मॉडल क्या है, और उसे क्यों परखें?
मॉडल किसी असली चीज़ का सरल रूप है। यह समझाने या अनुमान लगाने में मदद करता है।
- भौतिक मॉडल: ग्लोब, परमाणु का मॉडल।
- गणितीय मॉडल: सूत्र, जैसे दूरी = चाल × समय।
- कंप्यूटर / AI मॉडल: डेटा से सीखा प्रोग्राम, जैसे स्पैम फ़िल्टर।
कोई मॉडल पूर्ण नहीं। मूल्यांकन = जाँचना कि अनुमान सच के कितने क़रीब हैं और मॉडल कहाँ विफल होता है। अच्छा मॉडल सरल हो, सही अनुमान दे, और उसकी सीमाएँ हमें पता हों।
ट्रेन-टेस्ट विभाजन (Train-test split)
डेटा को दो भागों में बाँटते हैं:
- प्रशिक्षण समुच्चय (अक्सर 70-80%): मॉडल इससे सीखता है।
- परीक्षण समुच्चय (20-30%): छिपा रहता है, केवल अंत में उपयोग।
क्यों? मॉडल प्रशिक्षण डेटा रट सकता है और फिर भी नए डेटा पर फ़ेल हो सकता है। इसे ओवरफ़िटिंग कहते हैं। बहुत सरल मॉडल जो प्रशिक्षण डेटा पर भी फ़ेल हो, वह अंडरफ़िटिंग है। नए डेटा पर जाँच नए सवालों वाली परीक्षा जैसी है।
कन्फ़्यूज़न मैट्रिक्स
हाँ/नहीं वाले मॉडल (स्पैम या नहीं) का हर परिणाम चार में से एक ख़ाने में जाता है:
- TP (सही धनात्मक): हाँ कहा, सच में हाँ।
- FP (ग़लत धनात्मक): हाँ कहा, सच में नहीं। झूठी चेतावनी।
- FN (ग़लत ऋणात्मक): नहीं कहा, सच में हाँ। चूक।
- TN (सही ऋणात्मक): नहीं कहा, सच में नहीं।
आमतौर पर पंक्तियाँ अनुमान और स्तंभ असलियत होते हैं (कुछ किताबें उलटा रखती हैं, इसलिए लेबल ज़रूर पढ़ो)।
सटीकता, परिशुद्धता, रिकॉल और F1
सटीकता (Accuracy) = (TP + TN) ÷ कुल। सारे उत्तरों में सही का हिस्सा।
परिशुद्धता (Precision) = TP ÷ (TP + FP)। मॉडल ने जिन्हें हाँ कहा, उनमें कितने सच में हाँ?
रिकॉल (Recall) = TP ÷ (TP + FN)। जो सच में हाँ थे, उनमें से मॉडल ने कितने ढूँढे?
F1 स्कोर = 2 × P × R ÷ (P + R)। परिशुद्धता और रिकॉल का संतुलन एक संख्या में।
कौन-सा ज़रूरी है?
