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वार्षिकी (Annuity) और मॉर्टगेज

वार्षिकी (annuity) बराबर समय के अंतर पर दी गई बराबर रकम की किस्तों की श्रृंखला है। मॉर्टगेज घर या ज़मीन खरीदने का बड़ा ऋण है, जिसे वार्षिकी की तरह किस्तों में चुकाया जाता है। हर किस्त के दो हिस्से होते हैं: ब्याज (उधार की कीमत) और मूलधन (जो ऋण घटाता है)। शुरू में किस्त का ज़्यादातर हिस्सा ब्याज होता है, बाद में ज़्यादातर मूलधन। परिशोधन तालिका (amortization table) हर किस्त का ब्याज, मूलधन और बचा बकाया दिखाती है। किस्त PMT = PV × i ÷ (1 − (1 + i)^−n)। ऊँची दर, लंबी अवधि या साल में कम किस्तें, तीनों कुल ब्याज बढ़ाते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. एक परिवार घर खरीदने के लिए 3,00,000 उधार लेता है। इस ऋण को मॉर्टगेज कहते हैं। नीला खंभा दिखाता है कि कितना बकाया है।
  2. वे हर महीने बराबर किस्त भरते हैं। बराबर अंतर पर बराबर किस्तें = वार्षिकी। हर पट्टी एक साल की किस्तें है।
  3. किस्त के अंदर देखिए। नारंगी हिस्सा ब्याज है, यानी बैंक की फीस। हरा हिस्सा मूलधन है, जो ऋण घटाता है। शुरू में नारंगी बड़ा है।
  4. साल दर साल नारंगी छोटा और हरा बड़ा होता है। नीला खंभा शून्य तक गिरता है। ऐसे ऋण चुकाने को परिशोधन (amortization) कहते हैं।
  5. अब दर 5% से 8% कीजिए। हर किस्त बड़ी हो जाती है और कुल ब्याज बहुत बढ़ जाता है।
  6. अब आपकी बारी। दर, साल और साल में किस्तों की संख्या बदलिए। किस्त और कुल ब्याज पर नज़र रखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

पहली किस्त लगभग पूरी ब्याज क्यों होती है?

ब्याज बकाया पर लगता है। शुरू में बकाया पूरा ऋण है, इसलिए ब्याज सबसे ज़्यादा है।

किस्त तय है तो आख़िर में बकाया तेज़ी से क्यों घटता है?

बकाया घटने से ब्याज घटता है, इसलिए तय किस्त का हरा (मूलधन) हिस्सा बढ़ता जाता है।

क्या छोटी मासिक किस्त हमेशा अच्छी है?

नहीं। लंबी अवधि में किस्त छोटी पर संख्या बहुत ज़्यादा, इसलिए कुल ब्याज बहुत बड़ा। 15 और 30 साल आज़माइए।

दर में थोड़ा-सा बदलाव इतना फ़र्क़ क्यों डालता है?

दर बड़ी रकम पर कई सालों तक लगती है, इसलिए 3% ज़्यादा जुड़-जुड़कर बहुत बड़ी रकम बन जाता है।

क्या वार्षिकी और ऋण एक ही चीज़ हैं?

वार्षिकी बराबर किस्तों की कोई भी श्रृंखला है। बराबर किस्तों से चुकाया ऋण उसका एक उपयोग है; बचत योजना दूसरा।

वार्षिकी क्या है?

वार्षिकी यानी बराबर समय के अंतर पर दी जाने वाली बराबर किस्तें। किराया, हर महीने की बचत योजना और लोन की EMI, सब वार्षिकी हैं।

मुख्य बातें

साधारण सरल वार्षिकी (ordinary simple annuity) में किस्त हर अवधि के अंत में दी जाती है, और ब्याज भी उसी अंतराल पर जुड़ता है।

भविष्य मूल्य और वर्तमान मूल्य

भविष्य मूल्य FV = PMT × ((1 + i)^n − 1) ÷ i: बचत कितनी बढ़ेगी।

वर्तमान मूल्य PV = PMT × (1 − (1 + i)^−n) ÷ i: सारी भविष्य की किस्तें आज कितने पैसे के बराबर हैं। ऋण एक वर्तमान मूल्य है।

शर्तें बदलने का असर

एक बार में एक चीज़ बदलिए और नतीजा देखिए (3D में आज़माइए):

स्प्रेडशीट या वित्तीय कैलकुलेटर (TVM solver) से हिसाब जल्दी दोबारा करके तुलना कर सकते हैं।

मॉर्टगेज (गृह ऋण)

मॉर्टगेज घर या ज़मीन खरीदने का ऋण है। संपत्ति ही ज़मानत होती है: किस्तें रुकें तो बैंक संपत्ति ले सकता है।

परिशोधन तालिका बनाना

परिशोधन तालिका हर किस्त को एक पंक्ति में दिखाती है। हर पंक्ति में:

