वर्गीकृत आँकड़े क्या हैं?
जब बहुत सारे मान हों, तो उन्हें वर्गों में रखते हैं, जैसे 0–10, 10–20, 20–30। किसी वर्ग में कितने मान हैं, वह उसकी बारंबारता (f) है। सभी बारंबारताओं का योग n = Σf।
वर्ग चिह्न x वर्ग का बीच है: x = (निम्न सीमा + उच्च सीमा) ÷ 2। हम मानते हैं कि वर्ग के सारे मान इसी बीच पर बैठे हैं। यह छोटा और ईमानदार अंदाज़ा है।
वर्ग माप h वर्ग की चौड़ाई है (20–30 के लिए h = 10)।
वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य: तीन विधियाँ
तीनों विधियों से एक ही उत्तर आता है। वह चुनो जिसमें संख्याएँ छोटी रहें।
1. प्रत्यक्ष विधि
माध्य x̄ = Σfx ÷ Σf। हर बारंबारता को वर्ग चिह्न से गुणा करो, जोड़ो, n से भाग दो।
2. कल्पित माध्य विधि
बीच का कोई वर्ग चिह्न अंदाज़े से a मान लो। d = x − a निकालो। फिर x̄ = a + Σfd ÷ Σf। d छोटे होते हैं, इसलिए जोड़ आसान।
3. पद विचलन विधि
अगर सभी d में वर्ग माप h साझा हो, तो u = (x − a) ÷ h लो। फिर x̄ = a + (Σfu ÷ Σf) × h। इसमें सबसे छोटी संख्याएँ आती हैं।
माध्य संतुलन बिंदु क्यों? खंभों को सी-सॉ पर रखे वज़न मानो, तो सी-सॉ ठीक माध्य पर संतुलित होगा।
वर्गीकृत आँकड़ों का माध्यक
सारे मान क्रम में रखें तो बीच वाला मान माध्यक है। वर्गीकृत आँकड़ों में:
- संचयी बारंबारता (cf) का स्तंभ बनाओ: f का चलता जोड़।
- n/2 निकालो।
- जिस पहले वर्ग की cf, n/2 के बराबर या उससे ज़्यादा हो, वही माध्यक वर्ग है।
- सूत्र: माध्यक = l + ((n/2 − cf) ÷ f) × h
l = माध्यक वर्ग की निम्न सीमा, cf = उससे पहले वाले वर्ग की संचयी बारंबारता, f = माध्यक वर्ग की बारंबारता, h = वर्ग माप।
वर्गीकृत आँकड़ों का बहुलक
सबसे ज़्यादा बारंबारता वाला वर्ग बहुलक वर्ग है। बहुलक इसी के अंदर होता है, बड़े पड़ोसी की ओर खिंचा हुआ।
बहुलक = l + ((f₁ − f₀) ÷ (2f₁ − f₀ − f₂)) × h
l = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा, f₁ = उसकी बारंबारता, f₀ = पहले वाले वर्ग की, f₂ = बाद वाले वर्ग की बारंबारता, h = वर्ग माप। अगर बहुलक वर्ग पहला ही वर्ग हो, तो f₀ = 0 लो।
आनुभविक संबंध और कौन-सा औसत कब
जो आँकड़े बहुत एक-तरफ़ा न हों, उनके लिए: 3 माध्यक = बहुलक + 2 माध्य। इससे उत्तर जाँच सकते हो या दो से तीसरा निकाल सकते हो।
- माध्य: जब मान लगभग बराबर फैले हों (औसत अंक)।
- माध्यक: जब कुछ मान बहुत बड़े या बहुत छोटे हों (तनख़्वाह, मकान के दाम)।
- बहुलक: सबसे पसंदीदा चीज़ के लिए (जूते का साइज़, पसंदीदा रंग)।
बोर्ड परीक्षा में कैसे आता है
CBSE कक्षा 10 में सांख्यिकी और प्रायिकता मिलकर 11 अंक की है। आमतौर पर 3 अंक का माध्य या बहुलक, एक माध्यक या लुप्त बारंबारता वाला सवाल, और कई बार केस-स्टडी तालिका आती है। पूरी तालिका (x, f, fx या cf) ज़रूर बनाओ — हर चरण के अंक मिलते हैं।
करके देखो: अपनी कक्षा का सर्वे
20 दोस्तों से पूछो कि वे रोज़ कितने मिनट पैदल चलते हैं। उत्तरों को 0–10, 10–20, 20–30, 30–40 में बाँटो। f की तालिका बनाकर माध्य, माध्यक, बहुलक निकालो। फिर 3D के आखिरी चरण में वही बारंबारताएँ स्लाइडर से लगाओ। पहले अंदाज़ा लगाओ: माध्य बहुलक से ज़्यादा होगा या कम?
