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वंशागति का आणविक आधार

ज़्यादातर जीवों में DNA आनुवंशिक पदार्थ है (कुछ वायरस में RNA)। यह द्विकुंडली है: न्यूक्लियोटाइड के दो प्रतिसमांतर सूत्र; A–T दो हाइड्रोजन बंध से, G–C तीन से। लंबा DNA हिस्टोन पर लिपटकर न्यूक्लियोसोम और फिर क्रोमैटिन बनाता है। DNA अर्धसंरक्षी ढंग से प्रतिकृति बनाता है (मेसेल्सन–स्टाल)। केंद्रीय सिद्धांत: DNA → RNA → प्रोटीन। अनुलेखन एक सूत्र से RNA बनाता है; यूकैरियोट में hnRNA पर कैप, पूँछ और स्प्लाइसिंग होती है। आनुवंशिक कूट त्रिक है, 64 कोडॉन (61 अमीनो अम्ल, 3 समापन), AUG से शुरू, लगभग सार्वत्रिक और अपह्रासित। राइबोसोम tRNA की मदद से mRNA को प्रोटीन में बदलता है। जीन चालू-बंद होते हैं; लैक ओपेरॉन इसका उदाहरण है। मानव और चावल जीनोम परियोजनाओं ने पूरा जीनोम पढ़ा, और DNA फिंगरप्रिंटिंग दोहराव वाले DNA (VNTR) से व्यक्ति की पहचान करती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. DNA एक मुड़ी हुई सीढ़ी है। डंडे शर्करा–फॉस्फेट, पायदान क्षार जोड़े। A हमेशा T से, G हमेशा C से। दोनों सूत्र उल्टी दिशा में: 5′→3′ और 3′→5′।
  2. एक मानव कोशिका का DNA लगभग 2.2 मीटर लंबा है। यह हिस्टोन मोतियों पर लिपटकर न्यूक्लियोसोम बनाता है ("धागे पर मोती"), फिर और कसकर क्रोमैटिन और गुणसूत्र बनता है।
  3. प्रतिकृतियन: सीढ़ी बीच से खुलती है। हर पुराना सूत्र नए साथी का साँचा बनता है। हर नए DNA में 1 पुराना + 1 नया सूत्र: अर्धसंरक्षी।
  4. अनुलेखन: केवल एक सूत्र (साँचा) से mRNA बनता है। RNA में T की जगह U, तो DNA के A के सामने RNA में U आता है।
  5. अनुवादन: राइबोसोम mRNA को तीन-तीन अक्षर में पढ़ता है। हर कोडॉन एक अमीनो अम्ल लाता है। AUG से शुरू; UAA, UAG, UGA पर रुको।
  6. खुला खेल: कोई DNA क्रम और दृश्य चुनो। पूरक सूत्र, mRNA और अमीनो अम्ल का अनुमान लगाओ, फिर रीडआउट में जाँचो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

A केवल T से क्यों जुड़ता है, C से क्यों नहीं?

A (प्यूरीन) और T (पिरिमिडीन) मिलकर सही चौड़ाई बनाते हैं और 2 H-बंध बनाते हैं। A–C का H-बंध पैटर्न मेल नहीं खाता। चरण 0 में मिलते रंग देखो।

2 मीटर DNA छोटे-से केंद्रक में कैसे आता है?

यह हिस्टोन मोतियों (न्यूक्लियोसोम) पर लिपटता है और फिर बार-बार कुंडलित होता है। चरण 1 में सीढ़ी सिकुड़कर मोतियों पर आती है।

प्रतिकृतियन को अर्धसंरक्षी क्यों कहते हैं?

हर नए DNA में एक पुराना सूत्र (गहरा) और एक नया (हल्का) होता है। कोई पूरा पुराना या पूरा नया नहीं।

दोनों सूत्रों में सूचना है, तो अनुलेखन में एक ही क्यों?

दोनों पढ़े जाते तो दोनों RNA आपस में जुड़कर दोहरा RNA बना देते, और एक जीन से दो अलग प्रोटीन बनते। इसलिए एक साँचा सूत्र।

कूट तीन-तीन में क्यों पढ़ा जाता है?

