जीन लिंग सहलग्न कब होता है?
मनुष्य में गुणसूत्रों के 23 जोड़े होते हैं। एक जोड़ा लिंग तय करता है: स्त्री XX, पुरुष XY। X बड़ा है और उस पर लगभग 800 जीन हैं, जैसे रंग देखने और खून जमने के जीन। Y छोटा है और उस पर बहुत कम जीन हैं।
जो जीन X पर हो (और Y पर न हो), उसे X-सहलग्न या लिंग सहलग्न जीन कहते हैं। उसका परिणाम बच्चे के लिंग पर निर्भर करता है।
X-सहलग्न अप्रभावी लक्षण
जीन को X के ऊपर लिखते हैं: XB = सामान्य (प्रभावी), Xb = खराब (अप्रभावी)।
- स्त्री XBXB: सामान्य।
- स्त्री XBXb: सामान्य, पर वाहक (carrier)।
- स्त्री XbXb: प्रभावित।
- पुरुष XBY: सामान्य। पुरुष XbY: प्रभावित।
पुरुष के पास एक ही X है, इसलिए वह वाहक नहीं हो सकता। इसे अर्धयुग्मजी (hemizygous) कहते हैं।
मुख्य बातें
- पुरुष बहुत ज़्यादा प्रभावित होते हैं।
- प्रभावित पिता बेटे को यह नहीं देता (बेटे को Y मिलता है), पर उसकी सभी बेटियाँ वाहक बनती हैं।
- अक्सर एक पीढ़ी छूट जाती है: नाना → वाहक बेटी → नाती (क्रिस-क्रॉस वंशागति)।
उदाहरण: लाल-हरी वर्णांधता, हीमोफीलिया (खून ठीक से नहीं जमता), ड्यूशेन पेशीय दुर्विकास।
X-सहलग्न प्रभावी लक्षण
यहाँ एक खराब एलील ही काफी है, चाहे लड़का हो या लड़की।
- प्रभावित पिता यह सभी बेटियों को देता है, किसी बेटे को नहीं।
- प्रभावित (विषमयुग्मजी) माँ आधे बच्चों को देती है, बेटा हो या बेटी।
- स्त्रियाँ ज़्यादा प्रभावित होती हैं, क्योंकि उनके पास दो X हैं।
उदाहरण: विटामिन D से ठीक न होने वाला एक प्रकार का रिकेट्स, रेट सिंड्रोम।
कुछ Y-सहलग्न जीन भी हैं: वे हमेशा पिता से बेटे में ही जाते हैं।
पनेट वर्ग से प्रश्न हल करना
- माता-पिता का जीनोटाइप लिखो, जैसे माँ XBXb, पिता XBY।
- युग्मक लिखो: माँ XB, Xb; पिता XB, Y।
- 2×2 वर्ग भरो: XBXB, XBXb, XBY, XbY।
- बेटियों और बेटों का उत्तर अलग पढ़ो: सब बेटियाँ सामान्य (आधी वाहक), आधे बेटे प्रभावित।
मिश्रित प्रश्नों में लिंग सहलग्न जीन के साथ सह-प्रभाविता (AB रक्त समूह), अपूर्ण प्रभाविता (गुलाबी फूल) और बहु-एलील (ABO रक्त समूह IA, IB, i) भी आते हैं। हर जीन अलग हल करो, फिर जोड़ो।
घर पर करके देखो
दो लाल कार्ड (अच्छा X), एक ग्रे कार्ड (खराब X), एक नीला कार्ड (Y) लो। माँ = लाल + ग्रे, पिता = लाल + नीला। हर जोड़ी से एक-एक कार्ड 20 बार निकालो। जितने बेटे (नीला कार्ड) बने, उनमें से लगभग आधे "ग्रे + नीला" होंगे।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- स्त्री: XᴮXᴮ (सामान्य), XᴮXᵇ (वाहक), XᵇXᵇ (प्रभावित)
- पुरुष: XᴮY (सामान्य), XᵇY (प्रभावित) – पुरुष वाहक नहीं होते
- वाहक माँ × सामान्य पिता → ½ बेटे प्रभावित, ½ बेटियाँ वाहक
- प्रभावित पिता × सामान्य माँ → सब बेटियाँ वाहक, सब बेटे सामान्य
- अर्धयुग्मजी: जीन की सिर्फ एक प्रति होना
हल किए गए उदाहरण
1. वाहक स्त्री का विवाह सामान्य पुरुष से होता है। कितने बेटे वर्णांध होंगे?
माँ XᴮXᵇ से Xᴮ या Xᵇ मिलता है, पिता हर बेटे को Y देता है। बेटे: XᴮY या XᵇY। यानी ½ बेटे वर्णांध।
2. वर्णांध पुरुष और सामान्य स्त्री (XᴮXᴮ) के बच्चे कैसे होंगे?
बेटियाँ XᴮXᵇ: सब सामान्य पर वाहक। बेटे XᴮY: सब सामान्य। लक्षण एक पीढ़ी छिप जाता है।
3. एक लड़की वर्णांध है। उसके माता-पिता के बारे में क्या कह सकते हैं?
वह XᵇXᵇ है। पिता ज़रूर वर्णांध (XᵇY) होगा और माँ कम से कम वाहक (XᴮXᵇ)।
4. वाहक माँ (XᴴXʰ) और हीमोफीलिया वाले पिता (XʰY) के किसी बच्चे को हीमोफीलिया होने की संभावना?
बच्चे: XᴴXʰ, XʰXʰ, XᴴY, XʰY। 4 में से 2 प्रभावित, यानी ½।
आम गलतियाँ
- एलील को अलग अक्षर (Bb) लिखना, X के ऊपर (XᴮXᵇ) नहीं। Y पर कोई अक्षर नहीं होता।
- यह कहना कि पुरुष वाहक हो सकता है। उसके पास एक ही X है।
- सोचना कि बेटे को वर्णांधता पिता से मिली। बेटे को पिता से हमेशा Y मिलता है।
- प्रश्न बेटों या बेटियों का अलग पूछे तब भी सब बच्चों का एक उत्तर देना।