Ontario Grade 12 TEJ4M Computer Engineering Technology (Grade 12, University/College Preparation)
अध्याय: 4
1. A. Computer Technology Fundamentals
A1 Computer Hardware · A2 Computer Systems · A3 Electronics, Robotics, and Computer Interfacing · A4 Networking Concepts · A5 Data Representation and Digital Logic
- कंप्यूटर का मूल संगठन – कंप्यूटर प्रणाली में हार्डवेयर (जिसे छू सकें) और सॉफ़्टवेयर (निर्देश) दोनों होते हैं। इनपुट उपकरण डेटा अंदर लाते हैं, CPU (ALU + कंट्रोल यूनिट + रजिस्टर) उस पर काम करता है, और आउटपुट उपकरण परिणाम देते हैं। मेमोरी एक सीढ़ी जैसी है: रजिस्टर और कैश छोटे पर सबसे तेज़, प्राथमिक मेमोरी (RAM, ROM) चलते प्रोग्राम रखती है, और द्वितीयक भंडारण (HDD, SSD, पेन ड्राइव) डेटा हमेशा के लिए रखता है। 8 बिट = 1 बाइट, और KB से आगे हर इकाई पिछली की 1024 गुना है।
- कंप्यूटर सिस्टम: सेटअप, फ़र्मवेयर, पोर्ट और रखरखाव – चलते कंप्यूटर सिस्टम के लिए सही हार्डवेयर, कनेक्शन, फ़र्मवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम और देखभाल चाहिए। डिवाइस मानक पोर्ट (USB, HDMI, ईथरनेट) से जुड़ते हैं, जिनका मानक आकार, बिजली और रफ़्तार तय करता है। पावर ऑन पर फ़र्मवेयर (BIOS या UEFI) जाँच (POST) करता है और बूट लोडर चलाता है, जो OS लाता है। एक डिस्क में कई पार्टिशन बनाकर दो OS रख सकते हैं (मल्टी-बूट)। अनुमतियाँ तय करती हैं कि कौन पढ़, लिख या चला सकता है। यूटिलिटी सफ़ाई, अपडेट और बैकअप करती हैं; 3-2-1 नियम डेटा सुरक्षित रखता है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और कंप्यूटर इंटरफ़ेसिंग – हर कंट्रोल सिस्टम में इनपुट (सेंसर), प्रोसेस (प्रोग्राम चलाता माइक्रोकंट्रोलर या कंप्यूटर) और आउटपुट (LED, बज़र, मोटर) होते हैं। पुर्ज़ों का मान ओम के नियम से चुनते हैं, जैसे LED प्रतिरोधक R = (सप्लाई वोल्टेज − LED वोल्टेज) ÷ धारा। चिप का पिन छोटी धारा देता है, इसलिए बड़े लोड के लिए ट्रांज़िस्टर या रिले लगाते हैं। माइक्रोकंट्रोलर सस्ता, छोटा है और उसमें पिन होते हैं; PC ताकतवर है पर इंटरफ़ेस बोर्ड चाहिए। सर्किट को मानक चिह्नों से बनाते, सिमुलेट करते, सुरक्षित बनाते और मल्टीमीटर से जाँचते हैं।
- कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट कैसे चलता है – नेटवर्क यानी आपस में जुड़े उपकरण जो डेटा बाँटते हैं। हर उपकरण का एक IP पता होता है। डेटा छोटे क्रमांकित पैकेटों में कटता है। राउटर हर पैकेट को एक-एक कदम उसके पते की ओर भेजते हैं, और TCP अंत में पैकेटों को क्रम से जोड़ता है। DNS वेबसाइट के नाम को IP पते में बदलता है। क्लाइंट माँगता है, सर्वर देता है। फ़ायरवॉल, पासवर्ड, अपडेट और एन्क्रिप्शन नेटवर्क को सुरक्षित रखते हैं।
- नेटवर्क कैसे बढ़े और डेटा कैसे चलता है – कंप्यूटर नेटवर्क जुड़े हुए उपकरणों का समूह है जो डेटा साझा करते हैं। नेटवर्किंग ARPANET (1969) से शुरू हुई, 1980 के दशक में विश्वविद्यालयों के लिए NSFNET बना, और दूसरे नेटवर्कों से जुड़कर इंटरनेट बना — नेटवर्कों का नेटवर्क। हर डेटा संचार के पाँच भाग हैं: प्रेषक, प्राप्तकर्ता, संदेश, संचार माध्यम और प्रोटोकॉल। बैंडविड्थ वह आवृत्ति-सीमा है जो चैनल ले जा सकता है (Hz में); डेटा दर प्रति सेकंड जाने वाले बिट (bps) हैं। नेटवर्क के हर उपकरण का IP एड्रेस होता है। डेटा सर्किट स्विचिंग (पहले पक्का रास्ता बुक) या पैकेट स्विचिंग (डेटा पैकेटों में कटकर अलग-अलग चलता है) से जाता है।
