CBSE कक्षा 10 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (417)
अध्याय: 8
1. भाग क: रोज़गार कौशल – II
संचार कौशल-II · स्व-प्रबंधन कौशल-II · सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी कौशल-II · उद्यमशीलता कौशल-II · हरित कौशल-II
- संचार कौशल: अपनी बात साफ़ और प्यार से कैसे पहुँचाएँ – संचार यानी लोगों के बीच अर्थ बाँटना। प्रेषक (भेजने वाला) विचार को संदेश में बदलता है, उसे माध्यम से भेजता है, और प्राप्तकर्ता उसे समझकर प्रतिपुष्टि (फ़ीडबैक) देता है। शोर, कठिन शब्द, तेज़ भावनाएँ और सांस्कृतिक अंतर जैसी बाधाएँ संदेश को रोक या मोड़ सकती हैं। हम अर्थ शब्दों से (शाब्दिक), चेहरे, आँखों, हाव-भाव, मुद्रा और आवाज़ के लहजे से (अशाब्दिक), और चित्रों से (दृश्य) भेजते हैं। सक्रिय श्रवण — ध्यान, धैर्य, सवाल और अपने शब्दों में दोहराना — साबित करता है कि संदेश पहुँचा। अच्छा वक्ता संदर्भ के हिसाब से बदलता है: औपचारिक या अनौपचारिक, बोलकर या लिखकर, और विनम्र अनुरोध, सलीके से मना करना, सच्ची माफ़ी और दृढ़ (न दब्बू, न आक्रामक) भाषा अपनाता है।
- आत्म-प्रबंधन: अपनी भावनाओं, लक्ष्यों और समय की कमान अपने हाथ में – आत्म-प्रबंधन (self-management) यानी अपनी भावनाओं, विचारों और कामों को ख़ुद दिशा देना ताकि आप अपने लक्ष्य तक पहुँचें। इसकी शुरुआत आत्म-जागरूकता से होती है: आप क्या महसूस कर रहे हैं और कितना तेज़। फिर प्रतिक्रिया से पहले ठहराव (रुको, सोचो, करो) और धीमी साँस जैसे उपाय। विचार भावनाओं को और भावनाएँ कामों को बनाती हैं, इसलिए 'मैं बेकार हूँ' को 'मैं अभी नहीं कर पाता' में बदलने से काम बदल जाता है। अच्छे आत्म-प्रबंधक SMART लक्ष्य बनाते हैं, ज़रूरी-महत्वपूर्ण देखकर समय बाँटते हैं, अच्छी आदतें बनाते हैं और असफलता के बाद फिर खड़े होते हैं (लचीलापन)।
- ICT की बुनियादी बातें: कंप्यूटर, क्लाउड और लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म का सुरक्षित उपयोग – ICT यानी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी: वे उपकरण, सॉफ़्टवेयर और नेटवर्क जिनसे हम जानकारी बनाते, रखते और बाँटते हैं। हर कंप्यूटर इनपुट लेता है, प्रोसेस करता है, आउटपुट देता है और डेटा भंडारण में रखता है। भंडारण बाइट में मापा जाता है, और हर बड़ी इकाई (KB, MB, GB, TB) पिछली से लगभग 1000 गुना होती है। अच्छे डिजिटल विद्यार्थी फ़ाइलें साफ़ नाम वाले फ़ोल्डरों में रखते हैं, लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म पर काम लेते-जमा करते हैं, 3-2-1 नियम से बैकअप लेते हैं और लंबे पासफ़्रेज़ व दो-चरण लॉगिन से खाते बचाते हैं। ICT से वीडियो, वेबसाइट और पॉडकास्ट जैसे रचनात्मक प्रोजेक्ट भी बनते हैं।
2. भाग ख: एआई परियोजना चक्र और नैतिक ढाँचे
एआई परियोजना चक्र और नैतिक ढाँचे
