📘 CodingMarble Learn

आनुवंशिकता और मेंडल के नियम

माता-पिता से बच्चों में लक्षणों का जाना आनुवंशिकता है। हर लक्षण के लिए माँ और पिता दोनों एक-एक जीन देते हैं। प्रभावी जीन अप्रभावी को छुपा देता है, इसलिए एकसंकर में 3:1 और द्विसंकर में 9:3:3:1 अनुपात आता है। जीन DNA का टुकड़ा है जो प्रोटीन बनवाता है, और प्रोटीन से लक्षण बनता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. ये दो मटर के पौधे हैं: एक लंबा (TT), एक बौना (tt)। बच्चे माँ-बाप जैसे दिखते हैं पर बिल्कुल एक जैसे नहीं। इन छोटे अंतरों को विविधता कहते हैं।
  2. हर जनक युग्मक (पराग और अंडाणु) बनाता है। युग्मक में हर जीन की सिर्फ़ एक प्रति जाती है: लंबा पौधा T देता है, बौना t।
  3. दोनों का क्रॉस करो। हर बच्चा Tt है और हर बच्चा लंबा है। T प्रभावी है, यह अप्रभावी t को छुपा लेता है, पर t अंदर मौजूद है।
  4. अब दो Tt पौधों का क्रॉस। पुनेट वर्ग में TT, Tt, Tt, tt आते हैं। तीन लंबे, एक बौना: 3:1। छुपा हुआ बौनापन वापस आ गया!
  5. अब दो लक्षण एक साथ: बीज का आकार (R गोल, r झुर्रीदार) और रंग (Y पीला, y हरा)। RrYy × RrYy से 16 खाने बनते हैं: 9:3:3:1। दोनों लक्षण स्वतंत्र रूप से जाते हैं।
  6. अब तुम्हारी बारी: कोई भी दो जनक (TT, Tt, tt) चुनो या दो लक्षण वाला क्रॉस लगाओ, और पुनेट वर्ग खुद भरते देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

F1 में सभी लंबे हैं, तो बौनापन कहाँ गया?

वह हर F1 पौधे में अप्रभावी t के रूप में छुपा है। F2 में जब दो t मिलते हैं, तो फिर दिखता है।

युग्मक में एक ही अक्षर क्यों?

युग्मक ऐसे बनते हैं कि हर जीन की एक प्रति मिले। अंडाणु + शुक्राणु मिलकर जोड़ी फिर बनाते हैं, जिससे गुणसूत्र संख्या स्थिर रहती है।

क्या हर बार ठीक 3:1 आता है?

नहीं, यह संभावना है। कम बीजों में 5:3 या 7:1 भी आ सकता है; सैकड़ों बीजों में अनुपात 3:1 के बहुत पास आता है।

क्या प्रभावी का मतलब ज़्यादा आम या बेहतर है?

नहीं। प्रभावी का मतलब सिर्फ़ इतना कि एक प्रति होने पर भी दिखता है। कुछ प्रभावी लक्षण दुर्लभ होते हैं।

एक जीन पौधे को लंबा कैसे बनाता है?

जीन एक एंज़ाइम बनवाता है जो वृद्धि हॉर्मोन बनाता है। ज़्यादा काम करने वाला एंज़ाइम = ज़्यादा हॉर्मोन = लंबा पौधा।

द्विसंकर में नए मेल क्यों बनते हैं?

आकार और रंग के जीन युग्मकों में स्वतंत्र रूप से बँटते हैं, इसलिए RY, Ry, rY, ry चारों युग्मक बनते हैं और गोल हरा व झुर्रीदार पीला भी आता है।

जनन के दौरान विविधता का संचय

जनन में DNA की नकल कभी पूरी तरह सही नहीं होती, इसलिए हर नई पीढ़ी में छोटे बदलाव आते हैं। अलैंगिक जनन (जैसे जीवाणु का बँटना) में अंतर बहुत कम होते हैं। लैंगिक जनन में आधे जीन माँ से और आधे पिता से आते हैं और नए मेल बनाते हैं, इसलिए विविधता बहुत ज़्यादा होती है।

ये विविधताएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी जमा होती जाती हैं। कुछ विविधताएँ बदलते वातावरण में जीवित रहने में मदद करती हैं। इसलिए विविधता ही विकास का आधार है।

