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वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत

जीन जोड़ों में होते हैं (अलील)। हर माता-पिता हर जोड़े से एक अलील बच्चे को देता है। मेंडल ने प्रभाविता (3 : 1), पृथक्करण और स्वतंत्र अपव्यूहन (9 : 3 : 3 : 1) दिखाया। असली जीवन में मोड़ भी हैं: अपूर्ण प्रभाविता (1 : 2 : 1), सहप्रभाविता (AB रक्त), बहुविकल्पी अलील, बहुप्रभाविता (एक जीन, कई असर) और बहुजीनी लक्षण (कई जीन, एक लक्षण)। जीन गुणसूत्रों पर होते हैं, इसलिए एक ही गुणसूत्र के जीन सहलग्न रहते हैं और केवल जीन विनिमय से अलग होते हैं। लिंग गुणसूत्र लिंग तय करते हैं (मनुष्य XX-XY, पक्षी ZW, मधुमक्खी अगुणित-द्विगुणित) और लिंग-सहलग्न जीन रखते हैं (हीमोफीलिया, वर्णांधता)। जीन की गड़बड़ी से मेंडलीय विकार (थैलेसीमिया, सिकल-सेल) और गुणसूत्र संख्या की गड़बड़ी से डाउन, टर्नर, क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम होते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. दो लंबे मटर लो जिनमें छुपा बौना अलील है (Tt × Tt)। हर माता-पिता एक अक्षर देता है। चार खाने गिनो: 3 लंबे, 1 बौना।
  2. अब दो लक्षण साथ देखो: बीज का आकार और रंग (RrYy × RrYy)। 16 खानों में 9 : 3 : 3 : 1 आता है, क्योंकि दोनों जीन अलग-अलग बँटते हैं।
  3. स्नैपड्रैगन में लाल (RR) × सफ़ेद (rr) से गुलाबी (Rr) बनता है। कोई पूरा नहीं जीतता। गुलाबी × गुलाबी से 1 लाल : 2 गुलाबी : 1 सफ़ेद।
  4. रक्त समूह जीन के तीन अलील हैं: Iᴬ, Iᴮ और i। Iᴬi और Iᴮi वाले माता-पिता के बच्चे चारों समूह के हो सकते हैं; AB में A और B दोनों दिखते हैं।
  5. मनुष्य में माँ हमेशा X देती है। पिता X या Y देता है। इसलिए पिता का शुक्राणु लिंग तय करता है, और लड़के : लड़कियाँ = 1 : 1।
  6. खुला खेल: कोई भी क्रॉस चुनो (वर्णांध वाहक वाला भी), पहले अनुपात का अनुमान लगाओ, फिर एक-एक खाना भरकर गिनो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

Tt में बौना अलील है, फिर भी लंबा क्यों दिखता है?

T प्रभावी है, एक T ही काफ़ी है। t फिर भी मौजूद है और अगली पीढ़ी में tt बनकर दिख सकता है।

9 : 3 : 3 : 1 कहाँ से आता है?

यह दो 3 : 1 का गुणा है: (3 : 1) × (3 : 1)। 4 × 4 बोर्ड के 16 खानों में 9, 3, 3, 1 गिन सकते हो।

क्या गुलाबी कोई नया अलील है?

नहीं। गुलाबी पौधे Rr हैं। दो गुलाबी क्रॉस करो तो लाल और सफ़ेद लौट आते हैं (1 : 2 : 1), यानी अलील कभी मिले ही नहीं।

A और B माता-पिता का बच्चा O कैसे हो सकता है?

अगर दोनों छुपे i वाहक हैं (Iᴬi और Iᴮi), तो 4 में से 1 खाना ii = O होता है।

बच्चे का लिंग कौन तय करता है, माँ या पिता?

मनुष्य में पिता: उसका शुक्राणु X या Y ले जाता है, अंडाणु हमेशा X। पक्षियों में माँ।

लड़कियों से ज़्यादा लड़के वर्णांध क्यों होते हैं?