- AI नैतिकता: कृत्रिम बुद्धिमत्ता का निष्पक्ष और सुरक्षित उपयोग – AI डेटा से पैटर्न सीखकर फ़ैसले करता है। AI नैतिकता पूछती है: क्या ये फ़ैसले निष्पक्ष, सुरक्षित और सम्मानजनक हैं? मुख्य मुद्दे: पक्षपात (अनुचित डेटा से अनुचित नतीजे), निजता (निजी डेटा के लिए सहमति और सुरक्षा), पारदर्शिता (AI ने क्यों तय किया, यह पता हो), जवाबदेही (इंसान ज़िम्मेदार रहे), सुरक्षा और दुरुपयोग (डीपफ़ेक, झूठी ख़बरें), और सामाजिक असर (नौकरियाँ, डिजिटल खाई, पर्यावरण)। ज़िम्मेदार AI का मतलब है इन सबकी जाँच उपयोग से पहले और बाद में।
3. भाग ख: एआई मॉडलिंग की उन्नत अवधारणाएँ
एआई मॉडलिंग की उन्नत अवधारणाएँ
- मशीन लर्निंग (Machine Learning) – मशीन लर्निंग (ML) में कंप्यूटर को नियम बताया नहीं जाता; वह उदाहरणों से नियम ख़ुद सीखता है. हम डेटा देते हैं: फ़ीचर (इनपुट) और, सुपरवाइज़्ड लर्निंग में, लेबल (उत्तर). मशीन एक मॉडल बनाती है: रिग्रेशन संख्या का अनुमान लगाता है, डिसीज़न ट्री हाँ/नहीं प्रश्नों से वर्ग चुनता है, और k-means बिना लेबल वाले डेटा को समूहों में बाँटता है. ज़्यादातर डेटा पर सिखाते हैं, अनदेखे डेटा पर परखते हैं और सटीकता नापते हैं. सिर्फ़ रटने वाला मॉडल (ओवरफ़िटिंग) नए डेटा पर फेल होता है.
4. भाग ख: मॉडल का मूल्यांकन
मॉडल का मूल्यांकन
- मॉडल मूल्यांकन: मॉडल कितना अच्छा है? – मॉडल असली दुनिया की सरल नकल है जो अनुमान लगाती है। उसे परखने के लिए उसके अनुमानों को असली उत्तरों से मिलाते हैं। मशीन लर्निंग में डेटा को प्रशिक्षण भाग (सीखने के लिए) और परीक्षण भाग (नए डेटा पर जाँच के लिए) में बाँटते हैं। कन्फ़्यूज़न मैट्रिक्स TP, FP, FN और TN गिनता है। सटीकता = (TP + TN) ÷ कुल। परिशुद्धता = TP ÷ (TP + FP)। रिकॉल = TP ÷ (TP + FN)। F1 = 2PR ÷ (P + R)। विज्ञान के मॉडल (जैसे व्युत्क्रम वर्ग नियम) भी ऐसे ही परखे जाते हैं: क्या अनुमान माप से मिलते हैं, और मॉडल कहाँ काम करना बंद करता है?
5. भाग ख: सांख्यिकीय डेटा
सांख्यिकीय डेटा
- सांख्यिकी: वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य, माध्यक और बहुलक – जब आँकड़े वर्गों में बँटे हों (जैसे अंक 20–30), तो हर एक मान नहीं दिखता। माध्य के लिए हर वर्ग का बीच का मान लेते हैं, माध्यक के लिए चलता जोड़ (संचयी बारंबारता), और बहुलक के लिए सबसे ऊँचा खंभा। तीनों अलग तरीके से आँकड़ों का 'केंद्र' बताते हैं।
6. भाग ख: कंप्यूटर विज़न
कंप्यूटर विज़न
- कंप्यूटर विज़न: मशीनें कैसे देखती हैं – कंप्यूटर विज़न (CV) AI की वह शाखा है जो कंप्यूटर को फ़ोटो और वीडियो समझना सिखाती है। डिजिटल चित्र पिक्सेल का जाल है; ग्रे पिक्सेल एक संख्या (0–255) है और रंगीन पिक्सेल तीन संख्याएँ (R, G, B)। रिज़ॉल्यूशन = चौड़ाई × ऊँचाई (पिक्सेल में)। CV किनारे, कोने, रंग जैसे फ़ीचर ढूँढता है और वर्गीकरण (क्या), पहचान (कहाँ) व विभाजन (कौन-से पिक्सेल) करता है। फ़ेस अनलॉक, चालक-रहित कार, मेडिकल स्कैन, खेती और दुकानों में इसका उपयोग होता है।
7. भाग ख: प्राकृतिक भाषा संसाधन
प्राकृतिक भाषा संसाधन
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8. भाग ख: उन्नत पायथन
उन्नत पायथन
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