जैव प्रौद्योगिकी और आनुवंशिक इंजीनियरिंग क्या है?
जैव प्रौद्योगिकी यानी जीवों या उनके भागों (कोशिका, एंज़ाइम) से काम की चीज़ें बनाना। दूध से दही बनाना पुरानी जैव प्रौद्योगिकी है। आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी दो बातों पर टिकी है:
- आनुवंशिक इंजीनियरिंग: जीव के आनुवंशिक पदार्थ (DNA/RNA) को बदलना, जिससे उसका लक्षण (फीनोटाइप) बदले।
- रोगाणुरहित (निर्जीवाणुक) स्थिति: ताकि केवल चाहा गया सूक्ष्मजीव ही उगे, बाहर के कीटाणु नहीं।
साधारण संकरण (ब्रीडिंग) क्यों नहीं? उसमें हज़ारों जीन एक साथ मिल जाते हैं, अनचाहे भी। आनुवंशिक इंजीनियरिंग में केवल एक चाहा गया जीन जाता है। पहला पुनर्योगज DNA 1972 में स्टेनली कोहेन और हर्बर्ट बॉयर ने बनाया: उन्होंने प्रतिजैविक-प्रतिरोधी जीन को साल्मोनेला टाइफीम्यूरियम के प्लाज़्मिड में जोड़ा।
वाहक क्यों? अकेला DNA टुकड़ा कोशिका में अपनी प्रतिलिपि नहीं बना पाता। उसे ऐसे DNA से जुड़ना पड़ता है जिसमें प्रतिकृति का उद्भव (ori) हो, जहाँ से प्रतिलिपि शुरू होती है। प्लाज़्मिड में ori होता है, इसलिए जीन भी साथ में कॉपी हो जाता है।
पुनर्योगज DNA तकनीक के औज़ार
1. प्रतिबंधन एंज़ाइम (आणविक कैंची)
ये DNA को एक तय क्रम पर काटते हैं, जिसे पहचान स्थल कहते हैं। ये न्यूक्लिएज़ समूह के हैं: एक्सोन्यूक्लिएज़ सिरों से अक्षर हटाते हैं, एंडोन्यूक्लिएज़ DNA के बीच में काटते हैं। प्रतिबंधन एंज़ाइम एंडोन्यूक्लिएज़ हैं। पहचान स्थल पैलिंड्रोम होता है: 5′→3′ पढ़ें तो दोनों स्ट्रैंड पर एक जैसा। EcoRI स्थल: 5′-GAATTC-3′, दूसरे स्ट्रैंड पर 3′-CTTAAG-5′। कटाई बीच से थोड़ा हटकर होती है, जिससे चिपचिपे सिरे बनते हैं।
नाम का नियम: EcoRI = E (वंश Escherichia) + co (जाति coli) + R (स्ट्रेन RY13) + I (उस स्ट्रेन से मिला पहला एंज़ाइम)। 900 से ज़्यादा प्रतिबंधन एंज़ाइम ज्ञात हैं।
2. DNA लाइगेज़ (आणविक गोंद)
जीन और वाहक की शर्करा-फ़ॉस्फ़ेट रीढ़ को जोड़ता है।
3. क्लोनिंग वाहक
प्लाज़्मिड और बैक्टीरियोफ़ेज। अच्छे वाहक में चाहिए:
- ori: प्रतिलिपि शुरू करता है और प्रतियों की संख्या तय करता है।
- वरण योग्य चिह्नक: ऐसा जीन (जैसे ऐम्पिसिलिन, टेट्रासाइक्लिन, कैनामाइसिन प्रतिरोध) जिससे रूपांतरित कोशिकाएँ चुनी जा सकें।
- क्लोनिंग स्थल: हर एंज़ाइम का केवल एक स्थल, ताकि वाहक कई टुकड़ों में न कटे।
- छोटा आकार।
pBR322 एक आम E. coli प्लाज़्मिड है जिसमें ori, rop, ampR और tetR जीन तथा BamHI, PstI जैसे स्थल हैं। अगर जीन tetR के अंदर डाला जाए तो tetR काम करना बंद कर देता है (निवेशी निष्क्रियता): पुनर्योगज कोशिकाएँ ऐम्पिसिलिन पर उगती हैं पर टेट्रासाइक्लिन पर मर जाती हैं। आसान तरीका नीला-सफ़ेद परीक्षण: जीन को β-गैलेक्टोसिडेज़ के lacZ जीन के अंदर डालते हैं। जिस कॉलोनी में निवेश है, वह एंज़ाइम नहीं बना पाती और सफ़ेद रहती है; बिना निवेश वाली नीली होती है।
