकार (int, float, bool, str, list, tuple, dict), कौन-से प्रकार अपनी जगह पर बदल सकते हैं (म्यूटेबल) और कौन नहीं (इम्यूटेबल), ऑपरेटरों का क्रम, if-elif-else, for और while लूप, break-continue, स्ट्रिंग स्लाइसिंग और लिस्ट, ट्यूपल, डिक्शनरी के मुख्य मेथड आने चाहिए।
- समुच्चय: निरूपण, प्रकार, उपसमुच्चय, वेन आरेख और संक्रियाएँ – समुच्चय (set) अलग-अलग वस्तुओं का सुपरिभाषित संग्रह है। इसे रोस्टर रूप {2, 4, 6} या समुच्चय-निर्माण रूप {x : x सम है} में लिखते हैं। समुच्चय रिक्त, परिमित, अपरिमित या समान हो सकते हैं। B का हर अवयव A में हो तो B ⊂ A। n अवयवों वाले समुच्चय के 2ⁿ उपसमुच्चय होते हैं। (a, b), [a, b] जैसे अंतराल वास्तविक संख्याओं के उपसमुच्चय हैं। वेन आरेख से सम्मिलन A ∪ B, सर्वनिष्ठ A ∩ B, अंतर A − B और पूरक A′ = U − A साफ़ दिखते हैं।