Ukraine 11 клас Mathematics (advanced, in-depth from grade 8)
अध्याय: 10
1. Algebra: exponential and logarithmic functions (36 h)
Exponential and logarithmic functions · Equations, inequalities and systems
- लघुगणक (Logarithm) – लघुगणक बताता है कि कौन-सी घात चाहिए। log_b x = y का मतलब b^y = x। जैसे log₂ 8 = 3, क्योंकि 2³ = 8। लघुगणक गुणा को जोड़ में बदल देता है: log(ab) = log a + log b, log(a/b) = log a − log b, log(aⁿ) = n log a। आधार 10 = साधारण लघुगणक, आधार e = प्राकृतिक लघुगणक (ln)। आधार बदल सकते हैं: log_b x = log x ÷ log b।
- चरघातांकी समीकरण और असमिकाएँ – चरघातांकी समीकरण में अज्ञात x घात में होता है, जैसे 2^x = 8। इसे हल करने के तीन तरीके हैं: आधार समान बनाओ, छिपा द्विघात हो तो प्रतिस्थापन करो, या लघुगणक लो। असमिका में आधार 1 से बड़ा हो तो चिह्न वही रहता है, 0 और 1 के बीच हो तो पलट जाता है।
2. Algebra: integral and applications (30 h)
Antiderivatives · Definite integral
- समाकलन – समाकलन अवकलन को उलट देता है: अगर F′(x) = f(x), तो ∫f(x) dx = F(x) + C। हम मानक सूत्रों, प्रतिस्थापन (अंदर वाले हिस्से को u मानना), आंशिक भिन्न (भिन्न को तोड़ना) और खंडशः समाकलन (∫u dv = uv − ∫v du) से समाकलन करते हैं। निश्चित समाकल ∫ₐᵇ f(x) dx, a से b तक वक्र के नीचे का चिह्नित क्षेत्रफल है, और मूल प्रमेय के अनुसार यह F(b) − F(a) के बराबर है।
3. Algebra: probability theory (36 h)
Binomial theorem · Probability
- धन पूर्णांक घातांक के लिए द्विपद प्रमेय – द्विपद यानी दो पदों वाला व्यंजक, जैसे a + b। द्विपद प्रमेय बताता है कि किसी भी धन पूर्णांक n के लिए (a + b)ⁿ को बार-बार गुणा किए बिना कैसे खोलें: (a + b)ⁿ = ⁿC₀aⁿ + ⁿC₁aⁿ⁻¹b + ⁿC₂aⁿ⁻²b² + … + ⁿCₙbⁿ। कुल n + 1 पद होते हैं। हर पद में a की घात 1 घटती और b की घात 1 बढ़ती है, और दोनों घातों का योग हमेशा n रहता है। गुणांक ⁿCᵣ पास्कल त्रिभुज की पंक्ति n की संख्याएँ हैं, जहाँ हर संख्या ऊपर की दो संख्याओं का योग है। (r + 1)वाँ पद Tᵣ₊₁ = ⁿCᵣ aⁿ⁻ʳ bʳ है। यह पैटर्न भारत में बहुत पहले ज्ञात था (पिंगल का मेरु प्रस्तार), फ़ारस और चीन में भी, और बाद में पास्कल ने इसका विस्तार से अध्ययन किया। प्रमेय की उपपत्ति ⁿCᵣ₋₁ + ⁿCᵣ = ⁿ⁺¹Cᵣ की मदद से गणितीय आगमन से होती है।
- सप्रतिबंध प्रायिकता, गुणन नियम और स्वतंत्र घटनाएँ – सप्रतिबंध प्रायिकता का मतलब है: जब हमें पहले से पता हो कि घटना B हो चुकी है, तब A का मौका। B के बाहर के सारे परिणाम हटाओ और फिर से गिनो: P(A|B) = P(A ∩ B) ÷ P(B)। इसी से गुणन नियम मिलता है: P(A ∩ B) = P(B)·P(A|B)। अगर B जानकर A का मौका न बदले, तो घटनाएँ स्वतंत्र हैं और P(A ∩ B) = P(A)·P(B)।
4. Algebra: complex numbers and polynomials (34 h)
Complex numbers · Polynomials
- सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण – x² + 1 = 0 जैसे समीकरण का कोई वास्तविक हल नहीं है, क्योंकि किसी वास्तविक संख्या का वर्ग ऋणात्मक नहीं होता। इसलिए एक नई संख्या i ली गई, जिसमें i² = −1। सम्मिश्र संख्या z = a + ib है: a वास्तविक भाग और b काल्पनिक भाग। जोड़, घटाव, गुणा साधारण बीजगणित जैसे होते हैं, बस i² की जगह −1 लिखें। भाग के लिए ऊपर-नीचे हर के संयुग्मी से गुणा करें। आर्गंड तल पर a + ib बिंदु (a, b) है। संयुग्मी a − ib वास्तविक अक्ष में उसका दर्पण प्रतिबिंब है और मापांक √(a² + b²) मूल बिंदु से दूरी है। जब D = b² − 4ac < 0 हो, तो द्विघात समीकरण के दोनों मूल सम्मिश्र और एक-दूसरे के संयुग्मी होते हैं।
- बहुपदों का परिचय – बीजीय व्यंजक 3x², −5x, 7 जैसे पदों से बनता है। जब चर (x) की हर घात पूर्ण संख्या (0, 1, 2, …) हो, तो वह बहुपद है। सबसे बड़ी घात को बहुपद की घात कहते हैं। घात 1 वाले बहुपद y = ax + b रैखिक कहलाते हैं। ये हर कदम पर बराबर बढ़ने या घटने वाली चीज़ें दिखाते हैं। a ढाल है (हर कदम का बदलाव) और b y-अंतःखंड (शुरुआती मान)।
