1 × 1 और 2 × 2 आव्यूह का सारणिक
सारणिक एक वर्ग आव्यूह से बनी एक संख्या है। इसे |A| या det A लिखते हैं।
- 1 × 1: |[a]| = a।
- 2 × 2: |a b; c d| = ad − bc (नीचे-दाएँ वाला गुणनफल घटा ऊपर-दाएँ वाला)।
अर्थ: स्तंभ (a, c) और (b, d) दो तीर हैं। इनसे बने समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल |ad − bc| है। 3D का चरण 1 देखें। तीर एक सीध में हों तो क्षेत्रफल 0।
3 × 3 आव्यूह का सारणिक
किसी भी पंक्ति या स्तंभ पर प्रसार करें। पंक्ति 1 पर:
|A| = a₁₁A₁₁ + a₁₂A₁₂ + a₁₃A₁₃, जहाँ Aᵢⱼ सहखंड हैं (अगला भाग)।
उदाहरण: A = [2 1 3; 0 4 1; 1 2 0]। |A| = 2(4·0 − 1·2) − 1(0·0 − 1·1) + 3(0·2 − 4·1) = −4 + 1 − 12 = −15।
टिप: जिस पंक्ति या स्तंभ में सबसे ज़्यादा 0 हों, उस पर प्रसार करें – काम कम। हर तरीके से उत्तर एक ही आता है। काम के तथ्य: |Aᵀ| = |A|, |AB| = |A||B|, और n × n के लिए |kA| = kⁿ|A|।
उपसारणिक और सहखंड
aᵢⱼ का उपसारणिक Mᵢⱼ वह सारणिक है जो पंक्ति i और स्तंभ j हटाने पर बचता है।
सहखंड Aᵢⱼ = (−1)ⁱ⁺ʲ Mᵢⱼ। चिह्न शतरंज की तरह चलते हैं: + − + / − + − / + − +।
3D के चरण 3 में पंक्ति 1 पर प्रसार है: M₁₁ = −2 → A₁₁ = −2; M₁₂ = −1 → A₁₂ = +1; M₁₃ = −4 → A₁₃ = −4। तब |A| = 2(−2) + 1(1) + 3(−4) = −15।
काम की बात: किसी पंक्ति के अवयवों को दूसरी पंक्ति के सहखंडों से गुणा करके जोड़ें तो उत्तर हमेशा 0 आता है।
सारणिक से त्रिभुज का क्षेत्रफल
शीर्ष (x₁, y₁), (x₂, y₂), (x₃, y₃) के लिए:
क्षेत्रफल = ½ |det [x₁ y₁ 1; x₂ y₂ 1; x₃ y₃ 1]|
क्षेत्रफल ऋणात्मक नहीं हो सकता, इसलिए निरपेक्ष मान लेते हैं। सारणिक 0 हो तो तीनों बिंदु संरेख (एक रेखा पर) हैं – त्रिभुज नहीं बनता। इसी से दो बिंदुओं से जाने वाली रेखा का समीकरण भी मिलता है: तीसरा बिंदु (x, y) लें और सारणिक = 0 रखें।
आव्यूह का सहखंडज
सहखंडज adj A = सहखंडों के आव्यूह का परिवर्त।
2 × 2 के लिए: adj [a b; c d] = [d −b; −c a] (a और d की जगह बदलें, b और c का चिह्न बदलें)।
मुख्य परिणाम: A(adj A) = (adj A)A = |A| I। साथ ही n × n के लिए |adj A| = |A|ⁿ⁻¹।
सहखंडज से व्युत्क्रम
यदि |A| ≠ 0 (A व्युत्क्रमणीय, non-singular): A⁻¹ = (1/|A|) adj A।
यदि |A| = 0 (A अव्युत्क्रमणीय, singular), तो व्युत्क्रम नहीं होता। क्यों? स्तंभ क्षेत्रफल (या आयतन) को 0 कर देते हैं, और चपटी चीज़ को वापस फुलाया नहीं जा सकता। 3D का चरण 2 चतुर्भुज को चपटा होते दिखाता है।
