रेखा की दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात
रेखा धनात्मक x, y, z अक्षों से α, β, γ कोण बनाए तो l = cos α, m = cos β, n = cos γ उसकी दिक्-कोसाइन हैं। रेखा को उल्टी दिशा में पढ़ो तो −l, −m, −n — रेखा वही।
- l² + m² + n² = 1।
- दिक्-अनुपात a, b, c: l, m, n के समानुपाती कोई भी संख्याएँ। तब l = ±a/√(a² + b² + c²)।
- P(x₁, y₁, z₁) और Q(x₂, y₂, z₂) से होकर रेखा के दिक्-अनुपात x₂ − x₁, y₂ − y₁, z₂ − z₁; PQ से भाग दो तो दिक्-कोसाइन।
l² + m² + n² = 1 क्यों: रेखा पर मूल बिंदु से r दूरी का बिंदु (lr, mr, nr) है, और x² + y² + z² = r²।
रेखा का सदिश और कार्तीय समीकरण
एक बिंदु से होकर, एक सदिश के समांतर
बिंदु A (स्थिति सदिश a), दिशा b। रेखा के किसी बिंदु P के लिए AP, b के समांतर है, तो AP = λb। इससे सदिश समीकरण r = a + λb।
a = (x₁, y₁, z₁) और b के दिक्-अनुपात a, b, c हों तो x = x₁ + λa, y = y₁ + λb, z = z₁ + λc। λ हटाओ: कार्तीय समीकरण
(x − x₁)/a = (y − y₁)/b = (z − z₁)/c।
दो बिंदुओं से होकर
r = a + λ(b − a); कार्तीय: (x − x₁)/(x₂ − x₁) = (y − y₁)/(y₂ − y₁) = (z − z₁)/(z₂ − z₁)।
ध्यान दो: हर से दिक्-अनुपात पढ़ो, पर पहले x, y, z के गुणांक 1 करो। (3 − x)/2 का अर्थ (x − 3)/(−2)।
दो रेखाओं के बीच कोण
दो रेखाओं के बीच कोण उनकी दिशाओं b₁ और b₂ के बीच का (न्यून) कोण है:
cos θ = |b₁·b₂| / (|b₁||b₂|)।
दिक्-अनुपातों में: cos θ = |a₁a₂ + b₁b₂ + c₁c₂| / (√(a₁² + b₁² + c₁²) √(a₂² + b₂² + c₂²))। दिक्-कोसाइन में: |l₁l₂ + m₁m₂ + n₁n₂|।
- लंब: a₁a₂ + b₁b₂ + c₁c₂ = 0।
- समांतर: a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂।
विषमतलीय रेखाएँ
आकाश में दो रेखाएँ हो सकती हैं:
- समांतर — एक दिशा, कभी नहीं मिलतीं (एक समतल में)।
- प्रतिच्छेदी — एक बिंदु पर मिलती हैं (एक समतल में)।
- विषमतलीय — न समांतर, न मिलतीं। कोई एक समतल दोनों को नहीं रख सकता। यह सिर्फ़ 3D में होता है।
जाँच: दिशाएँ समानुपाती न हों तो नीचे के सूत्र से d निकालो। d = 0 → प्रतिच्छेदी; d > 0 → विषमतलीय।
दो रेखाओं के बीच न्यूनतम दूरी
विषमतलीय रेखाएँ r = a₁ + λb₁ और r = a₂ + μb₂ हों। सबसे छोटा खंड दोनों पर लंब है, इसलिए वह b₁ × b₂ की दिशा में है। a₂ − a₁ का उस दिशा पर प्रक्षेप ही दूरी है:
d = |(a₂ − a₁)·(b₁ × b₂)| / |b₁ × b₂|।
कार्तीय रूप में ऊपर 3 × 3 सारणिक (पंक्तियाँ: x₂ − x₁, y₂ − y₁, z₂ − z₁; a₁, b₁, c₁; a₂, b₂, c₂) और नीचे √((b₁c₂ − b₂c₁)² + (c₁a₂ − c₂a₁)² + (a₁b₂ − a₂b₁)²)।
समांतर रेखाएँ
दोनों की दिशा b हो तो d = |b × (a₂ − a₁)| / |b|। (यहाँ b₁ × b₂ = 0, इसलिए विषमतलीय सूत्र नहीं चलता।)
बोर्ड परीक्षा: न्यूनतम दूरी (4–5 अंक), रेखाओं के बीच कोण और दो बिंदुओं से रेखा का समीकरण लगभग हर साल पूछे जाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- l² + m² + n² = 1; l = a/√(a² + b² + c²)
- दो बिंदुओं से दिक्-अनुपात: x₂ − x₁, y₂ − y₁, z₂ − z₁
- सदिश: r = a + λb; दो बिंदुओं से: r = a + λ(b − a)
- कार्तीय: (x − x₁)/a = (y − y₁)/b = (z − z₁)/c
- cosθ = |b₁·b₂| / (|b₁||b₂|)
- लंब: a₁a₂ + b₁b₂ + c₁c₂ = 0; समांतर: a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂
