समष्टि क्या है?
समष्टि यानी एक ही जाति के सब जीव जो एक जगह, एक समय पर रहते हैं और आपस में प्रजनन कर सकते हैं। जैसे एक झील के सारे कमल, या एक जंगल के सारे चीतल हिरण।
एक जानवर पैदा होता है और मरता है, पर उसकी जन्म दर नहीं होती। दर सिर्फ़ समूह की होती है। इसलिए समष्टि के खास गुण होते हैं (समष्टि गुण):
- घनत्व (N): प्रति इकाई क्षेत्र या आयतन में संख्या। गिनना मुश्किल हो तो घास के लिए प्रतिशत आवरण, बड़े पेड़ों के लिए जीवभार, बाघ के लिए पंजों के निशान (पगमार्क) या मल जैसे संकेत।
- जन्म दर (नैटेलिटी): प्रति सदस्य प्रति समय जन्मे जीव।
- मृत्यु दर (मॉर्टेलिटी): प्रति सदस्य प्रति समय मरे जीव।
- लिंग अनुपात: मादा और नर का हिस्सा, जैसे 60% मादा।
- आयु संरचना: कितने बच्चे, कितने वयस्क, कितने बूढ़े।
जन्म दर और मृत्यु दर
दर हमेशा प्रति सदस्य होती है। तालाब में 20 मेंढक हैं और साल भर में 8 नए निकले, तो जन्म दर = 8 ÷ 20 = 0.4 प्रति मेंढक प्रति वर्ष। 40 फल-मक्खियों में से 4 एक हफ़्ते में मरीं, तो मृत्यु दर = 4 ÷ 40 = 0.1 प्रति मक्खी प्रति सप्ताह।
वृद्धि समीकरण
समय t से t + 1 के बीच चार चीज़ें N बदलती हैं:
N(t+1) = N(t) + [(B + I) − (D + E)]
B = जन्म, I = आप्रवासन (अंदर आना), D = मृत्यु, E = उत्प्रवासन (बाहर जाना)। सामान्य समय में जन्म और मृत्यु सबसे ज़रूरी हैं। नई जगह बसते समय आप्रवासन बड़ा हो जाता है।
आयु संरचना और आयु पिरामिड
समष्टि को तीन समूहों में बाँटो: प्रजनन-पूर्व (बहुत छोटे), प्रजननशील और प्रजनन-पश्चात (बहुत बूढ़े)। हर समूह को एक पट्टी बनाओ, सबसे छोटे नीचे। आकार भविष्य बताता है:
- चौड़े आधार वाला त्रिभुज: बहुत बच्चे → समष्टि बढ़ेगी।
- घंटी आकार: बच्चे ≈ वयस्क → संख्या लगभग वही रहेगी (स्थिर)।
- कलश आकार (पतला आधार): वयस्कों से कम बच्चे → समष्टि घटेगी।
मनुष्यों के लिए इसे आयु पिरामिड कहते हैं। इससे सरकार स्कूल, नौकरी और बुज़ुर्गों की देखभाल की योजना बनाती है।
समष्टि वृद्धि: घातांकी (J-वक्र)
भोजन और जगह असीमित हों तो हर सदस्य पूरी रफ़्तार से प्रजनन करता है। b = जन्म दर और d = मृत्यु दर हो तो प्राकृतिक वृद्धि की intrinsic दर r = b − d।
dN/dt = rN। वृद्धि की रफ़्तार N के समानुपाती है, इसलिए बड़ी समष्टि और तेज़ बढ़ती है। N और समय का ग्राफ़ J आकार का होता है।
इसका हल N(t) = N₀ e^(rt) है, जहाँ N₀ शुरुआती संख्या और e ≈ 2.718। प्रकृति में ऐसी तेज़ वृद्धि ज़्यादा देर नहीं चलती।
समष्टि वृद्धि: लॉजिस्टिक (S-वक्र) और वहन क्षमता
असल आवास में भोजन और जगह सीमित हैं। कोई आवास लंबे समय तक जितनी अधिकतम संख्या सँभाल सके, वह उसकी वहन क्षमता (K) है।
dN/dt = rN (1 − N/K) (वर्हुल्स्ट–पर्ल लॉजिस्टिक वृद्धि)।
- N छोटा हो तो (1 − N/K) ≈ 1, वृद्धि घातांकी जैसी (पश्चता और तेज़ प्रावस्था)।
- N = K/2 पर वृद्धि सबसे तेज़।
- N = K पर (1 − N/K) = 0, वृद्धि रुक जाती है (स्थिर प्रावस्था)।
ग्राफ़ S आकार (सिग्मॉइड) का है। ज़्यादातर असल समष्टियाँ इसी पर चलती हैं, इसलिए यह ज़्यादा यथार्थवादी है।
जीवन इतिहास एक लाइन में
