EMI क्या है?
जब आप ऋण लेते हैं, तो जो रकम उधार लेते हैं उसे मूलधन (P) कहते हैं। इसे ब्याज के साथ लौटाना होता है। ज़्यादातर ऋण बराबर मासिक किस्तों में लौटाए जाते हैं। हर किस्त EMI (समान मासिक किस्त) है।
हर EMI के दो हिस्से होते हैं:
- ब्याज वाला हिस्सा: उस महीने उधार लेने की क़ीमत।
- मूलधन वाला हिस्सा: जो सच में आपका ऋण घटाता है।
EMI तीन चीज़ों पर निर्भर है: मूलधन P, सालाना ब्याज दर R% और समय (महीनों की संख्या n)।
फ्लैट दर विधि
फ्लैट दर विधि में पूरे ऋण पर पूरे समय का साधारण ब्याज लगता है, भले ही आप हर महीने कुछ लौटा रहे हों।
कुल ब्याज I = P × R × T ÷ 100 (T वर्षों में)
EMI = (P + I) ÷ n
उदाहरण: ₹1,00,000, 12% फ्लैट, 1 वर्ष। I = ₹12,000। EMI = 1,12,000 ÷ 12 = ₹9,333.33।
फ्लैट दर कम दिखती है, पर लौटाए गए पैसे पर भी ब्याज लगता रहता है। इसलिए असली (प्रभावी) दर लगभग दोगुनी होती है।
घटती शेष राशि विधि और EMI सूत्र
घटती शेष राशि (रिड्यूसिंग बैलेंस) विधि में हर महीने ब्याज सिर्फ़ बकाया राशि पर लगता है। घर, गाड़ी और शिक्षा ऋण में बैंक यही विधि अपनाते हैं।
मान लें r = R ÷ (12 × 100) मासिक दर (दशमलव में) और n महीनों की संख्या है। तब
EMI = P × r × (1 + r)n ÷ [(1 + r)n − 1]
यह सूत्र क्यों सही है?
आगे दी जाने वाली हर EMI का आज का मूल्य कम है। सभी n EMI का वर्तमान मूल्य ऋण के बराबर होना चाहिए: P = E/(1+r) + E/(1+r)² + … + E/(1+r)n। यह गुणोत्तर श्रेणी है, जिसका योग E × [1 − (1+r)−n] ÷ r है। E निकालने पर ऊपर वाला सूत्र मिलता है। यानी EMI ऋण एक वार्षिकी (annuity) है।
दूसरा रूप
EMI = P × r ÷ [1 − (1 + r)−n]। दोनों का उत्तर एक ही आता है।
ऋण परिशोधन सारणी: ब्याज और मूलधन का हिस्सा
ऋण परिशोधन (amortisation) सारणी महीने-दर-महीने की तालिका है। हर महीने:
- ब्याज = r × शुरुआती बकाया
- मूलधन वाला हिस्सा = EMI − ब्याज
- अंतिम बकाया = शुरुआती बकाया − मूलधन वाला हिस्सा
| महीना | शुरुआती | ब्याज (1%) | मूलधन | अंतिम |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 1,00,000.00 | 1,000.00 | 7,884.88 | 92,115.12 |
| 2 | 92,115.12 | 921.15 | 7,963.73 | 84,151.39 |
(ऋण ₹1,00,000, 12% सालाना, 12 महीने, EMI ₹8,884.88।) शुरू की EMI में ज़्यादातर ब्याज होता है, बाद की में ज़्यादातर मूलधन। कुल ब्याज = 8,884.88 × 12 − 1,00,000 = ₹6,618.55, जो फ्लैट दर के ₹12,000 से बहुत कम है।
लंबा समय: छोटी EMI, ज़्यादा ब्याज
ऋण को ज़्यादा महीनों में बाँटने से EMI घटती है, पर कुल ब्याज बढ़ता है। शुरू में अतिरिक्त भुगतान (प्रीपेमेंट) करने से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है।
करके देखें: 3D में और घर पर
खुले खेल वाले चरण में ₹3,00,000, 10%, 36 महीने रखें। पहले अनुमान लगाएँ: EMI ₹10,000 से ज़्यादा होगी या कम? फिर जाँचें (लगभग ₹9,680)। अब सिर्फ़ महीने 60 करें। EMI और कुल ब्याज का क्या हुआ?
