प्रतिज्ञप्ति और तार्किक रूप
प्रतिज्ञप्ति (proposition) ऐसा वाक्य है जो या तो सत्य (स) हो या असत्य (अ)। "दिल्ली भारत में है" प्रतिज्ञप्ति है। "दरवाज़ा बंद करो!" और "क्या बारिश हो रही है?" नहीं हैं, क्योंकि ये सत्य-असत्य नहीं होते।
सरल प्रतिज्ञप्ति में कोई संयोजक नहीं होता; इसे अक्षर से लिखते हैं: p, q, r। मिश्र प्रतिज्ञप्ति सरल प्रतिज्ञप्तियों को संयोजकों से जोड़ती है। हर सरल प्रतिज्ञप्ति की जगह अक्षर रखने पर जो ढाँचा बचे, वह तार्किक रूप है: "बारिश हुई तो मैच रुकेगा" का रूप p → q।
संकेत: "लेकिन", "यद्यपि" = ∧; "जब तक नहीं" = प्रायः ∨; "p केवल यदि q" = p → q; "न p न q" = ¬p ∧ ¬q।
संयोजक और सत्यता फलन
| नाम | प्रतीक | पढ़ें | सत्य कब |
|---|---|---|---|
| निषेध | ¬p | नहीं p | p असत्य हो |
| संयोजन | p ∧ q | p और q | दोनों सत्य |
| वियोजन | p ∨ q | p या q | कम से कम एक सत्य |
| सोपाधिक | p → q | यदि p तो q | केवल p स और q अ पर असत्य |
| द्विसोपाधिक | p ↔ q | p यदि और केवल यदि q | दोनों का मान एक |
हर संयोजक एक सत्यता फलन है: पूरे वाक्य का मान केवल उसके भागों के मान पर निर्भर है। p → q में p पूर्ववर्ती (antecedent) और q परिणामी (consequent) है।
तुल्यताएँ: p → q ≡ ¬p ∨ q ≡ ¬q → ¬p (प्रतिधनात्मक)। डी मॉर्गन: ¬(p ∧ q) ≡ ¬p ∨ ¬q, ¬(p ∨ q) ≡ ¬p ∧ ¬q।
सत्यता सारणी बनाना
n अक्षरों के लिए 2ⁿ पंक्तियाँ: 2 अक्षर → 4, 3 अक्षर → 8। पहले स्तंभ में आधे स फिर आधे अ, अगले स्तंभ में छोटे-छोटे खंड। फिर अंदर से बाहर हर संयोजक का स्तंभ निकालिए, गणित के कोष्ठकों की तरह।
हर पंक्ति में सत्य सूत्र पुनरुक्ति (tautology) है (जैसे p ∨ ¬p)। हर पंक्ति में असत्य सूत्र व्याघात (contradiction) है (जैसे p ∧ ¬p)। बाक़ी आपातिक (contingent)। जिन दो सूत्रों के स्तंभ एक जैसे हों, वे तुल्य हैं।
वैधता की जाँच
तर्क वैध है यदि यह असंभव हो कि सभी आधार-वाक्य सत्य हों और निष्कर्ष असत्य। वैधता रूप की बात है, आधारों के सच में सत्य होने की नहीं। सत्य आधारों वाला वैध तर्क प्रामाणिक (sound) है।
पूरी सारणी विधि: हर आधार और निष्कर्ष का स्तंभ बनाइए; ऐसी पंक्ति ढूँढिए जहाँ सभी आधार स और निष्कर्ष अ। मिली तो अवैध (वह पंक्ति प्रति-उदाहरण है); नहीं मिली तो वैध।
संक्षिप्त विधि (असंगति तक ले जाना): मान लीजिए निष्कर्ष अ और सभी आधार स, फिर मान निकालिए। विरोधाभास आए तो तर्क वैध; संगत मान मिलें तो प्रति-उदाहरण बन गया।
| रूप | ढाँचा | निर्णय |
|---|---|---|
| मोडस पोनेन्स | p → q, p ∴ q | वैध |
| मोडस टोलेन्स | p → q, ¬q ∴ ¬p | वैध |
| प्राकल्पिक न्याय | p → q, q → r ∴ p → r | वैध |
| वियोजक न्याय | p ∨ q, ¬p ∴ q | वैध |
| परिणाम की पुष्टि | p → q, q ∴ p | अवैध |
