Poland Szkoła podstawowa, klasa VIII Computer science
अध्याय: 5
1. Understanding, analysing and solving problems
Problem specification and algorithms · Basic algorithms · Representing information
- एल्गोरिदम डिज़ाइन की तकनीकें – एल्गोरिदम बनाने के लिए पहले समस्या स्पष्ट करो: इनपुट डेटा, अपेक्षित आउटपुट और शर्तें। फिर साफ़, सीमित चरण लिखो: सामान्य भाषा में, सूची में, स्यूडोकोड या फ़्लोचार्ट में। बड़ी समस्या को ऊपर से नीचे (top-down) छोटे भागों में बाँटा जाता है या नीचे से ऊपर (bottom-up) छोटे जाँचे हुए टुकड़ों से बनाया जाता है। मुख्य तकनीकें: ब्रूट फ़ोर्स (सब आज़माओ), विभाजन और विजय (बाँटो, हल करो, जोड़ो; बाइनरी सर्च और मर्ज सॉर्ट जैसा आधा करना), लालची (हर बार अभी सबसे अच्छा दिखने वाला चुनाव; तेज़ पर हमेशा सबसे अच्छा नहीं), डायनेमिक प्रोग्रामिंग (हर छोटी उप-समस्या एक बार हल करके तालिका में सहेजो) और बैकट्रैकिंग (चुनाव आज़माओ, बंद गली पर वापस लो)। तकनीक और डेटा संरचना (ऐरे, स्टैक, बाइनरी ट्री) सही होने और दक्षता (समय जटिलता) देखकर चुनो।
- खोज (Searching) और छँटाई (Sorting) एल्गोरिदम – खोज एल्गोरिदम सूची में कोई चीज़ ढूँढता है; छँटाई एल्गोरिदम सूची को क्रम में लगाता है। रेखीय खोज एक-एक करके देखती है और किसी भी सूची पर चलती है। द्विआधारी खोज छँटी सूची को हर बार आधा करती है और बहुत तेज़ है। बबल सॉर्ट पड़ोसियों की अदला-बदली करता है; मर्ज सॉर्ट सूची तोड़कर छँटे टुकड़े जोड़ता है, जो बड़ी सूचियों में तेज़ है।
- संख्या पद्धति और कूटन (Encoding) – संख्या पद्धति अंकों और आधार से संख्याएँ लिखने का तरीका है। दशमलव (आधार 10) में 0–9, बाइनरी (आधार 2) में 0 और 1, ऑक्टल (आधार 8) में 0–7, और हेक्साडेसिमल (आधार 16) में 0–9 और A–F। दशमलव से किसी आधार में: आधार से बार-बार भाग देकर शेष नीचे से ऊपर पढ़ें; भिन्न भाग के लिए आधार से गुणा करके पूर्णांक ऊपर से नीचे पढ़ें। दशमलव में: हर अंक × स्थानीय मान, फिर जोड़ें। बाइनरी ↔ ऑक्टल में 3 बिट के समूह, बाइनरी ↔ हेक्स में 4 बिट के। टेक्स्ट कूटन से रखा जाता है: ASCII (7 बिट, 128 अक्षर), ISCII (8 बिट, भारतीय लिपियाँ) और यूनिकोड (हर लिपि), जो UTF-8 (1–4 बाइट) या UTF-32 (4 बाइट) में सहेजा जाता है।
2. Programming and solving problems with computers
Programming · Office and multimedia applications · Saving, printing, searching
- प्रोग्रामिंग की मूल बातें: अनुक्रम, चयन, लूप और फ़ंक्शन – प्रोग्राम सटीक निर्देशों का समूह है जिसे कंप्यूटर मानता है। हर प्रोग्राम तीन संरचनाओं से बनता है: अनुक्रम (क्रम से कदम), चयन (if/else से चुनाव) और पुनरावृत्ति (लूप)। चर मान संभालकर रखते हैं। फ़ंक्शन कोड को नाम वाले, दोबारा इस्तेमाल होने वाले खंडों में बाँटते हैं, जिससे प्रोग्राम मॉड्यूलर बनता है और उसे जाँचना, सुधारना और सँभालना आसान होता है।
