Ontario Grade 11 MCR3U Functions (Grade 11, University Preparation)
अध्याय: 4
1. A. Characteristics of Functions
1 Representing Functions · 2 Solving Problems Involving Quadratic Functions · 3 Equivalence as it relates to simplifying polynomial, radical
- संबंध एवं फलन: कार्तीय गुणन, प्रांत, परिसर और ग्राफ़ – क्रमित युग्म (a, b) में पहला और दूसरा स्थान तय है, इसलिए (1, 2) ≠ (2, 1)। कार्तीय गुणन A × B उन सब युग्मों (a, b) का समुच्चय है जिनमें a ∈ A, b ∈ B; n(A × B) = n(A) × n(B)। A × B का कोई भी उपसमुच्चय A से B में संबंध है। पहले अवयवों का समुच्चय प्रांत, दूसरे अवयवों का परिसर, और पूरा B सहप्रांत है। फलन ऐसा संबंध है जिसमें A के हर अवयव का ठीक एक प्रतिबिंब हो। हम अचर, तत्समक, बहुपद, परिमेय, मापांक, चिह्न, घातांकी, लघुगणकीय और महत्तम पूर्णांक फलन और उनके ग्राफ़ पढ़ते हैं, और फलनों को जोड़ना, घटाना, गुणा और भाग करना सीखते हैं।
- द्विघात फलन और उनके ग्राफ़ – द्विघात फलन (quadratic function) y = ax² + bx + c है, जहाँ a ≠ 0। इसका ग्राफ़ U-आकार का वक्र होता है जिसे परवलय (parabola) कहते हैं। a > 0 हो तो वक्र ऊपर खुलता है और उसका एक सबसे निचला बिंदु होता है; a < 0 हो तो नीचे खुलता है और सबसे ऊँचा बिंदु होता है। यह मोड़ बिंदु शीर्ष (vertex) है, x = −b/2a पर। शीर्ष रूप y = a(x − h)² + k में शीर्ष (h, k) है।
- बीजीय व्यंजक: चर, पद और सरलीकरण – बीजीय व्यंजक में अक्षर (चर) और संख्याएँ +, −, × और ÷ से जुड़े होते हैं, जैसे 3x + 2। चर एक ऐसी संख्या के लिए खड़ा है जो बदल सकती है। व्यंजक पदों से बनता है (3x और 2)। 3x में 3 गुणांक है; बिना अक्षर वाला पद, जैसे 2, अचर पद है। समान पदों का अक्षर वाला भाग बिल्कुल एक जैसा होता है (3x और 5x) और वे जुड़ सकते हैं; असमान पद (3x और 2, या x और x²) नहीं जुड़ते। प्रतिस्थापन यानी अक्षर की जगह संख्या रखकर मान निकालना। विस्तार कोष्ठक हटाता है: a(b + c) = ab + ac। गुणनखंडन उल्टा है: उभयनिष्ठ गुणनखंड बाहर निकालना। सूत्र एक व्यंजक है जो दूसरी राशियों से एक राशि देता है, और सर्वसमिका अक्षर के हर मान पर सही होती है।
2. B. Exponential Functions
1 Representing Exponential Functions · 2 Connecting Graphs and Equations of Exponential Functions · 3 Solving Problems Involving Exponential Functions
- घातांकी फलन (Exponential Functions) – घातांकी फलन का रूप y = a·bˣ है, जहाँ a ≠ 0 शुरुआती मान है और b > 0, b ≠ 1 वृद्धि-गुणक (आधार) है। b > 1 हो तो बढ़ता है, 0 < b < 1 हो तो घटता (क्षय) है। x में 1 बढ़ने पर y को b से गुणा किया जाता है (स्थिर अनुपात), जबकि रैखिक फलन में हर बार एक ही संख्या जुड़ती है। y = bˣ का ग्राफ (0, 1) से गुज़रता है, प्रांत सभी वास्तविक संख्याएँ, परिसर y > 0, और x-अक्ष अनंतस्पर्शी है। सामान्य रूप y = a·b^(k(x − d)) + c इसे खींचता, पलटता और खिसकाता है।
3. C. Discrete Functions
1 Representing Sequences · 2 Investigating Arithmetic and Geometric Sequences and Series · 3 Solving Problems Involving Financial Applications
- अनुक्रम तथा श्रेणी: AP, GP, समांतर और गुणोत्तर माध्य – अनुक्रम एक निश्चित क्रम में लिखी संख्याओं की सूची है: a₁, a₂, a₃, … पदों को जोड़ने पर श्रेणी बनती है। समांतर श्रेढ़ी (AP) में हर बार एक ही संख्या d जुड़ती है; aₙ = a + (n − 1)d और Sₙ = n/2[2a + (n − 1)d]। a और b का समांतर माध्य (a + b)/2 है; उनके बीच n समांतर माध्य डालने के लिए d = (b − a)/(n + 1)। गुणोत्तर श्रेढ़ी (GP) में हर बार एक ही संख्या r से गुणा होता है; aₙ = arⁿ⁻¹ और r ≠ 1 पर Sₙ = a(rⁿ − 1)/(r − 1)। यदि |r| < 1 हो तो पद छोटे होते जाते हैं और अनंत योग S∞ = a/(1 − r)। दो धनात्मक संख्याओं का गुणोत्तर माध्य √(ab) है, और n गुणोत्तर माध्य के लिए r = (b/a)^(1/(n+1))। धनात्मक a, b के लिए A ≥ G, बराबरी केवल a = b पर।
- चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) – ब्याज वह अतिरिक्त पैसा है जो किसी का पैसा इस्तेमाल करने के बदले मिलता है। साधारण ब्याज सिर्फ़ शुरुआती रकम (मूलधन) पर लगता है, इसलिए हर साल बराबर बढ़ता है। चक्रवृद्धि ब्याज मूलधन और अब तक मिले ब्याज दोनों पर लगता है, यानी ब्याज पर भी ब्याज। n साल बाद मिश्रधन A = P(1 + r/100)ⁿ। साल में k बार ब्याज जुड़े तो दर r/k और अवधियाँ k × n लें। हर पल ब्याज जुड़े तो A = Pe^(rt)। कीमत घटे (ह्रास) तो A = P(1 − r/100)ⁿ। चक्रवृद्धि वृद्धि एक घातांकी (exponential) वृद्धि है।
4. D. Trigonometric Functions
1 Determining and Applying Trigonometric Ratios · 2 Connecting Graphs and Equations of Sinusoidal Functions · 3 Solving Problems Involving Sinusoidal Functions
- त्रिकोणमितीय फलन: रेडियन, इकाई वृत्त, ग्राफ़ और सर्वसमिकाएँ – एक रेडियन वह कोण है जिसका चाप त्रिज्या के बराबर हो, इसलिए π रेडियन = 180°। इकाई वृत्त पर कोण x वाला बिंदु P = (cos x, sin x) है, जिससे sin²x + cos²x = 1 मिलता है और sin, cos हर वास्तविक संख्या के लिए बन जाते हैं। चारों चतुर्थांशों में चिह्न 'All, Sin, Tan, Cos' से याद रखो; sin x और cos x हर 2π पर दोहराते हैं और −1 से 1 के बीच रहते हैं। cos(A + B) = cos A cos B − sin A sin B जैसे सूत्रों से tan(A + B), cot(A + B), योग-गुणनफल, द्विगुण और त्रिगुण कोण सूत्र निकलते हैं।