South 고등학교 3학년 Geometry
अध्याय: 3
1. Conic sections
Parabolas · Ellipses · Hyperbolas · Conics and lines
- शंकु परिच्छेद (कक्षा 11): वृत्त, परवलय, दीर्घवृत्त और अतिपरवलय – द्वि-शंकु को समतल से काटने पर वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय या अतिपरवलय बनता है; शीर्ष से कटे तो बिंदु, रेखा या रेखा-युग्म (अपभ्रष्ट)। वृत्त: (x − h)² + (y − k)² = r²। परवलय y² = 4ax: नाभि (a, 0), नियता x = −a, नाभिलंब 4a, e = 1। दीर्घवृत्त x²/a² + y²/b² = 1: c² = a² − b², e = c/a < 1, नाभिलंब 2b²/a, PF₁ + PF₂ = 2a। अतिपरवलय x²/a² − y²/b² = 1: c² = a² + b², e > 1, |PF₁ − PF₂| = 2a।
2. Plane vectors
Vectors · Vector operations · Position vectors and components · Dot product · Lines and circles with vectors
- सदिश बीजगणित – सदिश (vector) में माप (परिमाण) और दिशा दोनों होते हैं। 3D में a = xî + yĵ + zk̂ लिखते हैं। लंबाई |a| = √(x² + y² + z²)। दिक्-कोसाइन l = x/|a|, m = y/|a|, n = z/|a| और l² + m² + n² = 1। सदिश सिर-से-पूँछ (त्रिभुज नियम) या घटक-दर-घटक जुड़ते हैं। ka लंबाई को k गुना करता है, k ऋण हो तो दिशा उल्टी। AB को m : n में बाँटने वाले बिंदु का स्थिति सदिश अंतः (mb + na)/(m + n) और बाह्य (mb − na)/(m − n)। अदिश गुणनफल a·b = |a||b|cosθ एक संख्या है। सदिश गुणनफल a×b दोनों पर लंब नया सदिश है; इसकी लंबाई समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल है।
3. Space figures and coordinates
Lines and planes in space · Three perpendiculars theorem · Orthogonal projection · 3D coordinates · Distance in space · Division of segments · Sphere equation
- त्रिविमीय ज्यामिति – आकाश में रेखा एक बिंदु और एक दिशा से तय होती है। दिक्-कोसाइन l, m, n के लिए l² + m² + n² = 1; इनके समानुपाती संख्याएँ दिक्-अनुपात हैं, दो बिंदुओं से (x₂ − x₁, y₂ − y₁, z₂ − z₁)। सदिश समीकरण r = a + λb, कार्तीय (x − x₁)/a = (y − y₁)/b = (z − z₁)/c। दो रेखाओं के बीच कोण: cosθ = |b₁·b₂|/(|b₁||b₂|)। आकाश में दो रेखाएँ समांतर, प्रतिच्छेदी या विषमतलीय होती हैं। विषमतलीय रेखाओं के बीच न्यूनतम दूरी d = |(a₂ − a₁)·(b₁ × b₂)|/|b₁ × b₂|; समांतर के लिए d = |b × (a₂ − a₁)|/|b|; d = 0 तो रेखाएँ मिलती हैं।
- ठोस ज्यामिति: अंतरिक्ष में बिंदु, रेखाएँ और समतल – ठोस ज्यामिति तीन विमाओं (3D) की आकृतियों का अध्ययन है। एक रेखा पर न पड़ने वाले तीन बिंदु एक समतल तय करते हैं। अंतरिक्ष में दो रेखाएँ समांतर, प्रतिच्छेदी या विषमतलीय (skew, किसी एक तल में नहीं) हो सकती हैं। रेखा समतल में पड़ी हो सकती है, उसे काट सकती है या उसके समांतर हो सकती है; वह समतल पर लंब है अगर वह समतल की दो प्रतिच्छेदी रेखाओं पर लंब हो। अंतरिक्ष के कोण समतल पर प्रक्षेप लेकर समकोण त्रिभुज से निकाले जाते हैं।
- त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय (कक्षा 11) – अंतरिक्ष में मूल O से होकर तीन परस्पर लंब अक्ष x, y, z लेते हैं। हर दो अक्ष एक निर्देशांक तल बनाते हैं: XY (z = 0), YZ (x = 0), ZX (y = 0)। तीनों तल अंतरिक्ष को आठ अष्टांशों में बाँटते हैं, जिनकी पहचान x, y, z के चिह्नों से होती है। बिंदु P(x, y, z) तक x-अक्ष पर x, फिर y के समांतर y, फिर z के समांतर z चलकर पहुँचते हैं। x-अक्ष पर बिंदु (x, 0, 0), XY-तल पर (x, y, 0)। दूरी PQ = √((x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)² + (z₂ − z₁)²)।