Netherlands VWO 6 (eindexamenjaar) Computer Science
अध्याय: 14
1. Architecture
Decomposition · Security (technical)
- कंप्यूटर आर्किटेक्चर (Computer Architecture) – कंप्यूटर आर्किटेक्चर यह योजना है कि कंप्यूटर के हिस्से मिलकर कैसे काम करते हैं। ज़्यादातर कंप्यूटर वॉन न्यूमन मॉडल पर चलते हैं: एक CPU और एक मुख्य मेमोरी, जिसमें प्रोग्राम और डेटा दोनों रहते हैं, और ये पता बस, डेटा बस और कंट्रोल बस से जुड़े हैं। CPU बार-बार फ़ेच-डिकोड-एक्ज़िक्यूट चक्र चलाता है, विशेष रजिस्टरों (PC, MAR, MDR, CIR, ACC), कंट्रोल यूनिट और ALU की मदद से। गति क्लॉक स्पीड, कोर की संख्या और कैश पर निर्भर है। निर्देश मशीन कोड (बाइनरी) में होते हैं; असेंबली उन्हें छोटे नाम देती है। हार्वर्ड, RISC/CISC और एम्बेडेड सिस्टम इसके अलग-अलग रूप हैं।
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
2. Interaction
Usability · Social aspects · Privacy · Security (socio-technical)
- UI और UX डिज़ाइन: स्क्रीन को आसान और सुखद बनाना – इंटरफ़ेस डिज़ाइन यानी फ़ोन, कंप्यूटर, ATM और मशीनों की स्क्रीन की योजना बनाना। UI (यूज़र इंटरफ़ेस) वह है जो दिखता और छुआ जाता है: बटन, आइकन, शब्द, रंग, लेआउट। UX (यूज़र एक्सपीरियंस) यह कि पूरा काम करते हुए कैसा लगता है: जल्दी या धीमा, साफ़ या उलझन भरा। अच्छे इंटरफ़ेस में ज़रूरी चीज़ पहले दिखती है (क्रम), बटन इतने बड़े कि उँगली से दबें (लगभग 9 mm या 48 px), रंगों में ऊँचा कंट्रास्ट, हर जगह एक-सा व्यवहार, हर क्रिया पर जवाब (feedback) और कम कदम। डिज़ाइनर यूज़र को समझते हैं, वायरफ़्रेम बनाते हैं, क्लिक होने वाला प्रोटोटाइप बनाते हैं और असली लोगों से परखकर सुधारते हैं।
- डेटा गोपनीयता: आपका डेटा किसके पास जाता है और उसे कैसे बचाएँ – निजी डेटा (personal data) वह हर जानकारी है जो आपकी पहचान बता सके। ऐप और वेबसाइट इसे हर समय इकट्ठा करते हैं। गोपनीयता (privacy) का मतलब है कि आप तय करें कौन इसे देखे और कैसे इस्तेमाल करे। उचित नियम कहते हैं: साफ़ उद्देश्य, कम से कम डेटा, सुरक्षित रखना और काम ख़त्म होने पर मिटाना। आपके डेटा पर आपके अधिकार हैं, और कुछ आसान आदतें आपको सुरक्षित रखती हैं।
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
3. Elective theme: Algorithms, computability and logic
Complexity of algorithms · Computability · Logic
- संगणनात्मक जटिलता: आसान, कठिन और असंभव समस्याएँ – जटिलता बताती है कि इनपुट का आकार n बढ़ने पर कदम कितनी तेज़ी से बढ़ते हैं। बहुपद (n, n², n³) एल्गोरिदम संभालने लायक (ट्रैक्टेबल) हैं; घातीय (2ⁿ) और क्रमगुणित (n!) बहुत जल्दी बेकाबू हो जाते हैं। कुछ समस्याएँ जाँचने में आसान पर हल करने में कठिन (NP) हैं। हॉल्टिंग समस्या जैसी कुछ समस्याएँ किसी एल्गोरिदम से हल ही नहीं हो सकतीं।
