गणतंत्र की स्थापना, 1870-1875
फ़्रांस पर सम्राट नेपोलियन तृतीय का शासन था। 1870 में उसने प्रशिया से युद्ध छेड़ा और हार गया। सेदान की हार के बाद पेरिस के लोगों ने 4 सितंबर 1870 को गणतंत्र घोषित किया। गणतंत्र ऐसा देश है जहाँ राजा या सम्राट नहीं होता और जनता अपने नेता चुनती है।
शुरुआती साल कठिन थे। फ़्रांस ने पूर्व का कुछ इलाक़ा खो दिया, और 1871 में पेरिस में कम्यून नाम की कड़वी लड़ाई हुई, जिसे सरकार ने कुचल दिया। बहुत लोग गणतंत्र से डरते थे। कुछ राजा को वापस चाहते थे।
1875 में संवैधानिक क़ानूनों ने मामला तय किया: सभी पुरुषों द्वारा चुनी गई चैंबर ऑफ़ डेप्युटीज़ (सार्वभौमिक पुरुष मताधिकार), एक सीनेट और दोनों द्वारा चुना गया राष्ट्रपति। गणतंत्र बहुत कम वोटों से जीता, पर 1940 तक चला।
वे प्रतीक जो राष्ट्र बनाते हैं
गणतंत्रवादी चाहते थे कि हर नागरिक को गणतंत्र पर गर्व हो। उन्होंने प्रतीक चुने: तिरंगा झंडा, मारियन (टोपी पहने एक स्त्री, जिसकी प्रतिमा हर टाउन हॉल में थी), गीत ला मार्सेयेज़ (1879 से राष्ट्रगान), नारा स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा और 14 जुलाई की राष्ट्रीय छुट्टी (1880 से)। मशहूर लोगों की मूर्तियाँ और सड़कों के नाम भी यही कहानी सिखाते थे।
मूल आज़ादियाँ (1881-1884)
1879 के बाद पक्के गणतंत्रवादी सत्ता में आए और आज़ादियों की रक्षा के क़ानून बनाए:
- 1881: प्रेस की आज़ादी। अख़बार सरकार से पूछे बिना छप सकते थे।
- 1881: सभा की आज़ादी। लोग राजनीति पर बात करने के लिए इकट्ठा हो सकते थे।
- 1884: मज़दूर संघ (यूनियन) क़ानूनी हुए, इसलिए मज़दूर मिलकर संगठन बना सके। (1901 के एक और क़ानून ने हर तरह के क्लब और संघ की इजाज़त दी।)
- नगरों के मेयर अब नगर परिषदों द्वारा चुने जाने लगे (1884)।
इन अधिकारों से नागरिक विचार बाँट सके, बहस कर सके और गणतंत्र चलाने में मदद कर सके।
स्कूल, टाउन हॉल और सैन्य बैरक
तीन जगहों ने लोगों को नागरिक बनना सिखाया:
- स्कूल। शिक्षा मंत्री जूल्स फ़ेरी ने प्राथमिक स्कूल मुफ़्त (1881) किया, फिर 6 से 13 साल के बच्चों के लिए अनिवार्य और धर्मनिरपेक्ष (1882)। धर्मनिरपेक्ष (लाइक) का मतलब है कि सरकारी स्कूल कोई धर्म नहीं सिखाते; धर्म परिवार और पूजा स्थल का विषय है। बच्चे फ़्रेंच में पढ़ना-लिखना, इतिहास और गणतंत्र के मूल्य सीखते थे। 1880 से लड़कियों के अपने माध्यमिक स्कूल भी बने।
- टाउन हॉल (मेरी)। यहाँ वोट डलते, जन्म दर्ज होते और सिविल विवाह होते थे।
- सैन्य बैरक। नौजवान सैन्य सेवा करते थे, जिससे सब क्षेत्रों के लड़के आपस में मिलते थे।
विरोध और ड्रेफ़स कांड
सब लोग गणतंत्र को पसंद नहीं करते थे। कुछ राजा या सम्राट के समर्थक थे। कुछ कैथोलिक डरते थे कि गणतंत्र चर्च के ख़िलाफ़ है। कुछ अफ़सर और राष्ट्रवादी उस पर भरोसा नहीं करते थे।
1894 में कैप्टन अल्फ़्रेड ड्रेफ़स, यहूदी परिवार के एक सेना अफ़सर, पर जर्मनी को राज़ देने का आरोप लगा। उन्हें ग़लत सज़ा मिली। बाद में सबूत मिले कि दोषी कोई और अफ़सर था, पर सेना ने सच छिपाने की कोशिश की। 1898 में लेखक एमिल ज़ोला ने उनके पक्ष में खुला पत्र जाकुज़ (“मैं आरोप लगाता हूँ”) लिखा। फ़्रांस ड्रेफ़सपंथी (न्याय चाहने वाले) और ड्रेफ़स-विरोधी (सेना की रक्षा करने वाले, जिनमें बहुतेरे खुले यहूदी-विरोधी थे) में बँट गया। 1906 में ड्रेफ़स निर्दोष साबित हुए। इस कांड ने नफ़रत के ख़तरे और न्याय व स्वतंत्र प्रेस का महत्व दिखाया।
1905 का क़ानून: चर्च और राज्य अलग