पौधों के लिए वाहक: एग्रोबैक्टीरियम ट्यूमीफ़ेशियंस का Ti प्लाज़्मिड (निरस्त्र किया हुआ)। जंतुओं के लिए: निरस्त्र रेट्रोवायरस।
4. सक्षम परपोषी
DNA जल-प्रेमी है और झिल्ली पार नहीं कर पाता। कोशिका को सक्षम बनाते हैं: कैल्शियम क्लोराइड, फिर बर्फ़, फिर 42°C पर थोड़ी देर (हीट शॉक), फिर बर्फ़। अन्य तरीके: सूक्ष्म-अंतःक्षेपण (जंतु कोशिका का केंद्रक), जीन गन / बायोलिस्टिक्स (DNA लिपटे सोने या टंगस्टन के कण पौधों की कोशिकाओं पर दागना), और निरस्त्र रोगाणु।
पुनर्योगज DNA तकनीक के चरण
- DNA अलग करना: कोशिका को एंज़ाइम से तोड़ो (जीवाणु के लिए लाइसोज़ाइम, पौधे के लिए सेल्युलेज़, कवक के लिए काइटिनेज़)। RNA को राइबोन्यूक्लिएज़ से और प्रोटीन को प्रोटिएज़ से हटाओ। ठंडा एथेनॉल डालो: शुद्ध DNA सफ़ेद धागों जैसा निकलता है (स्पूलिंग)।
- DNA काटना: प्रतिबंधन एंज़ाइम से, फिर जेल वैद्युतकणसंचलन से जाँच।
- PCR से प्रतियाँ (पॉलिमरेज़ शृंखला अभिक्रिया): दो छोटे प्राइमर + Taq पॉलिमरेज़ (थर्मस एक्वेटिकस से, ताप-स्थिर)। हर चक्र = विकृतीकरण (~94°C), तापानुशीतन (~50–60°C), विस्तार (~72°C)। n चक्र के बाद 1 DNA → 2ⁿ प्रतियाँ।
- जोड़ना: एक ही एंज़ाइम से कटे जीन और वाहक को DNA लाइगेज़ से जोड़ो → पुनर्योगज DNA।
- परपोषी में डालना (रूपांतरण) और चिह्नक से चयन।
- बाहरी जीन का उत्पाद: बाहरी जीन से बना प्रोटीन पुनर्योगज प्रोटीन है। ज़्यादा मात्रा के लिए कोशिकाएँ बायोरिएक्टर (100–1000 लीटर) में उगाते हैं, जो ताप, pH, ऑक्सीजन, पोषक और झाग नियंत्रित रखता है। विलोडित-टैंक बायोरिएक्टर में विलोडक और स्पार्जर (हवा के बुलबुले) होते हैं।
- अनुप्रवाह संसाधन (डाउनस्ट्रीम प्रोसेसिंग): उत्पाद अलग करना, शुद्ध करना, परिरक्षक मिलाना, जाँच (दवाओं के लिए क्लिनिकल परीक्षण) और पैकिंग।
जेल वैद्युतकणसंचलन
DNA ऋणावेशित है। ऐगारोज़ जेल (समुद्री शैवाल से) में विद्युत क्षेत्र लगाने पर DNA एनोड (+) की ओर चलता है। जेल छलनी का काम करता है: छोटे टुकड़े ज़्यादा दूर जाते हैं। एथिडियम ब्रोमाइड से रंगकर UV प्रकाश में नारंगी पट्टियाँ दिखती हैं। पट्टी काटकर DNA निकालना क्षालन (इल्यूशन) है।
घर पर करके देखो: DNA निकालो
पके केले या हरी मटर को चुटकी भर नमक और एक चम्मच बर्तन धोने के साबुन के साथ आधा कप गुनगुने पानी में मसलो। चाय की छलनी से छानो। किसी बड़े की मदद से बर्फ़-ठंडा रबिंग अल्कोहल गिलास की दीवार से धीरे डालो। ऊपर सफ़ेद धागे दिखेंगे: यही DNA है, बिल्कुल स्पूलिंग जैसा। 3D में PCR चक्र बदलने से पहले अनुमान लगाओ कि कितनी प्रतियाँ बनेंगी।