- डेटा विश्लेषण – डेटा विश्लेषण यानी कच्चे आँकड़ों को जवाब में बदलना। इसका एक चक्र है: सवाल पूछो, डेटा इकट्ठा करो, साफ़ करो (ग़लती, दोहराव और खाली जवाब हटाओ), व्यवस्थित करो, माध्य, माध्यिका, परास और पैटर्न से विश्लेषण करो, सही चार्ट बनाओ और सावधानी से निष्कर्ष निकालो। बाहरी मान, छोटे नमूने और पक्षपात पर नज़र रखो, और याद रखो कि दो चीज़ों का साथ बढ़ना (सहसंबंध) यह साबित नहीं करता कि एक दूसरे का कारण है। डेटा को सुरक्षित रखना और अनुमति से इस्तेमाल करना भी ज़रूरी है।
2. B. Computer Technology Skills
B1 Hardware Solutions · B2 Computer Systems · B3 Electronics, Robotics, and Computer Interfacing · B4 Network Setup and Management · B5 Computer Programming
- विलयन: चीज़ें कैसे घुलती हैं और कितनी घुल सकती हैं – विलयन विलायक में घुले विलेय का समांगी मिश्रण है। पानी में (जलीय विलयन) विलेय इतने छोटे कणों में टूटता है कि दिखता नहीं, नीचे नहीं बैठता और फ़िल्टर पेपर से निकल जाता है। सांद्रता बताती है कितना विलेय है (द्रव्यमान % = विलेय ÷ विलयन × 100)। विलेयता किसी ताप पर 100 g विलायक में घुल सकने वाली अधिकतम मात्रा है; उसके बाद विलयन संतृप्त है। वाष्पीकरण, क्रिस्टलीकरण और आसवन से विलयन अलग होता है।
- कंप्यूटर का मूल संगठन – कंप्यूटर प्रणाली में हार्डवेयर (जिसे छू सकें) और सॉफ़्टवेयर (निर्देश) दोनों होते हैं। इनपुट उपकरण डेटा अंदर लाते हैं, CPU (ALU + कंट्रोल यूनिट + रजिस्टर) उस पर काम करता है, और आउटपुट उपकरण परिणाम देते हैं। मेमोरी एक सीढ़ी जैसी है: रजिस्टर और कैश छोटे पर सबसे तेज़, प्राथमिक मेमोरी (RAM, ROM) चलते प्रोग्राम रखती है, और द्वितीयक भंडारण (HDD, SSD, पेन ड्राइव) डेटा हमेशा के लिए रखता है। 8 बिट = 1 बाइट, और KB से आगे हर इकाई पिछली की 1024 गुना है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और कंप्यूटर इंटरफ़ेसिंग – हर कंट्रोल सिस्टम में इनपुट (सेंसर), प्रोसेस (प्रोग्राम चलाता माइक्रोकंट्रोलर या कंप्यूटर) और आउटपुट (LED, बज़र, मोटर) होते हैं। पुर्ज़ों का मान ओम के नियम से चुनते हैं, जैसे LED प्रतिरोधक R = (सप्लाई वोल्टेज − LED वोल्टेज) ÷ धारा। चिप का पिन छोटी धारा देता है, इसलिए बड़े लोड के लिए ट्रांज़िस्टर या रिले लगाते हैं। माइक्रोकंट्रोलर सस्ता, छोटा है और उसमें पिन होते हैं; PC ताकतवर है पर इंटरफ़ेस बोर्ड चाहिए। सर्किट को मानक चिह्नों से बनाते, सिमुलेट करते, सुरक्षित बनाते और मल्टीमीटर से जाँचते हैं।
- नेतृत्व और प्रबंधन: लोग, टीम और बदलाव को कैसे संभालें – प्रबंधन योजना, संगठन, स्टाफ़िंग, निर्देशन और नियंत्रण से काम करवाता है। नेतृत्व लोगों को साझा लक्ष्य के लिए प्रेरित करता है। नेता लोगों और काम के अनुसार शैली चुनते हैं, संवाद और ईमानदारी जैसे गुण बनाते हैं, टीम को उसके चरणों से गुज़ारते हैं, समय-सारणी से परियोजना चलाते हैं, सही ढंग से काम सौंपते हैं और लोगों को बदलाव अपनाने में मदद करते हैं।