- संगणनीयता (Computability): ट्यूरिंग मशीन और कंप्यूटर की सीमाएँ – ट्यूरिंग मशीन किसी भी कंप्यूटर का सरल मॉडल है: खानों वाला अनंत टेप, एक हेड जो एक बार में एक खाना पढ़ता-लिखता है, कुछ अवस्थाएँ (states) और संक्रमण नियमों की तालिका। जो कुछ एल्गोरिद्म गणना कर सकता है, ट्यूरिंग मशीन भी कर सकती है (चर्च-ट्यूरिंग थीसिस)। सार्वभौमिक ट्यूरिंग मशीन दूसरी मशीन के नियम टेप से पढ़कर उसे चलाती है। कुछ समस्याएँ, जैसे हॉल्टिंग समस्या, कोई भी एल्गोरिद्म कभी हल नहीं कर सकता: वे असंगणनीय (अनिर्णेय) हैं।
- प्रतिज्ञप्ति तर्कशास्त्र: वाक्यों से वैध तर्क तक – प्रतिज्ञप्ति तर्कशास्त्र ऐसे वाक्यों का अध्ययन है जो सत्य या असत्य हों, और उन्हें जोड़ने वाले शब्दों का: नहीं (¬), और (∧), या (∨), यदि…तो (→), यदि और केवल यदि (↔)। सत्यता सारणी सत्य-मानों के सभी संभव मेल लिखती है। तर्क वैध है जब कोई पंक्ति सभी आधार-वाक्यों को सत्य और निष्कर्ष को असत्य न बनाए। मोडस पोनेन्स और मोडस टोलेन्स जैसे वैध रूप प्राकृतिक निगमन के नियम बनते हैं।
4. Elective theme: Databases
Information modelling · Database paradigms · Linked data
- संबंधपरक डेटाबेस: तालिकाएँ, पंक्तियाँ, स्तंभ और कीज़ – डेटा को कई अलग फ़ाइलों में रखने से डेटा दोहराता है, कॉपियाँ आपस में मेल नहीं खातीं और खोजना कठिन होता है, इसलिए हम DBMS से चलने वाला डेटाबेस उपयोग करते हैं। संबंधपरक मॉडल में डेटा रिलेशन कहलाने वाली तालिकाओं में रहता है। स्तंभ एट्रिब्यूट है, पंक्ति ट्यूपल है, और किसी स्तंभ के मान्य मानों का समूह उसका डोमेन है। स्तंभों की संख्या डिग्री है; पंक्तियों की संख्या कार्डिनैलिटी। कैंडिडेट की वह स्तंभ (या समूह) है जो हर पंक्ति को अलग पहचान सके; चुनी गई प्राइमरी की है और बाकी अल्टरनेट की। फ़ॉरेन की एक तालिका का वह स्तंभ है जो दूसरी तालिका की प्राइमरी की की ओर इशारा करके उन्हें जोड़ता है।
- डेटाबेस संकल्पनाएँ: DBMS, रिलेशन और की – अलग-अलग फ़ाइलों में डेटा रखने से दोहराव, असंगति और कमज़ोर सुरक्षा होती है। डेटाबेस संबंधित डेटा को एक व्यवस्थित जगह रखता है, और DBMS (जैसे MySQL) उसे सँभालने वाला सॉफ़्टवेयर है। रिलेशनल मॉडल में डेटा तालिकाओं (रिलेशन) में रहता है, जिनमें स्तंभ (एट्रिब्यूट) और पंक्तियाँ (टपल) होती हैं; डोमेन किसी स्तंभ के अनुमत मानों का समूह है। कैंडिडेट की हर पंक्ति को अलग पहचानती है; उनमें से एक प्राइमरी की चुनी जाती है और बाकी ऑल्टरनेट की होती हैं।
5. Elective theme: Cognitive computing
Intelligent behaviour · Features of cognitive computing · Applying cognitive computing
