अनुक्रम क्या है?
अनुक्रम तय क्रम में लिखी संख्याओं की सूची है। हर संख्या एक पद है। पदों को t₁, t₂, t₃ … लिखते हैं। नीचे की छोटी संख्या बताती है कि पद कौन-से स्थान पर है।
उदाहरण: 2, 4, 6, 8 … (सम संख्याएँ), 1, 4, 9, 16 … (वर्ग संख्याएँ), 1, 1, 2, 3, 5, 8 … (हर पद पिछले दो का योग)।
स्पष्ट नियम और पुनरावर्ती नियम
अनुक्रम का नियम दो तरह से लिखते हैं।
- पुनरावर्ती नियम: पहला पद बताओ, फिर बताओ कि पिछले पद से अगला कैसे बनता है। 3, 5, 7, 9 … के लिए: t₁ = 3 और tₙ = tₙ₋₁ + 2। (पुनरावर्ती यानी "पीछे मुड़कर देखना"।)
- स्पष्ट नियम: ऐसा सूत्र जो स्थान n से सीधे पद दे। 3, 5, 7, 9 … के लिए tₙ = 2n + 1। तो t₁₀₀ = 201 तुरंत।
पुनरावर्ती नियम समझने में आसान है। दूर के पद के लिए स्पष्ट नियम तेज़ है। 3D के पहले चरण में दोनों नियम एक ही मीनारों के लिए दिखते हैं।
समांतर श्रेढ़ी (AP) और उसका n-वाँ पद
समांतर श्रेढ़ी (AP) वह अनुक्रम है जिसमें हर बार वही संख्या जुड़ती है। उस संख्या को सार्व अंतर d कहते हैं। पहला पद a है।
पहले पद से n-वें पद तक पहुँचने में d कुल (n − 1) बार जुड़ता है। इसलिए
aₙ = a + (n − 1)d
उदाहरण: 3, 5, 7, … में a = 3, d = 2। 20वाँ पद = 3 + 19 × 2 = 41। d ऋणात्मक भी हो सकता है: 10, 7, 4, 1 … में d = −3। 3D का दूसरा चरण देखो: नीले ब्लॉक a हैं, हर नारंगी पट्टी एक d।
पहली n प्राकृत संख्याओं का योग
1 + 2 + 3 + … + n कितना है? योग को सीधा और उलटा लिखकर जोड़ो:
S = 1 + 2 + … + n
S = n + (n − 1) + … + 1
2S = (n + 1) + (n + 1) + … (n बार) = n(n + 1)
1 + 2 + … + n = n(n + 1)/2
3D का तीसरा चरण यही ब्लॉकों से दिखाता है: सीढ़ी और उसकी उलटी कॉपी मिलकर n × (n + 1) का आयत बनाती हैं। तो 1 + 2 + … + 100 = 100 × 101 ÷ 2 = 5050।
गुणोत्तर श्रेढ़ी (GP) और उसका n-वाँ पद
गुणोत्तर श्रेढ़ी (GP) में हर बार उसी संख्या से गुणा होता है। उसे सार्व अनुपात r कहते हैं। भाग देकर निकालो: r = t₂ ÷ t₁।
n-वें पद तक r से (n − 1) बार गुणा होता है। इसलिए
aₙ = a × rⁿ⁻¹
उदाहरण: 1, 2, 4, 8 … (r = 2)। 5, 15, 45 … (r = 3)। 64, 32, 16 … (r = 1/2, घटती जाती है)। r एक से बड़ा हो तो GP बहुत तेज़ी से बढ़ती है। 3D का चौथा चरण दोगुनी होती मीनारें दिखाता है।
फ्रैक्टल: पैटर्न के अंदर पैटर्न
फ्रैक्टल ऐसी आकृति है जिसका हर छोटा हिस्सा पूरी आकृति जैसा दिखता है। एक त्रिभुज लो। भुजाओं के मध्य-बिंदु जोड़ो और बीच का टुकड़ा हटा दो। अब 3 छोटे त्रिभुज बचे। हर एक के साथ यही बार-बार करो। इसे सियरपिंस्की त्रिभुज कहते हैं।
त्रिभुजों की गिनती: 1, 3, 9, 27, … यानी r = 3 वाली GP। n-वें चरण में 3ⁿ त्रिभुज। हर चरण में भुजा आधी: 1, 1/2, 1/4 … यानी r = 1/2 वाली GP। 3D का पाँचवाँ चरण चरण 0 से 3 तक बनाता है।
हनोई की मीनार
