France Première Technological track — common core
अध्याय: 6
1. French
Poetry, 19th–21st century · Literature of ideas, 16th–18th century · Novel and narrative, Middle Ages–21st century · Theatre, 17th–21st century · Text contraction and essay · Language study · The French oral
जल्द आ रहा है
2. History — building a democratic nation (1789–1918)
Europe shaken by the French Revolution · Politics and society, Second Republic and Second Empire · Third Republic before 1914: regime and empire · WWI upsets societies and the European order
- मताधिकार: वोट के अधिकार की लड़ाई – मताधिकार यानी वोट देने का अधिकार। 1800 के दशक की शुरुआत में ज़्यादातर देशों में केवल अमीर पुरुष वोट देते थे (संपत्ति या कर आधारित मताधिकार)। धीरे-धीरे शर्तें हटीं। फ़्रांस ने 1848 में सार्वभौमिक पुरुष मताधिकार दिया (और उसी साल दास प्रथा ख़त्म की), पर द्वितीय गणराज्य जल्द ही नेपोलियन तृतीय के द्वितीय साम्राज्य में बदल गया, जिसने वोट रखा पर उस पर नियंत्रण रखा। 1800 के अंत से महिला आंदोलनों ने वोट माँगा: सबसे पहले न्यूज़ीलैंड (1893), फिर 1918 के बाद कई देश, फ़्रांस 1944 में, और भारत ने 1950 से सभी वयस्कों को वोट दिया। सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार = हर वयस्क नागरिक, एक व्यक्ति एक वोट, गुप्त मतदान।
- फ़्रांस का तीसरा गणतंत्र (1870-1914) – तीसरा गणतंत्र 1870 में सम्राट के गिरने से शुरू हुआ और 1875 के क़ानूनों से पक्का हुआ। इसने प्रेस, सभा और यूनियन की आज़ादी, मुफ़्त, अनिवार्य और धर्मनिरपेक्ष स्कूल (1881-82) दिए और 1905 में चर्च को राज्य से अलग किया। ड्रेफ़स कांड ने देश को बाँटा, और महिलाओं को 1944 तक वोट नहीं मिला।
- प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918): कारण, घटनाक्रम और परिणाम – प्रथम विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक मित्र राष्ट्रों (फ़्रांस, ब्रिटेन, रूस, बाद में इटली, अमेरिका आदि) और केंद्रीय शक्तियों (जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, ऑटोमन साम्राज्य और बुल्गारिया) के बीच लड़ा गया। चार दीर्घकालिक कारणों ने तनाव बढ़ाया: सैन्यवाद, गठबंधन, साम्राज्यवाद और राष्ट्रवाद (MAIN)। चिंगारी थी 28 जून 1914 को साराजेवो में आर्चड्यूक फ़्रांज़ फ़र्डिनेंड की हत्या। पश्चिमी मोर्चे पर युद्ध खाइयों का गतिरोध बन गया; नए हथियारों ने इसे बहुत घातक बनाया। यह संपूर्ण युद्ध था: पूरी अर्थव्यवस्था, महिला कामगार और उपनिवेश लगाए गए, जिनमें लगभग 13 लाख भारतीय भी थे। 1917 की क्रांति के बाद रूस बाहर हुआ, अमेरिका 1917 में आया, और 11 नवंबर 1918 के युद्धविराम से लड़ाई रुकी। 1919–1920 की शांति संधियों, जिनमें वर्साय भी है, ने यूरोप को नया रूप दिया, चार साम्राज्य ख़त्म किए, राष्ट्र संघ बनाया और ऐसा ग़ुस्सा छोड़ा जिसने दूसरे विश्व युद्ध का रास्ता बनाया।