4 क्षारों के जोड़े से केवल 16 मेल बनते हैं, 20 अमीनो अम्ल के लिए कम। त्रिक से 64। चरण 4 में mRNA तीन-तीन में बँटा है।

कोडिंग सूत्र से mRNA जल्दी कैसे लिखें?

कोडिंग सूत्र ही लिखो और हर T को U कर दो। खुले खेल में आज़माकर रीडआउट से मिलाओ।

DNA आनुवंशिक पदार्थ है

ग्रिफ़िथ (1928), रूपांतरण: जीवित हानिरहित R-प्रकार स्ट्रेप्टोकॉकस न्यूमोनी + ताप से मारे गए घातक S-प्रकार → चूहे मर गए और उनमें जीवित S जीवाणु मिले। मरे S से किसी चीज़ ने R को S में "रूपांतरित" किया।

एवरी, मैकलॉड और मैककार्टी (1944): S के अर्क के भाग एक-एक कर नष्ट किए। प्रोटीएज़ और RNase से रूपांतरण नहीं रुका; DNase से रुक गया। इसलिए रूपांतरण करने वाला पदार्थ DNA था।

हर्शे और चेज़ (1952): जीवाणुभोजी को रेडियोधर्मी ³²P (DNA में जाता है) या ³⁵S (प्रोटीन में जाता है) के साथ उगाया। संक्रमण और ब्लेंडर के बाद जीवाणुओं में ³²P मिला, ³⁵S नहीं। यानी DNA अंदर जाता है, प्रोटीन नहीं।

अच्छे आनुवंशिक पदार्थ के गुण

RNA कम स्थिर है (2′-OH के कारण), इसलिए DNA सूचना रखने में बेहतर; RNA जल्दी के कामों में बेहतर। शायद पहला आनुवंशिक पदार्थ RNA था (RNA संसार)।

DNA और RNA की संरचना

न्यूक्लियोटाइड = नाइट्रोजन क्षार + पेंटोस शर्करा + फॉस्फेट। क्षार + शर्करा = न्यूक्लियोसाइड। प्यूरीन: एडेनीन (A), ग्वानीन (G)। पिरिमिडीन: साइटोसीन (C), थाइमीन (T, केवल DNA), यूरेसिल (U, केवल RNA)। DNA में डीऑक्सीराइबोस, RNA में राइबोस।

न्यूक्लियोटाइड 3′–5′ फॉस्फोडाइएस्टर बंध से जुड़ते हैं। वॉटसन और क्रिक (1953) ने रोज़ालिंड फ़्रैंकलिन और विल्किन्स के X-किरण चित्रों से द्विकुंडली मॉडल दिया:

RNA प्रायः एकल सूत्री। प्रकार: mRNA (संदेश), tRNA (अनुकूलक), rRNA (राइबोसोम का भाग)।

DNA की पैकेजिंग

DNA की लंबाई = क्षार जोड़े × 0.34 nm। मानव द्विगुणित कोशिका: 6.6 × 10⁹ × 0.34 × 10⁻⁹ m ≈ 2.2 m, जो लगभग 10⁻⁶ m के केंद्रक में बंद है।

यूक्रोमैटिन: ढीला, हल्का रँगता, सक्रिय। हेटेरोक्रोमैटिन: कसा, गहरा रँगता, निष्क्रिय।

DNA प्रतिकृतियन (अर्धसंरक्षी)

वॉटसन-क्रिक ने कहा था कि हर सूत्र साँचा बनेगा। मेसेल्सन और स्टाल (1958) ने साबित किया: ई. कोलाई को भारी ¹⁵N में उगाया, फिर सामान्य ¹⁴N में डाला। 1 पीढ़ी बाद सारा DNA संकर (¹⁵N–¹⁴N); 2 पीढ़ी बाद आधा संकर, आधा हल्का। टेलर ने बाकला की जड़ों में रेडियोधर्मी थाइमिडीन से यही दिखाया।