3 खूँटियाँ हैं। पहली खूँटी पर अलग-अलग आकार की डिस्क हैं, सबसे बड़ी नीचे। लक्ष्य: सब आखिरी खूँटी पर ले जाना। नियम: एक बार में एक डिस्क, और बड़ी डिस्क कभी छोटी पर नहीं।
पुनरावर्ती नियम क्यों: n डिस्क हटाने के लिए पहले ऊपर की (n − 1) डिस्क बीच वाली खूँटी पर रखो, फिर सबसे बड़ी डिस्क एक बार चलाओ, फिर (n − 1) डिस्क उसके ऊपर वापस। तो Hₙ = 2Hₙ₋₁ + 1, और H₁ = 1। इससे 1, 3, 7, 15, 31 … मिलता है।
हर पद 2 की किसी घात से 1 कम है, इसलिए स्पष्ट नियम Hₙ = 2ⁿ − 1। 3 डिस्क: 7 चालें। 10 डिस्क: 1023 चालें।
करके देखो: सिक्कों से हनोई की मीनार
अलग-अलग आकार के 3 सिक्के लो (₹1, ₹2, ₹5) और कागज़ पर 3 गोले बनाओ। सिक्के पहले गोले पर रखो, सबसे बड़ा नीचे। नियम मानते हुए तीसरे गोले पर ले जाओ। चालें गिनो। क्या 7 में हो गया? अब चौथा सिक्का जोड़ो और पहले अंदाज़ा लगाओ (संकेत: दोगुना करो, एक जोड़ो)। फिर 3D के आखिरी चरण में डिस्क वाले स्लाइडर से जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पुनरावर्ती नियम: t₁ दो और बताओ tₙ, tₙ₋₁ से कैसे बनता है
- स्पष्ट नियम: n के रूप में tₙ का सूत्र
- AP: aₙ = a + (n − 1)d, d = a₂ − a₁
- 1 + 2 + 3 + … + n = n(n + 1)/2
- GP: aₙ = a × rⁿ⁻¹, r = a₂ ÷ a₁
- सियरपिंस्की त्रिभुज: n-वें चरण में 3ⁿ त्रिभुज
- हनोई की मीनार: Hₙ = 2Hₙ₋₁ + 1 = 2ⁿ − 1 चालें
हल किए गए उदाहरण
1. t₁ = 4 और tₙ = tₙ₋₁ + 5 वाले अनुक्रम के पहले चार पद लिखिए।
t₁ = 4। t₂ = 4 + 5 = 9। t₃ = 9 + 5 = 14। t₄ = 14 + 5 = 19। यानी 4, 9, 14, 19।
2. 4, 9, 14, 19, … का स्पष्ट नियम निकालिए और t₅₀ बताइए।
हर बार 5 बढ़ता है, तो tₙ = 5n + कुछ। n = 1 पर 5 + ? = 4, तो ? = −1। tₙ = 5n − 1। जाँच t₂ = 9 ✓। t₅₀ = 250 − 1 = 249।
3. AP 7, 11, 15, … का 15वाँ पद ज्ञात कीजिए।
a = 7, d = 11 − 7 = 4। a₁₅ = 7 + (15 − 1) × 4 = 7 + 56 = 63।
4. 1 + 2 + 3 + … + 50 ज्ञात कीजिए।
n = 50। योग = 50 × 51 ÷ 2 = 2550 ÷ 2 = 1275।
5. GP 3, 6, 12, … का छठा पद ज्ञात कीजिए।
a = 3, r = 6 ÷ 3 = 2। a₆ = 3 × 2⁵ = 3 × 32 = 96।
6. सियरपिंस्की त्रिभुज के 5वें चरण में कितने छोटे त्रिभुज होंगे?
गिनती 1, 3, 9, … है, तो n-वें चरण में 3ⁿ। 5वाँ चरण: 3⁵ = 243 त्रिभुज।
7. 6 डिस्क वाली हनोई की मीनार में कितनी चालें लगेंगी? पुनरावर्ती नियम से जाँचिए।
स्पष्ट: 2⁶ − 1 = 64 − 1 = 63। पुनरावर्ती: H₁ = 1, H₂ = 3, H₃ = 7, H₄ = 15, H₅ = 31, H₆ = 2 × 31 + 1 = 63 ✓।
आम गलतियाँ
- aₙ = a + (n − 1)d या a × rⁿ⁻¹ में (n − 1) की जगह n लगा देना। पहला पद पहले से गिना हुआ है।
- d उलटा निकालना (a₁ − a₂)। हमेशा बाद वाला पद घटा पहले वाला।
- बढ़ती हर सूची को AP मान लेना। 1, 2, 4, 8 के अंतर 1, 2, 4 हैं, तो यह GP है, AP नहीं।
- हनोई में 2ⁿ चालें मानना। सही है 2ⁿ − 1: 1 डिस्क के लिए 1 चाल, 2 नहीं।