  1. ब्याज = बकाया × i
  2. चुकाया मूलधन = किस्त − ब्याज
  3. नया बकाया = पुराना बकाया − चुकाया मूलधन

उदाहरण: ऋण 1,00,000, 6% सालाना, मासिक, i = 0.005, किस्त 644.30।

#किस्तब्याजमूलधनबकाया
01,00,000.00
1644.30500.00144.3099,855.70
2644.30499.28145.0299,710.68
3644.30498.55145.7599,564.93

ब्याज वाला कॉलम हर पंक्ति में थोड़ा घटता है, मूलधन वाला बढ़ता है। आख़िरी किस्त कुछ पैसे अलग हो सकती है ताकि बकाया ठीक शून्य हो।

करके देखें

3D में दर 6%, 25 साल, साल में 12 किस्तें रखिए। कुल ब्याज लिख लीजिए। अब सिर्फ़ साल 15 कीजिए। पहले अनुमान लगाइए: कुल ब्याज बढ़ेगा या घटेगा? फिर जाँचिए। फिर 25 साल रखकर साल में 26 किस्तें कीजिए।

घर पर: ऊपर के तीन नियमों से स्प्रेडशीट में 4 पंक्तियों की तालिका बनाइए और इस पेज की तालिका से मिलाइए।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. आप 2 साल तक हर महीने के अंत में 100 बचाते हैं, 6% सालाना, मासिक चक्रवृद्धि। भविष्य मूल्य निकालिए।

i = 0.06 ÷ 12 = 0.005, n = 24। FV = 100 × (1.005^24 − 1) ÷ 0.005 = 100 × 0.12716 ÷ 0.005 = 100 × 25.432 = 2,543.20।

2. 5 साल तक हर साल के अंत में 500, 4% सालाना पर। आज की कौन-सी एक रकम इसके बराबर है?

i = 0.04, n = 5। PV = 500 × (1 − 1.04^−5) ÷ 0.04 = 500 × (1 − 0.82193) ÷ 0.04 = 500 × 4.4518 = 2,225.91।

3. 1,00,000 के मॉर्टगेज पर 6% सालाना, 25 साल, मासिक किस्त निकालिए।

i = 0.005, n = 300। 1.005^−300 = 0.22396। PMT = 1,00,000 × 0.005 ÷ (1 − 0.22396) = 500 ÷ 0.77604 = 644.30।

4. उसी मॉर्टगेज पर कुल भुगतान और कुल ब्याज कितना?

कुल भुगतान = 644.30 × 300 = 1,93,290। कुल ब्याज = 1,93,290 − 1,00,000 = 93,290। लगभग ऋण जितना!

5. तालिका की पहली पंक्ति: बकाया 1,00,000, i = 0.005, किस्त 644.30। ब्याज, मूलधन और नया बकाया?

ब्याज = 1,00,000 × 0.005 = 500.00। मूलधन = 644.30 − 500.00 = 144.30। नया बकाया = 99,855.70।

6. ₹30,00,000 का होम लोन, 9% सालाना, 20 साल। मासिक EMI?

i = 0.09 ÷ 12 = 0.0075, n = 240। 1.0075^−240 = 0.16641। EMI = 30,00,000 × 0.0075 ÷ 0.83359 = 22,500 ÷ 0.83359 ≈ ₹26,992।

7. वही 1,00,000, 6%, पर 15 साल में। 25 साल से कुल ब्याज की तुलना कीजिए।

n = 180, 1.005^−180 = 0.40748। PMT = 500 ÷ 0.59252 = 843.86। कुल = 843.86 × 180 ≈ 1,51,895; ब्याज ≈ 51,895। यानी हर महीने लगभग 200 ज़्यादा देकर करीब 41,400 की बचत।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. वार्षिकी है:
2. साधारण सरल वार्षिकी में किस्त दी जाती है:
3. मॉर्टगेज की शुरुआत में किस्त का ज़्यादातर हिस्सा जाता है:
4. 9% सालाना, मासिक किस्त: i = ?
5. परिशोधन अवधि लंबी करने से कुल ब्याज:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वार्षिकी और मॉर्टगेज में क्या अंतर है?

वार्षिकी बराबर अंतर पर बराबर किस्तों की श्रृंखला है। मॉर्टगेज संपत्ति के लिए ऋण है, जो आमतौर पर वार्षिकी से चुकाया जाता है।

होम लोन की EMI कैसे निकालें?

EMI = PV × i ÷ (1 − (1 + i)^−n), जहाँ i मासिक दर और n कुल किस्तें हैं।

क्या साप्ताहिक किस्तों से ब्याज बचता है?

थोड़ा, क्योंकि बकाया जल्दी घटता है। अगर साल में एक अतिरिक्त किस्त के बराबर ज़्यादा भरें तो बचत काफ़ी होती है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 12B. Personal Finance

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