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI): मशीनें सोचना कैसे सीखती हैं – कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence, AI) कंप्यूटर प्रणाली की वह क्षमता है जिससे वह ऐसे काम करती है जिनमें आम तौर पर इंसानी दिमाग़ लगता है: देखना, बोली समझना, फ़ैसला करना और सीखना। AI प्रणाली एक एजेंट है जो महसूस करती है, सोचती है और काम करती है। पुरानी AI इंसानों के लिखे नियमों पर चलती थी। आज की AI ज़्यादातर मशीन लर्निंग से चलती है: वह ढेर सारे लेबल वाले उदाहरणों (डेटा) से ख़ुद नियम ढूँढती है। न्यूरल नेटवर्क सरल इकाइयों की परतें हैं जिनकी कड़ियों की ताकत (भार) प्रशिक्षण में बदलती है। AI नक्शों, अनुवाद, स्वास्थ्य, खेती और खेलों में काम आती है। एकतरफ़ा डेटा से यह ग़लत या पक्षपाती हो सकती है, इसलिए इंसान को इसे जाँचना, निजता बचाना और ज़िम्मेदार रहना चाहिए।
- मशीन लर्निंग (Machine Learning) – मशीन लर्निंग (ML) में कंप्यूटर को नियम बताया नहीं जाता; वह उदाहरणों से नियम ख़ुद सीखता है. हम डेटा देते हैं: फ़ीचर (इनपुट) और, सुपरवाइज़्ड लर्निंग में, लेबल (उत्तर). मशीन एक मॉडल बनाती है: रिग्रेशन संख्या का अनुमान लगाता है, डिसीज़न ट्री हाँ/नहीं प्रश्नों से वर्ग चुनता है, और k-means बिना लेबल वाले डेटा को समूहों में बाँटता है. ज़्यादातर डेटा पर सिखाते हैं, अनदेखे डेटा पर परखते हैं और सटीकता नापते हैं. सिर्फ़ रटने वाला मॉडल (ओवरफ़िटिंग) नए डेटा पर फेल होता है.
6. Elective theme: Programming paradigms
Alternative paradigm · Choosing a paradigm
- प्रोग्रामिंग पैरेडाइम: आदेशात्मक, फंक्शनल और ऑब्जेक्ट शैली – प्रोग्रामिंग पैरेडाइम प्रोग्राम बनाने के बारे में सोचने की एक शैली है। आदेशात्मक (imperative) प्रोग्राम क्रम से आदेश देते हैं जो चरों को बदलते हैं। फंक्शनल प्रोग्राम डेटा को फंक्शनों से गुज़ारते हैं और कुछ वहीं का वहीं नहीं बदलते। ऑब्जेक्ट-आधारित प्रोग्राम ऐसे ऑब्जेक्टों से बनते हैं जो अपना डेटा रखते हैं और संदेश भेजते हैं। डिक्लेरेटिव प्रोग्राम (जैसे SQL) बताते हैं कि क्या चाहिए, कैसे नहीं। चुनने के लिए सवाल, टीम और साधन तौलो।
7. Elective theme: Computer architecture
Boolean algebra · Digital circuits · Machine language · Variation in architecture
- बूलियन तर्क (Boolean Logic) – बूलियन तर्क में केवल दो मान हैं: 1 (सत्य) और 0 (असत्य)। लॉजिक गेट इन पर काम करते हैं: NOT मान उलटता है; AND तभी 1 जब सभी इनपुट 1; OR तब 1 जब कोई भी इनपुट 1; NAND और NOR, AND और OR के उल्टे हैं; XOR तब 1 जब इनपुट अलग हों। सत्य सारणी हर इनपुट संयोजन का आउटपुट बताती है (n इनपुट पर 2ⁿ पंक्तियाँ)। डी मॉर्गन: (A·B)' = A' + B' और (A + B)' = A'·B'। गेटों को जोड़कर लॉजिक सर्किट बनते हैं।
- कंप्यूटर आर्किटेक्चर (Computer Architecture) – कंप्यूटर आर्किटेक्चर यह योजना है कि कंप्यूटर के हिस्से मिलकर कैसे काम करते हैं। ज़्यादातर कंप्यूटर वॉन न्यूमन मॉडल पर चलते हैं: एक CPU और एक मुख्य मेमोरी, जिसमें प्रोग्राम और डेटा दोनों रहते हैं, और ये पता बस, डेटा बस और कंट्रोल बस से जुड़े हैं। CPU बार-बार फ़ेच-डिकोड-एक्ज़िक्यूट चक्र चलाता है, विशेष रजिस्टरों (PC, MAR, MDR, CIR, ACC), कंट्रोल यूनिट और ALU की मदद से। गति क्लॉक स्पीड, कोर की संख्या और कैश पर निर्भर है। निर्देश मशीन कोड (बाइनरी) में होते हैं; असेंबली उन्हें छोटे नाम देती है। हार्वर्ड, RISC/CISC और एम्बेडेड सिस्टम इसके अलग-अलग रूप हैं।