3. Geography — changing spaces in France and the world
Cities worldwide: the rise of metropolises · Productive spaces, coasts and flows · Rural areas with more and more uses · China: many spatial changes
- नगरीकरण: शहर क्यों बढ़ते हैं और उन्हें बेहतर कैसे बनाएँ – नगरीकरण किसी देश या दुनिया के उन लोगों के हिस्से का बढ़ना है जो कस्बों और शहरों में रहते हैं। 1950 में दुनिया के लगभग 30% लोग नगरीय थे; 2007 से आधे से ज़्यादा हैं, और 2050 तक लगभग 68% होने का अनुमान है। शहर ग्रामीण-नगरीय प्रवास (गाँव से धक्का देने वाले और शहर की ओर खींचने वाले कारक) और प्राकृतिक वृद्धि से बढ़ते हैं। आज सबसे तेज़ बढ़त एशिया और अफ़्रीका के कम आय वाले और उभरते देशों में है, जहाँ 1 करोड़ से ज़्यादा के महानगर बन रहे हैं; कई अमीर देशों में बढ़त धीमी है और लोग उपनगरों या गाँवों की ओर भी जाते हैं (उपनगरीकरण और प्रति-नगरीकरण)। तेज़ बढ़त से अवसर (रोज़गार, सेवाएँ) और समस्याएँ (अनौपचारिक बस्तियाँ, ट्रैफ़िक, प्रदूषण, कचरा, बाढ़, नगरीय ऊष्मा द्वीप) आती हैं। टिकाऊ नगरीय विकास इन्हें सार्वजनिक परिवहन, हरी जगहों, साफ़ पानी, पुनर्चक्रण, सस्ते घरों और नवीकरणीय ऊर्जा से सुधारता है।
- आर्थिक भूगोल: चीज़ें कहाँ बनती हैं और कैसे चलती हैं – आर्थिक भूगोल यह पढ़ता है कि लोग कहाँ उत्पादन, व्यापार और उपभोग करते हैं, और वहीं क्यों। काम को क्षेत्रकों में बाँटा जाता है: प्राथमिक (खेती, मछली पकड़ना, खनन), द्वितीयक (कारख़ाने, निर्माण) और तृतीयक (दुकान, परिवहन, बैंक, सॉफ़्टवेयर, पर्यटन); शोध और सूचना वाले काम को कभी-कभी चतुर्थक कहते हैं। कंपनियाँ ऐसी जगह चुनती हैं जहाँ ख़र्च कम हो और ख़रीदार पास हों: कच्चा माल, ऊर्जा, परिवहन, मज़दूर, बाज़ार, सरकारी मदद और प्रकृति, सब मायने रखते हैं। आज ज़्यादातर चीज़ें वैश्विक मूल्य शृंखला में बनती हैं, यानी कदम अलग-अलग जगह होते हैं; सबसे ज़्यादा मूल्य डिज़ाइन, ब्रांड और बिक्री में जुड़ता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ और सरकारें इन स्थानों को आकार देती हैं। सामान कंटेनर और ट्रक में चलता है, जबकि पैसा, डेटा और विचार केबल से बहते हैं। उत्पादन महानगरों और तटों पर इकट्ठा होता है और जगहें कंपनियों को बुलाने की होड़ करती हैं। पुराने औद्योगिक क्षेत्र बदलते हैं (पुनर्गठन), कुछ सिकुड़ते हैं, कुछ नए उद्योग और सेवाएँ अपनाते हैं।
- ग्रामीण भूगोल: गाँव और देहात कैसे जीते और बदलते हैं – ग्रामीण क्षेत्रों में हर वर्ग किलोमीटर पर कम लोग, ज़्यादा खुली ज़मीन और छोटी बस्तियाँ होती हैं। इन्हें खेती ने बनाया, पर मशीनों से खेती में काम घट गया। आज ग्रामीण ज़मीन के कई उपयोग हैं: शहर में काम करने वालों के घर, पर्यटन, प्रकृति संरक्षण और ऊर्जा। शहर के पास के इलाक़े बढ़ते हैं, जबकि दूर के इलाक़ों से लोग और सेवाएँ चली जाती हैं। किसान, निवासी, पंचायत/स्थानीय सरकार और कंपनियाँ अलग-अलग चीज़ें चाहते हैं, इसलिए भूमि उपयोग योजना नियम बनाती है।