हमेशा जाँचें: A · A⁻¹ = I।
रैखिक समीकरण निकाय की संगतता
समीकरणों को AX = B लिखें (A = गुणांक, X = अज्ञात, B = दायाँ पक्ष)।
- संगत: कम से कम एक हल। असंगत: कोई हल नहीं।
- |A| ≠ 0 → संगत और अद्वितीय हल।
- |A| = 0 और (adj A)B ≠ O → असंगत (कोई हल नहीं)।
- |A| = 0 और (adj A)B = O → अनंत हल या कोई नहीं; दूसरी विधि से जाँचें।
3D में: तीन समतल एक बिंदु पर मिलें (चरण 5) तो अद्वितीय हल।
व्युत्क्रम से 2 और 3 चर वाले निकाय का हल
- AX = B लिखें।
- |A| निकालें। 0 हो तो रुकें और संगतता जाँचें।
- सहखंड और adj A निकालें।
- A⁻¹ = adj A / |A|।
- X = A⁻¹B। x, y (और z) पढ़ें।
- हर समीकरण में जाँचें।
3D का खुला खेल आपके बनाए किसी भी 2 × 2 निकाय के लिए चरण 1 से 5 करके दिखाता है।
करके देखें: फ़र्श पर त्रिभुज नापें
फ़र्श की टाइलों पर तीन सिक्के रखें। कमरे के एक कोने को (0, 0) मानें और टाइलें गिनकर हर सिक्के का (x, y) लिखें। ½|det| से सिक्कों वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल (टाइलों में) निकालें। फिर त्रिभुज के अंदर पूरी और आधी टाइलें गिनकर मिलाएँ। 3D के खुले खेल में a, c और b, d को त्रिभुज की दो भुजाओं जैसा रखें: चतुर्भुज का क्षेत्रफल त्रिभुज का दोगुना होगा।
परीक्षा टिप: A⁻¹ से 3 समीकरण हल करने वाला 5 अंक का प्रश्न और |kA|, |adj A|, क्षेत्रफल, अव्युत्क्रमणीय आव्यूह पर 1–2 अंक के प्रश्न आते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- |a b; c d| = ad − bc
- |A| (3 × 3) = a₁₁A₁₁ + a₁₂A₁₂ + a₁₃A₁₃ (किसी भी पंक्ति/स्तंभ पर प्रसार)
- उपसारणिक Mᵢⱼ = पंक्ति i, स्तंभ j हटाकर बचा सारणिक; सहखंड Aᵢⱼ = (−1)ⁱ⁺ʲMᵢⱼ
- त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ |det [x₁ y₁ 1; x₂ y₂ 1; x₃ y₃ 1]|; = 0 ⇒ संरेख
- adj A = (सहखंड आव्यूह)ᵀ; A(adj A) = (adj A)A = |A| I
- A⁻¹ = (1/|A|) adj A, केवल |A| ≠ 0 होने पर
- |Aᵀ| = |A|, |AB| = |A||B|, |kA| = kⁿ|A|, |adj A| = |A|ⁿ⁻¹
- AX = B ⇒ X = A⁻¹B जब |A| ≠ 0
- |A| = 0 और (adj A)B ≠ O ⇒ असंगत
हल किए गए उदाहरण
1. |4 3; 2 5| ज्ञात कीजिए।
ad − bc = 4 × 5 − 3 × 2 = 20 − 6 = 14।
2. A = [1 2; 3 4] के उपसारणिक और सहखंड लिखिए।
