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आनुवंशिक विकार

आनुवंशिक विकार (genetic disorder) वह बीमारी है जो किसी जीन में बदलाव या गुणसूत्रों की संख्या/बनावट में गड़बड़ी से होती है। एक-जीन विकार अप्रभावी (सिस्टिक फाइब्रोसिस, सिकल सेल एनीमिया: दो ख़राब प्रतियाँ चाहिए), प्रभावी (हंटिंगटन रोग: एक ख़राब प्रति काफ़ी) या X-लिंक्ड (हीमोफीलिया, वर्णांधता: ज़्यादातर लड़कों में) होते हैं। डाउन सिंड्रोम जैसे गुणसूत्र विकार (21वें गुणसूत्र की एक अतिरिक्त प्रति) अंडाणु या शुक्राणु बनते समय की गलती से होते हैं। पनेट वर्ग हर संतान की संभावना बताता है; आनुवंशिक जाँच, परामर्श और जीन थेरेपी परिवारों की मदद करते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. हमारी हर कोशिका में 46 गुणसूत्र होते हैं, 23 जोड़ों में। इन पर जीन होते हैं, जो निर्देश हैं। जीन में बदलाव को उत्परिवर्तन (mutation) कहते हैं, और कुछ बदलाव रोग बना देते हैं।
  2. अप्रभावी विकार: माँ-पिता दोनों में एक ख़राब प्रति (a) है, पर दोनों स्वस्थ हैं। हर बच्चे के दो ख़राब प्रतियाँ (aa) पाने और रोगी होने की संभावना 4 में 1 है। लाल = रोगी, नारंगी = वाहक, हरा = स्वस्थ।
  3. प्रभावी विकार: एक ख़राब प्रति (D) ही काफ़ी है। Dd और dd माता-पिता के हर बच्चे की रोगी होने की संभावना 2 में 1 है।
  4. X-लिंक्ड विकार: ख़राब जीन X गुणसूत्र पर है। वाहक माँ और स्वस्थ पिता: हर बेटे की रोगी होने की संभावना 2 में 1, और बेटियाँ वाहक हो सकती हैं।
  5. गुणसूत्र विकार: डाउन सिंड्रोम में 21वें गुणसूत्र की दो की जगह तीन प्रतियाँ होती हैं, यानी कुल 47 गुणसूत्र। लाल वाला अतिरिक्त गुणसूत्र गिरते हुए देखो।
  6. खुद आज़माओ: प्रकार और माता-पिता के एलील चुनो। वर्ग और नीचे का रीडआउट हर बच्चे की संभावना दिखाएगा।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

माता-पिता स्वस्थ हैं, फिर भी क्या मुझे आनुवंशिक रोग हो सकता है?

हाँ। दोनों स्वस्थ वाहक (Aa) हो सकते हैं। हर बच्चे में aa की 4 में 1 संभावना है।

प्रभावी रोग में एक ख़राब प्रति से ही रोग क्यों?

D से बना ख़राब प्रोटीन खुद नुकसान करता है, सही प्रति के होते हुए भी। इसलिए Dd में रोग दिखता है।

हीमोफीलिया ज़्यादातर लड़कों में क्यों?

लड़कों में एक X है। उस पर ख़राब एलील हो तो ढकने को दूसरा X नहीं। लड़कियों को दो ख़राब X चाहिए, जो दुर्लभ है।

क्या डाउन सिंड्रोम सिकल सेल की तरह माता-पिता से आता है?

आमतौर पर नहीं। यह ज़्यादातर अंडाणु या शुक्राणु बनने की एक बार की गलती (असंयोजन) से होता है।

4 में 1 का मतलब क्या चौथा बच्चा रोगी होगा?

नहीं। हर बच्चा नया पासा है, हर बार 25%। खुद आज़माओ वाले चरण में कई बार बदलकर देखो।

जीन और गुणसूत्र में क्या अंतर है?

गुणसूत्र DNA का लंबा धागा है। जीन उस धागे का छोटा हिस्सा है जिसमें एक निर्देश है। एक गुणसूत्र पर सैकड़ों-हज़ारों जीन होते हैं।

आनुवंशिक विकार क्या है?