- प्रोग्रामिंग की मूल बातें: अनुक्रम, चयन, लूप और फ़ंक्शन – प्रोग्राम सटीक निर्देशों का समूह है जिसे कंप्यूटर मानता है। हर प्रोग्राम तीन संरचनाओं से बनता है: अनुक्रम (क्रम से कदम), चयन (if/else से चुनाव) और पुनरावृत्ति (लूप)। चर मान संभालकर रखते हैं। फ़ंक्शन कोड को नाम वाले, दोबारा इस्तेमाल होने वाले खंडों में बाँटते हैं, जिससे प्रोग्राम मॉड्यूलर बनता है और उसे जाँचना, सुधारना और सँभालना आसान होता है।
3. C. Technology,the Environment, and Society
C1 Technology and the Environment · C2 Technology and Society
- पर्यावरण संरक्षण: तकनीक इस्तेमाल करते हुए धरती की देखभाल – पर्यावरण संरक्षण (environmental stewardship) का मतलब है धरती के संसाधनों को सोच-समझकर इस्तेमाल करना ताकि वे लंबे समय तक चलें, और जहाँ नुक़सान हुआ हो उसे ठीक करना। फ़ोन हो या अस्पताल की मशीन, हर उत्पाद का एक जीवन-चक्र होता है: कच्चा माल, निर्माण, परिवहन, उपयोग और जीवन का अंत। हर चरण में ऊर्जा लगती है और कचरा बनता है। अच्छा संरक्षक चीज़ें लंबे समय तक चलाता है, कम बिजली वाली मशीनें चुनता है, कचरा-पदानुक्रम मानता है, ई-कचरा सही जगह देता है और प्रकृति बचाने वाले नियमों का साथ देता है।
4. D. Professional Practice and Career Opportunities
D1 Health and Safety · D2 Ethics and Security · D3 Career Opportunities
- स्वास्थ्य और सुरक्षा: ख़तरे, जोखिम और नियंत्रण – ख़तरा (hazard) वह चीज़ है जो नुकसान कर सकती है। जोखिम (risk) बताता है नुकसान कितना संभव है और कितना गंभीर होगा: जोखिम = संभावना × गंभीरता। जोखिम आकलन में ख़तरे ढूँढते हैं, किसे नुकसान हो सकता है तय करते हैं, अंक देते हैं, नियंत्रण जोड़ते हैं और बाद में दोबारा जाँचते हैं। नियंत्रण का क्रम: हटाना, बदलना, इंजीनियरिंग नियंत्रण, नियम और प्रशिक्षण, और आख़िर में PPE। सुरक्षा चिह्न रंग और आकार से बोलते हैं। वर्कशॉप, कला कक्ष और कार्यस्थल पर गार्ड, ताज़ी हवा, लेबल, खुले रास्ते और प्राथमिक उपचार चाहिए। ज़्यादातर देशों में क़ानून मालिक और कर्मचारी दोनों पर सुरक्षा की ज़िम्मेदारी डालते हैं।
- नीतिशास्त्र: कैसे तय करें कि क्या सही है – नीतिशास्त्र (नैतिक दर्शन) पूछता है कि हमें क्या करना चाहिए और क्यों। ईमानदारी, दया, न्याय और सम्मान जैसे मूल्य चुनाव में राह दिखाते हैं। तीन मुख्य सिद्धांत: परिणाम (उपयोगितावाद, बेंथम और मिल: ज़्यादा से ज़्यादा लोगों का ज़्यादा भला), कर्तव्य (कांट: ऐसा नियम अपनाओ जो सब अपना सकें; लोगों को साध्य मानो, सिर्फ़ साधन नहीं) और सद्गुण (अरस्तू: अच्छा चरित्र बनाओ; सद्गुण दो अतियों का मध्य है)। अंतरात्मा सही-ग़लत की भीतरी समझ है। स्वतंत्रता ज़िम्मेदारी लाती है। अधिनीतिशास्त्र पूछता है "अच्छा" का अर्थ क्या है और मूल्य सार्वभौमिक हैं या सापेक्ष। व्यावहारिक नीतिशास्त्र पर्यावरण, पशु, काम, मित्रता और शांति पर लागू होता है।
- करियर प्लानिंग: ख़ुद को जानने से पहली नौकरी तक – करियर प्लानिंग के पाँच कदम हैं। 1) ख़ुद को जानो: रुचियाँ, कौशल और मूल्य। 2) करियर परिवार खोजो और जानो कि काम क्या है, कौन-सी पढ़ाई चाहिए, वेतन और माँग कितनी है। 3) SMART लक्ष्य और प्लान B के साथ रास्ता बनाओ। 4) CV, आवेदन पत्र, डिजिटल पोर्टफ़ोलियो और इंटरव्यू अभ्यास से नौकरी खोजो। 5) स्कूल से काम की ओर बढ़ो और सीखते रहो, क्योंकि ज़िंदगी भर करियर बदलता है।