पहले ये शब्द समझो
- आँकड़े: इकट्ठी की गई संख्याएँ, जैसे परीक्षा के अंक।
- माध्य (x̄): सब मान जोड़ो, गिनती से भाग दो। यह संतुलन बिंदु है।
- माध्यिका (M): क्रम में लगाने पर बीच वाला मान।
- विचलन: एक मान केंद्र से कितना दूर है, x − x̄। यह ऋण या धन हो सकता है।
- प्रकीर्णन: फैलाव। प्रकीर्णन की माप वह एक संख्या है जो बताती है आँकड़े कितने फैले हैं।
इसकी ज़रूरत क्यों? दो सूचियों का माध्य एक हो सकता है, फिर भी वे बहुत अलग हो सकती हैं।
परिसर (Range)
परिसर = सबसे बड़ा मान − सबसे छोटा मान।
यह जल्दी निकलता है, पर सिर्फ़ दो संख्याएँ देखता है। एक बहुत अलग मान परिसर को बहुत बड़ा कर देता है। इसलिए बेहतर माप चाहिए।
अवर्गीकृत आँकड़ों का माध्य विचलन
हर मान की केंद्र a (माध्य या माध्यिका) से दूरी लो। दूरी में ऋण चिह्न हटा देते हैं: |x − a|।
M.D.(a) = Σ|xᵢ − a| ÷ n
चरण: (1) माध्य या माध्यिका निकालो, (2) हर |x − a| लिखो, (3) जोड़ो, (4) n से भाग दो।
मापांक (| |) क्यों? सादे विचलन x − x̄ का जोड़ हमेशा 0 होता है, ऋण और धन कट जाते हैं।
तथ्य: माध्यिका के सापेक्ष माध्य विचलन सबसे छोटा होता है।
वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य विचलन
असतत बारंबारता सारणी (मान x, बारंबारता f, N = Σf): M.D.(a) = Σfᵢ|xᵢ − a| ÷ N।
सतत वर्ग (जैसे 0–10, 10–20): हर वर्ग का मध्य-मान x लो, फिर वही सूत्र।
सतत सारणी की माध्यिका: N/2 निकालो, संचयी बारंबारता से माध्यिका वर्ग ढूँढो, फिर माध्यिका = l + ((N/2 − cf) ÷ f) × h। यहाँ l = निम्न सीमा, cf = उस वर्ग से पहले की संचयी बारंबारता, f = उस वर्ग की बारंबारता, h = वर्ग की चौड़ाई।
अवर्गीकृत आँकड़ों का प्रसरण और मानक विचलन
प्रसरण σ² = Σ(xᵢ − x̄)² ÷ n। वर्ग करने से ऋण चिह्न हटते हैं और दूर के मानों को ज़्यादा वज़न मिलता है।
मानक विचलन σ = √प्रसरण। यह आँकड़ों की अपनी इकाई (अंक, cm, रन) में होता है।
छोटा सूत्र (जब माध्य दशमलव में हो): σ² = Σx² ÷ n − (x̄)²।
σ कभी ऋणात्मक नहीं होता। σ = 0 तभी जब सारे मान बराबर हों।
वर्गीकृत आँकड़ों का प्रसरण और मानक विचलन
असतत या सतत (मध्य-मान x लो): σ² = Σfᵢ(xᵢ − x̄)² ÷ N, या σ² = Σfx² ÷ N − (x̄)²।
पद-विचलन विधि (बड़ी संख्याओं में आसान): कल्पित माध्य A और वर्ग चौड़ाई h लो, u = (x − A) ÷ h। तब
σ² = h² [ Σfu² ÷ N − (Σfu ÷ N)² ] और x̄ = A + h × Σfu ÷ N।
हर मान में कोई संख्या जोड़ने पर σ नहीं बदलता। हर मान को k से गुणा करने पर σ भी |k| गुना हो जाता है।
दो आँकड़ों की तुलना: विचरण गुणांक
जब माध्य अलग हों, तब C.V. = (σ ÷ x̄) × 100 से फैलाव मिलाओ। जिसका C.V. कम, वह ज़्यादा स्थिर।
करके देखो: घर वालों का फैलाव
घर के 5 लोगों से पूछो कि कल रात वे कितने घंटे सोए (या 5 परीक्षा अंक लो)। परिसर निकालो, फिर माध्य, फिर हर दूरी, फिर उनके वर्ग। σ निकालो। अब 3D के आख़िरी चरण में स्लाइडर से यही 5 संख्याएँ रखो और उत्तर जाँचो। फिर एक स्लाइडर दूर खिसकाओ और देखो σ कितना उछलता है।
बोर्ड परीक्षा का पैटर्न
CBSE कक्षा 11 में सांख्यिकी और प्रायिकता इकाई के 12 अंक हैं। लंबा प्रश्न अक्सर वर्गीकृत सारणी का माध्य विचलन या प्रसरण और मानक विचलन पूछता है। सारणी में x, f, fx, d या u, fd² के स्तंभ ज़रूर बनाओ, ताकि चरण के अंक मिलें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- परिसर = सबसे बड़ा मान − सबसे छोटा मान
