पहले ये शब्द समझो
- यादृच्छिक प्रयोग: ऐसा काम जिसका नतीजा पहले से पता न हो, जैसे सिक्का उछालना।
- परिणाम: एक संभव नतीजा।
- प्रतिदर्श समष्टि S: सारे परिणामों का समुच्चय। दो सिक्कों के लिए S = {HH, HT, TH, TT}।
- घटना: S का कोई भी उपसमुच्चय। जो परिणाम आए वह इसके अंदर हो, तो घटना "घटित" हुई।
घटनाओं के प्रकार
- असंभव घटना: रिक्त समुच्चय ∅ (पासे पर 7 आना)।
- निश्चित घटना: स्वयं S (1 से 6 में कोई संख्या आना)।
- सरल (प्रारंभिक) घटना: ठीक एक परिणाम, जैसे {4}।
- मिश्र घटना: एक से ज़्यादा परिणाम, जैसे {2, 4, 6}।
घटनाओं का बीजगणित: नहीं, और, या
- A नहीं (पूरक A′): S के वे परिणाम जो A में नहीं। A′ = S − A।
- A और B (A ∩ B): जो A और B दोनों में हों।
- A या B (A ∪ B): जो A में, या B में, या दोनों में हों।
- A पर B नहीं (A − B = A ∩ B′): A के वे परिणाम जो B में नहीं।
पासे के गुटके सोचो: A कुछ गुटके उठाती है, B कुछ। "और" = दोनों से उठे (बैंगनी)। "या" = हर उठा हुआ गुटका।
परस्पर अपवर्जी और निःशेष घटनाएँ
परस्पर अपवर्जी: A ∩ B = ∅। दोनों एक साथ नहीं हो सकतीं। उदाहरण: एक पासे पर "सम" और "विषम"।
निःशेष: A ∪ B ∪ … = S। इनमें से कम से कम एक ज़रूर होगी।
जो घटनाएँ परस्पर अपवर्जी भी हों और निःशेष भी, उनकी प्रायिकताओं का जोड़ ठीक 1 होता है। पासे की सरल घटनाएँ {1}, {2}, …, {6} इसका उदाहरण हैं।
प्रायिकता का अभिगृहीतीय दृष्टिकोण
अभिगृहीत वह मूल नियम है जिसे बिना प्रमाण मान लेते हैं। प्रायिकता एक नियम P है जो हर घटना E को वास्तविक संख्या P(E) देता है, ऐसे कि:
- हर घटना के लिए P(E) ≥ 0।
- P(S) = 1।
- E और F परस्पर अपवर्जी हों तो P(E ∪ F) = P(E) + P(F)।
परिमित S = {ω₁, …, ωₙ} के लिए बस ऐसी संख्याएँ P(ωᵢ) ≥ 0 चाहिए जिनका जोड़ 1 हो। तब P(E) = E के परिणामों की P(ωᵢ) का जोड़। यह तब भी चलता है जब परिणाम बराबर संभव न हों। बराबर संभव हों तो पुराना सूत्र P(E) = n(E) ÷ n(S) मिलता है।
अभिगृहीतों से निकलने वाले परिणाम
- P(∅) = 0।
- 0 ≤ P(E) ≤ 1।
- P(A नहीं) = 1 − P(A), क्योंकि A और A′ परस्पर अपवर्जी हैं और मिलकर S बनाते हैं।
- P(A ∪ B) = P(A) + P(B) − P(A ∩ B)। साझा भाग दो बार गिना गया, इसलिए एक बार घटाओ।
- P(A पर B नहीं) = P(A) − P(A ∩ B)।
- A ⊆ B हो तो P(A) ≤ P(B)।
करके देखो: पर्चियों का प्रयोग
छह पर्चियों पर 1 से 6 लिखो। सम संख्याओं पर नीला घेरा और 3 से बड़ी पर नारंगी घेरा बनाओ। दोनों रंग वाली पर्चियाँ (A और B) और कम से कम एक रंग वाली (A या B) गिनो। जाँचो: 3 + 3 − 2 = 4। फिर 3D के आख़िरी चरण में बटन दबाकर वही A और B बनाओ और वही संख्याएँ देखो।
बोर्ड परीक्षा का पैटर्न
CBSE कक्षा 11 में सांख्यिकी और प्रायिकता इकाई के 12 अंक हैं। आम प्रश्न: प्रतिदर्श समष्टि लिखो, A ∪ B या A ∩ B बताओ, घटनाएँ परस्पर अपवर्जी या निःशेष हैं या नहीं, दी गई संख्याएँ मान्य प्रायिकता हैं या नहीं, और P(A ∪ B) = P(A) + P(B) − P(A ∩ B) का प्रयोग।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- घटना E ⊆ S; बराबर संभव परिणाम हों तो P(E) = n(E) ÷ n(S)
