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सम्पूर्ण प्रायिकता प्रमेय और बेज़ प्रमेय

सारी संभावनाओं को ऐसे टुकड़ों में बाँटो जो आपस में न मिलें (विभाजन)। सम्पूर्ण प्रायिकता प्रमेय हर टुकड़े से घटना A का मौका जोड़ता है: P(A) = Σ P(Ei)P(A|Ei)। बेज़ प्रमेय उल्टा चलता है: A हो चुका है, तो हर टुकड़े का नया मौका: P(Ei|A) = P(Ei)P(A|Ei) ÷ P(A)।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. फ़र्श = सारे बल्ब। M1 50%, M2 30%, M3 20% बनाती है। तीन पट्टियाँ बिना एक-दूसरे पर चढ़े फ़र्श ढकती हैं: यह विभाजन है।
  2. हर मशीन के कुछ बल्ब ख़राब (लाल): M1 के 10%, M2 के 20%, M3 के 40%। ये P(E|M1), P(E|M2), P(E|M3) हैं।
  3. सम्पूर्ण प्रायिकता: सारे लाल हिस्से जोड़ो। 0.5×0.1 + 0.3×0.2 + 0.2×0.4 = 0.19।
  4. अब उल्टा चलो: हमारे हाथ में ख़राब बल्ब है। अब सिर्फ़ लाल हिस्से ही संभव हैं।
  5. बेज़ प्रमेय: लाल हिस्से में M3 का टुकड़ा 0.19 में से 0.08 है, तो P(M3|ख़राब) = 8/19 ≈ 42%।
  6. अब खेलो: हिस्से और ख़राबी दर बदलो। देखो सबसे ज़्यादा शक किस मशीन पर जाता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

कारण आपस में क्यों नहीं मिलने चाहिए?

अगर बल्ब दो मशीनों से आ सके, तो उसका रास्ता दो बार गिना जाएगा। 3D में पट्टियाँ बिना चढ़े साथ-साथ रखी हैं।

क्या P(E|M3) = 40% ही यह है कि ख़राब बल्ब M3 का है?

नहीं। 40% M3 की पट्टी के अंदर की ख़राबी दर है। ख़राब बल्ब M3 का होने का मौका पूरे लाल हिस्से में उसका हिस्सा है: 8/19।

सम्पूर्ण प्रायिकता में जोड़ते क्यों हैं?

लाल टुकड़े अलग-अलग हैं, आपस में नहीं मिलते, तो कुल लाल = उनका योग। 3D में वे खिसककर साथ आते हैं।

बाकी फ़र्श गायब क्यों हो गया?

पता है बल्ब ख़राब है, तो अच्छा बल्ब अब असंभव है। सिर्फ़ लाल बचा; यह वही "दुनिया छोटी करो" वाला विचार है।

M3 सबसे कम बल्ब बनाती है, फिर भी सबसे ज़्यादा शक उसी पर क्यों?

उसकी ख़राबी दर बहुत ज़्यादा है, इसलिए पतली पट्टी होने पर भी उसका लाल टुकड़ा (0.08) सबसे बड़ा है।

अगर सब मशीनों की ख़राबी दर बराबर हो तो?

सारे ख़राबी स्लाइडर बराबर करो: उत्तर प्रायिकताएँ हिस्सों के बराबर हो जाती हैं। ख़बर से कोई नया सुराग नहीं मिलता।

प्रतिदर्श समष्टि का विभाजन

विभाजन (partition) का मतलब है सारी संभावनाओं को E1, E2, …, En टुकड़ों में ऐसे काटना कि:

उदाहरण: बल्ब M1, M2 या M3 से आता है, दो मशीनों से कभी नहीं। इसलिए P(E1) + … + P(En) = 1।

सम्पूर्ण प्रायिकता प्रमेय

घटना A (जैसे "बल्ब ख़राब है") किसी भी टुकड़े के रास्ते से हो सकती है। हर रास्ते का मौका = P(Ei) × P(A|Ei) (गुणन नियम)। रास्ते आपस में नहीं मिलते, इसलिए जोड़ दो:

P(A) = P(E1)P(A|E1) + P(E2)P(A|E2) + … + P(En)P(A|En)

वृक्ष आरेख (tree diagram) में: A पर ख़त्म होने वाली हर शाखा पर गुणा करो, फिर उन्हें जोड़ो।

बेज़ प्रमेय

अब सवाल उल्टा है। हमें पता है कि A हो चुका। यह किस टुकड़े से आया? सप्रतिबंध प्रायिकता से P(Ei|A) = P(Ei ∩ A) ÷ P(A)। ऊपर गुणन नियम और नीचे सम्पूर्ण प्रायिकता रखो:

P(Ei|A) = P(Ei)·P(A|Ei) ÷ Σ P(Ej)·P(A|Ej)

सारी उत्तर प्रायिकताओं का योग 1 होता है।

हर बेज़ सवाल 4 पंक्तियों में

  1. कारण E1, E2, … (विभाजन) और ख़बर A का नाम लिखो।
  2. P(Ei) और P(A|Ei) लिखो।
  3. हर जोड़ी का गुणा करके जोड़ो: यही P(A) है।
  4. उत्तर = पूछे गए कारण का गुणनफल ÷ P(A)।

करके देखो

कप में 2 सिक्के रखो: एक सामान्य, एक जिसके दोनों तरफ़ चित हो। बिना देखे एक निकालकर उछालो। चित आया। अंदाज़ा लगाओ: क्या यह दोनों-तरफ़-चित वाला है? बेज़: (½ × 1) ÷ (½ × 1 + ½ × ½) = 2/3। दोस्त के साथ 30 बार करके गिनो। 3D में हिस्से 50/50 और ख़राबी 100% व 50% रखकर यही 2/3 देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. थैला I में 3 लाल, 2 काली; थैला II में 2 लाल, 4 काली गेंदें। कोई एक थैला यादृच्छया चुनकर एक गेंद निकाली। लाल होने की प्रायिकता?