कैसे होता है

  1. हेलिकेज़ प्रतिकृति उद्गम पर कुंडली खोलता है, Y-आकार का प्रतिकृति द्विशाख बनता है।
  2. DNA-आश्रित DNA पॉलीमरेज़ केवल 5′→3′ दिशा में न्यूक्लियोटाइड जोड़ता है; डीऑक्सीन्यूक्लियोसाइड ट्राइफॉस्फेट इकाई और ऊर्जा दोनों देते हैं।
  3. एक सूत्र पर लगातार बनता है (अग्रग सूत्र); दूसरे पर छोटे टुकड़ों में (पश्चग सूत्र, ओकाज़ाकी खंड)।
  4. DNA लाइगेज़ टुकड़े जोड़ता है।

बहुत तेज़ (ई. कोलाई 4.6 × 10⁶ bp लगभग 18 मिनट में, करीब 2000 bp प्रति सेकंड) और बहुत सटीक। यूकैरियोट में S-प्रावस्था में होता है।

केंद्रीय सिद्धांत

फ़्रांसिस क्रिक ने कहा कि आनुवंशिक सूचना DNA → RNA → प्रोटीन बहती है। DNA → DNA = प्रतिकृतियन, DNA → RNA = अनुलेखन, RNA → प्रोटीन = अनुवादन।

उल्टा अनुलेखन (RNA → DNA) कुछ वायरस जैसे HIV में रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़ से होता है। यानी कभी-कभी सूचना उल्टी भी बहती है।

अनुलेखन

केवल एक सूत्र पढ़ा जाता है। साँचा सूत्र (3′→5′) पढ़ा जाता है; दूसरा कोडिंग सूत्र (5′→3′) है, जिसका क्रम RNA जैसा ही है, बस U की जगह T।

अनुलेखन इकाई में उन्नायक (प्रमोटर) (ऊपर की ओर, जहाँ RNA पॉलीमरेज़ जुड़ता है), संरचनात्मक जीन और समापक (टर्मिनेटर) होते हैं।

जीवाणु में

एक ही RNA पॉलीमरेज़ सब RNA बनाता है। σ (सिग्मा) कारक से शुरुआत (प्रारंभन), RNA बढ़ता है (दीर्घीकरण), ρ (रो) कारक से रुकता है (समापन)। केंद्रक न होने से अनुलेखन और अनुवादन साथ-साथ हो सकते हैं।

यूकैरियोट में

आनुवंशिक कूट

जॉर्ज गैमो ने सोचा: 4 क्षारों से 20 अमीनो अम्ल बनने हैं। 4¹ = 4 और 4² = 16 कम हैं; 4³ = 64 काफ़ी है। इसलिए कूट त्रिक है। निरेनबर्ग, खुराना और ओचोआ ने कोडॉन खोजे।

उत्परिवर्तन और कूट

बिंदु उत्परिवर्तन (एक क्षार बदले) एक अमीनो अम्ल बदल सकता है (सिकल-सेल)। 1 या 2 क्षार जुड़ें/हटें तो पढ़ने का ढाँचा खिसकता है (फ़्रेमशिफ़्ट); 3 जुड़ें/हटें तो एक अमीनो अम्ल बढ़ता/घटता है, ढाँचा वही रहता है। tRNA अनुकूलक है: उसका प्रतिकोडॉन लूप कोडॉन पढ़ता है और 3′ सिरा (CCA) अमीनो अम्ल ले जाता है। 2D में तिपतिया पत्ती, 3D में उल्टा L आकार।

अनुवादन

  1. tRNA का आवेशन (एमीनोएसिलेशन): हर अमीनो अम्ल अपने tRNA से ATP की मदद से जुड़ता है।
  2. प्रारंभन: राइबोसोम की छोटी उप-इकाई mRNA के AUG पर आती है; बड़ी उप-इकाई जुड़ती है। राइबोसोम में tRNA के लिए दो स्थान।
  3. दीर्घीकरण: tRNA कोडॉन-दर-कोडॉन अमीनो अम्ल लाते हैं; पेप्टाइड बंध बनता है (23S rRNA एंज़ाइम का काम करता है = राइबोज़ाइम)। राइबोसोम 5′→3′ खिसकता है।
  4. समापन: समापन कोडॉन पर मोचन कारक पॉलीपेप्टाइड छोड़ देता है।

mRNA में AUG से पहले और समापन कोडॉन के बाद अननुवादित क्षेत्र (UTR) भी होते हैं; ये अनुवादन को कुशल बनाते हैं।