- अभिगृहीत: P(E) ≥ 0, P(S) = 1, E ∩ F = ∅ हो तो P(E ∪ F) = P(E) + P(F)
- P(∅) = 0 और 0 ≤ P(E) ≤ 1
- P(A′) = 1 − P(A)
- P(A ∪ B) = P(A) + P(B) − P(A ∩ B)
- P(A ∩ B′) = P(A) − P(A ∩ B)
- परस्पर अपवर्जी: A ∩ B = ∅; निःशेष: A ∪ B = S
हल किए गए उदाहरण
1. दो सिक्के उछाले। S लिखो और P(कम से कम एक चित) निकालो।
S = {HH, HT, TH, TT}, n(S) = 4। कम से कम एक चित = {HH, HT, TH}, 3 परिणाम। P = 3/4।
2. पासा फेंका। A = सम, B = अभाज्य। A ∩ B, A ∪ B और P(A ∪ B) निकालो।
A = {2, 4, 6}, B = {2, 3, 5}। A ∩ B = {2}। A ∪ B = {2, 3, 4, 5, 6}। P(A ∪ B) = 3/6 + 3/6 − 1/6 = 5/6। गिनकर जाँच: 6 में से 5।
3. S = {ω₁, ω₂, ω₃, ω₄}। कौन-सा मान्य है? (a) 0.3, 0.2, 0.4, 0.1 (b) 0.5, 0.6, −0.1, 0 (c) 0.4, 0.3, 0.2, 0.2
(a) सब ≥ 0 और जोड़ = 1, मान्य। (b) में −0.1 है, अभिगृहीत 1 टूटा, अमान्य। (c) जोड़ = 1.1, P(S) = 1 टूटा, अमान्य।
4. P(A) = 0.42, P(B) = 0.48, P(A ∩ B) = 0.16। P(A ∪ B), P(A′) और P(A पर B नहीं) निकालो।
P(A ∪ B) = 0.42 + 0.48 − 0.16 = 0.74। P(A′) = 1 − 0.42 = 0.58। P(A ∩ B′) = 0.42 − 0.16 = 0.26।
5. 52 पत्तों में से एक पत्ता निकाला। P(बादशाह या पान) निकालो।
P(बादशाह) = 4/52, P(पान) = 13/52, P(पान का बादशाह) = 1/52। P = 4/52 + 13/52 − 1/52 = 16/52 = 4/13।
6. A और B परस्पर अपवर्जी हैं, P(A) = 0.35, P(B) = 0.45। P(A या B) और P(दोनों में से कोई नहीं) निकालो।
साझा कुछ नहीं, तो P(A ∪ B) = 0.35 + 0.45 = 0.8। कोई नहीं = 1 − 0.8 = 0.2।
7. तीन सिक्के उछाले। A = ठीक दो चित, B = कोई चित नहीं, C = कम से कम दो चित। कौन-से जोड़े परस्पर अपवर्जी हैं? P(C) निकालो।
S में 8 परिणाम। A = {HHT, HTH, THH}, B = {TTT}, C = {HHT, HTH, THH, HHH}। A ∩ B = ∅, B ∩ C = ∅, तो A, B और B, C परस्पर अपवर्जी। A ∩ C = A, रिक्त नहीं। P(C) = 4/8 = 1/2।
8. 4 लड़कों और 3 लड़कियों में से 2 विद्यार्थी यादृच्छया चुने। P(दोनों लड़कियाँ) और P(कम से कम एक लड़का) निकालो।
n(S) = ⁷C₂ = 21। दोनों लड़कियाँ: ³C₂ = 3, P = 3/21 = 1/7। "कम से कम एक लड़का" = "दोनों लड़कियाँ" नहीं, तो P = 1 − 1/7 = 6/7।
9. P(A) = 1/2, P(B) = 1/3, P(A ∩ B) = 1/6। P(न A न B) निकालो।
P(A ∪ B) = 3/6 + 2/6 − 1/6 = 4/6 = 2/3। न A न B = (A या B) नहीं, तो P = 1 − 2/3 = 1/3।
आम गलतियाँ
- घटनाएँ साझा हों फिर भी "A या B" में सिर्फ़ P(A) + P(B) जोड़ देना। P(A ∩ B) घटाओ।
- परस्पर अपवर्जी को निःशेष समझ लेना। {1, 2} और {5, 6} में कुछ साझा नहीं, पर वे पूरा S नहीं बनाते।
- ऋणात्मक संख्या वाली या 1 के अलावा जोड़ वाली संख्याओं को मान्य प्रायिकता मान लेना।
- A′ को प्रायिकता लिखना। A′ एक समुच्चय (घटना) है; P(A′) उसकी प्रायिकता है।