जीन DNA का छोटा हिस्सा है। यह एक प्रोटीन बनाने का निर्देश है। उस निर्देश में बदलाव को उत्परिवर्तन (mutation) कहते हैं। कई बदलाव कुछ नहीं करते। कुछ से प्रोटीन ठीक से काम नहीं करता। तब आनुवंशिक विकार हो सकता है।

तीन मुख्य समूह:

ये रोग छूने से नहीं फैलते। ये परिवार में आगे जाते हैं, या किसी एक अंडाणु/शुक्राणु में नए बनते हैं।

अप्रभावी और प्रभावी एक-जीन विकार

हर जीन की एक प्रति माँ से और एक पिता से मिलती है। सामान्य एलील को बड़े अक्षर और ख़राब को छोटे अक्षर से लिखते हैं।

अलिंगसूत्री अप्रभावी (autosomal recessive)

रोग के लिए दो ख़राब प्रतियाँ (aa) चाहिए। Aa व्यक्ति वाहक है: स्वस्थ, पर ख़राब प्रति आगे दे सकता है। दो वाहक: AA : Aa : aa = 1 : 2 : 1, यानी 25% रोगी संतान की संभावना। उदाहरण: सिस्टिक फाइब्रोसिस, सिकल सेल एनीमिया (लाल रक्त कोशिकाएँ हँसिए जैसी मुड़ जाती हैं), थैलेसीमिया (हीमोग्लोबिन कम बनता है), फिनाइलकीटोनूरिया।

अलिंगसूत्री प्रभावी (autosomal dominant)

एक ख़राब प्रति (D) काफ़ी है। रोगी (Dd) और स्वस्थ (dd) माता-पिता: हर बच्चे में 50% संभावना। उदाहरण: हंटिंगटन रोग (तंत्रिका कोशिकाएँ धीरे-धीरे ख़राब, लक्षण अक्सर बड़ी उम्र में), एकॉन्ड्रोप्लेसिया (एक तरह का बौनापन)।

“अलिंगसूत्री” का मतलब: जीन गुणसूत्र 1 से 22 पर है, X या Y पर नहीं, इसलिए लड़के-लड़कियाँ बराबर प्रभावित होते हैं।

लिंग सहलग्न (X-लिंक्ड) विकार

लड़कियाँ XX और लड़के XY होते हैं। Y पर बहुत कम जीन होते हैं। अगर ख़राब अप्रभावी एलील (Xʰ) X पर है, तो लड़के के पास उसे ढकने के लिए दूसरा X नहीं होता। इसलिए X-लिंक्ड अप्रभावी रोग लड़कों में बहुत ज़्यादा मिलते हैं।

वाहक माँ (XᴴXʰ) × स्वस्थ पिता (XᴴY): बेटियाँ XᴴXᴴ या XᴴXʰ (आधी वाहक, कोई रोगी नहीं), बेटे XᴴY या XʰY (आधे रोगी)।

उदाहरण: हीमोफीलिया (खून ठीक से नहीं जमता; रानी विक्टोरिया के वंशजों में प्रसिद्ध), लाल-हरी वर्णांधता, ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी। पिता अपने बेटे को X-लिंक्ड एलील कभी नहीं देता, क्योंकि बेटे को वह Y देता है।

गुणसूत्र विकार

कभी-कभी अंडाणु या शुक्राणु बनते समय गुणसूत्रों के जोड़े ठीक से अलग नहीं होते। इसे असंयोजन (non-disjunction) कहते हैं। तब युग्मक में एक गुणसूत्र ज़्यादा या कम रह जाता है।

कैरियोटाइप सभी गुणसूत्रों की तस्वीर है, आकार के क्रम में जोड़ों में सजी हुई। डॉक्टर इन्हें गिनकर ये विकार पहचानते हैं।

जाँच, परामर्श और इलाज

वंशावली चार्ट (pedigree) परिवार का पेड़ है जो दिखाता है किसमें गुण था। इससे अंदाज़ा लगता है कि विकार प्रभावी, अप्रभावी या X-लिंक्ड है।

आनुवंशिक जाँच DNA या गुणसूत्र देखती है: बड़ों के लिए वाहक जाँच, गर्भ में जाँच (माँ का खून, एमनियोटिक द्रव या प्लेसेंटा कोशिकाएँ) और नवजात जाँच (एड़ी से खून की बूँद)।

आनुवंशिक परामर्श: प्रशिक्षित विशेषज्ञ संभावनाएँ और विकल्प समझाता है, फ़ैसला थोपता नहीं।