जीन अभिव्यक्ति का नियमन: लैक ओपेरॉन

कोशिका ज़रूरत पर ही जीन चालू करती है। जीवाणु में एक काम के कई जीन एक उन्नायक और एक प्रचालक के साथ = ओपेरॉन। जैकब और मोनो ने ई. कोलाई का लैक ओपेरॉन बताया:

लैक्टोज़ नहीं: दमनकारी प्रचालक पर बैठकर RNA पॉलीमरेज़ रोकता है → जीन बंद।

लैक्टोज़ है: लैक्टोज़ (प्रेरक) दमनकारी से जुड़कर उसका आकार बदलता है, वह प्रचालक से हट जाता है → z, y, a का अनुलेखन → एंज़ाइम बनते हैं। यह प्रेरणीय ओपेरॉन का ऋणात्मक नियमन है। लैक्टोज़ ख़त्म होने पर दमनकारी फिर बैठ जाता है।

मानव जीनोम परियोजना और चावल जीनोम

मानव जीनोम परियोजना (HGP) 1990 से 2003 तक चली, ताकि मानव DNA के ~3 × 10⁹ bp पढ़े जाएँ। तरीके: व्यक्त अनुक्रम टैग (EST) (व्यक्त जीन खोजना) और अनुक्रम टिप्पणीकरण (सब पढ़कर जीन ढूँढना)। DNA को टुकड़ों में काटा, BAC/YAC वाहकों में क्लोन किया, स्वचालित मशीनों (सैंगर विधि) से पढ़ा और कंप्यूटर से मेल वाले सिरों से जोड़ा।

मुख्य बातें

अन्य पढ़े गए जीनोम: चावल, जीवाणु, यीस्ट, सीनोरैब्डाइटिस एलिगेंस, फल मक्खी, एरेबिडॉप्सिस। चावल जीनोम से उपज, रोग प्रतिरोध और तनाव सहन के जीन खोजने में मदद मिलती है।

DNA फिंगरप्रिंटिंग

सब मनुष्यों का 99.9% DNA एक जैसा है, इसलिए अलग 0.1% की तुलना करते हैं, ख़ासकर दोहराव वाला DNA। घनत्व प्रवणता अपकेंद्रण में ये छोटी चोटियाँ बनाते हैं = अनुषंगी (सैटेलाइट) DNA। ये प्रोटीन नहीं बनाते और लोगों में बहुत अलग होते हैं (बहुरूपता)। एलेक जेफ़्रीज़ ने VNTR (परिवर्ती संख्या अग्रानुक्रमी दोहराव) से यह विधि बनाई।

  1. DNA अलग करो (ख़ून, बाल की जड़, लार, वीर्य)।
  2. प्रतिबंधन एंज़ाइम से काटो।
  3. जेल वैद्युतकणसंचलन से टुकड़े अलग करो।
  4. नाइलॉन/नाइट्रोसेलुलोज़ झिल्ली पर स्थानांतरित करो (सदर्न ब्लॉटिंग)।
  5. चिह्नित VNTR प्रोब डालो जो मेल वाले टुकड़ों से चिपके (संकरण)।
  6. X-किरण फ़िल्म पर पट्टियाँ देखो (ऑटोरेडियोग्राफ़ी)।

बच्चे की आधी पट्टियाँ माँ से, आधी पिता से। उपयोग: अपराध जाँच, पितृत्व परीक्षण, आबादी और विकास अध्ययन। PCR से छोटे नमूने को पहले बढ़ाया जा सकता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक DNA में 20% एडेनीन है। T, G और C का % निकालो।

चरण 1: A = T, तो T = 20%। चरण 2: A + T = 40%, तो G + C = 60%। चरण 3: G = C = 30% प्रत्येक।

2. 1000 क्षार जोड़ों वाले DNA में 300 A–T जोड़े हैं। दोनों सूत्रों को कितने हाइड्रोजन बंध जोड़ते हैं?

