Italy Secondaria di secondo grado – classe 5ª (esame di Stato) Mathematics (scienze umane – economico-sociale)
अध्याय: 4
1. Geometry
Analytic geometry in space
- त्रिविमीय ज्यामिति – आकाश में रेखा एक बिंदु और एक दिशा से तय होती है। दिक्-कोसाइन l, m, n के लिए l² + m² + n² = 1; इनके समानुपाती संख्याएँ दिक्-अनुपात हैं, दो बिंदुओं से (x₂ − x₁, y₂ − y₁, z₂ − z₁)। सदिश समीकरण r = a + λb, कार्तीय (x − x₁)/a = (y − y₁)/b = (z − z₁)/c। दो रेखाओं के बीच कोण: cosθ = |b₁·b₂|/(|b₁||b₂|)। आकाश में दो रेखाएँ समांतर, प्रतिच्छेदी या विषमतलीय होती हैं। विषमतलीय रेखाओं के बीच न्यूनतम दूरी d = |(a₂ − a₁)·(b₁ × b₂)|/|b₁ × b₂|; समांतर के लिए d = |b × (a₂ − a₁)|/|b|; d = 0 तो रेखाएँ मिलती हैं।
2. Relations and functions
Limits · Calculus concepts
- सीमा (कक्षा 11): फलन किस संख्या के पास जाता है – सीमा बताती है कि जब x किसी बिंदु के पास जाता है तो f(x) किस संख्या के पास पहुँचता है। हम बिंदु की ओर बाएँ से भी चलते हैं और दाएँ से भी। दोनों ओर से एक ही संख्या मिले, तो वही सीमा है। यहाँ बहुपद, परिमेय, त्रिकोणमितीय, चरघातांकी और लघुगणकीय फलनों की सीमाएँ और ज़रूरी मानक परिणाम सीखेंगे।
- सांतत्य तथा अवकलनीयता – किसी बिंदु पर फलन सतत तब है जब वहाँ ग्राफ़ टूटता नहीं: बायीं सीमा, दायीं सीमा और फलन का मान तीनों बराबर हों। अवकलज स्पर्श रेखा की ढाल है। शृंखला नियम, अस्पष्ट अवकलन, eˣ, ln x और प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के सूत्र, लघुगणकीय अवकलन और प्राचलिक रूप से कक्षा 12 का लगभग हर फलन अवकलित हो जाता है। द्वितीय अवकलज बताता है कि ढाल खुद कैसे बदल रही है, यानी वक्र कैसे मुड़ रहा है।
3. Data and prediction
Probability distributions
- असतत यादृच्छिक चर का प्रायिकता बंटन – यादृच्छिक चर X किसी प्रयोग के हर परिणाम को एक संख्या में बदलता है। उसका प्रायिकता बंटन हर मान x और उसकी प्रायिकता P(X = x) की सूची है; हर P, 0 और 1 के बीच होता है और सबका जोड़ 1 होता है। माध्य E(X) = Σx·P(x) लंबे समय का औसत (संतुलन बिंदु) है। प्रसरण Var(X) = Σ(x − μ)²P(x) = E(X²) − μ² फैलाव बताता है; σ = √Var। खास मॉडल: एकसमान, द्विपद B(n, p) जिसका माध्य np और प्रसरण np(1 − p), और प्वासों जिसमें माध्य = प्रसरण = λ।
4. Mathematics for economics
Models in economics and social science
- गणितीय निदर्शन: गणित से असली दुनिया को समझना – गणितीय मॉडल (mathematical model) एक समीकरण, ग्राफ़ या तालिका है जो किसी असली स्थिति को सरल तरीके से बताती है। मॉडलिंग चक्र: असली समस्या समझो → चर चुनो और मान्यताएँ बनाओ → मॉडल बनाओ (जैसे रैखिक, द्विघात या चरघातांकी) → हल करो और अनुमान लगाओ → असली आँकड़ों से जाँचो → मॉडल सुधारो या उसकी सीमा बताओ। कोई मॉडल पूरी तरह सही नहीं होता; अच्छा मॉडल सरल होता है और काम लायक सही होता है।