चरण 1: P(I) = P(II) = 1/2। चरण 2: P(लाल|I) = 3/5, P(लाल|II) = 1/3। चरण 3: P(लाल) = 3/10 + 1/6 = 7/15।

2. उसी में गेंद लाल निकली। थैला I से होने की प्रायिकता?

चरण 1: ऊपर = 1/2 × 3/5 = 3/10। चरण 2: नीचे = 7/15। चरण 3: P(I|लाल) = (3/10) ÷ (7/15) = 9/14।

3. M1, M2, M3 क्रमशः 50%, 30%, 20% बल्ब बनाती हैं; ख़राबी दर 10%, 20%, 40%। बल्ब ख़राब है। हर मशीन से होने की प्रायिकता?

चरण 1: रास्ते: 0.05, 0.06, 0.08। चरण 2: P(ख़राब) = 0.19। चरण 3: 5/19, 6/19, 8/19। जाँच: 5 + 6 + 8 = 19 ✓।

4. एक बीमारी 1% लोगों को है। जाँच बीमारों में 95% को पकड़ती है, पर 5% स्वस्थ लोगों को भी ग़लती से पॉज़िटिव बताती है। कोई पॉज़िटिव आया। बीमार होने की प्रायिकता?

चरण 1: P(बीमार) = 0.01, P(स्वस्थ) = 0.99। चरण 2: P(+|बीमार) = 0.95, P(+|स्वस्थ) = 0.05। चरण 3: P(+) = 0.0095 + 0.0495 = 0.059। चरण 4: 0.0095 ÷ 0.059 ≈ 0.161, यानी लगभग 16% ही।

5. एक छात्रा 3/4 MCQ का उत्तर जानती है, बाकी में 4 विकल्पों से अंदाज़ा लगाती है। उसका उत्तर सही है। उसे उत्तर पता होने की प्रायिकता?

चरण 1: P(पता) = 3/4, P(अंदाज़ा) = 1/4। चरण 2: P(सही|पता) = 1, P(सही|अंदाज़ा) = 1/4। चरण 3: P(सही) = 3/4 + 1/16 = 13/16। चरण 4: (3/4) ÷ (13/16) = 12/13।

6. एक व्यक्ति 4 में से 3 बार सच बोलता है। वह पासा फेंककर कहता है "छक्का आया"। सच में छक्का होने की प्रायिकता?

चरण 1: छक्का 1/6, नहीं 5/6। चरण 2: P(कहे छक्का | छक्का) = 3/4, P(कहे छक्का | नहीं) = 1/4। चरण 3: कुल = 3/24 + 5/24 = 8/24। चरण 4: (3/24) ÷ (8/24) = 3/8।

7. 52 पत्तों में से एक पत्ता खो गया। बाकी से दो पत्ते निकाले, दोनों ईंट (diamond) हैं। खोया पत्ता ईंट होने की प्रायिकता?

चरण 1: P(खोया ईंट) = 1/4, नहीं = 3/4। चरण 2: खोया ईंट: 12/51 × 11/50; नहीं: 13/51 × 12/50। चरण 3: ऊपर = 1/4 × 132 = 33; नीचे = 33 + 3/4 × 156 = 150 (सब 2550 पर)। चरण 4: 33/150 = 11/50।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. विभाजन E1, E2, E3 के लिए P(E1) + P(E2) + P(E3) =
2. सम्पूर्ण प्रायिकता प्रमेय: P(A) =
3. बेज़ प्रमेय में हर (नीचे) होता है:
4. दो थैले बराबर मौके से। P(लाल|I) = 1/2, P(लाल|II) = 1/4। P(लाल) =
5. उसी में P(I|लाल) =

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेज़ प्रमेय आसान शब्दों में क्या है?

नतीजा देखने के बाद कारण के बारे में अंदाज़ा सुधारना। कारण का नया मौका = (पुराना मौका × वह कारण नतीजे को कितना संभव बनाता है) ÷ नतीजे का कुल मौका।

सम्पूर्ण प्रायिकता और बेज़ में क्या फ़र्क है?

सम्पूर्ण प्रायिकता आगे चलती है: कारणों से नतीजे का मौका। बेज़ पीछे चलता है: नतीजे से हर कारण का मौका। बेज़ के नीचे सम्पूर्ण प्रायिकता ही आती है।

क्या CBSE कक्षा 12 बोर्ड में बेज़ प्रमेय पूछा जाता है?

हाँ। प्रायिकता इकाई (2026-27 में 8 अंक) में सम्पूर्ण प्रायिकता और बेज़ प्रमेय हैं, अक्सर 4 या 5 अंक के प्रश्न के रूप में।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12प्रायिकता

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