- ऑफ़िस सॉफ़्टवेयर: इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ों के साथ काम – ऑफ़िस सुइट इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ों के प्रोग्रामों का समूह है: पाठ के लिए वर्ड प्रोसेसर, संख्याओं और गणना के लिए स्प्रेडशीट, और स्लाइडों के लिए प्रेज़ेंटेशन। दस्तावेज़ तत्वों (शीर्षक, अनुच्छेद, सूची, तालिका, चित्र, शीर्षलेख-पादलेख) से बनता है और फ़ॉन्ट, संरेखण, अंतर और शैलियों से सजता है। स्प्रेडशीट सेलों की जाली है, जिनका नाम स्तंभ-अक्षर और पंक्ति-संख्या से है (B3)। सेल में पाठ, संख्या, तारीख़ या = से शुरू होने वाला सूत्र होता है। SUM, AVERAGE, MAX, MIN, COUNT और IF जैसे फ़ंक्शन परिसर (B1:B3) पर गणना करते हैं और नतीजे अपने-आप बदलते हैं। सापेक्ष संदर्भ कॉपी पर बदलता है; निरपेक्ष ($B$1) स्थिर रहता है। चार्ट डेटा को चित्र बनाते हैं। प्रेज़ेंटेशन में हर स्लाइड पर एक विचार। संपादन योग्य फ़ॉर्मेट (.docx, .odt, .xlsx, .ods, .pptx) में सहेजो या PDF में निर्यात करो।
- इंटरनेट की मूल बातें: इंटरनेट कैसे काम करता है – इंटरनेट नेटवर्कों का एक विशाल नेटवर्क है। डिवाइस राउटर से जुड़ते हैं, राउटर ISP से, और ISP बड़ी बैकबोन केबलों से। डेटा छोटे पैकेटों में जाता है, हर पैकेट पर IP address होता है। DNS example.org जैसे नाम को IP नंबर में बदलता है। इसके ऊपर वेब, ईमेल, वीडियो कॉल और क्लाउड जैसी सेवाएँ चलती हैं। अच्छे उपयोग के लिए: सही कीवर्ड से सर्च करो, स्रोत जाँचो, अपनी निजी जानकारी बचाओ, कॉपीराइट का सम्मान करो और काम सही फ़ॉर्मेट में सेव करो।
3. Using computers, digital devices and networks
Networks and devices
- कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट कैसे चलता है – नेटवर्क यानी आपस में जुड़े उपकरण जो डेटा बाँटते हैं। हर उपकरण का एक IP पता होता है। डेटा छोटे क्रमांकित पैकेटों में कटता है। राउटर हर पैकेट को एक-एक कदम उसके पते की ओर भेजते हैं, और TCP अंत में पैकेटों को क्रम से जोड़ता है। DNS वेबसाइट के नाम को IP पते में बदलता है। क्लाइंट माँगता है, सर्वर देता है। फ़ायरवॉल, पासवर्ड, अपडेट और एन्क्रिप्शन नेटवर्क को सुरक्षित रखते हैं।
4. Developing social competences
Collaboration and source evaluation
- डिजिटल साक्षरता: डिजिटल औज़ारों का समझदारी से उपयोग – डिजिटल साक्षरता (digital literacy) का मतलब है कंप्यूटर और इंटरनेट का अच्छे से उपयोग करना। हर काम के लिए सही सॉफ़्टवेयर चुनें। काम ऐसे फ़ाइल फ़ॉर्मेट में सेव करें जो दूसरे भी खोल सकें। टीम के साथ फ़ाइल साझा करें और वर्ज़न रखें ताकि कुछ खोए नहीं। समझें कि सर्च इंजन पेज कैसे ढूँढता है, और जाँचें कि स्रोत भरोसेमंद है या नहीं। किसी का काम दोबारा उपयोग करने से पहले लाइसेंस पढ़ें और श्रेय दें।
5. Law and safety
Ethics and licences
जल्द आ रहा है