कंप्यूटर नेटवर्क क्या है?
नेटवर्क उपकरणों (कंप्यूटर, फ़ोन, प्रिंटर) का ऐसा समूह है जो डेटा और संसाधन बाँटने के लिए जुड़ा हो। जोड़ तार (ईथरनेट केबल, ऑप्टिकल फ़ाइबर) से या बिना तार (Wi-Fi, मोबाइल डेटा) हो सकता है।
आकार के अनुसार प्रकार
- PAN: एक व्यक्ति के आसपास, जैसे फ़ोन और ब्लूटूथ ईयरबड।
- LAN: एक घर, स्कूल या दफ़्तर।
- MAN: पूरा शहर।
- WAN: कई देश। इंटरनेट सबसे बड़ा WAN है: नेटवर्कों का नेटवर्क।
मुख्य उपकरण
- स्विच: एक LAN के अंदर उपकरणों को जोड़ता है।
- राउटर: अलग-अलग नेटवर्कों को जोड़ता है और रास्ता चुनता है।
- मॉडेम / ONT: घर को इंटरनेट कंपनी से जोड़ता है।
- एक्सेस पॉइंट: Wi-Fi देता है।
IP पता और पैकेट
नेटवर्क के हर उपकरण का एक IP पता होता है। IPv4 पते में 0 से 255 तक के 4 अंक होते हैं, जैसे 192.168.1.5। इससे लगभग 4.3 अरब पते बनते हैं, जो कम पड़ते हैं, इसलिए नया IPv6 बहुत लंबे पते इस्तेमाल करता है।
192.168 या 10. से शुरू होने वाले पते निजी (private) होते हैं: सिर्फ़ घर या दफ़्तर के LAN के अंदर। बाहर की दुनिया के लिए राउटर एक सार्वजनिक (public) पता सबके साथ बाँटता है।
डेटा पैकेटों में जाता है: छोटे टुकड़े, हर एक में हेडर (कहाँ से, कहाँ तक, क्रम संख्या) और थोड़ा डेटा। इसे पैकेट स्विचिंग कहते हैं।
रूटिंग और TCP/IP की परतें
राउटर हर पैकेट का "कहाँ तक" पता पढ़कर उसे एक कदम (हॉप) आगे भेजता है। इसके लिए वह रूटिंग टेबल देखता है। कोई लिंक टूटे तो राउटर दूसरा रास्ता चुन लेते हैं, इसलिए इंटरनेट किसी एक जगह पर निर्भर नहीं।
बातचीत के नियमों को प्रोटोकॉल कहते हैं। इंटरनेट परतों में काम करता है:
- एप्लिकेशन: HTTP/HTTPS (वेब), SMTP (ईमेल), DNS।
- ट्रांसपोर्ट: TCP (भरोसेमंद: पैकेट गिनता, जाँचता, दोबारा भेजता है) या UDP (तेज़, बिना जाँच; लाइव वीडियो और गेम में)।
- इंटरनेट: IP (पता और रूटिंग)।
- लिंक: ईथरनेट, Wi-Fi (असली तार या रेडियो)।
DNS, सर्वर और क्लाइंट
क्लाइंट कुछ माँगता है, सर्वर जवाब देता है। आपका ब्राउज़र क्लाइंट है, वेब सर्वर पेज भेजता है। दूसरी सेवाएँ: ईमेल सर्वर, फ़ाइल सर्वर, प्रिंट सर्वर, गेम सर्वर, DHCP (नए उपकरण को अपने आप IP पता देता है) और DNS।
DNS (डोमेन नेम सिस्टम) इंटरनेट की फ़ोन-बुक है। आप नाम लिखते हैं, कंप्यूटर DNS सर्वर से IP पूछता है, फिर उस IP से जुड़ता है। पीयर-टू-पीयर नेटवर्क में कोई मुख्य सर्वर नहीं होता: हर उपकरण दूसरों से सीधे बाँटता है।
नेटवर्क को सुरक्षित रखना
- फ़ायरवॉल: पैकेट जाँचकर नियम तोड़ने वालों को रोकता है।
- मज़बूत पासवर्ड और दो-चरण लॉगिन।
- एन्क्रिप्शन: HTTPS और WPA2/WPA3 Wi-Fi डेटा को उलझा देते हैं ताकि चोरी से पढ़ा न जा सके।
- अपडेट और एंटीवायरस: वे छेद बंद करते हैं जिनसे मैलवेयर घुसता है।
- पहुँच नियंत्रण: हर उपयोगकर्ता को उतने ही अधिकार जितने ज़रूरी।
करके देखें: कमांड प्रॉम्प्ट खोलकर ping example.com लिखें। आपको DNS से मिला IP पता और हर पैकेट के आने-जाने का समय (मिलीसेकंड में) दिखेगा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- नेटवर्क: डेटा बाँटने के लिए जुड़े उपकरण
- IP पता: नेटवर्क पर उपकरण की अनोखी संख्या
- पैकेट: हेडर वाला डेटा का छोटा टुकड़ा
- राउटर: नेटवर्कों के बीच पैकेट भेजता है
- DNS: नाम को IP पते में बदलता है
- प्रोटोकॉल: बातचीत के तय नियम (TCP, IP, HTTP)
- बैंडविड्थ: लिंक हर सेकंड कितना डेटा ले जाता है (bit/s)
- लेटेंसी: पैकेट की देरी (ms)
हल किए गए उदाहरण
1. एक स्कूल की एक इमारत में 40 कंप्यूटर तार और स्विच से जुड़े हैं। यह कौन-सा नेटवर्क है?
यह एक इमारत में है, इसलिए LAN (लोकल एरिया नेटवर्क) है।
2. क्या 192.168.1.300 सही IPv4 पता है?
नहीं। चारों अंक 0 से 255 के बीच होने चाहिए, 300 बहुत बड़ा है।
3. 3 MB की फ़ाइल है और हर पैकेट 1,500 बाइट डेटा ले जाता है। लगभग कितने पैकेट लगेंगे? (1 MB = 10,00,000 बाइट)
30,00,000 ÷ 1,500 = 2,000 पैकेट।
4. ब्राउज़र में www.example.org लिखने पर क्या-क्या होता है?
1) ब्राउज़र DNS सर्वर से IP पूछता है। 2) DNS IP बताता है। 3) ब्राउज़र पैकेटों में HTTPS अनुरोध उस IP पर भेजता है। 4) राउटर पैकेटों को आगे बढ़ाते हैं। 5) वेब सर्वर पेज पैकेटों में लौटाता है। 6) TCP उन्हें क्रम में जोड़ता है और पेज दिखता है।
5. 100 Mbit/s बैंडविड्थ वाले लिंक से 50 MB फ़ाइल भेजने में आदर्श रूप से कितना समय लगेगा? (1 बाइट = 8 बिट)
50 MB = 400 Mbit। समय = 400 ÷ 100 = 4 s।
आम गलतियाँ
- इंटरनेट और वेब को एक मानना: वेब इंटरनेट पर चलने वाली एक सेवा (वेब पेज) है।
- सोचना कि संदेश एक ही टुकड़े में जाता है: वह पैकेटों में बँटकर अलग रास्तों से जा सकता है।
- स्विच (एक LAN के अंदर) और राउटर (नेटवर्कों के बीच) में गड़बड़ करना।
- Wi-Fi को ही इंटरनेट समझना: Wi-Fi बस राउटर तक का बेतार जोड़ है।