आनुवंशिकता और वंशागत लक्षण

आनुवंशिकता यानी माता-पिता से संतान में लक्षणों का जाना। लक्षण कोई भी दिखने या मापने वाली विशेषता है: लंबाई, आँखों का रंग, रक्त समूह, कान की लौ।

वंशागत लक्षण जीन से नियंत्रित होता है और अगली पीढ़ी में जाता है। जो लक्षण हम अपने जीवन में पाते हैं (चोट का निशान, कसरत से बनी मांसपेशी) वह उपार्जित है और आगे नहीं जाता।

मेंडल का योगदान: वंशागति के नियम

ग्रेगर जॉन मेंडल ने 1860 के दशक में मटर पर प्रयोग किए। मटर अच्छा चुनाव था: जल्दी उगता है, बहुत बीज देता है, स्वपरागण भी और हाथ से परपरागण भी हो सकता है, और इसके लक्षण साफ़ विपरीत होते हैं (लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज, पीला/हरा बीज, बैंगनी/सफ़ेद फूल)।

मेंडल ने इन इकाइयों को कारक कहा; आज इन्हें जीन कहते हैं। एक जीन के अलग रूप युग्मविकल्पी (एलील) हैं (T और t)। TT या tt वाला पौधा शुद्ध / समयुग्मजी है, Tt वाला संकर / विषमयुग्मजी।

प्रभावी और अप्रभावी लक्षण

संकर में जो लक्षण दिखता है वह प्रभावी (लंबा, T) है। जो छुपा रहता है वह अप्रभावी (बौना, t) है। अप्रभावी लक्षण तभी दिखता है जब दोनों प्रतियाँ अप्रभावी हों (tt)। जीनों का मेल (TT, Tt, tt) जीनोटाइप (जीन प्रारूप) है, और जो दिखता है वह फ़ीनोटाइप (लक्षण प्रारूप)।

एकसंकर संकरण: एक लक्षण, 3:1

जनक (P): शुद्ध लंबा TT × शुद्ध बौना tt। युग्मक: T और t। F1: सभी Tt, सभी लंबे। F1 का स्वपरागण (Tt × Tt):

Tt
TTTTt
tTttt

F2 लक्षण अनुपात: 3 लंबे : 1 बौना। जीन अनुपात: 1 TT : 2 Tt : 1 tt। बौनापन F1 में गायब हुआ पर F2 में लौट आया — यानी कारक न खोया, न मिला-जुला। यही प्रभाविता का नियम और पृथक्करण का नियम है: युग्मक बनते समय दोनों प्रतियाँ अलग हो जाती हैं।

द्विसंकर संकरण: दो लक्षण, 9:3:3:1

जनक: गोल पीला (RRYY) × झुर्रीदार हरा (rryy)। F1: सभी RrYy, गोल और पीले। F1 × F1: हर पौधा चार तरह के युग्मक बनाता है (RY, Ry, rY, ry), तो पुनेट वर्ग में 4 × 4 = 16 खाने।

F2: 9 गोल पीले : 3 गोल हरे : 3 झुर्रीदार पीले : 1 झुर्रीदार हरा। दो नए मेल (गोल हरा, झुर्रीदार पीला) बनते हैं, जो किसी जनक में नहीं थे। इसलिए आकार और रंग स्वतंत्र रूप से वंशागत होते हैं: स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम। हर लक्षण अकेले देखें तो भी 12:4 = 3:1 ही है।

लक्षण कैसे प्रकट होते हैं? जीन, DNA और प्रोटीन

केंद्रक में DNA गुणसूत्रों के रूप में रहता है। जीन DNA का वह भाग है जिसमें एक प्रोटीन बनाने का निर्देश होता है। प्रोटीन ही लक्षण बनाने का काम करते हैं।

उदाहरण: पौधे की लंबाई एक वृद्धि हॉर्मोन पर निर्भर है। एक जीन एक एंज़ाइम (प्रोटीन) बनवाता है जो यह हॉर्मोन बनाता है। जीन की प्रति अच्छी हो तो ज़्यादा एंज़ाइम, ज़्यादा हॉर्मोन, लंबा पौधा। कम कुशल हो तो कम हॉर्मोन, बौना पौधा। यानी जीन → प्रोटीन (एंज़ाइम) → हॉर्मोन → लक्षण।

शरीर की हर कोशिका में हर गुणसूत्र की दो प्रतियाँ होती हैं, एक माँ से और एक पिता से। युग्मक में सिर्फ़ एक सेट होता है, इसलिए निषेचन पर जोड़ी फिर बन जाती है और गुणसूत्रों की संख्या हर पीढ़ी में स्थिर रहती है।

बोर्ड परीक्षा में क्या पूछा जाता है

लिंग निर्धारण भी इसी अध्याय में है: मानव में लिंग निर्धारण देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. शुद्ध बैंगनी फूल वाला मटर (VV) और शुद्ध सफ़ेद फूल वाला मटर (vv) क्रॉस किए गए। F1 कैसा होगा?