जब एक वर्ग दुर्लभ हो (99 स्वस्थ, 1 बीमार), सटीकता धोखा देती है। रोग-जाँच में चूक ख़तरनाक है, इसलिए रिकॉल सबसे ज़रूरी। स्पैम फ़िल्टर में असली ईमेल छिपाना परेशान करता है, इसलिए परिशुद्धता ज़रूरी। सीमा (threshold) बदलने से एक बढ़ता है तो दूसरा घटता है।
वैज्ञानिक मॉडलों को परखना
भौतिकी के मॉडल भी ऐसे ही परखे जाते हैं: अनुमान, माप, तुलना।
- सार्वत्रिकता और पैमाना: अच्छा नियम छोटे से विशाल तक चलता है (सेब और चाँद दोनों पर गुरुत्व), पर कुछ मॉडल एक ही पैमाने पर चलते हैं (न्यूटन की यांत्रिकी प्रकाश-वेग के पास या परमाणु के अंदर फ़ेल)।
- परिमाण-कोटि (order of magnitude): 10 की निकटतम घात तक जल्दी अनुमान से जाँचो कि उत्तर समझदार है।
- व्युत्क्रम वर्ग नियम: प्रकाश, ध्वनि, गुरुत्व 4πr² क्षेत्रफल वाले गोले पर फैलते हैं, इसलिए तीव्रता ∝ 1/r²। दूरी दोगुनी, तीव्रता एक-चौथाई।
- संरक्षण नियम (ऊर्जा, संवेग, आवेश): जो मॉडल इन्हें तोड़े, वह ग़लत है।
- उपमा (analogy): विद्युत धारा पानी के बहाव जैसी है; उपयोगी, पर हर उपमा कहीं टूटती है।
तकनीक (सोलर पैनल, MRI, फ़ोन) में पहचानो कि कौन-से नियम लगे हैं और सरल मॉडल कहाँ रुकता है।
करके देखो
अपना "बारिश मॉडल" बनाओ: रोज़ शाम बादल देखकर अगले दिन "बारिश" या "बारिश नहीं" का अनुमान लिखो। 10 दिन बाद कन्फ़्यूज़न मैट्रिक्स भरो और सटीकता, परिशुद्धता और रिकॉल निकालो। फिर 3D स्लाइडर से देखो कि सख़्त नियम से अंक कैसे बदलते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सटीकता = (TP + TN) ÷ (TP + TN + FP + FN)
- परिशुद्धता = TP ÷ (TP + FP)
- रिकॉल (संवेदनशीलता) = TP ÷ (TP + FN)
- F1 = 2 × परिशुद्धता × रिकॉल ÷ (परिशुद्धता + रिकॉल)
- त्रुटि दर = 1 − सटीकता
- व्युत्क्रम वर्ग नियम: I ∝ 1/r², अतः I₂ = I₁ × (r₁/r₂)²
हल किए गए उदाहरण
1. परीक्षण में 200 फ़ोटो हैं। बिल्ली-पहचान मॉडल 170 सही बताता है। सटीकता?
सटीकता = 170 ÷ 200 = 0.85 = 85%।
2. स्पैम फ़िल्टर: TP = 40, FP = 10, FN = 5, TN = 45। सटीकता, परिशुद्धता, रिकॉल और F1 निकालो।
कुल = 100। सटीकता = (40 + 45) ÷ 100 = 85%। परिशुद्धता = 40 ÷ 50 = 0.80। रिकॉल = 40 ÷ 45 ≈ 0.889। F1 = 2 × 0.80 × 0.889 ÷ (0.80 + 0.889) = 1.422 ÷ 1.689 ≈ 0.84।
3. 1,000 लोगों में 10 को दुर्लभ रोग है। मॉडल हमेशा "स्वस्थ" कहता है। सटीकता और रिकॉल? क्या मॉडल अच्छा है?
TN = 990, FN = 10, TP = 0, FP = 0। सटीकता = 990 ÷ 1000 = 99%। रिकॉल = 0 ÷ 10 = 0%। मॉडल बेकार है: एक भी बीमार नहीं पकड़ता। वर्ग असंतुलित हों तो ऊँची सटीकता बुरे मॉडल को छिपा सकती है।
4. एक लैंप 1 m पर 36 W/m² तीव्रता देता है। व्युत्क्रम वर्ग मॉडल से 3 m पर?
I₂ = 36 × (1/3)² = 36 ÷ 9 = 4 W/m²। माप लगभग 4 आए तो मॉडल ठीक; बड़े परावर्तक के पास शायद नहीं।
आम गलतियाँ
- मॉडल को उसी डेटा पर जाँचना जिस पर सिखाया। अंक बढ़िया दिखते हैं पर मतलब कम।
- जब एक वर्ग दुर्लभ हो, तब भी केवल सटीकता पर भरोसा।
- परिशुद्धता और रिकॉल में गड़बड़: परिशुद्धता में सारे अनुमानित "हाँ" से भाग, रिकॉल में सारे असली "हाँ" से।
- अच्छा फ़िट होने वाले मॉडल को "सच" मान लेना। हर मॉडल की सीमा होती है; बताओ कहाँ रुकता है।