Romania Clasa a IX-a Mathematics (common core)
अध्याय: 5
1. Algebra: Mathematical logic
Propositions and predicates
- प्रस्ताव और प्रतिबंध: गणित के पीछे का तर्क – प्रस्ताव (कथन) वह वाक्य है जो या तो सत्य हो या असत्य। प्रस्तावों को NOT, AND, OR, यदि…तो और यदि और केवल यदि से जोड़ते हैं। 'यदि p तो q' सिर्फ़ तब असत्य है जब p सत्य और q असत्य हो। इसका प्रतिधनात्मक 'यदि q नहीं तो p नहीं' हमेशा उसी सत्य-मान का होता है। p ⇒ q हो तो p पर्याप्त और q आवश्यक है। 'x > 3' जैसा विधेय (predicate) तब प्रस्ताव बनता है जब x तय हो या 'सभी के लिए' / 'कोई है' जोड़ा जाए।
2. Algebra: Progressions
Arithmetic and geometric progressions
- समांतर श्रेढ़ी – समांतर श्रेढ़ी (AP) संख्याओं की ऐसी सूची है जिसमें हर अगला पद पिछले पद में एक ही निश्चित संख्या d (सार्व अंतर) जोड़कर बनता है। पहला पद a हो तो n-वाँ पद aₙ = a + (n − 1)d और पहले n पदों का योग Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d] = n/2 (a + l), जहाँ l अंतिम पद है।
3. Geometry: Analytic geometry
Points and lines in the plane
- सरल रेखाएँ (कक्षा 11): ढाल, समीकरण के रूप और दूरी – रेखा की ढाल = ऊपर चढ़ना ÷ दाएँ चलना = (y₂ − y₁)/(x₂ − x₁) = tan θ। समांतर रेखाओं की ढाल बराबर, लंब रेखाओं में m₁m₂ = −1। दो रेखाओं के बीच कोण: tan θ = |(m₂ − m₁)/(1 + m₁m₂)|। रेखा के रूप: y = b या x = a (अक्ष के समांतर), y − y₁ = m(x − x₁) (बिंदु-ढाल), y = mx + c (ढाल-अंतःखंड), दो-बिंदु रूप, x/a + y/b = 1 (अंतःखंड)। बिंदु (x₁, y₁) की रेखा Ax + By + C = 0 से दूरी |Ax₁ + By₁ + C|/√(A² + B²)।
4. Algebra: Functions via graph reading
Functions studied from graphs
- फलन: संयुक्त, प्रतिलोम और मानक ग्राफ़ – फलन (function) एक नियम है जो हर मान्य इनपुट को ठीक एक आउटपुट देता है। मान्य इनपुट का समुच्चय प्रांत (domain) और आउटपुट का समुच्चय परिसर (range) है। g(f(x)) का मतलब है पहले f, फिर g। प्रतिलोम फलन f⁻¹, f का काम उल्टा कर देता है और उसका ग्राफ़ रेखा y = x में f के ग्राफ़ की दर्पण-छवि होता है। सिर्फ़ एकैकी (one-to-one) फलन का प्रतिलोम होता है।
5. Trigonometry: Elements of trigonometry
Unit circle
- त्रिकोणमितीय फलन: रेडियन, इकाई वृत्त, ग्राफ़ और सर्वसमिकाएँ – एक रेडियन वह कोण है जिसका चाप त्रिज्या के बराबर हो, इसलिए π रेडियन = 180°। इकाई वृत्त पर कोण x वाला बिंदु P = (cos x, sin x) है, जिससे sin²x + cos²x = 1 मिलता है और sin, cos हर वास्तविक संख्या के लिए बन जाते हैं। चारों चतुर्थांशों में चिह्न 'All, Sin, Tan, Cos' से याद रखो; sin x और cos x हर 2π पर दोहराते हैं और −1 से 1 के बीच रहते हैं। cos(A + B) = cos A cos B − sin A sin B जैसे सूत्रों से tan(A + B), cot(A + B), योग-गुणनफल, द्विगुण और त्रिगुण कोण सूत्र निकलते हैं।