गणतंत्रवादियों और कैथोलिक चर्च के झगड़े चलते रहे। 9 दिसंबर 1905 के क़ानून ने राज्य और चर्चों को अलग कर दिया। राज्य ने पादरियों को वेतन देना और किसी धर्म को सरकारी मान्यता देना बंद किया। उसने अंतःकरण की स्वतंत्रता और हर धर्म को मानने की आज़ादी की गारंटी दी। यही फ़्रांस में लाइसिते (धर्मनिरपेक्षता) की नींव है: राज्य तटस्थ है, और हर व्यक्ति मानने या न मानने के लिए स्वतंत्र है।
महिलाओं को वोट नहीं और बड़ी तस्वीर
तीसरे गणतंत्र ने “समानता” कही, पर महिलाएँ वोट नहीं दे सकती थीं और चुनी भी नहीं जा सकती थीं। सिविल कोड के तहत विवाहित स्त्री को कई कामों में पति की इजाज़त चाहिए थी। हुबर्तीन ऑक्लेर जैसी कुछ महिलाओं ने वोट माँगा, पर संसद ने मना किया। फ़्रांसीसी महिलाओं को वोट सिर्फ़ 1944 में मिला (पहली बार 1945 में इस्तेमाल), यानी गणतंत्र शुरू होने के 74 साल बाद।
इन सालों में गणतंत्र ने एक बड़ा औपनिवेशिक साम्राज्य भी बनाया। इसमें दूसरे लोगों पर शासन हुआ जिन्हें समान अधिकार नहीं थे, जो गणतंत्र के अपने सिद्धांतों से मेल नहीं खाता। इतिहासकार आज भी इस पर बहस करते हैं।
यह दौर 1914 में पहले विश्व युद्ध के शुरू होने के साथ ख़त्म हुआ। तीसरा गणतंत्र ख़ुद 1940 तक चला।
करके देखिए
3D में: आख़िरी चरण में साल का स्लाइडर 1870 से 1914 तक चलाइए। पहले अनुमान लगाइए: स्कूल किस साल अनिवार्य हुआ? फिर जाँचिए। सामने महिलाओं का समूह देखिए: उसका लेबल क्या बताता है?
घर पर: पाठ की 6 घटनाओं की अपनी समय-रेखा बनाइए। हर एक के पास एक कारण (क्यों) और एक नतीजा (फिर क्या हुआ) लिखिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- तीसरा गणतंत्र = 1870 (गणतंत्र घोषित) से 1940; इस पाठ में 1870-1914
- 1875 के क़ानून = चैंबर ऑफ़ डेप्युटीज़ (पुरुषों द्वारा चुनी) + सीनेट + राष्ट्रपति
- 1881 = प्रेस और सभा की आज़ादी, मुफ़्त प्राथमिक स्कूल; 1882 = अनिवार्य और धर्मनिरपेक्ष स्कूल
- 1884 = यूनियन क़ानूनी; 1905 = चर्च और राज्य अलग
- 1894-1906 = ड्रेफ़स कांड; महिलाओं को वोट 1944 में
हल किए गए उदाहरण
1. तीसरे गणतंत्र ने स्कूल मुफ़्त, अनिवार्य और धर्मनिरपेक्ष क्यों बनाए?
ताकि सब बच्चे एक राष्ट्र के नागरिक की तरह पढ़ना-सोचना सीखें, हर बच्चे को मौक़ा मिले और धर्म परिवार और पूजा स्थल तक रहे, सरकारी स्कूल में नहीं।
2. अगर स्कूल 6 से 13 साल तक अनिवार्य था तो कितने साल का स्कूल था?
13 − 6 = 7 साल का अनिवार्य स्कूल।
3. 1870 में गणतंत्र शुरू हुआ और महिलाओं ने 1944 में वोट पाया। उन्होंने कितने साल इंतज़ार किया?
1944 − 1870 = 74 साल।
4. ड्रेफ़स कांड का एक वाक्य में कारण और एक में नतीजा लिखिए।
कारण: एक निर्दोष यहूदी अफ़सर को दोषी ठहराया गया और सेना ने सच छिपाया। नतीजा: फ़्रांस बँट गया, स्वतंत्र प्रेस और ज़ोला जैसे लेखकों ने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी, और 1906 में ड्रेफ़स निर्दोष घोषित हुए।
5. 1905 के क़ानून में “धर्मनिरपेक्ष” (लाइक) का क्या अर्थ है?
राज्य तटस्थ है। वह किसी धर्म को पैसे या तरजीह नहीं देता, और हर व्यक्ति मानने या न मानने के लिए स्वतंत्र है।
आम गलतियाँ
- तारीख़ें उलझाना: स्कूल 1881 में मुफ़्त हुआ और 1882 में अनिवार्य व धर्मनिरपेक्ष; चर्च-राज्य क़ानून 1905 का है।
- कहना कि गणतंत्र ने सबको समान अधिकार दिए। महिलाएँ वोट नहीं दे सकती थीं और उपनिवेशित लोगों के अधिकार कम थे।
- धर्मनिरपेक्ष का मतलब धर्म-विरोधी समझना। इसका मतलब है कि राज्य तटस्थ है और मानने की आज़ादी की रक्षा करता है।
- ड्रेफ़स कांड को सिर्फ़ एक आदमी का मामला समझना। उसने न्याय, सेना और यहूदियों से नफ़रत पर पूरे समाज को बाँटा।