पहले छह सरल ठोस
ठोस जोड़ने से पहले हर एक को अलग से जानना ज़रूरी है। यहाँ r = त्रिज्या, h = ऊँचाई, l = तिर्यक ऊँचाई, a = घन की भुजा।
- घन: पृष्ठ 6a², आयतन a³।
- घनाभ (डिब्बा, भुजाएँ l, b, h): पृष्ठ 2(lb + bh + hl), आयतन lbh।
- बेलन: वक्र पृष्ठ 2πrh, कुल 2πr(r + h), आयतन πr²h।
- शंकु: वक्र पृष्ठ πrl, कुल πr(l + r), आयतन ⅓πr²h। तिर्यक ऊँचाई l = √(r² + h²)।
- गोला: पृष्ठ 4πr², आयतन ⁴⁄₃πr³।
- अर्धगोला (आधी गेंद): वक्र पृष्ठ 2πr², कुल 3πr², आयतन ⅔πr³।
छोटी बात: एक शंकु में उसी आधार और ऊँचाई वाले बेलन का ठीक एक-तिहाई पानी आता है। तीन शंकु भरकर डालो तो एक बेलन भरता है।
संयुक्त ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल
पृष्ठीय क्षेत्रफल यानी बाहर की सतह। सोचो तुम चीज़ को रंग रहे हो।
- हर हिस्से का नाम लिखो (जैसे बेलन + शंकु)।
- सिर्फ़ वे सतहें लो जो अभी भी दिखती और छूने में आती हैं।
- जोड़ के अंदर चिपकी हर सतह छोड़ दो।
- दिखने वाली सतहें जोड़ दो।
रॉकेट (बेलन + शंकु, नीचे आधार पर खड़ा): कुल पृष्ठ = 2πrh (बेलन की दीवार) + πr² (नीचे का वृत्त) + πrl (शंकु की ढलान)।
यानी संयुक्त ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल, हिस्सों के कुल पृष्ठों का योग नहीं होता। छिपी सतहें इसे छोटा कर देती हैं।
आम जोड़ों के तैयार सूत्र
| वस्तु | पृष्ठीय क्षेत्रफल | आयतन |
|---|---|---|
| बेलन + शंकु (रॉकेट) | 2πrh + πr² + πrl | πr²h + ⅓πr²h₂ |
| बेलन + एक अर्धगोला | 2πrh + πr² + 2πr² | πr²h + ⅔πr³ |
| कैप्सूल (दोनों ओर अर्धगोला) | 2πrh + 4πr² | πr²h + ⁴⁄₃πr³ |
| शंकु + अर्धगोला (आइसक्रीम) | πrl + 2πr² | ⅓πr²h + ⅔πr³ |
| घन + ऊपर अर्धगोला | 6a² − πr² + 2πr² | a³ + ⅔πr³ |
यह तालिका रटो मत। हर बार नियम से बनाओ: सिर्फ़ दिखने वाली खाल।
संयुक्त ठोस का आयतन
आयतन अंदर की जगह है। पानी हर हिस्से में जाता है और कोई जगह दो बार नहीं गिनी जाती। इसलिए:
संयुक्त ठोस का आयतन = सभी हिस्सों के आयतनों का योग।
अगर कोई हिस्सा काटकर निकाला गया हो (छेद या कटोरी जैसा गड्ढा), तो उसका आयतन घटाओ।
जब कोई हिस्सा खोदकर निकाला जाए
मान लो घन के ऊपर से एक अर्धगोला खोद दिया। आयतन घटेगा: a³ − ⅔πr³। पर पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ेगा: ऊपर का सपाट वृत्त πr² गया, पर अंदर कटोरी 2πr² आ गई। इसलिए कुल पृष्ठ = 6a² − πr² + 2πr² = 6a² + πr²।
बेलन में से शंकु खोदना या पेन-स्टैंड में छेद, सब में यही सोच।
बोर्ड परीक्षा में कैसे आता है
CBSE कक्षा 10 में क्षेत्रमिति इकाई 10 अंक की है। संयुक्त ठोसों पर अक्सर 2 या 3 अंक का सवाल और कई बार 4 अंक का केस-स्टडी (तंबू, खिलौना, कैप्सूल, टंकी) आता है। पहले सूत्र लिखो, फिर मान रखो, फिर इकाई (क्षेत्रफल में सेमी², आयतन में सेमी³)। त्रिज्या 7 का गुणज हो तो π = 22/7 लो, नहीं तो 3.14, जब तक सवाल कुछ और न कहे।
घर पर करके देखो
एक खाली आइसक्रीम कोन और एक छोटी गेंद (जैसे टेबल-टेनिस बॉल) लो। गेंद को कोन पर रखो। बाहर से कागज़ लपेटो और देखो कहाँ कागज़ लगा: गेंद का ऊपरी आधा और कोन की ढलान। जहाँ दोनों मिलते हैं, वह वृत्त कभी कागज़ से नहीं ढकता। यही वह हिस्सा है जो हम पृष्ठीय क्षेत्रफल में छोड़ते हैं।
ऊपर 3D के आखिरी चरण में घन + अर्धगोला चुनो और r बढ़ाओ। पहले अंदाज़ा लगाओ: क्षेत्रफल बढ़ेगा या घटेगा?