- चीन: जगहों के कई बदलाव – चीन जगह के हिसाब से तेज़ी से बदल रहा है। 1980 में लगभग 5 में से 1 व्यक्ति शहर में रहता था, आज लगभग 3 में से 2। ज़्यादातर लोग और कारख़ाने गीले पूर्व और तटीय डेल्टा में हैं, जबकि सूखा पश्चिम कम बसा है। गाँव भी बदल रहे हैं: बहुत-से लोग शहर चले गए और खेतों में मशीनें आईं।
4. Mathematics (2026 programme)
Sets and logic · Algorithms and Python (not STD2A) · Geometry activities (STD2A) · Quick-fire skills · Sequences · Functions of a real variable · Differentiation · Statistics and probability
- समुच्चय: निरूपण, प्रकार, उपसमुच्चय, वेन आरेख और संक्रियाएँ – समुच्चय (set) अलग-अलग वस्तुओं का सुपरिभाषित संग्रह है। इसे रोस्टर रूप {2, 4, 6} या समुच्चय-निर्माण रूप {x : x सम है} में लिखते हैं। समुच्चय रिक्त, परिमित, अपरिमित या समान हो सकते हैं। B का हर अवयव A में हो तो B ⊂ A। n अवयवों वाले समुच्चय के 2ⁿ उपसमुच्चय होते हैं। (a, b), [a, b] जैसे अंतराल वास्तविक संख्याओं के उपसमुच्चय हैं। वेन आरेख से सम्मिलन A ∪ B, सर्वनिष्ठ A ∩ B, अंतर A − B और पूरक A′ = U − A साफ़ दिखते हैं।
- पायथन की मूल बातें: मोड, वेरिएबल, डेटा प्रकार और ऑपरेटर – पायथन इंटरैक्टिव मोड (एक-एक पंक्ति) या स्क्रिप्ट मोड (सहेजी गई .py फ़ाइल) में चलता है। ब्लॉक इंडेंटेशन से पहचाने जाते हैं। वेरिएबल मान से बँधे नाम हैं; हर मान का एक डेटा प्रकार होता है, और कुछ प्रकार परिवर्तनशील हैं। ऑपरेटर व्यंजक बनाते हैं जिन्हें पायथन प्राथमिकता के क्रम से हल करता है। input() टेक्स्ट पढ़ता है, int()/float()/str() प्रकार बदलते हैं, और डिबगिंग से सिंटैक्स, रनटाइम और तार्किक त्रुटियाँ ठीक होती हैं।
- Python से शुरुआत – Python उच्च स्तरीय, मुफ़्त व ओपन सोर्स, इंटरप्रेटेड, पोर्टेबल और केस-सेंसिटिव भाषा है जो पढ़ने में आसान है। इसे इंटरैक्टिव मोड (>>> के बाद लिखो, परिणाम तुरंत) या स्क्रिप्ट मोड (.py फ़ाइल में सेव करके चलाओ) में चलाते हैं। इसके कैरेक्टर सेट में अक्षर, अंक, विशेष चिह्न, खाली जगह और यूनिकोड अक्षर हैं। प्रोग्राम की सबसे छोटी इकाई टोकन है: कीवर्ड, पहचानकर्ता, लिटरल, ऑपरेटर और विराम चिह्न। वेरिएबल एक नाम है जो किसी मान की ओर इशारा करता है; असाइनमेंट में दायाँ भाग (r-value) पहले निकलकर बाएँ (l-value) में रखा जाता है। # से शुरू टिप्पणी को Python छोड़ देता है।
- कक्षा 12 के लिए पायथन रिवीजन: कक्षा 11 की सारी बातें एक जगह – कक्षा 12 का पायथन कक्षा 11 पर टिका है। आपको टोकन (कीवर्ड, आइडेंटिफ़ायर, लिटरल, ऑपरेटर, पंक्चुएटर), डेटा प्रकार (int, float, bool, str, list, tuple, dict), कौन-से प्रकार अपनी जगह पर बदल सकते हैं (म्यूटेबल) और कौन नहीं (इम्यूटेबल), ऑपरेटरों का क्रम, if-elif-else, for और while लूप, break-continue, स्ट्रिंग स्लाइसिंग और लिस्ट, ट्यूपल, डिक्शनरी के मुख्य मेथड आने चाहिए।
