द्विघात समीकरण क्या है? (मानक रूप)
जिस समीकरण में x की सबसे बड़ी घात 2 हो, उसे द्विघात समीकरण कहते हैं। "द्वि" यानी दो।
इसका मानक रूप है ax² + bx + c = 0। यहाँ a, b, c वास्तविक संख्याएँ हैं और a ≠ 0। अगर a = 0 हो जाए तो x² वाला पद गायब हो जाएगा और समीकरण रैखिक बन जाएगा।
पहले सारे पद एक तरफ़ ले आइए। जैसे 2x² = 3x − 1 को लिखेंगे 2x² − 3x + 1 = 0, तो a = 2, b = −3, c = 1।
जो संख्या समीकरण को सही बना दे, उसे मूल (हल) कहते हैं। द्विघात समीकरण के अधिक से अधिक दो मूल होते हैं।
कैसे पहचानें कि समीकरण द्विघात है?
सारे कोष्ठक खोलिए और सरल कीजिए। अगर बची हुई सबसे बड़ी घात 2 है, तो द्विघात है। ध्यान दें: (x + 1)² = x² + 3 सरल करने पर 2x − 2 = 0 बनता है। x² कट गया, इसलिए यह द्विघात नहीं है।
गुणनखंड विधि (मध्य पद को तोड़ना)
ax² + bx + c = 0 के लिए ऐसी दो संख्याएँ ढूँढिए जिनका गुणनफल a × c हो और योग b हो। मध्य पद को इन दो में तोड़िए, जोड़े बनाइए और उभयनिष्ठ गुणनखंड बाहर निकालिए।
उदाहरण: x² + 5x + 6 = 0। गुणनफल 6 और योग 5 वाली संख्याएँ: 2 और 3।
x² + 2x + 3x + 6 = 0 → x(x + 2) + 3(x + 2) = 0 → (x + 2)(x + 3) = 0।
दो संख्याओं का गुणा 0 हो तो उनमें से कम से कम एक 0 होती है। इसलिए x + 2 = 0 या x + 3 = 0, यानी x = −2 या x = −3।
3D टाइलें दिखाती हैं कि यह क्यों काम करता है: x² + 5x + 6 के सारे टुकड़े (x + 2) × (x + 3) वाले आयत में पूरे फ़िट हो जाते हैं।
द्विघाती सूत्र से हल करना
कुछ समीकरणों के गुणनखंड आसानी से नहीं मिलते। तब द्विघाती सूत्र (श्रीधराचार्य सूत्र) हमेशा काम करता है:
x = (−b ± √(b² − 4ac)) / 2a
तरीक़ा: (1) a, b, c उनके चिह्न सहित लिखिए; (2) D = b² − 4ac निकालिए; (3) D ≥ 0 हो तो √D निकालिए; (4) सूत्र में एक बार + और एक बार − लगाइए।
यह सूत्र आता कहाँ से है?
यह पूर्ण वर्ग बनाने से आता है। a से भाग दीजिए: x² + (b/a)x + c/a = 0। (b/2a)² जोड़िए और घटाइए: (x + b/2a)² = (b² − 4ac)/4a²। दोनों ओर वर्गमूल लीजिए: x + b/2a = ±√(b² − 4ac)/2a। b/2a को दूसरी ओर ले जाइए, सूत्र मिल गया। ± इसलिए आता है क्योंकि धनात्मक और ऋणात्मक दोनों संख्याओं का वर्ग एक जैसा होता है।
विविक्तकर और मूलों की प्रकृति
वर्गमूल के अंदर वाला भाग D = b² − 4ac विविक्तकर कहलाता है। यह बिना हल किए बता देता है कि मूल कैसे होंगे।
- D > 0: दो अलग-अलग वास्तविक मूल। वक्र x-अक्ष को दो बिंदुओं पर काटता है।
- D = 0: दो बराबर वास्तविक मूल, x = −b/2a। वक्र x-अक्ष को बस छूता है।
- D < 0: कोई वास्तविक मूल नहीं, क्योंकि किसी वास्तविक संख्या का वर्ग ऋणात्मक नहीं होता। वक्र x-अक्ष से दूर रहता है।
बोर्ड में अक्सर पूछा जाता है: "k का मान बताइए जिससे kx² + 6x + 1 = 0 के मूल बराबर हों।" D = 0 रखिए: 36 − 4k = 0, तो k = 9।
द्विघात समीकरण के शाब्दिक प्रश्न
चार कदम में कोई भी कहानी द्विघात समीकरण बन जाती है:
- नाम दीजिए: अज्ञात को x मानिए (x क्या है और इकाई क्या है, लिखिए)।
- लिखिए: बाक़ी मात्राएँ x की मदद से।
- समीकरण बनाइए: शर्त से, और ax² + bx + c = 0 के रूप में लाइए।
- हल करके जाँचिए: जो उत्तर बेतुका हो (ऋणात्मक लंबाई, उम्र या चाल), उसे छोड़ दीजिए।
आम प्रकार: आयत का क्षेत्रफल, क्रमागत संख्याएँ, उम्र, चाल-समय (रेलगाड़ी, धारा में नाव) और मिलकर काम करना।
करके देखिए: घर पर टाइल पहेली
काग़ज़ से 1 बड़ा वर्ग (भुजा 5 सेमी), 5 पट्टियाँ (5 सेमी × 1 सेमी) और 6 छोटे वर्ग (1 सेमी) काटिए। ये x², 5x और 6 हैं। सभी 12 टुकड़ों से एक आयत बनाइए। उसकी भुजाएँ नापिए: एक x + 2, दूसरी x + 3। अब x² + 7x + 12 (7 पट्टियाँ, 12 छोटे वर्ग) आज़माइए। कौन-सा आयत बना?
