खनिज क्या हैं और कहाँ मिलते हैं?
खनिज निश्चित बनावट वाला प्राकृतिक पदार्थ है जो चट्टानों में मिलता है। अयस्क वह चट्टान है जिसमें इतना खनिज हो कि खनन हो सके।
- शिराएँ और जमाव: आग्नेय और कायांतरित चट्टानों की दरारों में (टिन, ताँबा, जस्ता, सीसा)।
- परतें: अवसादी चट्टानों में (कोयला, जिप्सम, पोटाश, नमक)।
- अपघटित सतही चट्टान: बॉक्साइट।
- प्लेसर निक्षेप: घाटियों और पहाड़ियों के तल की रेत में (सोना, टिन)।
- समुद्री जल: नमक, मैग्नीशियम, ब्रोमीन।
खनिजों के प्रकार
लौह (लोहा युक्त)
लौह अयस्क: मैग्नेटाइट (सबसे अच्छा, 70% तक लोहा) और हेमेटाइट (सबसे ज़्यादा उपयोग)। पेटियाँ: ओडिशा–झारखंड, दुर्ग–बस्तर–चंद्रपुर, बल्लारी–चित्रदुर्ग, महाराष्ट्र–गोवा। मैंगनीज़: इस्पात और फ़ेरो-मैंगनीज़ बनाने में।
अलौह
ताँबा: बिजली का सुचालक, तारों में (बालाघाट, खेतड़ी, सिंहभूम)। बॉक्साइट: एल्युमिनियम का अयस्क, हल्की और मज़बूत धातु (अमरकंटक, मैकाल पहाड़ियाँ, ओडिशा)।
अधात्विक
अभ्रक: पतली परतों में टूटता है; बिजली और इलेक्ट्रॉनिक सामान में (कोडरमा–गया–हज़ारीबाग)। चूना पत्थर: सीमेंट का मूल कच्चा माल, लोहा गलाने में भी।
खनिज क्यों बचाएँ?
ये बनने में लाखों साल लेते हैं और दोबारा नहीं बनते। इन्हें सावधानी से उपयोग करें, धातुओं का पुनर्चक्रण करें, रद्दी धातु उपयोग करें और विकल्प खोजें।
पारंपरिक ऊर्जा स्रोत
- कोयला: भारत में सबसे ज़्यादा मिलने वाला जीवाश्म ईंधन। प्रकार: पीट (कम कार्बन), लिग्नाइट (भूरा, नेवेली), बिटुमिनस (सबसे ज़्यादा उपयोग), एंथ्रेसाइट (सबसे अच्छा)। गोंडवाना कोयला (दामोदर घाटी) पुराना है; टर्शियरी कोयला उत्तर-पूर्व में।
- पेट्रोलियम: ईंधन और कई उद्योगों का कच्चा माल। अपनति और भ्रंश ट्रैप में मिलता है। मुंबई हाई, गुजरात (अंकलेश्वर), असम (डिगबोई)।
- प्राकृतिक गैस: साफ़ ईंधन; पेट्रोलियम के साथ; कृष्णा–गोदावरी बेसिन; वाहनों में CNG।
- बिजली: जल विद्युत (तेज़ बहता पानी, नवीकरणीय: भाखड़ा नांगल, दामोदर) और ताप विद्युत (कोयला, तेल, गैस जलाकर: अनवीकरणीय)।
गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत
- परमाणु: यूरेनियम और थोरियम के परमाणु टूटकर बहुत ऊष्मा देते हैं (केरल की मोनाज़ाइट रेत में थोरियम)।
- सौर: पैनल धूप को बिजली में बदलते हैं; भारत धूप वाला देश है (भुज के पास बड़ा सौर संयंत्र)।
- पवन: तमिलनाडु (नागरकोइल से मदुरै), गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक।
- बायोगैस: गोबर और खेती के कचरे से खाना पकाने की गैस और अच्छी खाद (गोबर गैस)।
- ज्वारीय: समुद्री ज्वार टरबाइन घुमाते हैं; खंभात की खाड़ी, कच्छ की खाड़ी, सुंदरबन।
- भूतापीय: धरती के अंदर की गर्मी; पार्वती घाटी (मणिकरण) और पूगा घाटी (लद्दाख)।
ऊर्जा संरक्षण
ऊर्जा से सब चलता है: खेत, कारखाने, घर और वाहन। हमारे जीवाश्म ईंधन सीमित हैं और प्रदूषण करते हैं। इसलिए: सार्वजनिक परिवहन अपनाएँ, बेकार बत्ती-पंखे बंद करें, स्टार-रेटेड मशीनें और LED बल्ब लगाएँ, गैर-पारंपरिक ऊर्जा बढ़ाएँ। "बचाई गई ऊर्जा, बनाई गई ऊर्जा है।"
करके देखें
3D के आख़िरी चरण में स्लाइडर 20% से 80% कीजिए। पहले अनुमान: कोयला दोगुना चलेगा या ज़्यादा? फिर जाँचिए। घर पर: बल्ब और पंखे गिनिए और कितने घंटे चलते हैं। कौन-से बंद कर सकते हैं?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अयस्क: खनन लायक खनिज वाली चट्टान
- लौह: लोहा युक्त (लौह अयस्क, मैंगनीज़)
- अलौह: बिना लोहे (ताँबा, बॉक्साइट)
- कोयले की गुणवत्ता: पीट < लिग्नाइट < बिटुमिनस < एंथ्रेसाइट
- पारंपरिक: कोयला, तेल, गैस, जल व ताप बिजली · गैर-पारंपरिक: सौर, पवन, परमाणु, बायोगैस, ज्वारीय, भूतापीय
हल किए गए उदाहरण
1. बाँटिए: लौह अयस्क, बॉक्साइट, अभ्रक, कोयला।
लौह अयस्क: लौह। बॉक्साइट: अलौह। अभ्रक: अधात्विक। कोयला: ऊर्जा खनिज।
2. जल विद्युत नवीकरणीय और ताप विद्युत अनवीकरणीय क्यों?
जल विद्युत बहते पानी से बनती है, जिसे बारिश फिर भरती है। ताप विद्युत कोयला या गैस जलाती है, जो ख़त्म होते हैं।
3. एक गाँव में बहुत मवेशी हैं और बिजली की लाइन नहीं। कौन-सी ऊर्जा ठीक है?
बायोगैस: गोबर से खाना पकाने की गैस और बची घोल से अच्छी खाद।
आम गलतियाँ
- बॉक्साइट को लौह अयस्क कहना। यह एल्युमिनियम का अयस्क (अलौह) है।
- जल विद्युत को अनवीकरणीय कहना। सिर्फ़ ताप विद्युत अनवीकरणीय है।
- सोचना कि परमाणु ऊर्जा यूरेनियम जलाने से बनती है। परमाणु तोड़े जाते हैं, जलाए नहीं।
- लिग्नाइट (भूरा, घटिया) और एंथ्रेसाइट (सबसे अच्छा) को मिलाना।