अपनी समझ जाँचो
1. 40–60 का वर्ग चिह्न क्या है? (50)
2. माध्यक में cf माध्यक वर्ग की लेते हैं या उससे पहले वाले की? (पहले वाले वर्ग की।)
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- वर्ग चिह्न x = (निम्न सीमा + उच्च सीमा) ÷ 2
- माध्य (प्रत्यक्ष) = Σfx ÷ Σf
- माध्य (कल्पित माध्य) = a + Σfd ÷ Σf, d = x − a
- माध्य (पद विचलन) = a + (Σfu ÷ Σf) × h, u = (x − a) ÷ h
- माध्यक = l + ((n/2 − cf) ÷ f) × h
- बहुलक = l + ((f₁ − f₀) ÷ (2f₁ − f₀ − f₂)) × h
- आनुभविक संबंध: 3 माध्यक = बहुलक + 2 माध्य
हल किए गए उदाहरण
1. 40 बच्चों के अंक: 0–10: 5, 10–20: 8, 20–30: 12, 30–40: 9, 40–50: 6। प्रत्यक्ष विधि से माध्य निकालो।
वर्ग चिह्न x = 5, 15, 25, 35, 45। fx = 25, 120, 300, 315, 270। Σfx = 1030, Σf = 40। माध्य = 1030 ÷ 40 = 25.75।
2. यही आँकड़े, कल्पित माध्य a = 25 लेकर माध्य निकालो।
d = −20, −10, 0, 10, 20। fd = −100, −80, 0, 90, 120। Σfd = 30। माध्य = 25 + 30 ÷ 40 = 25.75।
3. यही आँकड़े, पद विचलन विधि से (a = 25, h = 10)।
u = −2, −1, 0, 1, 2। fu = −10, −8, 0, 9, 12। Σfu = 3। माध्य = 25 + (3 ÷ 40) × 10 = 25.75। उत्तर वही, संख्याएँ छोटी।
4. इन्हीं आँकड़ों का माध्यक निकालो।
cf = 5, 13, 25, 34, 40। n/2 = 20। पहली cf ≥ 20 है 25, तो माध्यक वर्ग 20–30। l = 20, पहले की cf = 13, f = 12, h = 10। माध्यक = 20 + (7 ÷ 12) × 10 = 25.83।
5. इन्हीं आँकड़ों का बहुलक निकालो।
बहुलक वर्ग 20–30 (f₁ = 12), f₀ = 8, f₂ = 9। बहुलक = 20 + (4 ÷ 7) × 10 = 25.71। जाँच: 3 × 25.83 = 77.5 और 25.71 + 2 × 25.75 = 77.21, लगभग बराबर।
6. 40 मज़दूरों की रोज़ की मज़दूरी (₹): 100–120: 4, 120–140: 10, 140–160: 16, 160–180: 6, 180–200: 4। माध्य, माध्यक और बहुलक निकालो।
x = 110, 130, 150, 170, 190। Σfx = 5920। माध्य = ₹148। cf = 4, 14, 30, 36, 40; n/2 = 20 → माध्यक वर्ग 140–160: 140 + (6 ÷ 16) × 20 = ₹147.5। बहुलक वर्ग 140–160: 140 + (6 ÷ 16) × 20 = ₹147.5।
7. वर्ग 0–10 से 40–50 की बारंबारताएँ 4, 6, p, 10, 5 हैं और माध्य 27 है। p निकालो।
Σf = 25 + p, Σfx = 685 + 25p। (685 + 25p) ÷ (25 + p) = 27 → 685 + 25p = 675 + 27p → p = 5।
8. किसी आँकड़े का माध्य 26 और माध्यक 27 है। बहुलक का अनुमान लगाओ।
बहुलक = 3 × 27 − 2 × 26 = 81 − 52 = 29।
आम गलतियाँ
- माध्यक वर्ग की अपनी cf ले लेना। सूत्र में उससे ठीक पहले वाले वर्ग की cf चाहिए।
- बहुलक सूत्र में पड़ोसी गलत लेना। f₀ पहले वाला वर्ग, f₂ बाद वाला वर्ग।
- Σfx को वर्गों की संख्या से भाग देना। भाग Σf (कुल मानों) से देना है।
- पद विचलन विधि में h से गुणा भूल जाना: माध्य = a + (Σfu ÷ Σf) × h।