France Troisième Technology
अध्याय: 3
1. Design and innovation
Group design project and prototyping · Evolution of objects and life-cycle impact
- डिज़ाइन प्रक्रिया: समस्या से उत्पाद तक – डिज़ाइन प्रक्रिया कदमों का एक चक्र है जिससे डिज़ाइनर असली लोगों की असली समस्या हल करते हैं: ज़रूरत की खोजबीन, उसे ब्रीफ़ और नापने लायक विनिर्देश में लिखना, कई विचार बनाना, प्रोटोटाइप बनाना, और विनिर्देश पर परीक्षण व मूल्यांकन। जो फ़ेल हो, वह आपको चक्र में वापस भेजता है। इस दोहराव को पुनरावृत्ति (iteration) कहते हैं, और लगभग हर उत्पाद, ऐप, इमारत और कलाकृति ऐसे ही बेहतर बनती है।
- सतत डिज़ाइन: लोगों और धरती के अनुकूल उत्पाद – सतत (टिकाऊ) डिज़ाइन का मतलब है ऐसे उत्पाद बनाना जो हमारी ज़रूरत पूरी करें और प्रकृति व लोगों को कम से कम नुकसान दें। हर उत्पाद का जीवन चक्र है: कच्चा माल, निर्माण, परिवहन, उपयोग और जीवन का अंत। जीवन चक्र आकलन हर चरण का पारिस्थितिक पदचिह्न (ऊर्जा, CO₂, पानी, कचरा) जोड़ता है। सामाजिक पदचिह्न मज़दूरों और समुदायों पर असर है: वेतन, सुरक्षा, बाल श्रम, उचित व्यापार। डिज़ाइनर छह R (पुनर्विचार, मना करना, कम करना, दोबारा उपयोग, मरम्मत, पुनर्चक्रण), मरम्मत और विघटन योग्य डिज़ाइन अपनाते हैं और नियोजित अप्रचलन से बचते हैं। इको डिज़ाइन आर्थिक पक्ष भी देखता है: उत्पाद सस्ता और बनाने लायक़ हो, इसलिए अच्छा डिज़ाइन पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था में संतुलन रखता है।
2. Technical objects and systems
Sensors, actuators, interfaces
- सेंसर: मशीनें दुनिया को कैसे महसूस करती हैं – सेंसर किसी भौतिक राशि (प्रकाश, तापमान, दूरी, नमी, ध्वनि, दाब) को विद्युत संकेत में बदलता है। एनालॉग सेंसर लगातार बदलता वोल्टेज देता है; ADC उसे संख्या में बदलता है जिसे कंप्यूटर समझता है। नियंत्रक संख्या को थ्रेशोल्ड (सीमा) से मिलाकर एक्चुएटर को, अक्सर रिले के ज़रिए, चालू-बंद करता है। तय समय पर बार-बार पढ़ना डेटा लॉगिंग है। अच्छे सेंसर की सही रेंज, संवेदनशीलता, शुद्धता और प्रतिक्रिया-समय होता है।
3. Computing and programming
Connected objects and the internet · Programs with nested loops and sub-programs
- कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट कैसे चलता है – नेटवर्क यानी आपस में जुड़े उपकरण जो डेटा बाँटते हैं। हर उपकरण का एक IP पता होता है। डेटा छोटे क्रमांकित पैकेटों में कटता है। राउटर हर पैकेट को एक-एक कदम उसके पते की ओर भेजते हैं, और TCP अंत में पैकेटों को क्रम से जोड़ता है। DNS वेबसाइट के नाम को IP पते में बदलता है। क्लाइंट माँगता है, सर्वर देता है। फ़ायरवॉल, पासवर्ड, अपडेट और एन्क्रिप्शन नेटवर्क को सुरक्षित रखते हैं।
- नेटवर्क कैसे बढ़े और डेटा कैसे चलता है – कंप्यूटर नेटवर्क जुड़े हुए उपकरणों का समूह है जो डेटा साझा करते हैं। नेटवर्किंग ARPANET (1969) से शुरू हुई, 1980 के दशक में विश्वविद्यालयों के लिए NSFNET बना, और दूसरे नेटवर्कों से जुड़कर इंटरनेट बना — नेटवर्कों का नेटवर्क। हर डेटा संचार के पाँच भाग हैं: प्रेषक, प्राप्तकर्ता, संदेश, संचार माध्यम और प्रोटोकॉल। बैंडविड्थ वह आवृत्ति-सीमा है जो चैनल ले जा सकता है (Hz में); डेटा दर प्रति सेकंड जाने वाले बिट (bps) हैं। नेटवर्क के हर उपकरण का IP एड्रेस होता है। डेटा सर्किट स्विचिंग (पहले पक्का रास्ता बुक) या पैकेट स्विचिंग (डेटा पैकेटों में कटकर अलग-अलग चलता है) से जाता है।
- ब्लॉक प्रोग्रामिंग: एल्गोरिद्म, लूप, चर, घटना और सेंसर – ब्लॉक प्रोग्रामिंग में रंगीन ब्लॉक जोड़कर प्रोग्राम बनाते हैं। एल्गोरिद्म योजना है; प्रोग्राम वही योजना ब्लॉक में लिखी हुई। लूप ब्लॉक दोहराता है, चर बदलने वाला मान रखता है, शर्त काम चुनती है, घटना प्रोग्राम शुरू करती है और सेंसर रोबोट को दुनिया की जानकारी देता है। कस्टम ब्लॉक (उपप्रोग्राम) ब्लॉकों के समूह को नाम देता है ताकि उसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सके।