ऊपर 3D के आख़िरी चरण में पहले अनुमान लगाइए: a = 1, b = 4, c = 4 पर वक्र x-अक्ष से कितनी बार मिलेगा? फिर स्लाइडर हिलाकर जाँचिए।
बोर्ड परीक्षा में क्या पूछा जाता है
यह अध्याय बीजगणित इकाई (लगभग 20 अंक) में है। आम प्रश्न: समीकरण द्विघात है या नहीं (1 अंक), बराबर मूल के लिए k या मूलों की प्रकृति (2 अंक), गुणनखंड या सूत्र से हल (2–3 अंक), और एक शाब्दिक प्रश्न (3–5 अंक, अक्सर चाल या क्षेत्रफल)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मानक रूप: ax² + bx + c = 0, a ≠ 0
- द्विघाती सूत्र: x = (−b ± √(b² − 4ac)) / 2a
- विविक्तकर: D = b² − 4ac
- D > 0: दो अलग वास्तविक मूल; D = 0: दो बराबर मूल x = −b/2a; D < 0: कोई वास्तविक मूल नहीं
- मध्य पद तोड़ना: p × q = a × c और p + q = b
हल किए गए उदाहरण
1. क्या (x − 2)² + 1 = 2x − 3 द्विघात समीकरण है?
कोष्ठक खोलिए: x² − 4x + 4 + 1 = 2x − 3। सब बाईं ओर: x² − 6x + 8 = 0। सबसे बड़ी घात 2 है और a = 1 ≠ 0, इसलिए हाँ, यह द्विघात है।
2. गुणनखंड से हल कीजिए: x² − 7x + 12 = 0
गुणनफल 12 और योग −7 वाली संख्याएँ: −3 और −4। x² − 3x − 4x + 12 = 0 → x(x − 3) − 4(x − 3) = 0 → (x − 3)(x − 4) = 0। तो x = 3 या x = 4।
3. गुणनखंड से हल कीजिए: 2x² + x − 6 = 0
a × c = 2 × (−6) = −12। गुणनफल −12 और योग 1: 4 और −3। 2x² + 4x − 3x − 6 = 0 → 2x(x + 2) − 3(x + 2) = 0 → (x + 2)(2x − 3) = 0। तो x = −2 या x = 3/2।
4. सूत्र से हल कीजिए: x² − 2x − 3 = 0
a = 1, b = −2, c = −3। D = (−2)² − 4(1)(−3) = 4 + 12 = 16, √D = 4। x = (2 ± 4)/2। तो x = 3 या x = −1।
5. 3x² − 4x + 2 = 0 के मूलों की प्रकृति बताइए।
D = (−4)² − 4(3)(2) = 16 − 24 = −8। D < 0, इसलिए कोई वास्तविक मूल नहीं है।
6. k का मान बताइए जिससे x² − kx + 9 = 0 के दो बराबर मूल हों।
बराबर मूल के लिए D = 0: (−k)² − 4(1)(9) = 0 → k² = 36 → k = 6 या k = −6।
7. एक आयताकार बगीचे की लंबाई चौड़ाई से 4 मीटर ज़्यादा है। क्षेत्रफल 96 वर्ग मीटर है। भुजाएँ बताइए।
चौड़ाई = x मीटर, लंबाई = x + 4 मीटर। x(x + 4) = 96 → x² + 4x − 96 = 0 → (x + 12)(x − 8) = 0 → x = 8 या x = −12। चौड़ाई ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए चौड़ाई 8 मीटर और लंबाई 12 मीटर।
8. एक रेलगाड़ी एकसमान चाल से 360 किमी चलती है। चाल 10 किमी/घंटा ज़्यादा होती तो 3 घंटे कम लगते। चाल बताइए।
चाल = x किमी/घंटा। समय = 360/x। तो 360/x − 360/(x + 10) = 3। x(x + 10) से गुणा: 3600 = 3x² + 30x → x² + 10x − 1200 = 0 → (x + 40)(x − 30) = 0। चाल ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए चाल 30 किमी/घंटा।
आम गलतियाँ
- a, b, c पढ़ने से पहले सारे पद एक तरफ़ न लाना। x² = 5x − 6 में b = −5 और c = 6 है।
- सूत्र में b का चिह्न भूल जाना। b = −3 हो तो −b = +3 और b² = 9 (−9 नहीं)।
- दोनों ओर x से भाग देना। इससे मूल x = 0 खो जाता है। x को गुणनखंड की तरह बाहर निकालिए।
- शाब्दिक प्रश्न में बेतुका उत्तर रख लेना, जैसे ऋणात्मक लंबाई या उम्र। हमेशा जाँचकर छोड़िए।