सप्रतिबंध प्रायिकता क्या है?
कई बार अंदाज़ा लगाने से पहले हमें कोई ख़बर मिल जाती है। वह ख़बर एक घटना B है जो हो चुकी है। तब B के बाहर वाले सारे परिणाम अब असंभव हैं। B ही नया प्रतिदर्श समष्टि (sample space, यानी सारे संभव परिणामों की सूची) बन जाता है।
B दिए होने पर A की प्रायिकता को P(A|B) लिखते हैं। खड़ी लकीर "|" को "दिया है" पढ़ो।
P(A|B) = P(A ∩ B) ÷ P(B), जहाँ P(B) ≠ 0।
जब सब परिणाम बराबर संभव हों तो सीधे गिनो: P(A|B) = n(A ∩ B) ÷ n(B)।
सप्रतिबंध प्रायिकता के गुण
- 0 ≤ P(A|B) ≤ 1, हर प्रायिकता की तरह।
- P(S|B) = P(B|B) = 1: नई दुनिया में B निश्चित है।
- P(A′|B) = 1 − P(A|B) (A′ = "A नहीं")।
- P(A ∪ C | B) = P(A|B) + P(C|B) − P(A ∩ C | B)।
- P(A|B) और P(B|A) आमतौर पर अलग होते हैं, क्योंकि भिन्न का नीचे वाला हिस्सा बदल जाता है।
प्रायिकता का गुणन प्रमेय
परिभाषा के दोनों तरफ़ P(B) से गुणा करो, तो गुणन नियम मिलता है:
P(A ∩ B) = P(B) · P(A|B) = P(A) · P(B|A)
जब काम एक के बाद एक हों, जैसे बिना वापस रखे दो पत्ते निकालना, तब यही लगाओ: पहले का मौका × पहले के बाद दूसरे का मौका।
तीन घटनाओं के लिए: P(A ∩ B ∩ C) = P(A) · P(B|A) · P(C|A ∩ B)।
स्वतंत्र घटनाएँ
A और B स्वतंत्र हैं अगर एक को जानने से दूसरे के बारे में कुछ पता न चले: P(A|B) = P(A)।
इसे गुणन नियम में रखो तो जाँच मिलती है: P(A ∩ B) = P(A) · P(B)।
- दो अलग सिक्के, दो अलग पासे, वापस रखकर निकालना → स्वतंत्र।
- बिना वापस रखे निकालना → आमतौर पर आश्रित (dependent)।
- A, B स्वतंत्र हैं तो A और B′, A′ और B, A′ और B′ भी स्वतंत्र हैं।
- तीन घटनाएँ तभी स्वतंत्र हैं जब हर जोड़ी स्वतंत्र हो और P(A ∩ B ∩ C) = P(A)P(B)P(C)।
स्वतंत्र और परस्पर अपवर्जी एक नहीं
परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) = दोनों साथ नहीं हो सकतीं: P(A ∩ B) = 0। स्वतंत्र = एक-दूसरे पर असर नहीं। अगर दोनों का मौका शून्य नहीं है, तो दोनों बातें एक साथ सच नहीं हो सकतीं: A हुआ तो अपवर्जी B असंभव हो गया, यानी ख़बर ने B बदल दिया।
घर पर करके देखो
1 से 10 तक के 10 कार्ड लो। कार्ड 6 से बड़ा होने का मौका = 4/10। अब दोस्त झाँककर बताता है "सम है"। विषम कार्ड हटाओ: 2, 4, 6, 8, 10 बचे, इनमें 8 और 10 बड़े हैं: 2/5। वही 0.4! यानी "6 से बड़ा" और "सम" यहाँ स्वतंत्र हैं। अब "5 से बड़ा" लेकर देखो, मौका बदल जाएगा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- P(A|B) = P(A ∩ B) / P(B), P(B) ≠ 0
- P(A|B) = n(A ∩ B) / n(B) (equally likely outcomes)
- P(A′|B) = 1 − P(A|B)
- P(A ∩ B) = P(B)·P(A|B) = P(A)·P(B|A)
- P(A ∩ B ∩ C) = P(A)·P(B|A)·P(C|A ∩ B)
- Independent: P(A ∩ B) = P(A)·P(B)
हल किए गए उदाहरण
1. P(A) = 0.6, P(B) = 0.5 और P(A ∩ B) = 0.2। P(A|B) और P(B|A) निकालो।
चरण 1: P(A|B) = 0.2/0.5 = 0.4। चरण 2: P(B|A) = 0.2/0.6 = 1/3। ध्यान दो: दोनों उत्तर अलग हैं।
2. दो पासे फेंके। पहला पासा सम है, यह दिया है। योग 8 आने की प्रायिकता?
