Netherlands HAVO 4 (bovenbouw, 2e fase) Mathematics D
अध्याय: 3
1. Skills
General skills · Profile-specific skills · Mathematical skills
- शोध कौशल: प्रश्न से पूरे प्रोजेक्ट तक – शोध उत्तर खोजने का सावधान तरीका है। आप एक साफ़, सीमित प्रश्न पूछते हैं, उसका उत्तर पाने की योजना बनाते हैं, जानकारी खोजते हैं और हर स्रोत पर भरोसे की जाँच करते हैं, अपने आँकड़े जुटाकर विश्लेषण करते हैं, सबूत पर टिका निष्कर्ष निकालते हैं, और हर स्रोत को श्रेय देते हुए उसे साझा करते हैं।
- गणितीय निदर्शन: गणित से असली दुनिया को समझना – गणितीय मॉडल (mathematical model) एक समीकरण, ग्राफ़ या तालिका है जो किसी असली स्थिति को सरल तरीके से बताती है। मॉडलिंग चक्र: असली समस्या समझो → चर चुनो और मान्यताएँ बनाओ → मॉडल बनाओ (जैसे रैखिक, द्विघात या चरघातांकी) → हल करो और अनुमान लगाओ → असली आँकड़ों से जाँचो → मॉडल सुधारो या उसकी सीमा बताओ। कोई मॉडल पूरी तरह सही नहीं होता; अच्छा मॉडल सरल होता है और काम लायक सही होता है।
- गणित में समस्या-समाधान – समस्या वह प्रश्न है जिसकी विधि तुम्हें अभी पता नहीं। अच्छा हल करने वाला चार चरण अपनाता है: समस्या को समझना और परखना, रणनीति (ह्यूरिस्टिक) चुनकर योजना बनाना (चित्र बनाना, छोटे उदाहरण, तालिका, पैटर्न, अनुमान-जाँच, उलटा चलना), योजना पर काम करना, और पीछे देखकर जाँच और विचार करना। n लोगों के हाथ मिलाने की समस्या, जिसका उत्तर n(n−1)/2 है, सारे चरण दिखाती है।
2. Statistics and probability (part 1)
Visualising and interpreting data · Combinatorics · Probability
- क्रमचय और संचय – इस अध्याय का मूल है: बिना सूची बनाए गिनना। गणना का मूल सिद्धांत कहता है: यदि एक काम m तरीकों से और उसके बाद दूसरा n तरीकों से हो सकता है, तो दोनों मिलकर m × n तरीकों से होते हैं। n! (n क्रमगुणित) = 1 × 2 × … × n, और 0! = 1। क्रमचय एक व्यवस्था है, जिसमें क्रम मायने रखता है: n भिन्न वस्तुओं में से r को व्यवस्थित करने के तरीके ⁿPᵣ = n!/(n − r)!। संचय एक चयन है, जिसमें क्रम मायने नहीं रखता: ⁿCᵣ = n!/(r!(n − r)!)। हर चयन को r! तरीकों से सजा सकते हैं, इसलिए ⁿPᵣ = ⁿCᵣ × r!। उपयोगी तथ्य: ⁿCᵣ = ⁿCₙ₋ᵣ और ⁿCᵣ + ⁿCᵣ₋₁ = ⁿ⁺¹Cᵣ। कुछ वस्तुएँ समान हों तो हर दोहराव की संख्या के क्रमगुणित से भाग दें।
- प्रायिकता: एक घटना की संभावना – प्रायिकता बताती है कि कोई बात होने की कितनी संभावना है, 0 से 1 तक की एक संख्या में। जब सारे परिणाम समप्रायिक हों, तब P(घटना) = अनुकूल परिणामों की संख्या ÷ कुल परिणामों की संख्या। असंभव घटना की प्रायिकता 0 और निश्चित घटना की 1 होती है।
3. Solid geometry
Area and volume · Views, nets and cross-sections · Relative position of points, lines and planes · Coordinates and vectors
- पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन: ठोसों का संयोजन – बहुत सी चीज़ें दो सरल ठोसों को जोड़कर बनती हैं, जैसे बेलन के ऊपर शंकु। पृष्ठीय क्षेत्रफल सिर्फ़ बाहर की सतह है, इसलिए जोड़ वाला छिपा हिस्सा नहीं गिनते। आयतन अंदर की जगह है, इसलिए हिस्सों के आयतन सीधे जोड़ देते हैं।
- ठोसों के लंबकोणीय दृश्य – लंबकोणीय (orthographic) दृश्य किसी ठोस को एक दिशा से बिल्कुल सीधा देखने पर दिखता है, बिना परिप्रेक्ष्य के। तीन मुख्य दृश्य हैं: सामने का दृश्य (उन्नयन), ऊपर का दृश्य (योजना) और पार्श्व दृश्य (बगल का उन्नयन)। हर दृश्य एक माप छिपा देता है, इसलिए आकार तय करने के लिए आम तौर पर तीनों चाहिए। दृश्य एक तय क्रम में रखे जाते हैं: प्रथम कोण प्रक्षेप (योजना सामने के दृश्य के नीचे; भारत, यूरोप, ISO) या तृतीय कोण प्रक्षेप (योजना ऊपर; अमेरिका)। दिखने वाले किनारे मोटी सतत रेखा, छिपे किनारे टूटी रेखा, और केंद्र रेखाएँ शृंखला रेखा से बनती हैं। जाल वह समतल आकृति है जो मुड़कर ठोस बनती है, और अनुप्रस्थ काट ठोस को काटने पर दिखने वाली सतह है।
- अंतरिक्ष में रेखाएँ और समतल – दो बिंदु एक रेखा तय करते हैं; एक रेखा पर न पड़ने वाले तीन बिंदु एक समतल। अंतरिक्ष में दो रेखाएँ या तो मिलती हैं, या समांतर हैं, या विषमतलीय। रेखा समतल में पड़ी होती है, उसके समांतर होती है या उसे एक बिंदु पर काटती है; दो समतल समांतर होते हैं या एक रेखा में मिलते हैं। रेखा समतल पर लंब है अगर वह समतल की दो कटती रेखाओं पर लंब हो। अभिलंब n = (a, b, c) से समतल ax + by + cz = d, रेखा r = a + t·u, और बिंदु (x₀, y₀, z₀) से दूरी |ax₀ + by₀ + cz₀ − d| ÷ √(a² + b² + c²)।
- सदिश बीजगणित – सदिश (vector) में माप (परिमाण) और दिशा दोनों होते हैं। 3D में a = xî + yĵ + zk̂ लिखते हैं। लंबाई |a| = √(x² + y² + z²)। दिक्-कोसाइन l = x/|a|, m = y/|a|, n = z/|a| और l² + m² + n² = 1। सदिश सिर-से-पूँछ (त्रिभुज नियम) या घटक-दर-घटक जुड़ते हैं। ka लंबाई को k गुना करता है, k ऋण हो तो दिशा उल्टी। AB को m : n में बाँटने वाले बिंदु का स्थिति सदिश अंतः (mb + na)/(m + n) और बाह्य (mb − na)/(m − n)। अदिश गुणनफल a·b = |a||b|cosθ एक संख्या है। सदिश गुणनफल a×b दोनों पर लंब नया सदिश है; इसकी लंबाई समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल है।