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पाइथागोरस प्रमेय

किसी भी समकोण त्रिभुज में सबसे लंबी भुजा (कर्ण) का वर्ग बाकी दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है: a² + b² = c²।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह एक समकोण त्रिभुज है। इसकी दो छोटी भुजाएँ 3 और 4 हैं। हमें लंबी भुजा c चाहिए।
  2. भुजा a पर ब्लॉक से वर्ग बनाओ: 3 × 3 = 9 नीले ब्लॉक।
  3. भुजा b पर वर्ग बनाओ: 4 × 4 = 16 हरे ब्लॉक।
  4. अब लंबी भुजा पर खाली वर्ग देखो। इसमें 5 × 5 = 25 ब्लॉक आएँगे।
  5. देखो! 9 नीले और 16 हरे ब्लॉक कूदकर बड़े वर्ग में जाते हैं। वर्ग पूरा भर जाता है।
  6. यानी दोनों छोटे वर्ग मिलकर बड़ा वर्ग बनाते हैं: a² + b² = c²। 9 + 16 = 25, और c = 5।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

पाइथागोरस प्रमेय क्या है?

समकोण त्रिभुज में एक कोण ठीक 90° का होता है। इस कोण के सामने वाली भुजा सबसे लंबी होती है और इसे कर्ण (c) कहते हैं। बाकी दो भुजाएँ a और b हैं, जिन्हें लंब और आधार भी कहते हैं।

अगर हर भुजा पर एक वर्ग बनाएँ, तो कर्ण वाले बड़े वर्ग का क्षेत्रफल दोनों छोटे वर्गों के क्षेत्रफल के जोड़ के बिल्कुल बराबर होता है।

यह क्यों सही है? चित्र से प्रमाण

एक ही समकोण त्रिभुज की चार कॉपी लें और उन्हें (a + b) भुजा वाले बड़े वर्ग के अंदर रखें। बीच की खाली जगह c भुजा का एक तिरछा वर्ग है, जिसका क्षेत्रफल c² है।

अब उन्हीं चार त्रिभुजों को उसी बड़े वर्ग में दूसरी तरह रखें। अब खाली जगह दो वर्ग बन जाती है: एक a² का और एक b² का। बड़ा वर्ग और चार त्रिभुज नहीं बदले, इसलिए खाली जगह भी बराबर है: a² + b² = c²। एनिमेशन चलाकर देखें।

पाइथागोरस प्रमेय का विलोम

यह प्रमेय उल्टा भी सही है। अगर किसी त्रिभुज की भुजाएँ a² + b² = c² को पूरा करती हैं, तो c के सामने वाला कोण 90° होगा। मिस्त्री 3-4-5 की रस्सी से इसी तरह सीधा कोना बनाते हैं।

पाइथागोरस त्रिक

जो पूर्ण संख्याएँ इस नियम में फिट होती हैं, उन्हें पाइथागोरस त्रिक कहते हैं: 3-4-5, 5-12-13, 8-15-17 और 7-24-25। किसी त्रिक का गुणज (6-8-10, 9-12-15) भी त्रिक होता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. समकोण त्रिभुज की दो छोटी भुजाएँ 6 cm और 8 cm हैं। कर्ण ज्ञात करें।

c² = 6² + 8² = 36 + 64 = 100, इसलिए c = √100 = 10 cm।

2. 13 m लंबी सीढ़ी दीवार से टिकी है। उसका निचला सिरा दीवार से 5 m दूर है। सीढ़ी दीवार पर कितनी ऊँचाई तक पहुँचती है?

सीढ़ी कर्ण है। h² = 13² − 5² = 169 − 25 = 144, इसलिए h = 12 m।

3. क्या 7, 10 और 12 भुजाओं वाला त्रिभुज समकोण है?

7² + 10² = 49 + 100 = 149, लेकिन 12² = 144। दोनों बराबर नहीं हैं, इसलिए यह समकोण त्रिभुज नहीं है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. कर्ण कौन सी भुजा है?
2. भुजाएँ 9 और 12 हैं। कर्ण है:
3. इनमें पाइथागोरस त्रिक कौन सा है?
4. कर्ण 17, एक भुजा 8। दूसरी भुजा है:
5. भुजाएँ 10, 24, 26 बनाती हैं:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाइथागोरस प्रमेय का सूत्र क्या है?

a² + b² = c², जहाँ c कर्ण है और a, b समकोण त्रिभुज की दो छोटी भुजाएँ हैं।

क्या पाइथागोरस प्रमेय हर त्रिभुज पर लागू होता है?

नहीं, यह सिर्फ़ समकोण त्रिभुज पर लागू होता है। बाकी त्रिभुजों के लिए कोसाइन नियम लगता है।

पाइथागोरस प्रमेय किस कक्षा में पढ़ाया जाता है?

CBSE कक्षा 10 (त्रिभुज अध्याय), GCSE Year 10, अमेरिका Grade 8, जापान 中学3年 और जर्मनी Klasse 8–9 में।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

CBSE (भारत)कक्षा 10त्रिभुज
इंग्लैंड (KS3, GCSE, A-level)ईयर 10ज्यामिति और माप
अमेरिका (Common Core, NGSS, AP)ग्रेड 8ज्यामिति (8.G)