Ukraine 11 клас Natural Sciences (integrated)
अध्याय: 4
1. Energy and power engineering
Electricity · Power generation · Alternative energy and saving
- धारावाही चालक पर बल, विद्युत मोटर और प्रेरण – चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही तार पर एक धक्का यानी बल लगता है। तार क्षेत्र से 90° पर हो तो बल सबसे ज़्यादा, और क्षेत्र के समांतर हो तो शून्य। बल की दिशा फ्लेमिंग के वामहस्त नियम से मिलती है। मोटर इसी बल से कुंडली घुमाती है; जनित्र उल्टा काम करके गति से धारा बनाता है।
- बिजली कैसे बनती है – ज़्यादातर बिजली तार की कुंडलियों के अंदर चुंबक घुमाकर बनती है। यह विद्युत-चुंबकीय प्रेरण है और मशीन है प्रत्यावर्तित्र (alternator)। घुमाने का काम टरबाइन करता है; टरबाइन को भाप, पानी या हवा घुमाती है। सौर सेल अलग हैं: प्रकाश सीधे धारा बनाता है। ट्रांसफ़ॉर्मर वोल्टेज बढ़ाता है ताकि ग्रिड कम नुक़सान से दूर तक बिजली ले जाए।
- खनिज तथा ऊर्जा संसाधन – खनिज चट्टानों में मिलने वाले प्राकृतिक पदार्थ हैं। ये धात्विक (लौह या अलौह), अधात्विक या ऊर्जा खनिज होते हैं। ऊर्जा पारंपरिक स्रोतों (कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, बिजली) और गैर-पारंपरिक स्रोतों (सूर्य, पवन, परमाणु, बायोगैस, ज्वार, भूतापीय) से मिलती है। दोनों का संरक्षण ज़रूरी है।
2. Nutrition
Energy from food · GMOs and personalised nutrition
- पोषण (Nutrition) – पोषण वह तरीक़ा है जिससे हम भोजन के पदार्थ पाते और इस्तेमाल करते हैं। शरीर को छह तरह के पोषक तत्व चाहिए: कार्बोहाइड्रेट और वसा (मुख्य रूप से ऊर्जा), प्रोटीन (वृद्धि और मरम्मत), विटामिन और खनिज (थोड़ी मात्रा, शरीर को सही चलाने के लिए), और पानी; साथ में पाचन के लिए रेशा। कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन लगभग 17 kJ प्रति ग्राम, वसा लगभग 37 kJ प्रति ग्राम देते हैं। संतुलित आहार सब पोषक तत्व सही मात्रा में देता है, और अंदर आई ऊर्जा लगभग ख़र्च ऊर्जा के बराबर होनी चाहिए।
- जैव प्रौद्योगिकी: सिद्धांत व प्रक्रम (पुनर्योगज DNA तकनीक) – आनुवंशिक इंजीनियरिंग यानी किसी जीव के जीन जान-बूझकर बदलना। चाहा गया जीन प्रतिबंधन एंज़ाइम (आणविक कैंची) से काटते हैं, DNA लाइगेज़ (आणविक गोंद) से वाहक DNA में जोड़ते हैं, परपोषी कोशिका में डालते हैं, सही कोशिकाएँ चुनते हैं और बड़े टैंक (बायोरिएक्टर) में उगाकर उत्पाद निकालते हैं। PCR जीन की लाखों प्रतियाँ बनाता है और जेल वैद्युतकणसंचलन DNA टुकड़ों को आकार के हिसाब से अलग करता है।
3. Human psychophysiological development
Brain and body · Sport, stress and learning
- तंत्रिका विज्ञान: मस्तिष्क मन को कैसे बनाता है – तंत्रिका विज्ञान (neuroscience) मस्तिष्क और तंत्रिकाओं का अध्ययन है। मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं: प्रमस्तिष्क (सोचना, इंद्रियाँ, गति), अनुमस्तिष्क (संतुलन) और मस्तिष्क स्तंभ (साँस, धड़कन)। यह लगभग 86 अरब न्यूरॉनों से बना है, जो विद्युत संदेश भेजते हैं और सिनैप्स पर रसायनों से बात करते हैं। हर पालि का अपना मुख्य काम है; ब्रोका और वर्निके क्षेत्र बोलने-समझने का काम करते हैं; दर्पण न्यूरॉन काम करते समय और दूसरों को देखते समय भी सक्रिय होते हैं। हिप्पोकैम्पस यादें बनाता है और एमिग्डाला भावना जोड़ता है। EEG मस्तिष्क तरंगें, ECG हृदय और स्पाइरोग्राम साँस को दर्ज करता है।