कुछ जीव जीवन में एक बार प्रजनन करते हैं (पैसिफ़िक सैल्मन, बाँस), कुछ कई बार (ज़्यादातर पक्षी, स्तनधारी); कुछ बहुत सारे छोटे बच्चे (सीप), कुछ कम पर बड़े बच्चे पैदा करते हैं।
समष्टि पारस्परिक क्रियाएँ: चिह्न तालिका
साथ रहने वाली दो जातियाँ एक-दूसरे की मदद कर सकती हैं, नुकसान कर सकती हैं या असर नहीं डालतीं। लाभ = +, हानि = −, कोई असर नहीं = 0।
| क्रिया | जाति A | जाति B |
|---|---|---|
| सहोपकारिता | + | + |
| स्पर्धा | − | − |
| परभक्षण | + | − |
| परजीविता | + | − |
| सहभोजिता | + | 0 |
| असहभोजिता | − | 0 |
सहोपकारिता
दोनों साथी लाभ पाते हैं।
- लाइकेन: कवक और शैवाल। शैवाल भोजन बनाता है, कवक आश्रय और नमी देता है।
- कवकमूल (माइकोराइज़ा): जड़ों पर कवक पौधे को फ़ॉस्फ़ोरस देते हैं, पौधा उन्हें शर्करा।
- अंजीर और अंजीर ततैया: हर अंजीर जाति का परागण एक खास ततैया करती है; ततैया अंजीर के अंदर अंडे देती है।
- ऑर्किड और मधुमक्खी: ओफ़्रिस ऑर्किड की पंखुड़ी मादा मधुमक्खी जैसी दिखती है, नर उस पर आता है और पराग ले जाता है (लैंगिक छल)।
साथी अक्सर सह-विकास करते हैं: एक बदले तो दूसरे को भी बदलना पड़ता है।
स्पर्धा
दोनों को हानि, क्योंकि दोनों को एक ही सीमित संसाधन चाहिए। यह असंबंधित जातियों में भी होती है (एक झील में फ़्लेमिंगो और मछलियाँ दोनों प्राणिप्लवक खाती हैं)।
- हस्तक्षेप: भोजन भरपूर हो तब भी एक जाति दूसरी का खाना कम कर सकती है (गैलापागोस में बकरियों के आने से एबिंगडन कछुए दस साल में गायब)।
- गौसे का स्पर्धी अपवर्जन सिद्धांत: ठीक एक ही संसाधन के लिए लड़ने वाली दो जातियाँ हमेशा साथ नहीं रह सकतीं; कमज़ोर हट जाती है।
- संसाधन विभाजन: जातियाँ संसाधन को अलग-अलग तरीके से बाँट लेती हैं। मैकआर्थर ने एक ही पेड़ पर पाँच वार्बलर पक्षी पाए जो अलग ऊँचाई पर खाते थे।
- मज़बूत प्रतियोगी हटे तो दूसरा फैलता है: चट्टानों पर बैलेनस बार्नेकल कैथेमेलस को हटा देता है।
परभक्षण
परभक्षी (+) शिकार (−) को मारकर खाता है। पौधे खाने वाले शाकाहारी भी पारिस्थितिकी में परभक्षी हैं।
परभक्षी क्यों ज़रूरी हैं
- ये पौधों की ऊर्जा ऊपर के पोषी स्तरों तक पहुँचाते हैं।
- शिकार की संख्या काबू में रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया में नागफनी लाखों हेक्टेयर में फैल गई, फिर नागफनी खाने वाला पतंगा लाया गया (जैविक नियंत्रण)।
- किसी एक ताकतवर प्रतियोगी को जीतने नहीं देते, इसलिए कई जातियाँ बची रहती हैं (पाइसेस्टर तारामीन हटाने पर 10 से ज़्यादा जातियाँ गायब)।
शिकार कैसे बचते हैं
छद्मावरण (मेंढक, कीट), ज़हर (मोनार्क तितली का स्वाद कड़वा), और पौधों में काँटे (नागफनी, बबूल) और रसायन (आक यानी कैलोट्रोपिस हृदय पर असर करने वाले ग्लाइकोसाइड बनाता है; निकोटीन, कैफ़ीन, कुनैन भी पौधों के बचाव रसायन हैं)।
परजीविता, सहभोजिता और असहभोजिता
परजीविता (+/−): परजीवी पोषी के ऊपर या अंदर रहकर उससे भोजन लेता है, पर उसे तुरंत नहीं मारता।
- बाह्य परजीवी: इंसान की जूँ, कुत्ते की किलनी, और बाड़ के पौधों पर अमरबेल (कस्कुटा)।