| पूर्ववर्ती का निषेध | p → q, ¬p ∴ ¬q | अवैध |
प्राकृतिक निगमन और अन्य प्रमाण विधियाँ
सारणियाँ जल्दी बड़ी होती हैं (5 अक्षर = 32 पंक्तियाँ)। प्राकृतिक निगमन वैध नियमों से कदम-दर-कदम निष्कर्ष सिद्ध करता है। हर पंक्ति या तो आधार है या पिछली पंक्तियों से किसी नियम द्वारा निकली है।
- ∧-प्रवेश: p और q से p ∧ q। ∧-निष्कासन: p ∧ q से p (या q)।
- ∨-प्रवेश: p से p ∨ q।
- →-निष्कासन (मोडस पोनेन्स): p → q और p से q।
- →-प्रवेश (सोपाधिक प्रमाण): p मानिए, q निकालिए, फिर p → q लिखिए।
- अपचयन (¬-प्रवेश): p मानिए, विरोधाभास पाइए, फिर ¬p लिखिए।
उदाहरण: आधार p → q, q → r, p। 1) p → q 2) q → r 3) p 4) q (MP 1, 3) 5) r (MP 2, 4)।
अन्य विधियाँ: स्वयंसिद्ध प्रणाली कुछ स्वयंसिद्धों और एक नियम (मोडस पोनेन्स) से चलती है; सत्यता वृक्ष (semantic tableaux) सूत्रों को शाखाओं में तोड़ते हैं और विरोधाभास वाली शाखा बंद करते हैं।
करके देखिए: बत्ती-स्विच सत्यता सारणी
आख़िरी चरण में हर बार दबाने से पहले अनुमान लगाइए कि p → q जलेगा या नहीं, फिर p या q बदलकर जाँचिए। फिर काग़ज़ पर ((p → q) ∧ p) → q की सारणी बनाइए और दिखाइए कि हर पंक्ति स है: आपने सिद्ध किया कि मोडस पोनेन्स एक पुनरुक्ति है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ¬p सत्य जब p असत्य
- p ∧ q सत्य केवल जब दोनों सत्य
- p ∨ q असत्य केवल जब दोनों असत्य
- p → q असत्य केवल p स, q अ पर; p → q ≡ ¬p ∨ q ≡ ¬q → ¬p
- p ↔ q सत्य जब p और q का मान एक हो
- सारणी की पंक्तियाँ = 2ⁿ (n अक्षर)
हल किए गए उदाहरण
1. प्रतीक में लिखिए: "छुट्टी हो और धूप निकले, तो हम समुद्र-तट जाएँगे।" (h, s, b)
(h ∧ s) → b।
2. p स और q अ हो तो (p ∨ q) → ¬p का मान?
p ∨ q = स, ¬p = अ, स → अ = अ। पूरा सूत्र असत्य।
3. दिखाइए कि p ∨ ¬p पुनरुक्ति है।
p = स: स ∨ अ = स। p = अ: अ ∨ स = स। दोनों पंक्तियों में सत्य।
4. क्या वैध है? "फ़ोन चार्ज है तो चालू होगा। चालू हुआ। इसलिए चार्ज है।"
रूप p → q, q ∴ p (परिणाम की पुष्टि)। पंक्ति p = अ, q = स में आधार स, निष्कर्ष अ। अवैध: फ़ोन प्लग लगा होने से भी चालू हो सकता है।
5. संक्षिप्त विधि से जाँचिए: p → q, ¬q ∴ ¬p।
निष्कर्ष अ मानें: ¬p = अ, तो p = स। ¬q = स, तो q = अ। तब p → q = स → अ = अ, पर इसे स होना था। विरोधाभास, इसलिए वैध (मोडस टोलेन्स)।
6. प्राकृतिक निगमन से: p ∧ q और q → r से r निकालिए।
1) p ∧ q 2) q → r 3) q (∧-निष्कासन 1) 4) r (MP 2, 3)।
आम गलतियाँ
- सोचना कि p असत्य हो तो p → q असत्य है। असत्य पूर्ववर्ती से सोपाधिक सत्य होता है।
- "p केवल यदि q" को q → p पढ़ना। इसका अर्थ p → q है।
- वैध और सत्य को एक समझना।
- पंक्तियाँ भूलना: 3 अक्षरों में 8 पंक्तियाँ चाहिए, 6 नहीं।