- विषमतलीय: d = |(a₂ − a₁)·(b₁ × b₂)| / |b₁ × b₂|
- समांतर: d = |b × (a₂ − a₁)| / |b|
हल किए गए उदाहरण
1. A(1, 2, 3) और B(3, 4, 4) से होकर रेखा की दिक्-कोसाइन?
चरण 1: दिक्-अनुपात (2, 2, 1)। चरण 2: AB = √9 = 3। चरण 3: l, m, n = 2/3, 2/3, 1/3। जाँच: 4/9 + 4/9 + 1/9 = 1 ✓।
2. रेखा (x − 3)/2 = (y + 1)/(−2) = z/1 की दिक्-कोसाइन?
चरण 1: दिक्-अनुपात 2, −2, 1। चरण 2: √9 = 3। चरण 3: 2/3, −2/3, 1/3।
3. (5, 2, −4) से होकर 3î + 2ĵ − 8k̂ के समांतर रेखा के सदिश और कार्तीय समीकरण?
चरण 1: a = 5î + 2ĵ − 4k̂, b = 3î + 2ĵ − 8k̂। चरण 2: r = (5î + 2ĵ − 4k̂) + λ(3î + 2ĵ − 8k̂)। चरण 3: (x − 5)/3 = (y − 2)/2 = (z + 4)/(−8)।
4. (−1, 0, 2) और (3, 4, 6) से होकर रेखा का कार्तीय समीकरण?
चरण 1: दिक्-अनुपात (4, 4, 4) ~ (1, 1, 1)। चरण 2: पहला बिंदु लो। चरण 3: x + 1 = y = z − 2।
5. दिक्-अनुपात (3, 5, 4) और (1, 1, 2) वाली रेखाओं के बीच कोण?
चरण 1: b₁·b₂ = 3 + 5 + 8 = 16। चरण 2: |b₁| = 5√2, |b₂| = √6। चरण 3: cosθ = 16/(10√3) = 8/(5√3) ≈ 0.924, θ ≈ 22.5°।
6. r = (î + ĵ) + λ(2î − ĵ + k̂) और r = (2î + ĵ − k̂) + μ(3î − 5ĵ + 2k̂) के बीच न्यूनतम दूरी?
चरण 1: a₂ − a₁ = î − k̂। चरण 2: b₁ × b₂ = 3î − ĵ − 7k̂। चरण 3: |b₁ × b₂| = √59। चरण 4: (a₂ − a₁)·(b₁ × b₂) = 3 + 7 = 10। चरण 5: d = 10/√59 ≈ 1.30 इकाई।
7. समांतर रेखाओं r = (î + 2ĵ + k̂) + λ(î − ĵ + k̂) और r = (2î + ĵ − k̂) + μ(2î − 2ĵ + 2k̂) के बीच दूरी?
चरण 1: दोनों की दिशा b = î − ĵ + k̂। चरण 2: a₂ − a₁ = î − ĵ − 2k̂। चरण 3: b × (a₂ − a₁) = 3î + 3ĵ + 0k̂। चरण 4: लंबाई 3√2, |b| = √3। चरण 5: d = √6 ≈ 2.45 इकाई।
8. दिखाओ कि (x − 1)/2 = (y − 2)/3 = (z − 3)/4 और (x − 4)/5 = (y − 1)/2 = z/1 प्रतिच्छेद करती हैं।
चरण 1: a₁ = (1, 2, 3), b₁ = (2, 3, 4); a₂ = (4, 1, 0), b₂ = (5, 2, 1)। चरण 2: a₂ − a₁ = (3, −1, −3)। चरण 3: b₁ × b₂ = (−5, 18, −11)। चरण 4: डॉट = −15 − 18 + 33 = 0। चरण 5: d = 0 और दिशाएँ समानुपाती नहीं, इसलिए रेखाएँ काटती हैं।
आम गलतियाँ
- (3 − x)/2 से दिक्-अनुपात 2 पढ़ना। पहले (x − 3)/(−2) लिखो; अनुपात −2 है।
- रेखाओं के बीच कोण में बिंदु a₁, a₂ लगाना। सिर्फ़ दिशाएँ b₁, b₂ काम आती हैं।
- समांतर रेखाओं पर विषमतलीय सूत्र लगाना। वहाँ b₁ × b₂ = 0; d = |b × (a₂ − a₁)|/|b| लगाओ।
- न्यूनतम दूरी के सूत्र में मापांक भूलकर ऋणात्मक दूरी लिखना।