- ठोस ज्यामिति: अंतरिक्ष में बिंदु, रेखाएँ और समतल – ठोस ज्यामिति तीन विमाओं (3D) की आकृतियों का अध्ययन है। एक रेखा पर न पड़ने वाले तीन बिंदु एक समतल तय करते हैं। अंतरिक्ष में दो रेखाएँ समांतर, प्रतिच्छेदी या विषमतलीय (skew, किसी एक तल में नहीं) हो सकती हैं। रेखा समतल में पड़ी हो सकती है, उसे काट सकती है या उसके समांतर हो सकती है; वह समतल पर लंब है अगर वह समतल की दो प्रतिच्छेदी रेखाओं पर लंब हो। अंतरिक्ष के कोण समतल पर प्रक्षेप लेकर समकोण त्रिभुज से निकाले जाते हैं।
- मानसिक गणित: तेज़ और सही गणना – मानसिक गणित यानी रोज़ की गणनाएँ दिमाग़ में या बहुत कम पंक्तियों में जल्दी और सही करना। दो संख्याओं की तुलना अंतर से या अनुपात से करो। प्रतिशत बदलाव को गुणक बनाओ: +20% यानी × 1.2, −20% यानी × 0.8। लगातार बदलावों के गुणक आपस में गुणा होते हैं, इसलिए +20% फिर −20% का नतीजा × 0.96 है, × 1 नहीं। +p% को पलटने के लिए गुणक का व्युत्क्रम लो। 10 की घात, इकाई बदलना, (a + b)² = a² + 2ab + b², (a + b)(a − b) = a² − b², सूत्र में एक अक्षर को अकेला करना और यह नियम याद रखो कि गुणनफल तभी शून्य होता है जब कोई गुणनखंड शून्य हो।
- अनुक्रम तथा श्रेणी: AP, GP, समांतर और गुणोत्तर माध्य – अनुक्रम एक निश्चित क्रम में लिखी संख्याओं की सूची है: a₁, a₂, a₃, … पदों को जोड़ने पर श्रेणी बनती है। समांतर श्रेढ़ी (AP) में हर बार एक ही संख्या d जुड़ती है; aₙ = a + (n − 1)d और Sₙ = n/2[2a + (n − 1)d]। a और b का समांतर माध्य (a + b)/2 है; उनके बीच n समांतर माध्य डालने के लिए d = (b − a)/(n + 1)। गुणोत्तर श्रेढ़ी (GP) में हर बार एक ही संख्या r से गुणा होता है; aₙ = arⁿ⁻¹ और r ≠ 1 पर Sₙ = a(rⁿ − 1)/(r − 1)। यदि |r| < 1 हो तो पद छोटे होते जाते हैं और अनंत योग S∞ = a/(1 − r)। दो धनात्मक संख्याओं का गुणोत्तर माध्य √(ab) है, और n गुणोत्तर माध्य के लिए r = (b/a)^(1/(n+1))। धनात्मक a, b के लिए A ≥ G, बराबरी केवल a = b पर।
- फलन: संयुक्त, प्रतिलोम और मानक ग्राफ़ – फलन (function) एक नियम है जो हर मान्य इनपुट को ठीक एक आउटपुट देता है। मान्य इनपुट का समुच्चय प्रांत (domain) और आउटपुट का समुच्चय परिसर (range) है। g(f(x)) का मतलब है पहले f, फिर g। प्रतिलोम फलन f⁻¹, f का काम उल्टा कर देता है और उसका ग्राफ़ रेखा y = x में f के ग्राफ़ की दर्पण-छवि होता है। सिर्फ़ एकैकी (one-to-one) फलन का प्रतिलोम होता है।
- सांतत्य तथा अवकलनीयता – किसी बिंदु पर फलन सतत तब है जब वहाँ ग्राफ़ टूटता नहीं: बायीं सीमा, दायीं सीमा और फलन का मान तीनों बराबर हों। अवकलज स्पर्श रेखा की ढाल है। शृंखला नियम, अस्पष्ट अवकलन, eˣ, ln x और प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के सूत्र, लघुगणकीय अवकलन और प्राचलिक रूप से कक्षा 12 का लगभग हर फलन अवकलित हो जाता है। द्वितीय अवकलज बताता है कि ढाल खुद कैसे बदल रही है, यानी वक्र कैसे मुड़ रहा है।