5. Algebra: review and problem solving (74 h)
Review of the course
- गणितीय निदर्शन: गणित से असली दुनिया को समझना – गणितीय मॉडल (mathematical model) एक समीकरण, ग्राफ़ या तालिका है जो किसी असली स्थिति को सरल तरीके से बताती है। मॉडलिंग चक्र: असली समस्या समझो → चर चुनो और मान्यताएँ बनाओ → मॉडल बनाओ (जैसे रैखिक, द्विघात या चरघातांकी) → हल करो और अनुमान लगाओ → असली आँकड़ों से जाँचो → मॉडल सुधारो या उसकी सीमा बताओ। कोई मॉडल पूरी तरह सही नहीं होता; अच्छा मॉडल सरल होता है और काम लायक सही होता है।
6. Geometry: polyhedra
Polyhedra · Trihedral angle
- बहुफलक: प्रिज़्म, पिरामिड और प्लेटोनिक ठोस – बहुफलक (polyhedron) ऐसा बंद ठोस है जिसकी पूरी सतह समतल बहुभुजों (फलकों) से बनी हो। फलक किनारों पर मिलते हैं और किनारे शीर्षों पर। प्रिज़्म के दो बराबर समांतर आधार होते हैं; पिरामिड का एक आधार और त्रिभुज जो शीर्ष-बिंदु पर मिलते हैं; छिन्नक (frustum) वह पिरामिड है जिसका ऊपरी भाग आधार के समांतर तल से काट दिया गया हो। हर उत्तल बहुफलक के लिए ऑयलर सूत्र V − E + F = 2 सही है। सम (प्लेटोनिक) बहुफलक ठीक पाँच हैं।
- ठोस ज्यामिति: अंतरिक्ष में बिंदु, रेखाएँ और समतल – ठोस ज्यामिति तीन विमाओं (3D) की आकृतियों का अध्ययन है। एक रेखा पर न पड़ने वाले तीन बिंदु एक समतल तय करते हैं। अंतरिक्ष में दो रेखाएँ समांतर, प्रतिच्छेदी या विषमतलीय (skew, किसी एक तल में नहीं) हो सकती हैं। रेखा समतल में पड़ी हो सकती है, उसे काट सकती है या उसके समांतर हो सकती है; वह समतल पर लंब है अगर वह समतल की दो प्रतिच्छेदी रेखाओं पर लंब हो। अंतरिक्ष के कोण समतल पर प्रक्षेप लेकर समकोण त्रिभुज से निकाले जाते हैं।
7. Geometry: elements of tetrahedron geometry
Special tetrahedra
- बहुफलक: प्रिज़्म, पिरामिड और प्लेटोनिक ठोस – बहुफलक (polyhedron) ऐसा बंद ठोस है जिसकी पूरी सतह समतल बहुभुजों (फलकों) से बनी हो। फलक किनारों पर मिलते हैं और किनारे शीर्षों पर। प्रिज़्म के दो बराबर समांतर आधार होते हैं; पिरामिड का एक आधार और त्रिभुज जो शीर्ष-बिंदु पर मिलते हैं; छिन्नक (frustum) वह पिरामिड है जिसका ऊपरी भाग आधार के समांतर तल से काट दिया गया हो। हर उत्तल बहुफलक के लिए ऑयलर सूत्र V − E + F = 2 सही है। सम (प्लेटोनिक) बहुफलक ठीक पाँच हैं।
8. Geometry: solids of revolution
Round solids · Combinations of solids
- परिक्रमण ठोस (Solids of Revolution) – जब कोई सपाट आकृति किसी सीधी रेखा (अक्ष) के चारों ओर पूरा 360° घूमती है, तो जो 3D आकृति बनती है उसे परिक्रमण ठोस कहते हैं। आयत से बेलन, समकोण त्रिभुज से शंकु, अर्धवृत्त से गोला और समलंब से छिन्नक बनता है। इनके आयतन हैं V = πr²h, ⅓πr²h, ⁴⁄₃πr³ और ⅓πh(R² + Rr + r²)। कलन में वक्र y = f(x) को x-अक्ष पर घुमाने से V = π∫y² dx।
9. Geometry: volumes of polyhedra
Volumes
- ठोसों का आयतन: प्रिज़्म, पिरामिड और छिन्नक – आयतन वह जगह है जो कोई ठोस घेरता है, जिसे इकाई-घनों से गिना जाता है। प्रिज़्म या समांतर षट्फलक का आयतन V = आधार का क्षेत्रफल × ऊँचाई। पिरामिड का आयतन V = ⅓ × आधार क्षेत्रफल × ऊँचाई। छिन्नक (ऊपर से कटा पिरामिड) का आयतन V = h/3 × (B₁ + B₂ + √(B₁B₂))। सब एक ही विचार से निकलते हैं: पतली परतों को जोड़ना।
10. Geometry: volumes and surfaces of round solids
Volumes and surfaces
- पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन: ठोसों का संयोजन – बहुत सी चीज़ें दो सरल ठोसों को जोड़कर बनती हैं, जैसे बेलन के ऊपर शंकु। पृष्ठीय क्षेत्रफल सिर्फ़ बाहर की सतह है, इसलिए जोड़ वाला छिपा हिस्सा नहीं गिनते। आयतन अंदर की जगह है, इसलिए हिस्सों के आयतन सीधे जोड़ देते हैं।