अपनी समझ जाँचो
1. अर्धगोले पर शंकु रखा है। कौन-सा वृत्त छिपता है? (शंकु का आधार और अर्धगोले का सपाट भाग, दोनों जोड़ पर।)
2. सिर्फ़ बेलन वाले हिस्से की ऊँचाई दोगुनी करें तो क्या शंकु का आयतन बदलेगा? (नहीं। सिर्फ़ बेलन वाला हिस्सा बढ़ेगा।)
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- घन: कुल पृष्ठ = 6a², आयतन = a³ · घनाभ: 2(lb + bh + hl), आयतन = lbh
- बेलन: वक्र पृष्ठ = 2πrh, कुल = 2πr(r + h), आयतन = πr²h
- शंकु: l = √(r² + h²), वक्र पृष्ठ = πrl, आयतन = ⅓πr²h
- गोला: 4πr², आयतन ⁴⁄₃πr³ · अर्धगोला: वक्र 2πr², कुल 3πr², आयतन ⅔πr³
- संयुक्त ठोस: कुल पृष्ठ = सिर्फ़ दिखने वाली सतहों का योग (जोड़ छोड़ो)
- संयुक्त ठोस: आयतन = हिस्सों के आयतनों का योग (निकाला गया हिस्सा घटाओ)
हल किए गए उदाहरण
1. 5 सेमी भुजा वाले दो घन आमने-सामने जोड़े गए। बने घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन निकालो।
नया घनाभ 10 × 5 × 5 सेमी है। पृष्ठ = 2(10×5 + 5×5 + 5×10) = 2(50 + 25 + 50) = 250 सेमी²। आयतन = 10 × 5 × 5 = 250 सेमी³। जाँच: दो घनों का पृष्ठ 2 × 150 = 300, उसमें से छिपे 2 फलक (2 × 25 = 50) घटाओ = 250 सेमी²।
2. एक कैप्सूल बेलन है जिसके दोनों सिरों पर अर्धगोले हैं। त्रिज्या 3.5 मिमी, पूरी लंबाई 14 मिमी। पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालो (π = 22/7)।
बेलन वाला हिस्सा = 14 − 3.5 − 3.5 = 7 मिमी। बेलन का वक्र पृष्ठ = 2πrh = 2 × 22/7 × 3.5 × 7 = 154 मिमी²। दो अर्धगोले = 4πr² = 4 × 22/7 × 12.25 = 154 मिमी²। कुल = 308 मिमी²।
3. एक खिलौना 3.5 सेमी त्रिज्या के अर्धगोले पर रखा शंकु है। पूरी ऊँचाई 15.5 सेमी है। कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालो (π = 22/7)।
शंकु की ऊँचाई = 15.5 − 3.5 = 12 सेमी। l = √(144 + 12.25) = √156.25 = 12.5 सेमी। शंकु का पृष्ठ = πrl = 22/7 × 3.5 × 12.5 = 137.5 सेमी²। अर्धगोले का पृष्ठ = 2πr² = 77 सेमी²। कुल = 214.5 सेमी²।
4. रॉकेट मॉडल: बेलन (r = 3 सेमी, h = 10 सेमी) के ऊपर 4 सेमी ऊँचा शंकु। कुल पृष्ठ और आयतन निकालो (π = 3.14)। (यही उदाहरण 3D में चलता है।)
l = √(9 + 16) = 5 सेमी। बेलन की दीवार = 2πrh = 188.4। नीचे का वृत्त = πr² = 28.26। शंकु की ढलान = πrl = 47.1। कुल पृष्ठ = 263.76 सेमी²। आयतन = πr²h + ⅓πr²h₂ = 282.6 + 37.68 = 320.28 सेमी³।
5. तंबू: बेलन (त्रिज्या 7 मी, ऊँचाई 3 मी) और ऊपर शंकु जिसकी तिर्यक ऊँचाई 10 मी है। कपड़ा ₹50 प्रति मी² है। फ़र्श नहीं है। खर्च निकालो।
कपड़ा = 2πrh + πrl = 2 × 22/7 × 7 × 3 + 22/7 × 7 × 10 = 132 + 220 = 352 मी²। खर्च = 352 × 50 = ₹17,600।
6. 10 सेमी के घन के ऊपरी फलक से 7 सेमी व्यास का अर्धगोला खोदा गया। नया पृष्ठीय क्षेत्रफल और बचा आयतन निकालो (π = 22/7)।
r = 3.5। सपाट वृत्त πr² = 38.5 गया, कटोरी 2πr² = 77 आई। कुल पृष्ठ = 600 − 38.5 + 77 = 638.5 सेमी²। बचा आयतन = 1000 − ⅔πr³ = 1000 − 89.83 = 910.17 सेमी³।
7. एक ठोस = बेलन (r = 3 सेमी, h = 8 सेमी) + ऊपर शंकु (ऊँचाई 4 सेमी)। इसे 6 सेमी त्रिज्या वाले आधे भरे बेलनाकार टब में डाला। पानी कितना ऊपर चढ़ेगा?
ठोस का आयतन = π × 9 × 8 + ⅓ × π × 9 × 4 = 72π + 12π = 84π सेमी³। चढ़ाव × π × 36 = 84π, इसलिए चढ़ाव = 84 ÷ 36 ≈ 2.33 सेमी।
आम गलतियाँ
- हर हिस्से का पूरा कुल पृष्ठ जोड़ देना। जुड़ी हुई सतहें छिप जाती हैं, उन्हें छोड़ो।
- πrl में सीधी ऊँचाई h रख देना। शंकु के वक्र पृष्ठ में तिर्यक ऊँचाई l = √(r² + h²) चाहिए।
- कैप्सूल या खिलौने में पूरी लंबाई को बेलन की ऊँचाई मान लेना। पहले अर्धगोलों की त्रिज्या घटाओ।
- इकाई गड़बड़: क्षेत्रफल सेमी² में, आयतन सेमी³ में। शुरू में सारी लंबाइयाँ एक ही इकाई में करो।