चरण 1: G–C जोड़े = 700। चरण 2: 300 × 2 + 700 × 3 = 600 + 2100। उत्तर: 2700 H-बंध।

3. 5386 क्षार जोड़ों (φX174 जितना) वाले DNA की लंबाई निकालो।

चरण 1: लंबाई = bp × 0.34 nm। चरण 2: 5386 × 0.34 = 1831.24 nm। उत्तर: लगभग 1.83 µm।

4. साँचा सूत्र 3′-TACGCAATG-5′ से बना mRNA लिखो।

चरण 1: हर क्षार का जोड़ा: T→A, A→U, C→G, G→C। चरण 2: mRNA 5′-AUGCGUUAC-3′। चरण 3: यह कोडिंग सूत्र 5′-ATGCGTTAC-3′ जैसा है, बस T की जगह U।

5. mRNA 5′-AUG UUU GGC AAA UGA-3′ से प्रोटीन में कितने और कौन से अमीनो अम्ल?

चरण 1: AUG (Met), UUU (Phe), GGC (Gly), AAA (Lys), UGA (समापन)। चरण 2: समापन कोडॉन कुछ नहीं जोड़ता। उत्तर: 4 अमीनो अम्ल: Met–Phe–Gly–Lys।

6. एक प्रोटीन में 300 अमीनो अम्ल हैं। mRNA के कोडिंग भाग (समापन कोडॉन सहित) में कम से कम कितने क्षार?

चरण 1: 300 कोडॉन + 1 समापन = 301 कोडॉन। चरण 2: 301 × 3 = 903 क्षार।

7. केवल ¹⁵N DNA वाले ई. कोलाई को ¹⁴N में डाला। 3 पीढ़ी बाद कितना भाग DNA संकर होगा?

चरण 1: एक अणु से 3 पीढ़ी में 2³ = 8 अणु। चरण 2: केवल 2 में पुराना ¹⁵N सूत्र → संकर। चरण 3: 2/8 = 1/4 संकर, 3/4 हल्का।

8. mRNA AUG CCU AAA UGA में चौथा क्षार (C) हट गया। क्या होगा?

चरण 1: नया क्रम AUG CUA AAU GA… चरण 2: हटने के बाद के कोडॉन बदल गए: Met–Leu–Asn… चरण 3: यह फ़्रेमशिफ़्ट उत्परिवर्तन है: आगे के सब अमीनो अम्ल बदलते हैं, समापन कोडॉन भी खो सकता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. ³²P और ³⁵S से किस प्रयोग ने DNA को आनुवंशिक पदार्थ साबित किया?
2. B-DNA में दो क्षार जोड़ों के बीच दूरी:
3. यूकैरियोट में कौन-सा RNA पॉलीमरेज़ hnRNA बनाता है?
4. लैक ओपेरॉन का प्रेरक है:
5. DNA फिंगरप्रिंटिंग के VNTR किस प्रकार के हैं?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रतिकृतियन और अनुलेखन में क्या अंतर है?

प्रतिकृतियन कोशिका विभाजन से पहले पूरा DNA (दोनों सूत्र) कॉपी करके DNA बनाता है। अनुलेखन केवल एक जीन के एक सूत्र से RNA बनाता है।

DNA, RNA से बेहतर आनुवंशिक पदार्थ क्यों है?

DNA ज़्यादा स्थिर है (2′-OH नहीं, थाइमीन है) और दोहरे सूत्र वाला है, इसलिए ग़लतियाँ सुधार सकता है। RNA जल्दी प्रतिक्रिया करता और बदलता है।

इस अध्याय से बोर्ड परीक्षा में क्या पूछा जाता है?

हर्शे–चेज़, मेसेल्सन–स्टाल, लैक ओपेरॉन चित्र, अनुलेखन इकाई, आनुवंशिक कूट के गुण, HGP की बातें और DNA फिंगरप्रिंटिंग के चरण बहुत पूछे जाते हैं।

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