📘 CodingMarble Learn

समांतर श्रेढ़ी

समांतर श्रेढ़ी (AP) संख्याओं की ऐसी सूची है जिसमें हर अगला पद पिछले पद में एक ही निश्चित संख्या d (सार्व अंतर) जोड़कर बनता है। पहला पद a हो तो n-वाँ पद aₙ = a + (n − 1)d और पहले n पदों का योग Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d] = n/2 (a + l), जहाँ l अंतिम पद है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह एक मीनार है जिसमें 2 नीले ब्लॉक हैं। यह हमारी सूची का पहला पद है। इसे a कहते हैं। तो a = 2।
  2. हर नई मीनार में पिछली से ठीक 2 नारंगी ब्लॉक ज़्यादा हैं। यह बराबर छलाँग सार्व अंतर है, d = 2। मीनारें: 2, 4, 6, 8, 10। यही समांतर श्रेढ़ी है।
  3. 5वीं मीनार कितनी ऊँची? a से शुरू कीजिए, फिर d चार बार जोड़िए (पाँच बार नहीं!)। मीनार n = a + (n − 1)d। तो 5वीं = 2 + 4 × 2 = 10।
  4. अब सारे ब्लॉक होशियारी से गिनें। एक हरी उलटी कॉपी ऊपर आकर बैठती है। हर कॉलम 2 + 10 = 12 ऊँचा हो जाता है। 5 कॉलम × 12 = 60, इसका आधा हमारा: 30।
  5. इसी चाल से योग का सूत्र: Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d], या Sₙ = n/2 (पहला + अंतिम)। हर हफ़्ते ₹2, ₹4, ₹6… बचाएँ तो 5 हफ़्ते में ₹30।
  6. अब आपकी बारी। a, d और n बदलिए। पद, n-वाँ पद और योग देखिए। ऋणात्मक d लेकर मीनारें छोटी होती देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

(n − 1)d क्यों, nd क्यों नहीं?

पहली मीनार में कोई छलाँग नहीं, वह सिर्फ़ a है। दूसरी में 1 छलाँग, तीसरी में 2, तो n-वीं में n − 1 छलाँगें। 5वीं मीनार पर नारंगी पट्टियाँ गिनिए: सिर्फ़ 4।

d सही कैसे निकालें?

कोई पद लीजिए और उससे ठीक पहले वाला पद घटाइए। हर मीनार अपनी बाईं वाली से 2 ब्लॉक ऊँची है, तो d = 2।

योग के सूत्र में 2 से भाग क्यों देते हैं?

चाल में सीढ़ी की एक और उलटी कॉपी जुड़ती है। आयत में दो सीढ़ियाँ हैं, इसलिए हमारा योग उसका आधा है।

हर कॉलम एक जितना ऊँचा क्यों हो जाता है?

छोटी मीनार लंबी के साथ जुड़ती है: 2 + 10, 4 + 8, 6 + 6। एक d बढ़ती है तो दूसरी d घटती है, इसलिए योग 12 ही रहता है।

क्या AP में ऋणात्मक पद हो सकते हैं?

हाँ। ऋणात्मक d पर पद घटते जाते हैं और शून्य से नीचे जा सकते हैं। फ़्री-प्ले में d = −3 कीजिए: ज़मीन के नीचे लाल ब्लॉक ऋणात्मक पद हैं।

n/2 (a + l) कब और n/2 [2a + (n − 1)d] कब लगाएँ?

दोनों एक ही सूत्र हैं। अंतिम पद पता हो तो (a + l) वाला, d पता हो तो दूसरा।

समांतर श्रेढ़ी क्या है?

श्रेढ़ी यानी किसी नियम से चलने वाली संख्याओं की सूची। समांतर श्रेढ़ी (AP) का नियम है: हर बार एक ही संख्या जोड़ो।

सूची की हर संख्या पद है। पहला पद a कहलाता है। जो निश्चित संख्या बार-बार जुड़ती है, वह सार्व अंतर d है।

d = कोई पद − उससे ठीक पहले वाला पद। 3, 7, 11, 15… में d = 7 − 3 = 4। 20, 17, 14… में d = 17 − 20 = −3 (ऋणात्मक d पर पद घटते हैं)। 5, 5, 5… में d = 0।

जाँच: हर पड़ोसी जोड़े का अंतर निकालिए। सब अंतर बराबर हों तो AP है। 1, 4, 9, 16 AP नहीं है (अंतर 3, 5, 7)।

समांतर श्रेढ़ी का n-वाँ पद

छलाँगें गिनिए: a₁ = a, a₂ = a + d, a₃ = a + 2d, a₄ = a + 3d। छलाँगें हमेशा स्थान से एक कम होती हैं।

aₙ = a + (n − 1)d

इसे व्यापक पद भी कहते हैं। इससे चार तरह के प्रश्न हल होते हैं: कोई पद निकालना, कोई संख्या कौन-सा पद है, दो पदों से a और d निकालना, और कोई संख्या AP में है या नहीं (n धनात्मक पूर्ण संख्या आनी चाहिए)।

अंत से n-वाँ पद

अंतिम पद l हो तो अंत से n-वाँ पद l − (n − 1)d है। बस अंतिम पद से पीछे की ओर चलिए।

पहले n पदों का योग

योग को सीधा और उलटा लिखकर जोड़िए। हर जोड़ा (पहला + अंतिम, दूसरा + अंत से दूसरा, …) एक ही योग 2a + (n − 1)d देता है। ऐसे n जोड़े हैं, इसलिए 2Sₙ = n[2a + (n − 1)d]।

Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d]

अंतिम पद l = a + (n − 1)d पता हो तो Sₙ = n/2 (a + l)।

3D ठीक यही दिखाता है: हरी उलटी कॉपी सीढ़ी को आयत बना देती है।

काम की बातें

रोज़मर्रा के जीवन के प्रश्न

कहानी में वह चीज़ ढूँढिए जो हर बार बराबर बढ़ती (या घटती) है। फिर a, d और n लिखिए।

उदाहरण: बचत योजना, हर साल तय बढ़ोतरी वाला वेतन, पंक्तियों में रखे लट्ठे, सीटों की पंक्तियाँ, रोज़ बढ़ता जुर्माना।

करके देखिए: अपनी सीढ़ी बनाइए

सिक्के या तीलियाँ लीजिए। 1, 3, 5, 7 और 9 की ढेरियाँ बनाइए। सब एक-एक करके गिनिए। अब उलटे क्रम (9, 7, 5, 3, 1) में फिर ढेरियाँ बनाकर पहली के बगल में रखिए। हर जोड़ा 10 बनता है, 5 जोड़े: 50। आधा 25। क्या आपकी गिनती मिली?

3D के आख़िरी चरण में पहले अनुमान लगाइए: a = 6 और d = −2 हो तो 5वाँ पद क्या होगा? फिर स्लाइडर से जाँचिए।

बोर्ड परीक्षा में क्या पूछा जाता है

AP बीजगणित इकाई (लगभग 20 अंक) में है। आम प्रश्न: d या n-वाँ पद (1–2 अंक), कोई संख्या कौन-सा पद है (2 अंक), n पदों का योग या योग से n (3 अंक), और एक केस-स्टडी (4–5 अंक)।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. क्या 5, 9, 13, 17, … AP है? हाँ तो d बताइए।

अंतर: 9 − 5 = 4, 13 − 9 = 4, 17 − 13 = 4। सब बराबर, इसलिए AP है और d = 4।

2. 3, 8, 13, … का 20वाँ पद निकालिए।

a = 3, d = 5, n = 20। a₂₀ = 3 + 19 × 5 = 3 + 95 = 98।

3. AP 7, 11, 15, … का कौन-सा पद 87 है?

a = 7, d = 4। 7 + (n − 1) × 4 = 87 → (n − 1) × 4 = 80 → n = 21। 87 इक्कीसवाँ पद है।

4. किसी AP का चौथा पद 11 और नौवाँ पद 26 है। a और d बताइए।

a + 3d = 11 और a + 8d = 26। घटाइए: 5d = 15, d = 3। a = 11 − 9 = 2। AP: 2, 5, 8, 11, …

5. 4, 7, 10, … के पहले 15 पदों का योग निकालिए।

a = 4, d = 3, n = 15। S₁₅ = 15/2 [8 + 14 × 3] = 15/2 × 50 = 375।

6. 7 से विभाज्य सभी दो अंकों वाली संख्याओं का योग निकालिए।

14, 21, …, 98। a = 14, d = 7, l = 98। 98 = 14 + (n − 1) × 7 → n = 13। S = 13/2 × (14 + 98) = 13/2 × 112 = 728।

7. 24, 21, 18, … के कितने पद लें कि योग 78 हो?

a = 24, d = −3। n/2 [48 + (n − 1)(−3)] = 78 → n(51 − 3n) = 156 → n² − 17n + 52 = 0 → (n − 4)(n − 13) = 0। n = 4 या 13। दोनों सही हैं, क्योंकि 5वें से 13वें पद तक के पदों का योग 0 है (कुछ पद ऋणात्मक हो जाते हैं)।

8. रिया पहले महीने ₹100, दूसरे में ₹150, तीसरे में ₹200 बचाती है, इसी तरह आगे। 12वें महीने में और 12 महीनों में कुल कितना बचाएगी?

a = 100, d = 50। a₁₂ = 100 + 11 × 50 = ₹650। S₁₂ = 12/2 × (100 + 650) = 6 × 750 = ₹4500।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. 11, 8, 5, 2, … का सार्व अंतर है:
2. AP का n-वाँ पद है:
3. इनमें से AP कौन-सी है?
4. पहली 10 प्राकृत संख्याओं का योग है:
5. a = 5 और d = 0 हो तो AP है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समांतर श्रेढ़ी आसान शब्दों में क्या है?

संख्याओं की ऐसी सूची जिसमें अगली संख्या पाने के लिए हर बार एक ही संख्या जोड़ते हैं। जैसे 2, 5, 8, 11 (हर बार 3 जोड़ो)।

क्या सार्व अंतर ऋणात्मक या शून्य हो सकता है?

हाँ। ऋणात्मक d पर पद घटते हैं (10, 7, 4, …)। d = 0 पर सब पद बराबर (6, 6, 6, …)। दोनों AP हैं।

योग के लिए कौन-सा सूत्र लगाएँ?

अंतिम पद पता हो तो Sₙ = n/2 (a + l)। d पता हो तो Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d]। दोनों से एक ही उत्तर आता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

रोमानियाClasa a IX-aAlgebra: Arithmetic and geometric progressions
रोमानियाClasa a IX-aAlgebra: Progressions
सीबीएसई (भारत)कक्षा 10बीजगणित
सीबीएसई (भारत)कक्षा 10बीजगणित
रूस9 классSequences and progressions
रूस9 классSequences and progressions

पहले यह पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी गणित पाठ