- दबाव: स्वरूप, स्रोत और स्वास्थ्य पर प्रभाव – दबाव (stress) उन घटनाओं के प्रति शरीर और मन की अनुक्रियाओं का पैटर्न है जो संतुलन बिगाड़ें और हमारी सामना करने की क्षमता से ज़्यादा लगें। दबाव पैदा करने वाली घटना दबावकारक है। दबाव सुखद (eustress) या कष्टप्रद (distress) हो सकता है। लाज़ारस ने दिखाया कि दबाव मूल्यांकन पर टिका है: क्या यह खतरा है, और क्या मैं सँभाल सकता हूँ? दबाव भौतिक-पर्यावरणीय, मनोवैज्ञानिक (कुंठा, द्वंद्व, आंतरिक और सामाजिक दबाव) या सामाजिक हो सकता है। स्रोत हैं जीवन की बड़ी घटनाएँ, रोज़ की छोटी उलझनें और अभिघातज घटनाएँ। यह भावना, शरीर, सोच और व्यवहार पर असर डालता है; लंबा दबाव बर्नआउट ला सकता है। सेली के सामान्य अनुकूलन संलक्षण के तीन चरण: सचेत प्रतिक्रिया, प्रतिरोध और परिश्रांति। लंबा दबाव प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर करता है। स्वस्थ जीवन-शैली बचाती है।
4. Space
Sky and Solar System · Space technology and travel · Black holes and life beyond Earth
- सौरमंडल – सौरमंडल = सूर्य और वह सब कुछ जिसे उसका गुरुत्व थामे रखता है: 8 ग्रह, उनके चंद्रमा, बौने ग्रह, क्षुद्रग्रह, धूमकेतु और धूल। भीतरी चार ग्रह (बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल) छोटे और चट्टानी हैं। क्षुद्रग्रह पट्टी के बाद विशाल ग्रह: गैस दानव बृहस्पति और शनि, हिम दानव यूरेनस और नेपच्यून। गुरुत्व ग्रहों को सूर्य की ओर खींचता है जबकि वे बगल में चलते हैं, इसलिए वे कक्षा में घूमते हैं; पास वाले तेज़ चलते हैं और उनका वर्ष छोटा होता है। यह सब लगभग 4.6 अरब साल पहले गैस और धूल के घूमते बादल से बना।
- अंतरिक्ष अन्वेषण (Space Exploration) – अंतरिक्ष अन्वेषण यानी रॉकेट, उपग्रह, यान और इंसानों को पृथ्वी के वायुमंडल से आगे भेजना। रॉकेट गैस को नीचे धकेलकर ऊपर उठता है (क्रिया–प्रतिक्रिया)। लगभग 7.9 km/s की बग़ल वाली चाल पर यान पृथ्वी के चारों ओर गिरता रहता है यानी कक्षा में रहता है; 11.2 km/s पर पृथ्वी से बाहर निकल जाता है। 1957 से अंतरिक्ष होड़ और सहयोग दोनों की जगह रहा है, और इससे मौसम पूर्वानुमान, दिशा-निर्देशन, संचार और नया विज्ञान मिलता है।
- खगोल-जीवविज्ञान: क्या पृथ्वी के बाहर जीवन है? – खगोल-जीवविज्ञान (astrobiology) वह विज्ञान है जो पूछता है कि क्या पृथ्वी के बाहर जीवन है। जैसा जीवन हम जानते हैं, उसे द्रव पानी, ऊर्जा और कार्बन रसायन चाहिए। वासयोग्य (गोल्डीलॉक्स) क्षेत्र तारे से दूरी का वह हिस्सा है जहाँ ग्रह पर पानी द्रव रह सके। वैज्ञानिक मंगल, यूरोपा और एन्सेलेडस जैसे बर्फ़ीले उपग्रहों और हज़ारों बाह्य ग्रहों में खोज करते हैं, उनकी हवा में जैव-संकेत ढूँढते हैं और संकेत सुनते हैं (SETI)। ड्रेक समीकरण बात करने वाली सभ्यताओं की संख्या का अनुमान लगाता है; फ़र्मी विरोधाभास पूछता है कि फिर कोई सुनाई क्यों नहीं देता।