युग्मक: एक से V, दूसरे से v। F1 = Vv। बैंगनी प्रभावी है, इसलिए सभी F1 पौधों के फूल बैंगनी होंगे।

2. दो Tt पौधों के क्रॉस से 400 बीज उगाए गए। लगभग कितने बौने होंगे?

पुनेट वर्ग: TT, Tt, Tt, tt। बौना = tt = 4 में 1। 400 × 1/4 = 100 बौने (300 लंबे)।

3. एक लंबे पौधे (जीनोटाइप अज्ञात) को बौने (tt) से क्रॉस किया। आधे बच्चे बौने निकले। लंबा जनक कैसा था?

बौने बच्चे tt हैं, तो उन्हें लंबे जनक से t मिला। लंबा जनक Tt था। (TT होता तो सभी Tt, लंबे होते।) इसे परीक्षार्थ संकरण (टेस्ट क्रॉस) कहते हैं।

4. RrYy × RrYy से 160 बीज बने। कितने झुर्रीदार हरे होंगे?

झुर्रीदार हरा = rryy = 16 में 1। 160 × 1/16 = 10 बीज।

5. बौनापन F1 में क्यों गायब होता है और F2 में क्यों लौटता है?

F1 Tt है। T प्रभावी है और t को छुपा देता है। F2 में दोनों Tt जनक t दे सकते हैं, तो 4 में से 1 बच्चे को t + t = tt मिलता है, जो बौना है। t छुपा था, खोया नहीं था।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. एकसंकर संकरण का F2 लक्षण अनुपात है:
2. Tt जीनोटाइप वाला मटर का पौधा है:
3. जीन किसका भाग है?
4. 9:3:3:1 अनुपात बताता है कि दो लक्षण:
5. मेंडल के मटर में कौन-सा लक्षण अप्रभावी है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकसंकर और द्विसंकर संकरण में क्या अंतर है?

एकसंकर में एक जोड़ी विपरीत लक्षण देखे जाते हैं (F2 = 3:1)। द्विसंकर में दो जोड़ी एक साथ (F2 = 9:3:3:1)।

मेंडल के वंशागति के नियम कौन-से हैं?

प्रभाविता का नियम, पृथक्करण का नियम (दोनों प्रतियाँ युग्मकों में अलग होती हैं) और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम।

क्या आनुवंशिकता CBSE कक्षा 10 में है?

हाँ। CBSE कक्षा 10 विज्ञान के 'आनुवंशिकता' अध्याय (जीव जगत इकाई) में मेंडल के संकरण और लिंग निर्धारण दोनों हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 11D. Genetics
इटलीScuola secondaria di primo grado – classe 3ªBiology
नीदरलैंडHAVO 4 (bovenbouw, 2e fase)Reproduction
नीदरलैंडVWO 5Reproduction (part 2)
पोलैंडSzkoła podstawowa, klasa VIIIV. Genetics
रोमानियाClasa a VIII-aHeredity and variation in humans
स्पेन4º ESOGenetics and evolution
यूक्रेन9 класHeredity and variation
यूक्रेन10 класHeredity and variation
यूक्रेन10 класHeredity and variation
सीबीएसई (भारत)कक्षा 10सजीव जगत
इंग्लैंडYear 9Biology: Genetics and evolution
अमेरिकाGrade 8MS-LS1 From molecules to organisms
अमेरिकाGrade 10Heredity: inheritance and variation of traits
जापान中学3年Field 2 (5): Continuity of life
दक्षिण कोरिया중학교 3학년Reproduction and heredity
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Continuity and diversity of life
फ्रांसTroisièmeLiving things and evolution
फ्रांसPremièreBiochemistry-biology: thematic modules
फ्रांसPremièreEarth, life and organisation
फ्रांसTerminaleContemporary health issues
रूस9 классHuman genetics
चीन八年级(初二)U6 Ch.2 Heredity and variation
चीन高一Comp.2 Ch.1 Mendel

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी जीव विज्ञान पाठ