तार से डेटा संचार की बुनियाद
डेटा बिट यानी 1 और 0 से बनता है। तांबे की केबल में बिट ऊँचा या नीचा वोल्टेज है। ऑप्टिकल फाइबर में बिट प्रकाश का जलना-बुझना है। केबल भेजने वाले और पाने वाले को जोड़ती है; प्रोटोकॉल वे नियम हैं जिन्हें दोनों मानते हैं ताकि एक-दूसरे को समझ सकें।
आम केबल: ट्विस्टेड पेयर (ईथरनेट, सस्ती, 100 m तक), कोएक्सियल (टीवी और पुराने नेटवर्क) और ऑप्टिकल फाइबर (बहुत तेज़, लंबी दूरी)। गति बिट प्रति सेकंड (bps, Mbps, Gbps) में बताते हैं। डेटा पैकेट में कटता है। हर पैकेट में हेडर (भेजने और पाने वाले का पता) और पेलोड (डेटा) होता है।
टर्मिनल उपकरण की तकनीक
टर्मिनल उपकरण लाइन के अंत में उपयोगकर्ता का उपकरण है: टेलीफ़ोन, फ़ैक्स, कंप्यूटर, मोडेम, घर का राउटर, और फाइबर का ONU बॉक्स। जहाँ कंपनी का नेटवर्क आपके उपकरण से मिलता है, वह सीमा-बिंदु (दीवार का सॉकेट या बॉक्स) है। टर्मिनल को तकनीकी मानकों पर चलना होता है ताकि नेटवर्क को नुकसान न हो।
मोडेम डिजिटल बिट को लाइन पर चलने लायक संकेत में बदलता है और वापस भी। नेटवर्क कार्ड (NIC) से कंप्यूटर केबल इस्तेमाल करता है; उसका अपना अनोखा MAC पता होता है।
नेटवर्क की तकनीक
LAN एक इमारत का नेटवर्क है। स्विच LAN में कंप्यूटरों को जोड़ता है और हर पैकेट सिर्फ़ सही कंप्यूटर के पोर्ट को देता है (वह MAC पते सीखता है)। राउटर अलग-अलग नेटवर्क को जोड़ता है और IP पते से रास्ता चुनता है। WAN दूर-दूर के LAN को जोड़ता है।
टोपोलॉजी: स्टार (सब एक स्विच से, सबसे आम), बस और रिंग। स्टार में एक केबल टूटे तो सिर्फ़ एक कंप्यूटर कटता है।
सूचना सुरक्षा की तकनीक
सुरक्षा तीन चीज़ें बचाती है: गोपनीयता (सही व्यक्ति ही पढ़े), अखंडता (डेटा बदला न जाए) और उपलब्धता (ज़रूरत पर सेवा चले)।
- फ़ायरवॉल: नियमों से पैकेट रोकने या जाने देने वाला दरवाज़ा।
- एन्क्रिप्शन: कुंजी से डेटा उलझा देता है ताकि चोर पढ़ न सके।
- पासवर्ड और दो-चरण लॉगिन, अपडेट और बैकअप।
- एंटी-वायरस और सावधान आदतें: अनजान लिंक न खोलो।
केबल जोड़ने की तकनीक
जोड़ने के काम में केबल बिछाना, जोड़ना और जाँचना आता है। ईथरनेट केबल के चरण: केबल सीधी काटो, ऊपरी खोल उतारो, जोड़ी के तार थोड़े ही खोलो, आठ तार मानक क्रम (T568B: नारंगी-सफ़ेद, नारंगी, हरा-सफ़ेद, नीला, नीला-सफ़ेद, हरा, भूरा-सफ़ेद, भूरा) में लगाओ, RJ45 प्लग में डालो, क्रिम्प करो और केबल टेस्टर से जाँचो।
सुरक्षा और गुणवत्ता: मोड़ हल्के रखो, बिजली की लाइन से दूर रखो, दोनों सिरों पर लेबल लगाओ, ट्विस्टेड पेयर 100 m से ज़्यादा न खींचो, हर जोड़ जाँचो। फाइबर के सिरे बहुत साफ़ होने चाहिए और फ्यूज़न या कनेक्टर से जोड़े जाते हैं।
खुद करके देखो
3D में A को पैकेट भेजो, फिर C को, और बताओ कौन-सी केबल से रास्ता बना। फिर बुरा पैकेट भेजो और देखो कहाँ रुकता है। घर या स्कूल में राउटर के पीछे देखो: पोर्ट गिनो और दीवार के सॉकेट वाली केबल ढूँढो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- स्थानांतरण समय = फ़ाइल आकार (बिट) / गति (बिट प्रति सेकंड)
- 1 बाइट = 8 बिट
- पैकेट = हेडर (पते) + पेलोड (डेटा)
- ट्विस्टेड पेयर की सीमा: 100 m
हल किए गए उदाहरण
1. 20 MB की फ़ाइल 100 Mbps लिंक पर भेजी गई। समय कितना लगेगा (ओवरहेड छोड़ो)?
20 MB = 160 Mb। समय = 160 / 100 = 1.6 s।
2. लैब का एक कंप्यूटर उसी लैब के दूसरे कंप्यूटर से बात करना चाहता है। सही पोर्ट तक पैकेट कौन भेजता है: स्विच या राउटर?
स्विच। वह पता पढ़कर सही पोर्ट चुनता है।
3. 1500 बाइट की फ़ाइल 500 बाइट पेलोड के पैकेट में कटी। कितने पैकेट?
1500 / 500 = 3 पैकेट।
4. फ़ायरवॉल के दो काम बताओ।
वह नियम तोड़ने वाले पैकेट (जैसे असुरक्षित साइट) रोकता है और नियम मानने वाले पैकेट जाने देता है।
5. ईथरनेट केबल के दोनों सिरों पर तार का क्रम एक-सा क्यों हो?
हर पिन का तय काम है (भेजना या पाना)। क्रम अलग हुआ तो संकेत गलत पिन पर पहुँचेगा और संचार रुक जाएगा।
आम गलतियाँ
- बिट और बाइट मिला देना: 1 बाइट = 8 बिट, और गति बिट में होती है।
- स्विच और राउटर को एक मान लेना। स्विच नेटवर्क के अंदर काम करता है; राउटर नेटवर्कों को जोड़ता है।
- प्लग के पास जोड़ी के तार ज़्यादा खोल देना, जिससे शोर बढ़ता है।
- सोचना कि फ़ायरवॉल सारा खतरा हटा देता है। पासवर्ड, अपडेट और सावधानी भी चाहिए।