लड़कों में एक X है, एक ख़राब अलील काफ़ी। लड़कियों में दोनों X ख़राब चाहिए। खुले खेल में वाहक-माँ क्रॉस चलाओ।

मेंडल के नियम: प्रभाविता, पृथक्करण, स्वतंत्र अपव्यूहन

मेंडल ने लगभग 7 साल बगीचे की मटर पर प्रयोग किए। मटर अच्छा चुनाव था: जल्दी उगती है, साफ़ उल्टे लक्षण (लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार) हैं, और स्व-परागण या हाथ से क्रॉस दोनों हो सकते हैं।

पहले शब्द: जीन = लक्षण को चलाने वाली इकाई। उसके अलग रूप = अलील (T और t)। जीनोटाइप (जीन प्ररूप) = अक्षर (TT, Tt, tt)। फीनोटाइप (लक्षण प्ररूप) = जो दिखे (लंबा, बौना)। समयुग्मजी = एक जैसे अक्षर (TT); विषमयुग्मजी = अलग अक्षर (Tt)।

  1. प्रभाविता का नियम: Tt में केवल T दिखता है। T प्रभावी, t अप्रभावी।
  2. पृथक्करण का नियम: युग्मक बनते समय दोनों अलील अलग हो जाते हैं। हर युग्मक में एक ही जाता है। इसलिए Tt × Tt से 1 TT : 2 Tt : 1 tt और 3 लंबे : 1 बौना।
  3. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम: दो अलग जीनों के अलील युग्मकों में अपने-आप बँटते हैं। RrYy चार तरह के युग्मक (RY, Ry, rY, ry) बराबर बनाता है, इसलिए F2 में 9 : 3 : 3 : 1।

परीक्षार्थ संकरण (टेस्ट क्रॉस)

लंबा पौधा TT है या Tt, यह जानने के लिए उसे बौने (tt) से क्रॉस करो। सब लंबे → TT। आधे लंबे, आधे बौने (1 : 1) → Tt।

अपूर्ण प्रभाविता और सहप्रभाविता

अपूर्ण प्रभाविता: विषमयुग्मजी बीच का दिखता है। स्नैपड्रैगन (कुत्ता फूल): RR लाल × rr सफ़ेद → Rr गुलाबी। F2: 1 लाल : 2 गुलाबी : 1 सफ़ेद। यहाँ लक्षण अनुपात = जीन अनुपात। अलील का विचार सही है; बस प्रभाविता अधूरी है।

सहप्रभाविता: विषमयुग्मजी में दोनों लक्षण पूरे दिखते हैं। Iᴬ और Iᴮ वाले व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं पर A और B दोनों शर्करा होती हैं → AB समूह।

आसान जाँच: रंग मिल गया = अपूर्ण; दोनों दिखें = सहप्रभाविता।

बहुविकल्पी अलील और ABO रक्त समूह

जब किसी जीन के आबादी में दो से ज़्यादा अलील हों, उन्हें बहुविकल्पी अलील कहते हैं। एक व्यक्ति में फिर भी दो ही होते हैं।

ABO जीन (I) के तीन अलील: Iᴬ, Iᴮ, i। Iᴬ और Iᴮ आपस में सहप्रभावी; दोनों i पर प्रभावी।

जीनोटाइपरक्त समूह
IᴬIᴬ, IᴬiA
IᴮIᴮ, IᴮiB
IᴬIᴮAB
iiO

तीन अलील से 6 जीनोटाइप और 4 रक्त समूह। सूत्र: n अलील → n(n+1)/2 जीनोटाइप।

बहुप्रभाविता और बहुजीनी लक्षण

बहुप्रभाविता (प्लियोट्रॉपी): एक जीन, कई असर। फिनाइलकीटोनूरिया (PKU) में एक एंज़ाइम का ख़राब जीन मानसिक कमज़ोरी, हल्के बाल और हल्की त्वचा — तीनों करता है। मटर में स्टार्च वाला एक जीन बीज का आकार भी तय करता है और स्टार्च कणों का आकार भी।

बहुजीनी लक्षण: कई जीन, एक लक्षण। मनुष्य की त्वचा का रंग और लंबाई कई जीन मिलकर तय करते हैं, हर जीन थोड़ा जोड़ता है। इसलिए रंगों की पूरी रेंज दिखती है। वातावरण (धूप, भोजन) भी असर डालता है।

याद रखो: प्लियो = प्लेंटी असर; पॉली = प्लेंटी जीन।

वंशागति का गुणसूत्रीय सिद्धांत

1865 में मेंडल के "कारक" किसी ने देखे नहीं थे। 1900 तक सूक्ष्मदर्शी में अर्धसूत्री विभाजन में गुणसूत्र दिखने लगे। सटन और बोवेरी ने मेल देखा:

