मॉडल और सिमुलेशन क्या हैं?
मॉडल किसी असली चीज़ की सरल नकल है, जिसमें सिर्फ़ हमारे सवाल के लिए ज़रूरी भाग रहते हैं। नक्शा शहर का मॉडल है। जेब-ख़र्च गिनने वाली स्प्रेडशीट तुम्हारी बचत का मॉडल है।
कंप्यूटर सिमुलेशन एक प्रोग्राम है जो मॉडल को समय के साथ कदम-दर-कदम चलाकर दिखाता है कि क्या होगा। मॉडल रेसिपी है; सिमुलेशन खाना पकाना है।
सरल क्यों करें?
असली दुनिया में बहुत ज़्यादा बातें हैं। सब रखें तो प्रोग्राम बहुत धीमा और समझ से बाहर हो जाएगा। इसलिए हम मान्यताएँ (assumptions) बनाते हैं, जैसे "हर बच्चा सिर्फ़ 4 पड़ोसियों से मिलता है"।
सिमुलेशन बनाना: चर, नियम और पैरामीटर
- चर (स्थिति): जिस पर नज़र रखते हैं, जैसे कौन बीमार है, सड़क पर कितनी गाड़ियाँ हैं, हर ग्रिड-डिब्बे का तापमान।
- नियम: एक कदम में स्थिति कैसे बदलती है, जैसे "बीमार बच्चा हर पड़ोसी को p संभावना से ज़ुकाम देता है"। अक्सर सूत्र या if-कथन।
- पैरामीटर: चलाने से पहले चुनी गई तय संख्याएँ, जैसे p = 20%, दिनों की संख्या, गति सीमा। इन्हें बदलकर "अगर ऐसा हो तो?" के जवाब मिलते हैं।
- समय-कदम: एक लूप कितने समय के बराबर है (1 दिन, 1 सेकंड)। छोटे कदम ज़्यादा सही पर धीमे।
सिमुलेशन असल में एक लूप है:
शुरुआती स्थिति → दोहराओ: नियम लगाओ, समय = समय + कदम, नतीजा लिखो → ग्राफ़ दिखाओ
संयोग
कई असली घटनाएँ संयोग पर टिकी हैं। सिमुलेशन इनके लिए रैंडम संख्याएँ लेता है। हर बार जवाब अलग, इसलिए कई बार चलाकर औसत और फैलाव देखते हैं। इसे मोंटे कार्लो सिमुलेशन कहते हैं।
सिमुलेशन के उदाहरण
- मौसम और जलवायु: हवा को 3D ग्रिड-डिब्बों में बाँटते हैं; भौतिकी के नियम हर कुछ मिनट (मॉडल-समय) में गर्मी, हवा और पानी को डिब्बों के बीच ले जाते हैं।
- ट्रैफ़िक: हर गाड़ी नियम मानती है (सुरक्षित दूरी, लाल पर धीमी)। पैसा लगाने से पहले नए सिग्नल या लेन जाँचे जाते हैं।
- बीमारी का फैलना: हमारी कक्षा वाले मॉडल जैसा; टीके और अस्पताल बेड की योजना के लिए।
- उड़ान और ड्राइविंग सिमुलेटर: आपात स्थिति का सुरक्षित अभ्यास।
- विज्ञान और इंजीनियरिंग: कार क्रैश टेस्ट, हवा में पुल, हवा के प्रतिरोध के साथ गिरती चीज़ें, शिकारी-शिकार की आबादी।
- गेम: गेम की भौतिकी गति का सिमुलेशन है।
सिमुलेशन की जाँच, लाभ और सीमाएँ
वैलिडेशन: सिमुलेशन के नतीजों को असली माप से मिलाओ। मेल न खाए तो नियम या पैरामीटर बदलो और फिर जाँचो। वेरिफ़िकेशन: प्रोग्राम वही करता है जो मॉडल कहता है (कोई बग नहीं)।
लाभ
- सुरक्षित: ख़तरनाक चीज़ें (टक्कर, महामारी) बिना नुकसान जाँचो।
- सस्ता और तेज़: असली चीज़ बनानी नहीं पड़ती; साल सेकंडों में चल जाते हैं।
- दोहराने योग्य: एक बार में एक पैरामीटर बदलकर तुलना करो।
- जो देख नहीं सकते वह दिखाता है, जैसे तारे के अंदर या दूर का भविष्य।
सीमाएँ
- मॉडल जितना ही अच्छा: ग़लत मान्यता = ग़लत जवाब ("कचरा अंदर, कचरा बाहर")।
- बारीक मॉडल को ताक़तवर कंप्यूटर और बहुत आँकड़े चाहिए।
- नतीजे अनिश्चितता वाले अनुमान हैं, पक्के तथ्य नहीं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मॉडल = असली तंत्र की सरल नकल
- सिमुलेशन = समय के साथ कदम-दर-कदम चलता मॉडल
- चर: बदलने वाली स्थिति
- नियम: हर कदम पर स्थिति कैसे बदले
- पैरामीटर: चलाने से पहले तय संख्या
- मोंटे कार्लो: कई रैंडम रन → औसत
- वैलिडेशन: असली आँकड़ों से तुलना
हल किए गए उदाहरण
1. तालाब में 100 मछलियाँ हैं। हर साल संख्या 10% बढ़ती है, फिर 5 पकड़ी जाती हैं। 2 साल का सिमुलेशन करो।
साल 1: 100 × 1.10 = 110, घटाओ 5 = 105। साल 2: 105 × 1.10 = 115.5, घटाओ 5 = 110.5 ≈ 110 मछलियाँ। चर: मछलियों की संख्या। नियम: × 1.10 फिर − 5। पैरामीटर: 10% बढ़त, 5 पकड़ी, समय-कदम 1 साल।
2. रैंडम गाड़ियों वाला ट्रैफ़िक सिमुलेशन 5 बार चला। अंत में कतार: 8, 12, 10, 9, 11 गाड़ियाँ। रिपोर्ट में क्या लिखें?
औसत = (8 + 12 + 10 + 9 + 11) ÷ 5 = 50 ÷ 5 = 10 गाड़ियाँ, नतीजे 8 से 12 के बीच। सिर्फ़ एक रन नहीं, औसत और फैलाव बताओ।
3. बीमारी मॉडल ने 20वें दिन तक 500 मामले बताए, पर असल में 200 आए। दो बातें जाँचो।
पैरामीटर जाँचो (शायद फैलने की संभावना ज़्यादा रखी, या लोग कम मिलते हैं) और मान्यताएँ जाँचो (शायद मॉडल मास्क, छुट्टियाँ या ठीक होना भूल गया)। बदलकर असली आँकड़ों से फिर मिलाओ।
आम गलतियाँ
- मॉडल और सिमुलेशन को एक समझना। मॉडल विवरण है; सिमुलेशन उसे समय में चलाता है।
- एक रैंडम रन पर भरोसा करना। कई बार चलाओ, औसत और फैलाव लो।
- मानना कि सिमुलेशन पक्का भविष्य बताता है। यह मान्यताओं पर टिका अनुमान है।
- एक साथ कई पैरामीटर बदलना। एक-एक करके बदलो ताकि हर एक का असर दिखे।