8. Elective theme: Networks
Network communication · Internet · Distribution · Network security
- नेटवर्क कैसे बढ़े और डेटा कैसे चलता है – कंप्यूटर नेटवर्क जुड़े हुए उपकरणों का समूह है जो डेटा साझा करते हैं। नेटवर्किंग ARPANET (1969) से शुरू हुई, 1980 के दशक में विश्वविद्यालयों के लिए NSFNET बना, और दूसरे नेटवर्कों से जुड़कर इंटरनेट बना — नेटवर्कों का नेटवर्क। हर डेटा संचार के पाँच भाग हैं: प्रेषक, प्राप्तकर्ता, संदेश, संचार माध्यम और प्रोटोकॉल। बैंडविड्थ वह आवृत्ति-सीमा है जो चैनल ले जा सकता है (Hz में); डेटा दर प्रति सेकंड जाने वाले बिट (bps) हैं। नेटवर्क के हर उपकरण का IP एड्रेस होता है। डेटा सर्किट स्विचिंग (पहले पक्का रास्ता बुक) या पैकेट स्विचिंग (डेटा पैकेटों में कटकर अलग-अलग चलता है) से जाता है।
- वितरित प्रणालियाँ: नेटवर्क में काम और डेटा बाँटना – वितरित प्रणाली यानी नेटवर्क से जुड़े कई कंप्यूटर जो एक सेवा की तरह मिलकर काम करते हैं। वे काम बाँटते हैं (कई सर्वर, लोड बैलेंसर) और डेटा भी (अलग मशीनों पर प्रतियाँ या टुकड़े)। इससे सेवा तेज़ होती है और ख़राबी झेल पाती है, पर प्रतियों को एक-सा रखने का ध्यान चाहिए।
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
9. Elective theme: Physical computing
Sensors and actuators · Developing physical computing systems
- फ़िज़िकल कंप्यूटिंग: कोड से महसूस करना और हिलाना – फ़िज़िकल कंप्यूटिंग कोड को असली दुनिया से जोड़ती है। सेंसर कुछ मापते हैं (रोशनी, तापमान, दूरी, बटन) और उसे संख्या बनाते हैं। माइक्रोकंट्रोलर प्रोग्राम चलाकर तय करता है कि उस संख्या का क्या करना है। एक्चुएटर (LED, बज़र, मोटर, स्क्रीन) दुनिया में कुछ करते हैं। यह इनपुट–प्रोसेस–आउटपुट चक्र लूप में बार-बार चलता है।
10. Elective theme: Security
Risk analysis · Measures
- साइबर सुरक्षा: ख़तरे और उनसे बचाव – साइबर सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क और डेटा की रक्षा करती है। इसके लक्ष्य हैं गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता (CIA त्रिक)। आम ख़तरे: मालवेयर, फ़िशिंग व सोशल इंजीनियरिंग, ब्रूट फ़ोर्स और डिनायल ऑफ़ सर्विस। बचाव: मज़बूत प्रमाणीकरण, कूटलेखन, फ़ायरवॉल, एंटी-मालवेयर, अपडेट, पहुँच नियंत्रण और बैकअप।
11. Elective theme: Usability
User interfaces · User research · Interface design