- अंतः परजीवी: फीताकृमि, लिवर फ़्लूक, प्लाज़्मोडियम। ये फ़ालतू अंग खो देते हैं और बहुत सारे अंडे बनाते हैं। कई को एक से ज़्यादा पोषी चाहिए (लिवर फ़्लूक को घोंघा और मछली)।
- नीड़ परजीविता: कोयल कौए के घोंसले में अंडे देती है; अंडे कौए जैसे दिखते हैं।
सहभोजिता (+/0): आम की डाल पर उगा ऑर्किड; व्हेल पर बार्नेकल; चरते मवेशियों के साथ बगुला (कैटल एग्रेट); समुद्री एनीमोन और क्लाउन मछली।
असहभोजिता (−/0): फफूँद पेनिसिलियम पेनिसिलिन छोड़कर बैक्टीरिया मारती है, पर उसे खुद कोई फ़र्क नहीं पड़ता।
बोर्ड परीक्षा में क्या पूछा जाता है
पारिस्थितिकी इकाई लगभग 10 अंक की है। आम प्रश्न: लॉजिस्टिक समीकरण लिखकर समझाओ, J और S वक्र बनाओ, जन्म/मृत्यु दर निकालो, आयु पिरामिड बनाओ, और संबंध का नाम चिह्न व उदाहरण सहित (ऑर्किड-मधुमक्खी, अंजीर-ततैया, कोयल-कौआ, अमरबेल, बगुला, गौसे सिद्धांत)। चिह्न तालिका बनाओ, 2 अंक का उत्तर जल्दी और साफ़ बनेगा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
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हल किए गए उदाहरण
1. 5 m² घास में 150 पौधे हैं। घनत्व निकालो।
घनत्व = 150 ÷ 5 = 30 पौधे प्रति m²।
2. तालाब में 50 मेंढक थे। साल में 20 नए मेंढक बने और 10 मरे। जन्म दर और मृत्यु दर बताओ।
जन्म दर = 20 ÷ 50 = 0.4 प्रति मेंढक प्रति वर्ष। मृत्यु दर = 10 ÷ 50 = 0.2 प्रति मेंढक प्रति वर्ष।
3. 300 हिरणों के झुंड में एक साल में 60 जन्म, 25 मृत्यु, 10 आए और 15 गए। साल के बाद N?
N(t+1) = 300 + (60 + 10) − (25 + 15) = 300 + 70 − 40 = 330 हिरण।
4. ऊपर वाले झुंड का r (प्रवास छोड़कर) निकालो और बताओ बढ़ेगा या घटेगा।
b = 60/300 = 0.2, d = 25/300 ≈ 0.083। r ≈ 0.117 प्रति वर्ष। r धनात्मक है, इसलिए झुंड बढ़ेगा।
5. 1000 बैक्टीरिया, r = 0.693 प्रति घंटा, असीमित भोजन। 3 घंटे बाद कितने?
N = 1000 × e^(0.693 × 3) = 1000 × 8 = 8000। (e^0.693 = 2, यानी हर घंटे दोगुना: 1000 → 2000 → 4000 → 8000।)
6. लॉजिस्टिक समष्टि में K = 500, r = 0.2 प्रति वर्ष। N = 100 और N = 250 पर dN/dt?
N = 100: 0.2 × 100 × (1 − 0.2) = 16 प्रति वर्ष। N = 250: 0.2 × 250 × 0.5 = 25 प्रति वर्ष (सबसे तेज़, क्योंकि N = K/2)।
7. इसी समष्टि में N = 500 पर dN/dt क्या है? मतलब बताओ।
0.2 × 500 × (1 − 1) = 0। समष्टि वहन क्षमता पर पहुँच गई: जन्म = मृत्यु, S-वक्र सपाट।
8. r = 0.035 प्रति वर्ष वाली समष्टि घातांकी बढ़ रही है। दोगुना होने में कितना समय?
t = 0.693 ÷ 0.035 ≈ 19.8 वर्ष, लगभग 20 वर्ष।
9. संबंध और चिह्न बताओ: (a) भैंस के साथ बगुला, (b) बाड़ पर अमरबेल, (c) चट्टान पर बैलेनस और कैथेमेलस।
(a) सहभोजिता (+/0)। (b) परजीविता (+/−)। (c) स्पर्धा (−/−), बैलेनस जीतता है।
आम गलतियाँ
- अकेले जीव की जन्म दर बताना। दर सिर्फ़ समष्टि की होती है।
- r और K में गड़बड़: r = प्रति सदस्य वृद्धि की रफ़्तार; K = आवास की अधिकतम क्षमता।
- यह सोचना कि लॉजिस्टिक वृद्धि K के पास सबसे तेज़ है। यह N = K/2 पर सबसे तेज़ और K पर शून्य होती है।
- आम पर उगे ऑर्किड को परजीवी कहना। वह अपना भोजन खुद बनाता है, सिर्फ़ सहारा लेता है: सहभोजिता (+/0)।