चरण 1: B = पहला पासा सम → 3 × 6 = 18 परिणाम। चरण 2: A ∩ B = (2,6), (4,4), (6,2) → 3। चरण 3: P(A|B) = 3/18 = 1/6।
3. एक परिवार में दो बच्चे हैं। कम से कम एक लड़की है, यह दिया है। दोनों लड़कियाँ होने की प्रायिकता?
चरण 1: सब स्थितियाँ: GG, GB, BG, BB। चरण 2: B = कम से कम एक लड़की → GG, GB, BG (3)। चरण 3: A ∩ B = GG (1)। चरण 4: P = 1/3 (1/2 नहीं!)।
4. डिब्बे में 5 लाल और 3 नीले पेन हैं। बिना वापस रखे एक-एक करके दो पेन निकाले। दोनों लाल होने की प्रायिकता?
चरण 1: P(पहला लाल) = 5/8। चरण 2: अब 7 में 4 लाल: P(दूसरा लाल | पहला लाल) = 4/7। चरण 3: 5/8 × 4/7 = 5/14।
5. 52 पत्तों से बिना वापस रखे तीन पत्ते एक-एक करके निकाले। तीनों बादशाह होने की प्रायिकता?
चरण 1: 4/52। चरण 2: 3/51। चरण 3: 2/50। चरण 4: गुणा: 4/52 × 3/51 × 2/50 = 1/5525।
6. एक पासा फेंका। E = "3 का गुणज", F = "सम"। क्या E, F स्वतंत्र हैं?
चरण 1: E = {3, 6}, P(E) = 1/3। F = {2, 4, 6}, P(F) = 1/2। चरण 2: E ∩ F = {6}, P = 1/6। चरण 3: P(E)·P(F) = 1/6 = P(E ∩ F)। हाँ, स्वतंत्र हैं।
7. A एक सवाल 1/2 मौके से और B 1/3 मौके से हल करता है, अलग-अलग (स्वतंत्र)। सवाल हल होने की प्रायिकता?
चरण 1: A फ़ेल = 1/2, B फ़ेल = 2/3। चरण 2: दोनों फ़ेल = 1/2 × 2/3 = 1/3। चरण 3: हल होगा = 1 − 1/3 = 2/3।
8. P(A) = 0.3, P(B) = 0.4, A और B स्वतंत्र। P(A ∪ B) और P(A′ ∩ B′) निकालो।
चरण 1: P(A ∩ B) = 0.12। चरण 2: P(A ∪ B) = 0.3 + 0.4 − 0.12 = 0.58। चरण 3: P(A′ ∩ B′) = 1 − 0.58 = 0.42 (जाँच: 0.7 × 0.6 = 0.42 ✓)।
आम गलतियाँ
- P(A|B) और P(B|A) को मिला देना। लकीर के बाद वाली घटना पहले से पता है, वही नीचे (हर में) जाती है।
- B पता होने के बाद भी पूरे प्रतिदर्श समष्टि से भाग देना। B दिया है तो सिर्फ़ B के अंदर गिनो।
- "स्वतंत्र" का मतलब "साथ नहीं हो सकतीं" समझना। वह परस्पर अपवर्जी है, अलग बात है।
- बिना वापस रखे निकालने में P(A)·P(B) लगाना। दूसरा निकालना पहले पर निर्भर है; P(A)·P(B|A) लगाओ।