बोर्ड परीक्षा टिप: इस इकाई के लगभग 12 अंक हैं। अक्सर पूछा जाता है: वाहक के लक्षण, pBR322 के भाग, एक ही एंज़ाइम क्यों, PCR के चरण, जेल वैद्युतकणसंचलन का सिद्धांत, निवेशी निष्क्रियता।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- आनुवंशिक इंजीनियरिंग = काटना (प्रतिबंधन एंज़ाइम) + जोड़ना (लाइगेज़) + ढोना (वाहक) + प्रतियाँ (PCR)
- EcoRI स्थल: 5′-G↓AATTC-3′ (पैलिंड्रोम, चिपचिपे सिरे AATT)
- PCR: n चक्र के बाद प्रतियाँ = 2ⁿ × शुरुआती प्रतियाँ
- PCR चक्र: विकृतीकरण ~94°C → तापानुशीतन ~55°C → विस्तार ~72°C (Taq पॉलिमरेज़)
- वाहक: ori + वरण योग्य चिह्नक + एक क्लोनिंग स्थल + छोटा आकार
- जेल: DNA (−) एनोड (+) की ओर; छोटा = ज़्यादा दूर
- नीली कॉलोनी = बिना निवेश; सफ़ेद = पुनर्योगज (lacZ निष्क्रिय)
हल किए गए उदाहरण
1. 1 DNA अणु से PCR शुरू किया। 5 चक्र बाद कितनी प्रतियाँ?
हर चक्र में दोगुना। प्रतियाँ = 2⁵ = 32।
2. 10 DNA अणु से 10 चक्र चलाए। कितनी प्रतियाँ?
10 × 2¹⁰ = 10 × 1024 = 10,240 प्रतियाँ।
3. 1 अणु से कम से कम 1000 प्रतियों के लिए कितने चक्र?
2⁹ = 512 (कम), 2¹⁰ = 1024 (काफ़ी)। इसलिए 10 चक्र।
4. एक चक्र 3 मिनट का है। 20 चक्र में कितना समय और 1 अणु से कितनी प्रतियाँ?
समय = 20 × 3 = 60 मिनट = 1 घंटा। प्रतियाँ = 2²⁰ = 10,48,576, लगभग दस लाख।
5. 6 अक्षर का पहचान स्थल औसतन हर 4⁶ अक्षर पर आता है। 40,960 bp के DNA में लगभग कितनी कटाई?
4⁶ = 4096। कटाई ≈ 40,960 ÷ 4096 = 10।
6. एक गोल प्लाज़्मिड में BamHI के 3 स्थल हैं। कितने टुकड़े? और सीधे DNA में 3 स्थल हों तो?
गोल छल्ला 3 जगह कटे तो 3 टुकड़े। सीधा DNA 3 जगह कटे तो 3 + 1 = 4 टुकड़े। इसलिए वाहक में एक एंज़ाइम का एक ही स्थल होना चाहिए।
7. pBR322 के tetR में BamHI स्थल पर जीन डाला। पुनर्योगज कोशिकाएँ किस प्लेट पर उगेंगी?
tetR टूट गया (निवेशी निष्क्रियता), ampR चालू है। इसलिए ऐम्पिसिलिन पर उगेंगी, टेट्रासाइक्लिन पर नहीं।
8. 500 bp, 2000 bp और 5000 bp के टुकड़े जेल पर चलाए। कौन कुएँ (वेल) के सबसे पास रहेगा?
बड़ा टुकड़ा छलनी में कम चलता है। 5000 bp सबसे पास; 500 bp एनोड की ओर सबसे दूर।
आम गलतियाँ
- जेल में DNA को कैथोड की ओर चलता लिखना। DNA ऋणावेशित है, एनोड (+) की ओर जाता है।
- जीन और वाहक को अलग-अलग एंज़ाइम से काटकर सिरे मिलने की उम्मीद करना। एक ही एंज़ाइम चाहिए।
- नीली कॉलोनी को पुनर्योगज समझना। नीली = lacZ चालू = निवेश नहीं; सफ़ेद = पुनर्योगज।
- प्रतिबंधन एंज़ाइम को एक्सोन्यूक्लिएज़ लिखना। ये बीच में काटते हैं, इसलिए एंडोन्यूक्लिएज़ हैं।