इसलिए कहा: जीन गुणसूत्रों पर होते हैं। टी.एच. मॉर्गन ने फल मक्खी (ड्रोसोफिला) से साबित किया: जल्दी पैदा होती है, बहुत बच्चे, केवल 4 जोड़ी गुणसूत्र, और आसानी से दिखने वाले लक्षण।

सहलग्नता और जीन विनिमय

एक ही गुणसूत्र पर बैठे जीन अक्सर साथ-साथ युग्मक में जाते हैं। इसे सहलग्नता कहते हैं। मॉर्गन ने देखा कि ऐसे जीन 9 : 3 : 3 : 1 नहीं देते।

पर कभी-कभी अर्धसूत्रण में जोड़ीदार गुणसूत्र टुकड़े बदल लेते हैं (जीन विनिमय / क्रॉसिंग ओवर)। इससे नए मेल बनते हैं = पुनर्योगज।

पुनर्योजन आवृत्ति (%) = पुनर्योगज संतान ÷ कुल × 100। स्टर्टेवेंट ने इसी % को दूरी मानकर पहला जीन मानचित्र बनाया (1% = 1 मानचित्र इकाई)।

लिंग निर्धारण: मनुष्य, पक्षी और मधुमक्खी

हेंकिंग ने कीट के शुक्राणु में एक ख़ास पिंड देखा और उसे X पिंड कहा। लिंग गुणसूत्र नर-मादा में अलग होते हैं; बाकी अलिंग गुणसूत्र (ऑटोसोम) हैं।

लिंग-सहलग्न लक्षण: हीमोफीलिया और वर्णांधता

कुछ जीन X गुणसूत्र पर होते हैं और Y पर उनकी जोड़ी नहीं होती। पुरुष में एक X है, तो एक ख़राब अलील ही काफ़ी है। स्त्री में दोनों चाहिए; एक हो तो वह वाहक है।

पैटर्न: वाहक माँ × सामान्य पिता → आधे बेटे प्रभावित, आधी बेटियाँ वाहक। प्रभावित पिता बेटे को कभी नहीं देता (बेटे को Y देता है)।

मेंडलीय विकार: थैलेसीमिया, सिकल-सेल आदि

एक जीन के बदलाव से ऐसा विकार हो सकता है जो मेंडल के नियम मानता है। वंशावली विश्लेषण (परिवार का पेड़: वर्ग = पुरुष, वृत्त = स्त्री, भरा = प्रभावित) से इसे खोजते हैं।

गुणसूत्रीय विकार: डाउन, टर्नर, क्लाइनफेल्टर

अर्धसूत्रण में गुणसूत्र अलग न हों (अवियोजन), तो युग्मक में एक ज़्यादा या एक कम आ सकता है। असुगुणिता (एन्यूप्लॉइडी) = एक गुणसूत्र का घटना-बढ़ना। बहुगुणिता = पूरे सेट बढ़ना (पौधों में आम)।

सिंड्रोमगुणसूत्रमुख्य लक्षण
डाउन47, 21वाँ गुणसूत्र एक ज़्यादा (ट्राइसोमी 21)छोटा कद, छोटा गोल सिर, दरार वाली जीभ, खुला मुँह, चौड़ी हथेली पर एक रेखा, धीमा मानसिक-शारीरिक विकास
क्लाइनफेल्टर47, XXY (पुरुष)लंबा, कुछ स्त्री लक्षण जैसे स्तन विकास, बंध्य
टर्नर45, XO (स्त्री)छोटा कद, अंडाशय अविकसित, बंध्य, द्वितीयक लैंगिक लक्षण नहीं

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. Tt मटर का स्व-परागण हुआ। 400 पौधों में कितने बौने होंगे?

चरण 1: Tt × Tt → 1 TT : 2 Tt : 1 tt। चरण 2: बौना = tt = 1/4। चरण 3: 400 × 1/4 = 100 बौने।

2. एक लंबे पौधे को बौने से क्रॉस किया। 52 लंबे और 48 बौने मिले। लंबे जनक का जीनोटाइप?