घर पर: परिवार की किसी EMI (फ़ोन, दोपहिया, घर) के बारे में बड़ों से पूछें। P, दर और n लेकर कैलकुलेटर से EMI जाँचें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मासिक दर: r = R ÷ (12 × 100)
- फ्लैट दर: I = P × R × T ÷ 100; EMI = (P + I) ÷ n
- घटती शेष राशि: EMI = P·r·(1 + r)^n ÷ [(1 + r)^n − 1]
- दूसरा रूप: EMI = P·r ÷ [1 − (1 + r)^(−n)]
- महीने का ब्याज = r × शुरुआती बकाया; मूलधन वाला हिस्सा = EMI − ब्याज
- कुल ब्याज = EMI × n − P
हल किए गए उदाहरण
1. ₹60,000 का ऋण 12% वार्षिक फ्लैट दर पर 1 वर्ष के लिए। EMI ज्ञात करें।
I = 60,000 × 12 × 1 ÷ 100 = ₹7,200। कुल चुकाना = ₹67,200। EMI = 67,200 ÷ 12 = ₹5,600।
2. 9% वार्षिक दर के लिए मासिक दर r ज्ञात करें।
r = 9 ÷ 1200 = 0.0075 (यानी 0.75% प्रति माह)।
3. ₹1,00,000, 12% वार्षिक, 12 महीने (घटती शेष राशि) की EMI निकालें। (1.01)^12 = 1.126825 लें।
r = 0.01, n = 12। EMI = 1,00,000 × 0.01 × 1.126825 ÷ 0.126825 = 1,126.825 ÷ 0.126825 = ₹8,884.88।
4. उदाहरण 3 की पहली EMI को ब्याज और मूलधन में बाँटें और महीने 1 के बाद का बकाया बताएँ।
ब्याज = 0.01 × 1,00,000 = ₹1,000। मूलधन वाला हिस्सा = 8,884.88 − 1,000 = ₹7,884.88। बकाया = ₹92,115.12।
5. ₹5,00,000 का कार ऋण, 9% वार्षिक, 5 वर्ष। EMI और कुल ब्याज ज्ञात करें। (1.0075)^60 = 1.565681 लें।
r = 0.0075, n = 60। EMI = 3,750 × 1.565681 ÷ 0.565681 ≈ ₹10,379.18। कुल भुगतान = ₹6,22,750.80। कुल ब्याज ≈ ₹1,22,750.80।
6. ₹60,000, 12 महीने, 12% वार्षिक: फ्लैट और घटती शेष राशि की तुलना करें। (1.01)^12 = 1.126825।
फ्लैट: EMI ₹5,600, ब्याज ₹7,200। घटती: EMI = 600 × 1.126825 ÷ 0.126825 = ₹5,330.93; कुल ब्याज ≈ ₹3,971.16। घटती शेष राशि विधि से लगभग ₹3,229 बचते हैं।
आम गलतियाँ
- सूत्र में सालाना दर रख देना। हमेशा मासिक दशमलव बनाएँ: 12% सालाना → r = 0.01।
- n में वर्ष रख देना। n महीनों की संख्या है: 5 वर्ष → n = 60।
- सोचना कि घटती शेष राशि ऋण में हर EMI का ब्याज बराबर है। बकाया घटने से ब्याज हर महीने घटता है।
- फ्लैट दर की सीधी तुलना घटती दर से करना। 10% फ्लैट, 10% घटती शेष राशि से कहीं महँगा है।