पंक्ति 1, स्तंभ 1 हटाएँ → M₁₁ = 4; पंक्ति 1, स्तंभ 2 हटाएँ → M₁₂ = 3; M₂₁ = 2; M₂₂ = 1। चिह्न + − / − +: A₁₁ = 4, A₁₂ = −3, A₂₁ = −2, A₂₂ = 1।
3. A = [2 1 3; 0 4 1; 1 2 0] का |A| ज्ञात कीजिए।
पंक्ति 1 पर: 2·(4·0 − 1·2) − 1·(0·0 − 1·1) + 3·(0·2 − 4·1) = 2(−2) − 1(−1) + 3(−4) = −4 + 1 − 12 = −15।
4. शीर्ष (1, 1), (5, 1) और (1, 4) वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
det [1 1 1; 5 1 1; 1 4 1] = 1(1 − 4) − 1(5 − 1) + 1(20 − 1) = −3 − 4 + 19 = 12। क्षेत्रफल = ½ × 12 = 6 वर्ग इकाई। (जाँच: आधार 4, ऊँचाई 3, ½ × 4 × 3 = 6।)
5. शीर्ष (k, 0), (4, 0), (0, 2) वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल 4 है। k ज्ञात कीजिए।
det [k 0 1; 4 0 1; 0 2 1] = k(0 − 2) − 0 + 1(8 − 0) = 8 − 2k। ½|8 − 2k| = 4 ⇒ |8 − 2k| = 8 ⇒ 8 − 2k = 8 या −8 ⇒ k = 0 या k = 8।
6. A = [2 1; 5 3] के लिए adj A और A⁻¹ ज्ञात कीजिए।
|A| = 6 − 5 = 1। adj A = [3 −1; −5 2]। A⁻¹ = (1/1) adj A = [3 −1; −5 2]। जाँच: A·A⁻¹ = [6 − 5 −2 + 2; 15 − 15 −5 + 6] = I ✓।
7. आव्यूह विधि से हल कीजिए: 2x + y = 5, 5x + 3y = 13।
A = [2 1; 5 3], B = [5; 13]। पिछले उदाहरण से A⁻¹ = [3 −1; −5 2]। X = A⁻¹B = [3·5 − 13; −5·5 + 2·13] = [2; 1]। तो x = 2, y = 1। जाँच: 4 + 1 = 5 ✓, 10 + 3 = 13 ✓।
8. A⁻¹ से हल कीजिए: x + y + z = 6, x − y + z = 2, 2x + y − z = 1।
A = [1 1 1; 1 −1 1; 2 1 −1], |A| = 1(1 − 1) − 1(−1 − 2) + 1(1 + 2) = 6। सहखंड: A₁₁ = 0, A₁₂ = 3, A₁₃ = 3, A₂₁ = 2, A₂₂ = −3, A₂₃ = 1, A₃₁ = 2, A₃₂ = 0, A₃₃ = −2। adj A = [0 2 2; 3 −3 0; 3 1 −2]। (adj A)B = [0 + 4 + 2; 18 − 6 + 0; 18 + 2 − 2] = [6; 12; 18]। X = (1/6)[6; 12; 18] = [1; 2; 3]। तो x = 1, y = 2, z = 3।
9. क्या निकाय x + 2y = 3, 2x + 4y = 7 संगत है?
|A| = 1·4 − 2·2 = 0। adj A = [4 −2; −2 1]। (adj A)B = [4·3 − 2·7; −2·3 + 1·7] = [−2; 1] ≠ O। इसलिए निकाय असंगत है: कोई हल नहीं (रेखाएँ समांतर हैं)।
आम गलतियाँ
- 3 × 3 के प्रसार में बीच वाले पद का ऋण चिह्न भूल जाना (+ − +)।
- सहखंड आव्यूह को ही adj A मान लेना; उसका परिवर्त लेना ज़रूरी है।
- |kA| = k|A| लिखना; 3 × 3 के लिए यह k³|A| है।
- त्रिभुज का क्षेत्रफल ऋणात्मक छोड़ देना या ½ भूल जाना।