कथन और संयोजक
कथन (statement) वह वाक्य है जो या तो सत्य (T) हो या असत्य (F), दोनों नहीं। 'दिल्ली एशिया में है' कथन है। 'दरवाज़ा बंद करो!' और 'x + 2 = 5' (x पता न हो तो) कथन नहीं हैं।
कथनों को संयोजकों से जोड़ते हैं:
- नहीं P (¬P): उल्टा सत्यता मान।
- P और Q (P ∧ Q): तभी सत्य जब दोनों सत्य।
- P या Q (P ∨ Q): कम से कम एक सत्य हो तो सत्य (समावेशी 'या')।
- यदि P तो Q (P → Q): केवल तब असत्य जब P सत्य और Q असत्य।
- P यदि और केवल यदि Q (P ↔ Q): जब दोनों का सत्यता मान एक हो।
सत्यता सारणी हर संयोजन दिखाती है। 2 कथन हों तो 2² = 4 पंक्तियाँ; 3 हों तो 8।
निषेध: नहीं (P और Q) = (नहीं P) या (नहीं Q); नहीं (P या Q) = (नहीं P) और (नहीं Q)। 'सभी विद्यार्थी पास हुए' का निषेध है 'कम से कम एक पास नहीं हुआ', न कि 'कोई पास नहीं हुआ'।
यदि-तो: विलोम, प्रतिलोम, प्रतिधनात्मक
'यदि P तो Q' के लिए:
- विलोम (converse): यदि Q तो P।
- प्रतिलोम (inverse): यदि P नहीं तो Q नहीं।
- प्रतिधनात्मक (contrapositive): यदि Q नहीं तो P नहीं।
केवल प्रतिधनात्मक का सत्यता मान हमेशा मूल कथन जैसा होता है। उदाहरण: 'यदि कोई संख्या 0 पर खत्म हो तो 5 से विभाज्य है' सत्य है। प्रतिधनात्मक: 'यदि 5 से विभाज्य नहीं, तो 0 पर खत्म नहीं' (सत्य)। विलोम: 'यदि 5 से विभाज्य, तो 0 पर खत्म' (असत्य: 15)।
'P, Q के लिए पर्याप्त है' और 'Q, P के लिए आवश्यक है', दोनों का अर्थ P → Q है।
निगमनात्मक तर्क: वैध रूप और न्यायवाक्य
निगमन में निष्कर्ष अनिवार्य रूप से निकलता है। तर्क वैध (valid) है अगर सत्य आधार से असत्य निष्कर्ष न निकल सके; प्रामाणिक (sound) है अगर वैध हो और आधार सचमुच सत्य हों।
अनुमान के नियम
- मोडस पोनेंस: P → Q; P; इसलिए Q।
- मोडस टोलेंस: P → Q; Q नहीं; इसलिए P नहीं।
- प्राक्कल्पनात्मक न्यायवाक्य: P → Q; Q → R; इसलिए P → R।
- वियोजक न्यायवाक्य: P या Q; P नहीं; इसलिए Q।
- रचनात्मक उभयतोपाश: (P → Q) और (R → S); P या R; इसलिए Q या S।
दिखने में मिलते-जुलते पर अवैध: परिणाम की पुष्टि (P → Q; Q; इसलिए P) और पूर्ववर्ती का निषेध (P → Q; P नहीं; इसलिए Q नहीं)।
निरुपाधिक (categorical) कथन
चार रूप: A 'सभी S, P हैं', E 'कोई S, P नहीं', I 'कुछ S, P हैं', O 'कुछ S, P नहीं हैं'। न्यायवाक्य में दो आधार-वाक्य और एक निष्कर्ष, तीन पदों के साथ। वेन आरेख से जाँचो: तीन मिलते घेरे बनाओ, 'सभी/कोई नहीं' के लिए खाली भाग छायांकित करो, 'कुछ' के लिए × लगाओ, फिर देखो क्या निष्कर्ष पहले से दिख रहा है।
आगमन, सादृश्य, उपपत्ति और तर्कदोष
अनिगमनात्मक तर्क
- आगमन: कई देखे गए उदाहरणों से सामान्य नियम ('मैंने जितने हंस देखे सब सफ़ेद थे, तो सभी हंस सफ़ेद हैं')। ज़्यादा, विविध और निष्पक्ष उदाहरणों से मज़बूत; एक प्रति-उदाहरण इसे तोड़ सकता है।
- सादृश्य (analogy): दो चीज़ें कुछ बातों में एक-सी हैं, तो शायद एक और बात में भी। समानताएँ प्रासंगिक हों तो ज़्यादा मज़बूत।
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष उपपत्ति
प्रत्यक्ष उपपत्ति: ज्ञात तथ्यों से कदम-दर-कदम परिणाम तक। उदाहरण: दो सम संख्याओं का योग 2a + 2b = 2(a + b) सम है।
अप्रत्यक्ष उपपत्ति (विरोधाभास द्वारा): मान लो कथन असत्य है और दिखाओ कि इससे कुछ असंभव निकलता है। उदाहरण: मान लो सबसे बड़ी पूर्ण संख्या N है; पर N + 1 उससे बड़ी है, विरोधाभास; इसलिए सबसे बड़ी पूर्ण संख्या नहीं होती। प्रति-उदाहरण 'सभी' वाले दावे को गलत साबित करता है।
तर्कदोष और विरोधाभास
तर्कदोष (fallacy) तर्क की गलती है: व्यक्ति पर हमला (ad hominem), भीड़ की दुहाई (ad populum), झूठे अधिकारी की दुहाई, झूठा द्विविकल्प (सिर्फ़ दो रास्ते), चक्रीय तर्क, शब्द-छल (एक शब्द, दो अर्थ), जल्दबाज़ी में सामान्यीकरण। विरोधाभास (paradox) कुछ असंभव साबित करता लगता है, जैसे 'यह वाक्य असत्य है'।
शर्तों वाली पहेलियाँ
बैठने और क्रम वाली पहेलियों में यही कौशल लगता है: हर संकेत को कथन लिखो, पहले पक्की बातें रखो, फिर स्थितियाँ परखो और विरोधाभास वाली हटाओ।
खुद करके देखो: गलत तर्क पकड़ो
- एक दिन विज्ञापन या पोस्ट पढ़ो। 'अगर तुम X इस्तेमाल करोगे तो Y होगा' जैसे दो दावे लिखो।
- हर एक का विलोम और प्रतिधनात्मक लिखो। विज्ञापन तुम्हें किस पर विश्वास कराना चाहता है?