- सप्रतिबंध प्रायिकता, गुणन नियम और स्वतंत्र घटनाएँ – सप्रतिबंध प्रायिकता का मतलब है: जब हमें पहले से पता हो कि घटना B हो चुकी है, तब A का मौका। B के बाहर के सारे परिणाम हटाओ और फिर से गिनो: P(A|B) = P(A ∩ B) ÷ P(B)। इसी से गुणन नियम मिलता है: P(A ∩ B) = P(B)·P(A|B)। अगर B जानकर A का मौका न बदले, तो घटनाएँ स्वतंत्र हैं और P(A ∩ B) = P(A)·P(B)।
5. Modern languages A and B
Identities and exchanges · Private and public space · Art and power · Citizenship and virtual worlds · Fiction and reality · Science, innovation and responsibility · Diversity and inclusion · Territory and memory · Language activities · Language skills
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6. Moral and civic education (2024) — cohesion and diversity
Republican values and social cohesion · The Republic and the Nation
- लोकतंत्र – लोकतंत्र का मतलब है जनता का शासन। लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में अपने शासक चुनते हैं, हर वयस्क का एक वोट होता है जिसका मूल्य बराबर है, और सरकार को कानून मानना और अधिकारों का सम्मान करना होता है। लोकतंत्र प्रत्यक्ष या प्रतिनिधि हो सकता है। भारत में लोकतंत्र की जड़ें पुरानी हैं; आज यहाँ संसदीय प्रणाली है, जबकि अमेरिका में अध्यक्षात्मक। गरीबी, निरक्षरता, भ्रष्टाचार और असमानता इसकी मुख्य चुनौतियाँ हैं।
- लोकतंत्र के परिणाम – लोकतंत्र को उसके नतीजों से परखते हैं। यह जवाबदेह, उत्तरदायी और वैध सरकार देता है और गरिमा व आज़ादी की रक्षा में सबसे अच्छा है। आर्थिक वृद्धि में यह तानाशाही जितना ही है। असमानता और गरीबी घटाने में इसने काफ़ी नहीं किया। जब बहुमत और अल्पमत बदलते रहें, तो यह सामाजिक मतभेद अच्छे से सँभालता है।
- नागरिकता: पूर्ण और समान सदस्यता – नागरिकता किसी राजनीतिक समुदाय की पूर्ण और समान सदस्यता है। नागरिकों को वोट, सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं जैसे बराबर अधिकार मिलते हैं और वे कर्तव्य बाँटते हैं। इतिहास बताता है कि बराबर अधिकार मज़दूरों, महिलाओं, अश्वेत अमेरिकियों और दूसरे समूहों के संघर्ष से मिले; आज भी गरीब प्रवासी, झुग्गीवासी और आदिवासी अपने अधिकारों के पूरे उपयोग के लिए संघर्ष करते हैं। नागरिकता राष्ट्र से जुड़ी है: हर राज्य तय करता है कि नागरिक कौन है। भारत जन्म, वंश, पंजीकरण या देशीयकरण से नागरिकता देता है, धर्म, जाति या भाषा से नहीं। सार्वभौमिक नागरिकता का आदर्श है कि हर व्यक्ति कहीं का पूरा सदस्य हो, जो राज्यविहीन लोगों और शरणार्थियों के पास अभी नहीं है। विश्व नागरिकता पूरी मानवता की परवाह सिखाती है, जबकि राष्ट्रीय नागरिकता अब भी हमारे अधिकारों की रक्षा करती है।