इलाज: ख़ास आहार (फिनाइलकीटोनूरिया), थक्का बनाने वाले फ़ैक्टर के इंजेक्शन (हीमोफीलिया), खून चढ़ाना और बोन-मैरो प्रत्यारोपण (थैलेसीमिया)। जीन थेरेपी हानिरहित वायरस या जीन एडिटिंग (CRISPR) से कोशिकाओं में सही जीन डालती है। यह नई और महँगी है, और नैतिक सवाल उठाती है, जैसे भ्रूण के जीन बदलना ठीक है या नहीं।

करके देखो: अपना पनेट वर्ग बनाओ

एक काग़ज़ लो। 2 × 2 का खाना बनाओ। ऊपर माँ के दो एलील और बाईं ओर पिता के दो एलील लिखो। हर खाने में ऊपर से एक और बगल से एक अक्षर भरो। कितने खाने aa हैं, गिनो। अब 3D के खुद आज़माओ वाले चरण से मिलाओ। XᴴXʰ × XʰY आज़माओ: क्या कोई बेटी रोगी हो सकती है?

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. माता-पिता दोनों सिस्टिक फाइब्रोसिस के वाहक (Ff) हैं। बच्चे को रोग होने की संभावना?

पनेट वर्ग: FF, Ff, Ff, ff। सिर्फ़ ff रोगी: 4 में 1 = 25%। 4 में 2 (50%) माता-पिता जैसे वाहक।

2. हंटिंगटन रोग वाला पुरुष (Hh) और hh महिला। कितने बच्चों को रोग हो सकता है?

पिता H या h देता है, माँ हमेशा h। बच्चे: Hh, Hh, hh, hh। एलील प्रभावी है, इसलिए Hh रोगी: 2/4 = 50%।

3. हीमोफीलिया की वाहक महिला (XᴴXʰ) और हीमोफीलिया वाला पुरुष (XʰY)। क्या बेटी को हीमोफीलिया हो सकता है?

बेटियों को पिता से Xʰ और माँ से Xᴴ या Xʰ: XᴴXʰ (वाहक) या XʰXʰ (रोगी)। हाँ, 50% बेटियाँ रोगी हो सकती हैं। बेटे: XᴴY या XʰY, 50% रोगी।

4. कैरियोटाइप में 47 गुणसूत्र और 21वें की तीन प्रतियाँ हैं। विकार और कारण बताओ।

डाउन सिंड्रोम (ट्राइसोमी 21)। कारण असंयोजन: अर्धसूत्री विभाजन में 21वाँ जोड़ा अलग नहीं हुआ, इसलिए एक युग्मक में दो प्रतियाँ चली गईं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सिकल सेल के दो वाहक (Aa × Aa)। बच्चे के रोगी होने की संभावना?
2. कौन-सा विकार X-लिंक्ड अप्रभावी है?
3. डाउन सिंड्रोम वाले व्यक्ति में आमतौर पर कितने गुणसूत्र होते हैं?
4. हंटिंगटन रोग किससे होता है?
5. X-लिंक्ड अप्रभावी रोग लड़कों में ज़्यादा क्यों होते हैं?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आनुवंशिक विकार कितने प्रकार के होते हैं?

एक-जीन विकार (अप्रभावी, प्रभावी, X-लिंक्ड), गुणसूत्र विकार (जैसे डाउन सिंड्रोम) और बहुकारकीय विकार (कई जीन और पर्यावरण)।

क्या आनुवंशिक रोग ठीक हो सकते हैं?

ज़्यादातर अभी पूरी तरह ठीक नहीं होते, पर आहार, दवा, खून चढ़ाने या प्रत्यारोपण से संभाले जा सकते हैं। जीन थेरेपी कुछ रोगों का इलाज शुरू कर रही है।

नज़दीकी रिश्तेदारों में शादी से आनुवंशिक रोग ज़्यादा क्यों?

नज़दीकी रिश्तेदारों में एक ही छिपा अप्रभावी एलील होने की संभावना ज़्यादा होती है, इसलिए बच्चों में दो ख़राब प्रतियाँ आने का ख़तरा बढ़ता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

यूक्रेन10 класHeredity and variation
फ्रांसPremièreContemporary health issues
फ्रांसPremièreHuman body and health
चीन高一Comp.2 Ch.5 Mutation and variation

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