- M.D.(a) = Σ|xᵢ − a| ÷ n (a = माध्य या माध्यिका)
- वर्गीकृत: M.D.(a) = Σfᵢ|xᵢ − a| ÷ N
- प्रसरण σ² = Σ(xᵢ − x̄)² ÷ n = Σx² ÷ n − x̄²
- वर्गीकृत: σ² = Σfᵢ(xᵢ − x̄)² ÷ N
- पद-विचलन: σ² = h²[Σfu² ÷ N − (Σfu ÷ N)²], u = (x − A) ÷ h
- मानक विचलन σ = √प्रसरण
- C.V. = (σ ÷ x̄) × 100
हल किए गए उदाहरण
1. 12, 7, 19, 3, 15 का परिसर निकालो।
सबसे बड़ा = 19, सबसे छोटा = 3। परिसर = 19 − 3 = 16।
2. 3, 5, 7, 9, 11 का माध्य के सापेक्ष माध्य विचलन निकालो।
माध्य = 35 ÷ 5 = 7। दूरियाँ |x − 7|: 4, 2, 0, 2, 4। जोड़ = 12। M.D. = 12 ÷ 5 = 2.4।
3. 4, 7, 8, 9, 10, 12, 13, 17 का माध्यिका के सापेक्ष माध्य विचलन निकालो।
8 मान क्रम में हैं, माध्यिका = (9 + 10) ÷ 2 = 9.5। दूरियाँ: 5.5, 2.5, 1.5, 0.5, 0.5, 2.5, 3.5, 7.5। जोड़ = 24। M.D. = 24 ÷ 8 = 3।
4. 6, 8, 10, 12, 14 का प्रसरण और मानक विचलन निकालो।
माध्य = 50 ÷ 5 = 10। विचलन: −4, −2, 0, 2, 4। वर्ग: 16, 4, 0, 4, 16। जोड़ = 40। प्रसरण = 40 ÷ 5 = 8। σ = √8 ≈ 2.83।
5. सारणी x: 2, 4, 6, 8 और f: 1, 3, 4, 2 का माध्य के सापेक्ष माध्य विचलन और मानक विचलन निकालो।
N = 10। Σfx = 2 + 12 + 24 + 16 = 54, x̄ = 5.4। |x − 5.4|: 3.4, 1.4, 0.6, 2.6। f गुणा: 3.4, 4.2, 2.4, 5.2, जोड़ 15.2, M.D. = 1.52। Σfx² = 4 + 48 + 144 + 128 = 324। σ² = 32.4 − 29.16 = 3.24। σ = 1.8।
6. वर्ग 0–10, 10–20, 20–30, 30–40, 40–50 की बारंबारता 2, 3, 5, 3, 2 है। माध्य विचलन, प्रसरण और मानक विचलन निकालो।
मध्य-मान: 5, 15, 25, 35, 45; N = 15। Σfx = 375, x̄ = 25। f|x − 25|: 40, 30, 0, 30, 40 = 140; M.D. = 140 ÷ 15 ≈ 9.33। f(x − 25)²: 800, 300, 0, 300, 800 = 2200। σ² = 2200 ÷ 15 ≈ 146.67। σ ≈ 12.11।
7. इसी सारणी को पद-विचलन विधि से करो।
A = 25, h = 10, u = (x − 25) ÷ 10: −2, −1, 0, 1, 2। Σfu = −4 − 3 + 0 + 3 + 4 = 0। Σfu² = 8 + 3 + 0 + 3 + 8 = 22। σ² = 100 × [22 ÷ 15 − 0] ≈ 146.67। वही उत्तर, छोटी संख्याओं से।
8. वर्ग 0–10, 10–20, 20–30, 30–40 की बारंबारता 4, 6, 8, 2 है। माध्यिका के सापेक्ष माध्य विचलन निकालो।
N = 20, N/2 = 10। संचयी f: 4, 10, 18, 20। पहला वर्ग जिसकी cf 10 से ज़्यादा है: 20–30। l = 20, cf = 10, f = 8, h = 10। माध्यिका = 20 + 0 = 20। मध्य-मान 5, 15, 25, 35; |x − 20|: 15, 5, 5, 15; f गुणा: 60, 30, 40, 30 = 160। M.D. = 160 ÷ 20 = 8।
9. बल्लेबाज़ A: माध्य 50, σ 10। बल्लेबाज़ B: माध्य 80, σ 12। कौन ज़्यादा स्थिर है?
C.V.(A) = 10 ÷ 50 × 100 = 20%। C.V.(B) = 12 ÷ 80 × 100 = 15%। B का C.V. कम है, इसलिए B ज़्यादा स्थिर है।
आम गलतियाँ
- सादे विचलन (x − x̄) जोड़ना। इनका जोड़ हमेशा 0 होता है। माध्य विचलन में |x − x̄| और प्रसरण में (x − x̄)² लो।
- वर्गीकृत आँकड़ों में f से गुणा भूलना, या N = Σf की जगह वर्गों की गिनती से भाग देना।
- मानक विचलन पूछा हो और प्रसरण लिखकर छोड़ देना। अंत में वर्गमूल लो।
- पद-विचलन विधि में अंत में h² से गुणा भूलना।