चरण 1: यह टेस्ट क्रॉस है (tt से)। चरण 2: लगभग 1 : 1 मतलब लंबे जनक ने T और t बराबर दिए। उत्तर: Tt।

3. AaBbCC कितने प्रकार के युग्मक बनाता है?

चरण 1: विषमयुग्मजी जोड़े गिनो: Aa, Bb = 2 (CC समयुग्मजी)। चरण 2: 2² = 4 प्रकार: ABC, AbC, aBC, abC।

4. RrYy × RrYy से 1600 बीज बने। कितने गोल और हरे होंगे?

चरण 1: F2 अनुपात 9 : 3 : 3 : 1। चरण 2: गोल हरा = R_yy = 3/16। चरण 3: 1600 × 3/16 = 300 बीज।

5. माँ A (Iᴬi), पिता B (Iᴮi)। बच्चों में O समूह का भाग?

चरण 1: माँ के युग्मक Iᴬ या i; पिता के Iᴮ या i। चरण 2: खाने: IᴬIᴮ (AB), Iᴬi (A), Iᴮi (B), ii (O)। चरण 3: O = 1/4 = 25%।

6. गुलाबी स्नैपड्रैगन आपस में क्रॉस हुए, 240 पौधे बने। कितने गुलाबी?

चरण 1: Rr × Rr → 1 RR : 2 Rr : 1 rr। चरण 2: गुलाबी = 2/4। चरण 3: 240 × 1/2 = 120 गुलाबी।

7. द्विसंकर के टेस्ट क्रॉस में 420 जनक-प्रकार और 80 पुनर्योगज संतान मिलीं। पुनर्योजन आवृत्ति और मानचित्र दूरी निकालो।

चरण 1: कुल = 500। चरण 2: RF = 80/500 × 100 = 16%। चरण 3: दूरी = 16 मानचित्र इकाई। जीन सहलग्न हैं पर बहुत दृढ़ नहीं।

8. वर्णांध पुरुष की शादी सामान्य (अवाहक) स्त्री से हुई। बेटे के वर्णांध होने की संभावना? बेटी की?

चरण 1: पुरुष XᶜY, स्त्री XX। चरण 2: बेटे पिता से Y, माँ से X → सब सामान्य (0%)। चरण 3: बेटियाँ पिता से Xᶜ, माँ से X → सब वाहक, कोई प्रभावित नहीं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. टेस्ट क्रॉस में लंबे पौधे से सारे लंबे बच्चे मिले। लंबा पौधा था:
2. अपूर्ण प्रभाविता में F2 लक्षण अनुपात:
3. नर मधुमक्खी (ड्रोन) में कितने गुणसूत्र होते हैं?
4. टर्नर सिंड्रोम का कैरियोटाइप:
5. एक ही गुणसूत्र पर बहुत पास-पास जीन दिखाते हैं:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहलग्नता और जीन विनिमय में क्या अंतर है?

सहलग्नता एक गुणसूत्र के जीनों को साथ रखती है। जीन विनिमय जोड़ीदार गुणसूत्रों के टुकड़े बदलकर नए मेल बनाता है।

मेंडल को आनुवंशिकी का पिता क्यों कहते हैं?

उन्होंने सबसे पहले संतानों को ध्यान से गिनकर नियम खोजे (प्रभाविता, पृथक्करण, स्वतंत्र अपव्यूहन) जो आज भी काम करते हैं।

CBSE कक्षा 12 में इस इकाई के कितने अंक हैं?

आनुवंशिकी एवं विकास इकाई लगभग 20 अंक की है। क्रॉस, अनुपात, रक्त समूह, लिंग-सहलग्न वंशागति और विकार बहुत पूछे जाते हैं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 11D. Genetic Processes
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IIIVII. Classical genetics
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa IVXIV. Classical genetics
रोमानियाClasa a XII-aGenetics
स्पेन2º BachilleratoBiology for the 21st century
सीबीएसई (भारत)कक्षा 12आनुवंशिकी एवं विकास
इंग्लैंडYear 133.7 Genetics, populations, evolution and ecosystems
अमेरिकाGrade 11Heredity
अमेरिकाGrade 11Gene Expression and Regulation
दक्षिण कोरिया고등학교 2학년Genes and genetic material
दक्षिण कोरिया고등학교 3학년Heredity
जर्मनीJahrgangsstufe 12Genetics and genetic engineering
रूस10 классGenetics
रूस10 классHeredity and variation

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