- UI और UX डिज़ाइन: स्क्रीन को आसान और सुखद बनाना – इंटरफ़ेस डिज़ाइन यानी फ़ोन, कंप्यूटर, ATM और मशीनों की स्क्रीन की योजना बनाना। UI (यूज़र इंटरफ़ेस) वह है जो दिखता और छुआ जाता है: बटन, आइकन, शब्द, रंग, लेआउट। UX (यूज़र एक्सपीरियंस) यह कि पूरा काम करते हुए कैसा लगता है: जल्दी या धीमा, साफ़ या उलझन भरा। अच्छे इंटरफ़ेस में ज़रूरी चीज़ पहले दिखती है (क्रम), बटन इतने बड़े कि उँगली से दबें (लगभग 9 mm या 48 px), रंगों में ऊँचा कंट्रास्ट, हर जगह एक-सा व्यवहार, हर क्रिया पर जवाब (feedback) और कम कदम। डिज़ाइनर यूज़र को समझते हैं, वायरफ़्रेम बनाते हैं, क्लिक होने वाला प्रोटोटाइप बनाते हैं और असली लोगों से परखकर सुधारते हैं।
12. Elective theme: User experience
Analysis · Design
- UI और UX डिज़ाइन: स्क्रीन को आसान और सुखद बनाना – इंटरफ़ेस डिज़ाइन यानी फ़ोन, कंप्यूटर, ATM और मशीनों की स्क्रीन की योजना बनाना। UI (यूज़र इंटरफ़ेस) वह है जो दिखता और छुआ जाता है: बटन, आइकन, शब्द, रंग, लेआउट। UX (यूज़र एक्सपीरियंस) यह कि पूरा काम करते हुए कैसा लगता है: जल्दी या धीमा, साफ़ या उलझन भरा। अच्छे इंटरफ़ेस में ज़रूरी चीज़ पहले दिखती है (क्रम), बटन इतने बड़े कि उँगली से दबें (लगभग 9 mm या 48 px), रंगों में ऊँचा कंट्रास्ट, हर जगह एक-सा व्यवहार, हर क्रिया पर जवाब (feedback) और कम कदम। डिज़ाइनर यूज़र को समझते हैं, वायरफ़्रेम बनाते हैं, क्लिक होने वाला प्रोटोटाइप बनाते हैं और असली लोगों से परखकर सुधारते हैं।
13. Elective theme: Social and individual impact of computing
Social impact · Legal aspects · Privacy · Culture
- कंप्यूटर और क़ानून: कंप्यूटर और डेटा इस्तेमाल के नियम – क़ानून लोगों को कंप्यूटर इस्तेमाल करते समय सुरक्षा देता है। कॉपीराइट कृति बनाने वाले की रक्षा करता है, निजता (डेटा सुरक्षा) क़ानून आपके बारे में जानकारी की, कंप्यूटर-दुरुपयोग क़ानून कंप्यूटरों को अनधिकृत पहुँच से बचाता है, और अनुबंध क़ानून ऑनलाइन समझौतों को बाध्यकारी बनाता है। ब्योरे हर देश में अलग हैं, पर इजाज़त, सहमति और उचित उपयोग के विचार सब जगह साझा हैं।
- डेटा गोपनीयता: आपका डेटा किसके पास जाता है और उसे कैसे बचाएँ – निजी डेटा (personal data) वह हर जानकारी है जो आपकी पहचान बता सके। ऐप और वेबसाइट इसे हर समय इकट्ठा करते हैं। गोपनीयता (privacy) का मतलब है कि आप तय करें कौन इसे देखे और कैसे इस्तेमाल करे। उचित नियम कहते हैं: साफ़ उद्देश्य, कम से कम डेटा, सुरक्षित रखना और काम ख़त्म होने पर मिटाना। आपके डेटा पर आपके अधिकार हैं, और कुछ आसान आदतें आपको सुरक्षित रखती हैं।
14. Elective theme: Computational science
Modelling · Simulation
- कंप्यूटर सिमुलेशन – मॉडल किसी असली चीज़ का सरल रूप है जिसमें सिर्फ़ ज़रूरी बातें रहती हैं। कंप्यूटर सिमुलेशन उस मॉडल को समय के साथ कदम-दर-कदम चलाकर देखता है कि क्या होगा। इसमें चर (स्थिति), नियम (स्थिति कैसे बदलती है), पैरामीटर (हमारी चुनी संख्याएँ) और अक्सर संयोग होता है, इसलिए कई बार चलाकर औसत लेते हैं। असली आँकड़ों से मिलाकर जाँचते हैं (वैलिडेशन)। मौसम, ट्रैफ़िक, बीमारी, उड़ान प्रशिक्षण में इसका उपयोग होता है क्योंकि यह सस्ता, सुरक्षित और तेज़ है, पर उतना ही सही है जितना उसका मॉडल।