- कोई तर्कदोष ढूँढो (भीड़, मशहूर व्यक्ति, सिर्फ़ दो विकल्प)।
- कंचा प्रयोग: थैले में 9 सफ़ेद और 1 रंगीन बटन डालो। 5 निकालो। क्या 'सब सफ़ेद हैं' सही लगता है? तब तक निकालो जब तक यह न टूटे।
3D के आखिरी चरण में P और Q के साथ हर संयोजक जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ¬P (नहीं); P ∧ Q (और); P ∨ Q (या); P → Q (यदि-तो, केवल T → F पर असत्य); P ↔ Q (एक-सा मान)
- n कथनों की सत्यता सारणी में 2ⁿ पंक्तियाँ
- प्रतिधनात्मक ¬Q → ¬P ≡ P → Q; विलोम और प्रतिलोम समतुल्य नहीं
- मोडस पोनेंस: P → Q, P ⊢ Q; मोडस टोलेंस: P → Q, ¬Q ⊢ ¬P
- डी मॉर्गन: ¬(P ∧ Q) ≡ ¬P ∨ ¬Q; ¬(P ∨ Q) ≡ ¬P ∧ ¬Q
- निरुपाधिक रूप: A (सभी), E (कोई नहीं), I (कुछ), O (कुछ … नहीं)
हल किए गए उदाहरण
1. P: 'आज रविवार है' (सत्य)। Q: 'स्कूल खुला है' (असत्य)। P ∧ Q, P ∨ Q, P → Q और ¬Q ज्ञात करो।
P ∧ Q = T और F = F। P ∨ Q = T या F = T। P → Q = T → F = F (एकमात्र असत्य स्थिति)। ¬Q = नहीं F = T।
2. क्या यह वैध है? 'अगर आकृति वर्ग है तो उसकी 4 भुजाएँ हैं। इस आकृति की 4 भुजाएँ हैं। इसलिए यह वर्ग है।'
वैध नहीं। यह परिणाम की पुष्टि है (P → Q; Q; इसलिए P)। आयत या पतंग की भी 4 भुजाएँ होती हैं। वैध होता मोडस पोनेंस: 'यह वर्ग है, इसलिए 4 भुजाएँ हैं'।
3. वेन आरेख से जाँचो: 'सभी बिल्लियाँ जंतु हैं। कुछ जंतु पालतू हैं। इसलिए कुछ बिल्लियाँ पालतू हैं।'
घेरे C (बिल्लियाँ), A (जंतु), P (पालतू) बनाओ। 'सभी बिल्लियाँ जंतु': C का A के बाहर वाला भाग छायांकित। 'कुछ जंतु पालतू': A ∩ P में ×, पर वह C के बाहर वाले भाग में भी हो सकता है। आरेख C ∩ P में × को ज़रूरी नहीं बनाता, इसलिए न्यायवाक्य अवैध है (भले निष्कर्ष संयोग से सत्य हो)।
4. विरोधाभास से सिद्ध करो: अगर n² सम है तो n सम है (n पूर्ण संख्या)।
मान लो n² सम है पर n विषम है। तब n = 2k + 1, तो n² = 4k² + 4k + 1 = 2(2k² + 2k) + 1, जो विषम है। यह 'n² सम है' के विरुद्ध है। इसलिए n सम होना चाहिए।
5. 'अगर बारिश होगी तो मैच रद्द होगा' का विलोम, प्रतिलोम और प्रतिधनात्मक लिखो। मूल के समतुल्य कौन-सा है?
विलोम: अगर मैच रद्द हुआ तो बारिश हुई। प्रतिलोम: अगर बारिश नहीं हुई तो मैच रद्द नहीं हुआ। प्रतिधनात्मक: अगर मैच रद्द नहीं हुआ तो बारिश नहीं हुई। केवल प्रतिधनात्मक समतुल्य है।
6. पाँच दोस्त A, B, C, D, E एक पंक्ति में बैठे हैं। C बीच में है। A बाएँ छोर पर है। B, C के ठीक दाएँ है। E, A के बगल में नहीं है। क्रम बताओ।
स्थान 1–5: A = 1, C = 3, B = 4। बचे 2 और 5, D और E के लिए। E, A के बगल में नहीं, तो E = 2 नहीं; E = 5, D = 2। क्रम: A, D, C, B, E।
आम गलतियाँ
- सोचना कि 'यदि P तो Q' का अर्थ 'यदि Q तो P' भी है। विलोम असत्य हो सकता है।
- 'सभी हैं' का निषेध 'कोई नहीं है' करना। सही निषेध है 'कम से कम एक नहीं है'।
- निष्कर्ष सत्य है इसलिए तर्क को वैध कहना। वैधता रूप पर निर्भर है, निष्कर्ष की सच्चाई पर नहीं।
- आगमन को प्रमाण मानना। कई उदाहरण नियम को संभावित बनाते हैं; एक प्रति-उदाहरण उसे गलत कर देता है।